रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99
REGD. No. D. L.-33004/99
भारत का राजपत्र
The Gazette of India
सी.जी.-डी.एल.-अ.-30102026-277540
CG-DL-E-30102026-277540
असाधारण
EXTRAORDINARY
भाग II—खण्ड 3—उप-खण्ड (i)
PART II—Section 3—Sub-section (i)
प्राधिकार से प्रकाशित
PUBLISHED BY AUTHORITY
सं. 860] नई दिल्ली, शुक्रवार, अक्तूबर 30, 2026/कार्तिक 8, 1948
No. 860] NEW DELHI, FRIDAY, OCTOBER 30, 2026/KARTIKA 8, 1948
वित्त मंत्रालय
(राजस्व विभाग)
(केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड)
अधिसूचना
नई दिल्ली, 30 अक्तूबर, 2026
आय-कर
सा.का.नि. 961(अ).— केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड, आय-कर अधिनियम, 2025 (2025 का 30) की धाराओं 352(4) [सारणी:क्रम संख्या 8] तथा 354क के साथ पठित धारा 533 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, आय-कर नियम, 2026 में और संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात्:-
- (1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम आय-कर (आठवाँ संशोधन) नियम, 2026 है।
- (2) ये राजपत्र में उनके प्रकाशन की तारीख को प्रवृत्त होंगे।
- आय-कर नियम, 2026 में (जिसे इसमें इसके पश्चात् उक्त नियम कहा गया है), नियम 189 के पश्चात् निम्नलिखित नियम अंत:स्थापित किया जाएगा, अर्थात्:-
“189क. धाराओं 352(4) [सारणी: क्रम संख्या 8] तथा 354क के प्रयोजनों के लिए रजिस्ट्रीकृत लाभनिरपेक्ष संगठन के विलयन हेतु शर्तें.- (1) अधिनियम की धाराओं 352(4) [सारणी: क्रम संख्या 8] तथा 354क के प्रयोजनों के लिए, रजिस्ट्रीकृत लाभनिरपेक्ष संगठन का किसी अन्य रजिस्ट्रीकृत लाभनिरपेक्ष संगठन, जिसका समान या समरूप उद्देश्य है, के साथ विलयन की शर्तें निम्नलिखित हैं, अर्थात्:-
- (क) धारा 332 के अधीन रजिस्ट्रीकृत, रजिस्ट्रीकृत लाभनिरपेक्ष संगठन, धारा 332 के अधीन अनंतिम रूप से रजिस्ट्रीकृत, रजिस्ट्रीकृत लाभनिरपेक्ष संगठन के साथ विलीन नहीं होगा;
- (ख) धारा 332 के अधीन अनंतिम रूप से रजिस्ट्रीकृत, रजिस्ट्रीकृत लाभनिरपेक्ष संगठन, धारा 332 के अधीन रजिस्ट्रीकृत, रजिस्ट्रीकृत लाभनिरपेक्ष संगठन के साथ विलीन नहीं होगा;
- (ग) विलयन हो रहे रजिस्ट्रीकृत लाभनिरपेक्ष संगठन के संबंध में, अधिनियम के अधीन किसी पारित आदेश के परिणामस्वरूप कोई भी कर, ब्याज, शास्ति, जुर्माना या कोई अन्य राशि (जिसे इसे इसमें इसके पश्चात् बकाया मांग कहा गया है) संदेय नहीं है, जहां ऐसी कोई बकाया मांग किसी अपीलीय प्राधिकरण के समक्ष अपील में नहीं है;
- (घ) मामले में, जहां अपील लंबित है, विलयन हो रहे रजिस्ट्रीकृत लाभनिरपेक्ष संगठन के लिए बकाया मांग उक्त अपील की अंतिम रुप से पूरा होने पर विलीन रजिस्ट्रीकृत लाभनिरपेक्ष संगठन द्वारा संदत्त की जाएगी;
- (ड.) विलीन रजिस्ट्रीकृत लाभनिरपेक्ष संगठन के उद्देश्य, उस वित्त वर्ष की समाप्ति से, जिसमें विलयन हुआ था, पांच वर्ष की अवधि के भीतर संशोधित नहीं किए जाएंगे;
- (च) विलयन हो रहे रजिस्ट्रीकृत लाभनिरपेक्ष संगठन की सभी आस्तियां और दायित्व विलयन की तारीख से विलीन रजिस्ट्रीकृत लाभनिरपेक्ष संगठन की आस्तियां और दायित्व हो जाएंगे;
- (छ) विलयन के परिणामतया, विलयन हो रहे या विलीन रजिस्ट्रीकृत लाभनिरपेक्ष संगठन की धारा 337 (1) [सारणी : क्रम सं. 2] में यथानिर्दिष्ट किसी संबंधित व्यक्ति को कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष फायदा नहीं होगा;
- (ज) विलयन हो रहे रजिस्ट्रीकृत लाभनिरपेक्ष संगठन की सभी बाध्यताएं निम्नलिखित के साथ-साथ विलीन रजिस्ट्रीकृत लाभनिरपेक्ष संगठन की बाध्यताएं होंगी:-
- (i) विलयन हो रहे रजिस्ट्रीकृत लाभनिरपेक्ष संगठन की आय का अनुप्रयोग धारा 341 के अनुसार विलीन रजिस्ट्रीकृत लाभनिरपेक्ष संगठन द्वारा प्रभावी किया जाएगा;
- (ii) विलयन हो रहे रजिस्ट्रीकृत लाभनिरपेक्ष संगठन की संचित आय का अनुप्रयोग धारा 342 के अनुसार विलीन रजिस्ट्रीकृत लाभनिरपेक्ष संगठन द्वारा प्रभावी किया जाएगा;
- (iii) विलीन रजिस्ट्रीकृत लाभनिरपेक्ष संगठन विलयन हो रहे रजिस्ट्रीकृत लाभनिरपेक्ष संगठन की विनिर्दिष्ट आय के संबंध में धारा 334 के अधीन कर संदाय का दायी होगा;
- (iv) विलीन रजिस्ट्रीकृत लाभनिरपेक्ष संगठन यह सुनिश्चित करेगा कि धारा 340 में उल्लिखित शर्तों का उल्लंघन न हो;
- (v) विलीन रजिस्ट्रीकृत लाभनिरपेक्ष संगठन द्वारा निधियों का विनिधान, धारा 350 में विनिर्दिष्ट पद्धति के अनुसार किया जाएगा; और
- (vi) धारा 352 के उपबंधों के अनुसार अतिरिक्त आयकर का संदाय, विलीन रजिस्ट्रीकृत लाभनिरपेक्ष संगठन द्वारा किया जाएगा, जब भी ऐसा दायित्व उद्भूत हो;
- (झ) विलीन रजिस्ट्रीकृत लाभनिरपेक्ष संगठन, उस मास की समाप्ति से, जिसमें ऐसा विलयन प्रभावी हुआ था एक मास के भीतर प्ररुप सं. 112क में अधिकारिता प्राप्त प्रधान आयुक्त या आयुक्त को सूचित करेगा;
- (ञ) जहां विलयन हुआ है, विलयन हो रहे रजिस्ट्रीकृत लाभनिरपेक्ष संगठन पर निर्धारण या पुनर्निर्धारण या कोई अन्य कार्यवाही की गई थी या आरंभ की गई थी, विलीन रजिस्ट्रीकृत लाभनिरपेक्ष संगठन पर हुई या आरंभ की गई समझी जाएगी तथा अधिनियम के सभी उपबंध, जहां तक हो सके, तदनुसार लागू होंगे;
- (ट) खंड (ञ) में उल्लिखित मामले से भिन्न मामले में, विलयन की तारीख तक हुए विलयन जिसमें कर वर्ष के संबंध में तथा उस वर्ष के पूर्ववर्ती कर वर्षों के संबंध में निर्धारण या पुनर्निर्धारण या अन्य कोई कार्यवाहियां विलीन रजिस्ट्रीकृत लाभनिरपेक्ष संगठन पर वैसी ही रीति में तथा उसी विस्तार तक होंगी, जैसे कि वह विलयन हो रहे रजिस्ट्रीकृत लाभनिरपेक्ष संगठन पर हुई होंगी तथा अधिनियम के सभी उपबंध, जहां तक हो सके, तदनुसार लागू होंगे; और
- (ठ) विलयन हो रहे रजिस्ट्रीकृत लाभनिरपेक्ष संगठन तथा विलीन रजिस्ट्रीकृत लाभनिरपेक्ष संगठन की लेखा बहियां, विलयन की तारीख को धारा 515(3)(ख) में परिभाषित लेखाकार द्वारा संपरीक्षित की जाएंगी।