e-Gazette statutory gazette instrument G.S.R. 832(E) · 24 Sept 2026
Official title
Amendment in Annexure 2 of the CRZ Notification 2019.
Official record
Open source pageSummary
Check the official recordThe Central Government amends the Coastal Regulation Zone Notification 2019. The amendment adds Linear Alkyl Benzene, N-Paraffin, and Carbon Black Feedstock to the list of permitted products for receipt and storage in Coastal Regulation Zone areas. This permission excludes the CRZ-IA zone. The Ministry of Environment, Forest and Climate Change issues this change after expert committee review and public consultation. The amendment updates Annexure-II of the principal notification to include these three chemicals alongside Bitumen.
What you must do
Key dates
रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99
REGD. No. D. L.-33004/99
सी.जी.-डी.एल.-अ.-24092026-276460 CG-DL-E-24092026-276460
असाधारण EXTRAORDINARY
भाग II—खण्ड 3—उप-खण्ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i)
प्राधिकार से प्रकाशित PUBLISHED BY AUTHORITY
| सं. 762] | नई दिल्ली, बुधवार, सितम्बर 23, 2026/आश्विन 1, 1948 |
|---|---|
| No. 762] | NEW DELHI, WEDNESDAY, SEPTEMBER 23, 2026/ASVINA 1, 1948 |
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
अधिसूचना
नई दिल्ली, 22 सितम्बर, 2026
सा.का.नि.- 832(अ).— केन्द्रीय सरकार ने, भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की अधिसूचना सं. सा.का.नि. 37(अ), तारीख 18 जनवरी, 2019 (जिसे इसमें इसके पश्चात् तटीय विनियमन जोन अधिसूचना 2019 कहा गया है) द्वारा कतिपय तटीय क्षेत्रों को तटीय विनियमन जोन के रूप में घोषित किया था और उक्त जोन में उद्योगों के स्थापन, विस्तार, प्रचालन और प्रसंस्करण पर निर्बंध अधिरोपित किए गए थे;
और केन्द्रीय सरकार द्वारा विभिन्न राज्य तटीय जोन प्रबंधन प्राधिकरण से सीआरजेड – 1क के सिवाय सीआर जेड क्षेत्रों के भीतर लीनियर अल्काइल बेंजीन, एन –पैराफीन और कार्बन ब्लैक फीडस्टॉक (प्रभरण माल) की प्राप्ति और भंडारण करने के लिए अनुज्ञा देने से संबंधित अभ्यावेदन प्राप्त किए गए हैं;
और संबंधित क्षेत्रीय विशेषज्ञ अंकण समिति को समीक्षा के लिए मामला निर्दिष्ट किया गया था । उद्योग-II के लिए विशेषज्ञ अंकन समिति ने विषय वस्तु पर विचार-विमर्श किया और राय दी कि उक्त पेट्रोलियम उत्पादों को सीआरजेड -1क के सिवाय सीआरजेड क्षेत्रों में भंडारण के लिए तटीय जोन अधिसूचना के उपाबंध-II के अधीन अनुमोदित सूची में सम्मिलित किए जाने पर विचार किया जाएगा;
और तटीय अनुमति विनियमन जोन के लिए क्षेत्रीय विशेषज्ञ अंकन समिति को भी मामला निर्दिष्ट किया गया था । सम्यक् रूप से विचार-विमर्श करने के पश्चात् विशेषज्ञ क्षेत्रीय विशेषज्ञ अंकन समिति ने यह सिफारिश की थी कि तटीय विनियमन जोन अधिसूचना, 2019 के उपबंधों के अधीन, सीआरजेड-1क के सिवाय, सीआरजेड क्षेत्रों के भीतर उपरोक्त उल्लिखित रसायनों की प्राप्ति और भंडारण अनुज्ञेय समझे जाएंगे;
और राष्ट्रीय तटीय जोन प्रबंधन प्राधिकरण के समक्ष 26 सितंबर, 2025 की उसकी 48वीं बैठक में भी मामला रखा गया था । राष्ट्रीय तटीय जोन प्रबंधन प्राधिकरण ने सम्यक् रूप से विचार-विमर्श करने के पश्चात् पहले से ही अनुज्ञेय उत्पादों की अपेक्षा इन उत्पादों का रासायनिक गुणों को कम परिसंकटमय समझते हुए, सर्वसम्मति से तटीय विनियमन जोन अधिसूचना , 2019 के उपाबंध-II के आवश्यक संशोधन द्वारा लीनियर अल्काइल बेंजीन, एन–पैराफीन और कार्बन ब्लैक फीडस्टॉक (प्रभरण माल) को सीआरजेड-1क के सिवाय, सीआरजेड क्षेत्रों के भीतर प्राप्ति और भंडारण के लिए अनुज्ञा देने की सिफारिश की है;
और समिति की सिफारिशों पर आधारित, उक्त अधिसूचना में संशोधन करने के लिए भारत के राजपत्र, असाधारण, भाग-2, खंड-3, उपखंड-(i) में संख्या सा.का.नि. 410(अ), तारीख 26 मई, 2026 द्वारा एक प्रारूप अधिसूचना प्रकाशित की गई थी जिसमें उन सभी व्यक्तियों से, जिनके इससे प्रभावित होने की संभावना है, राजपत्र की प्रतियां, जिसमें उक्त प्रारूप अधिसूचना निहित है, को जनसाधारण को उपलब्ध कराने की तारीख से साठ दिवस की अवधि के भीतर आक्षेप और सुझाव आमंत्रित किए गए थे । केन्द्रीय सरकार द्वारा साठ दिन की अवधि के भीतर, उक्त प्रारूप अधिसूचना के प्रत्युत्तर में प्राप्त आक्षेप और सुझावों पर सम्यक् रूप से विचार किया गया है;
अतः अब, केन्द्रीय सरकार पर्यावरण(संरक्षण) नियम, 1986 के नियम 5 के उपनियम, (3) के साथ पठित पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 (1986 का 29) की धारा 3 की उपधारा (1) और उपधारा (2) के खंड (v) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए तटीय विनियमन जोन अधिसूचना, 2019 का और संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात्:-
उक्त अधिसूचना में उपाबंध-II में क्रम संख्या (xxiii) और उससे संबंधित प्रविष्टियों के स्थान पर निम्नलिखित क्रम संख्या और प्रविष्टियां रखी जाएंगी, अर्थात्:-
Who is affected
Exceptions