PFRDA circular · 02 Jul 2021
Circular Cir. No. PFRDA/2021/21/SUP-NPST/1 July 02, 2021 To, All NPS Swavalamban Subscribers and associated Stake holders Subject – Premature exit of NPS Lite Swavalamban Subscribers. Please refer PFRDA Exit and Withdrawal Regulations 6th Amendment, 2019. The copy enclosed for ready reference. 2. As per the 6th Amendme…
Circular Cir. No. PFRDA/2021/21/SUP-NPST/1 July 02, 2021 To, All NPS Swavalamban Subscribers and associated Stake holders Subject – Premature exit of NPS Lite Swavalamban Subscribers. Please refer PFRDA Exit and Withdrawal Regulations 6th Amendment, 2019. The copy enclosed for ready reference. 2. As per the 6th Amendment of Exit Regulations, the Swavalamban Subscribers whose accumulated pension wealth do not exceed one lakh rupees and if they are not eligible to migrate to Atal Pension Yojana (APY), can opt to prematurely exit with lump sum payment. 3. Those eligible Subscribers as mentioned above are not required to continue in the Swavalmban scheme for minimum period of twenty-five years irrespective of the receipt of Govt of India (GoI) co-contribution under Swavalamban by them. However, if GoI’s co-contribution was availed by those eligible Subscribers and the same shall be deducted along with the returns generated from the corpus at the time of their exit. 4. The accumulated corpus of those Swavalamban Subscribers as mentioned in point no (2) is to be calculated after deducting Government's co-contribution, if any, and the returns thereon. 5. For example, a Swavalamban Subscriber who is aged 43 Years ( who could not be migrated to APY) has a corpus of Rs 1,04,000 in his Swavalamban PRAN and out of which, GoI’s co-contribution and returns constitute Rs 4500. The Subscriber shall be eligible for premature exit since the accumulated corpus in the PRAN would be Rs 99500( Rs 104000-Rs 4500=Rs 99500). 6. Those Swavalamban Subscribers who fulfill the above criteria, and if they wish to prematurely exit, can submit their withdrawal claims to the associated POPs/Aggregators. Central Record Keeping Agency (CRA) is advised to communicate to the eligible Swavalamban Subscribers and POP/Aggregators about the clarification thus provided above. This circular is issued under section 14 of PFRDA Act 2013 and is available at PFRDA's website (www.pfrda.org.in) under the Regulatory framework in "Circular" section. Yours sincerely K. Mohan Gandhi General Manager k.mohangandhi@pfrda.org.in 4935 GI/2019 (1) jftLVªh laö Mhö ,yö&33004@99 REGD. NO. D. L.-33004/99 vlk/kj.k EXTRAORDINARY Hkkx III—[k.M 4 PART III—Section 4 izkf/dkj ls izdkf'kr PUBLISHED BY AUTHORITY la- 331] ubZ fnYyh] lkseokj] flrEcj 23] 2019@vkf'ou 1] 1941 No. 331] NEW DELHI, MONDAY, SEPTEMBER 23, 2019/ ASVINA 1, 1941 पशन िनिध िविनयामक और िवकास ािधकरण पशन िनिध िविनयामक और िवकास ािधकरण पशन िनिध िविनयामक और िवकास ािधकरण पशन िनिध िविनयामक और िवकास ािधकरण अिधसूचना अिधसूचना अिधसूचना अिधसूचना नई दली, 20 िसत बर, 2019 पशन िनिध िविनयामक और िवकास ािधकरण (राीय पशन णाली के अंतगत िनकास और याहरण) (छठा संशोधन) पशन िनिध िविनयामक और िवकास ािधकरण (राीय पशन णाली के अंतगत िनकास और याहरण) (छठा संशोधन) पशन िनिध िविनयामक और िवकास ािधकरण (राीय पशन णाली के अंतगत िनकास और याहरण) (छठा संशोधन) पशन िनिध िविनयामक और िवकास ािधकरण (राीय पशन णाली के अंतगत िनकास और याहरण) (छठा संशोधन) िविनयम िविनयम िविनयम िविनयम, 201 201 201 2019 सं.पीएफआरडीए/ सं.पीएफआरडीए/ सं.पीएफआरडीए/ सं.पीएफआरडीए/12 /आरजीएल/ /आरजीएल/ /आरजीएल/ /आरजीएल/139/8.–पशन िनिध िविनयामक और िवकास ािधकरण अिधिनयम, 2013 (2013 का 23) क धारा 52 क उपधारा (2) के खंड (छ), (ज) तथा (झ) के साथ प$ठत उसक उपधारा (1) 'ारा द( शि)य* का योग करते -ए, पशन िनिध िविनयामक और िवकास ािधकरण एतद् 'ारा पशन िनिध िविनयामक और िवकास ािधकरण (रा0ीय पशन णाली के अंतग2त िनकास और 3याहरण) िविनयम, 2015 म संशोधन करते -ए िन5 िविनयम बनाता है, नामत: - 1. इन िविनयम* का नाम पशन िनिध िविनयामक और िवकास ािधकरण (रा0ीय पशन णाली के अंतग2त िनकास और 3याहरण) (छठा संशोधन) िविनयम, 2019 है I 2. यह िविनयम शासकय राजप7 म उनके काशन क ितिथ से वृ( ह*गे I 3. पशन िनिध िविनयामक और िवकास ािधकरण (रा0ीय पशन णाली के अंतग2त िनकास और 3याहरण) िविनयम, 2015 म:- (I) िविनयम 5 के उप-िविनयम (ख) के दूसरे और तीसरे ावधान को िन5ानुसार ित?थािपत कया जायेगा :- पर@तु यह क जहां संिचत पशन धन एक लाख Cपए से अिधक नहD है या ािधकरण 'ारा िविनFद2G क जाने वाली कोई सीमा के अंतग2त है, सपूण2 पशन धन को वाIष2ककृत कए िबना ऐसे अिभदाताM को, िज@ह*ने ?वावलंबन सह- अंशदान नहD िलया है या िजसने ?वावलंबन के तहत सरकारी सह-अंशदान का लाभ तो उठाया है लेकन लेकन अटल 2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART III—SEC. 4] पशन योजना म ?वतःवसन के िलए अयोPय है, सरकार के सह-अंशदान को उस पर जिनत $रट@स2 क कटौती के पRात्, योजना म @यूनतम 25 वषS क अविध तक जारी रहने क आवUयकता के िबना, वापस कर दया जाएगा I "प#ीकरण "प#ीकरण "प#ीकरण "प#ीकरण- ?वावलंबन अिभदाताM अथवा अिभदाताM का भारत सरकार क कसी अ@य पशन योजना, िजसम अटल पशन योजना भी शािमल है, म ािधकरण क अनुVा से कये गए वसन को इन िविनयम* के योजनाथ2 िनकास नहD माना जाएगा I रिव िम$ल रिव िम$ल रिव िम$ल रिव िम$ल, , , , अ%य& अ%य& अ%य& अ%य& [िव-III/4/असा. /219/19] पादलेख: पादलेख: पादलेख: पादलेख: 1. मूल िविनयम, पशन िनिध िविनयामक तथा िवकास ािधकरण (रा0ीय पशन णाली के अंतग2त िनकास और 3याहरण) िविनयम, 2015, भारत के राजप7 म 11 मई 2015 को, सं.पीएफआरडीए/12 /आरजीएल/139/8 के मा]यम से कािशत कये गए थे I 2. पशन िनिध िविनयामक तथा िवकास ािधकरण (रा0ीय पशन णाली के अंतग2त िनकास और 3याहरण) (थम संशोधन) िविनयम, 2017, भारत के राजप7 म 10 अग?त 2017 को, सं. पीएफआरडीए/12 / आरजीएल / 139/8 के मा]यम से कािशत कये गए थे I 3. पशन िनिध िविनयामक तथा िवकास ािधकरण (रा0ीय पशन णाली के अंतग2त िनकास और 3याहरण) (दूसरा संशोधन) िविनयम, 2017, भारत के राजप7 म 6 अ`टूबर 2017 को, सं. पीएफआरडीए/12 /आरजीएल/139/8 के मा]यम से कािशत कये गए थे I 4. पशन िनिध िविनयामक तथा िवकास ािधकरण (रा0ीय पशन णाली के अंतग2त िनकास और 3याहरण) (तीसरा संशोधन) िविनयम, 2018, भारत के राजप7 म 02 फरवरी 2018 को, सं. पीएफआरडीए/12 / आरजीएल/139/8 के मा]यम से कािशत कये गए थे I 5. पशन िनिध िविनयामक तथा िवकास ािधकरण (रा0ीय पशन णाली के अंतग2त िनकास और 3याहरण) (चौथा संशोधन) िविनयम, 2018, भारत के राजप7 म 18 मई 2018 को, सं. पीएफआरडीए/12 /आरजीएल/139/8 के मा]यम से कािशत कये गए थे I 6. पशन िनिध िविनयामक तथा िवकास ािधकरण (रा0ीय पशन णाली के अंतग2त िनकास और 3याहरण) (पांचवा संशोधन) िविनयम, 2018, भारत के राजप7 म 19 फरवरी 2019 को, सं. पीएफआरडीए/12 / आरजीएल/139/8 के मा]यम से कािशत कये गए थे I