e-Gazette statutory gazette instrument · 25 Nov 2025
7882 GI/2025 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY जित्त मंत्रालय (जित्तीय सेिाएं जिभाग) अजधसूचना नई दिल्ली, 25 निम् बर, 2025 सा.का.जन. 864(अ).— बी…
Official record
Open source pageरजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99
REGD. No. D. L.-33004/99
The Gazette of India
सी.जी.-डी.एल.-अ.-25112025-267956 CG-DL-E-25112025-267956
असाधारण EXTRAORDINARY
भाग II—खण्ड 3—उप-खण्ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i)
प्राधिकार से प्रकाशित PUBLISHED BY AUTHORITY
सं. 778] नई दिल्ली, मंगलवार, नवम्बर 25, 2025/अग्रहायण 4, 1947 No.778] NEW DELHI, TUESDAY, NOVEMBER 25, 2025/AGRAHAYANA 4, 1947
वित्त मंत्रालय
(वित्तीय सेवाएं विभाग)
अधिसूचना
नई दिल्ली, 25 नवम्बर, 2025
सा.का.नि. 864(अ).— बीमा लोकपाल नियम, 2017 में संशोधन करने के लिए प्रारूप नियम, जो केंद्र सरकार बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1999 (1999 का 41) की धारा 24 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए तैयार करने के लिए प्रस्तावित करती है, उन सभी संभावित व्यक्तियों के सूचनार्थ, एतद्द्वारा, प्रकाशित करती है जो संभावित रूप से इससे प्रभावित होगें और एतद्द्वारा, यह सूचना दी जाती है कि उक्त प्रारूप नियम भारत के राजपत्र में प्रकाशन के लिए उस तारीख से 45 दिनों की अवधि के समाप्त होने के पश्चात् भेजे जाएगें जिस तारीख को प्रारूप नियमों की प्रतियाँ जनता को उपलब्ध कराई जाती है।
7882 GI/2025
(1)
संभावित रूप से उन व्यक्तियों, जो इससे प्रभावित होंगे, से प्राप्त आपत्तियों और सुझावों, यदि कोई हो, को सचिव, वित्त मंत्रालय, वित्तीय सेवाएं विभाग, जीवन दीप भवन, तीसरा तल, संसद मार्ग, नई दिल्ली-110 001 को संबोधित किया जा सकता है।
उक्त प्रारूप नियमों के संबंध में पूर्वोक्त अवधि के भीतर उन व्यक्तियों, जो संभावित रूप से इससे प्रभावित होंगे, से प्राप्त आपत्तियों और सुझावों पर केन्द्र सरकार द्वारा विचार किया जाएगा।
प्रारूप नियम
(1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम इन्शुरन्स ओम्बड्समैन (संशोधन) नियम, 2025 है।
(2) ये राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होंगे।
बीमा लोकपाल नियम, 2017 में (जिसे इसमें इसके पश्चात् उक्त नियम कहा गया है), “लोकपाल” शब्द, जहां-जहां आते हैं, को “इन्शुरन्स ओम्बड्समैन” शब्द से प्रतिस्थापित किए जाएंगे।
उक्त नियमों में, नियम 2 में, "शिकायतों" शब्द के बाद "जो इन नियमों के नियम 13 और 14 के अधीन उन पॉलिसियों के लिए की गईं" शब्द अंतः स्थापित किए जाएंगे।
उक्त नियमों में, नियम 3 में, "अभिकर्ताओं और मध्यकों" शब्दों को "अभिकर्ताओं, मध्यकों और बीमा ब्रोकर सहित” शब्दों से प्रतिस्थापित किए जाएंगे।
उक्त नियमों में, नियम 4 में, -
(कक) “अपीलीय प्राधिकरण (एए) से नियम 17क के तहत भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण द्वारा गठित अपीलीय प्राधिकरण अभिप्रेत है।
(ककक) "प्राधिकरण" से बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1999 (1999 का 41) की धारा 3 की उपधारा (1) के तहत स्थापित भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (इरडाई) अभिप्रेत है।
"(vi) जीवन बीमा निगम अधिनियम, 1956 (1956 का 31) के अधीन स्थापित भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी आफ इंडिया) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक (सीईओ एंड एमडी); और"
"(vii) अध्यक्ष, जनरल इंश्योरर्स (पब्लिक सेक्टर) एसोसिएशन ऑफ इंडिया (जिप्सा)।"