e-Gazette statutory gazette instrument G.S.R. 750(E) · 21 Aug 2026
Official title
Notification of Telecommunications (User Identification) Rules, 2026.
Official record
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Check the official recordThe Telecommunications (User Identification) Rules, 2026 mandate biometric-based identification for users of notified telecommunication services. Authorized entities must perform e-KYC for Aadhaar holders or D-KYC for non-Aadhaar holders during enrollment, information updates, disconnections, or reverification. For business connections, entities must identify the authorized representative and end users. Entities must maintain secure subscriber data records, implement grievance redressal, and report fraudulent activities to law enforcement. Users must provide accurate information and avoid unauthorized transfer of connections. Entities have three months from the date of publication to establish the necessary technical infrastructure and organizational measures. The Central Government may extend this period by up to three months if necessary.
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रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99
REGD. No. D. L.-33004/99
The Gazette of India
सी.जी.-डी.एल.-अ.-21082026-275657 CG-DL-E-21082026-275657
असाधारण EXTRAORDINARY
भाग II—खण्ड 3—उप-खण्ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i)
प्राधिकार से प्रकाशित PUBLISHED BY AUTHORITY
सं. 684] नई दिल्ली, शुक्रवार, अगस्त 21, 2026/श्रावण 30, 1948 No. 684] NEW DELHI, FRIDAY, AUGUST 21, 2026/SHRAVAN 30, 1948
संचार मंत्रालय
(दूरसंचार विभाग)
अधिसूचना
नई दिल्ली, 21 अगस्त, 2026
सा.का.नि. 750(अ).— दूरसंचार अधिनियम, 2023 (2023 का 44) की धारा 56 की उप-धारा (1) के अधीन यथा अपेक्षित, दूरसंचार (प्रयोक्ता पहचान) नियम, 2025 का प्रारूप भारत के राजपत्र, असाधारण, भाग 2, खण्ड 3, उप-खण्ड (i) में, अधिसूचना संख्या सा.का.नि. 691(अ), तारीख 19 सितंबर, 2025 द्वारा प्रकाशित किया गया था जिसमें उन सभी व्यक्तियों से जिनके उनसे प्रभावित होने की संभावना थी, उक्त अधिसूचना वाले राजपत्र की प्रतियां जनसाधारण को उपलब्ध कराने की तारीख से तीस दिवस की अवधि समाप्त होने से पूर्व आक्षेप और सुझाव आमंत्रित किए गए थे;
और उक्त राजपत्र की प्रतियां 22 सितंबर, 2025 को जनसाधारण के लिए उपलब्ध करा दी गईं थी;
और उक्त प्रारूप नियमों की बाबत उस दौरान प्राप्त आपत्तियों और सुझावों पर केंद्रीय सरकार द्वारा विचार किया गया है;
अतः, अब, केन्द्रीय सरकार दूरसंचार अधिनियम, 2023 (2023 का 44) की धारा 56 की उप-धारा (1) और उप-धारा (2) के खंड (क) और (ङ) अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात्:—
1. संक्षिप्त शीर्षक और प्रारंभ—(1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम दूरसंचार (प्रयोक्ता पहचान) नियम, 2026 है।
(2) ये राजपत्र में इनके प्रकाशन की तारीख को प्रवृत्त होंगे।
2. परिभाषाएँ—(1) इन नियमों में, जब तक कि संदर्भ में अन्यथा अपेक्षित न हो,—
(क) “आधार संख्या” का वही अर्थ होगा जो आधार (वित्तीय और अन्य सहायिकियों, प्रसुविधाओं और सेवाओं का लक्षित परिदान) अधिनियम, 2016 (2016 का 18) में दिया गया है;
(ख) “आधार संख्या धारक” का वही अर्थ होगा जो आधार (वित्तीय और अन्य सहायिकियों, प्रसुविधाओं और सेवाओं का लक्षित परिदान) अधिनियम, 2016 (2016 का 18) में उसे दिया गया है;
(ग) “अधिनियम” से दूरसंचार अधिनियम, 2023 (2023 का 44) अभिप्रेत है;
(घ) "प्राधिकृत प्रतिनिधि", व्यावसायिक प्रयोक्ता से—
(i) शासी निकाय के पूर्णकालिक सदस्य अभिप्रेत है जिन्हें ऐसे व्यावसायिक प्रयोक्ता के मामलों का प्रबंधन सौंपा गया है;
(ii) ऐसे व्यावसायिक प्रयोक्ता का मुख्य कार्यकारी अभिप्रेत है, जिसे उस व्यावसायिक प्रयोक्ता के पूरे मामलों के संबंध में प्रबंधन की पर्याप्त शक्तियां सौंपी गई हैं; या
(iii) इस संबंध में ऐसे शासी निकाय या मुख्य कार्यकारी द्वारा विशेष रूप से प्राधिकृत किसी अन्य व्यक्ति अभिप्रेत है;
(ङ) “बायोमेट्रिक सूचना” से लाइव कैप्चर से उत्पन्न प्रयोक्ता की बायोमेट्रिक्स, चेहरे, फिंगरप्रिंट या आइरिस, या पोर्टल पर विनिर्दिष्ट की जा सकने वाली ऐसी अन्य जैविक विशेषता अभिप्रेत है;
(च) “व्यावसायिक संबंध” से एक या अधिक दूरसंचार सेवा कनेक्शन या ऐसे कनेक्शनों के ग्राहक पहचान मॉड्यूल अभिप्रेत है जो किसी व्यवसाय प्रयोक्ता को उसके सद्भावपूर्वक उपयोग के लिए प्रदान किए जाते हैं;
(छ) "व्यावसायिक प्रयोक्ता" से ऐसा प्रयोक्ता अभिप्रेत है जो—
(i) लागू विधि के अधीन गठित कोई विधिमान्य व्यक्ति है, जिसमें कोई कंपनी, साझेदारी फर्म, सीमित देयता भागीदारी, न्यास, सहकारी समिति, सोसायटी, केंद्रीय सरकार के विभाग और राज्य सरकार के विभाग सम्मिलित हैं; या
(ii) लागू विधि के अधीन किसी भी नाम से जारी व्यापार या व्यवसाय अनुज्ञप्ति या परमिट रखता है।
**स्पष्टीकरण—**खंड (छ) के उप-खंड (i) के प्रयोजनों के लिए,—
(अ) “केंद्रीय सरकारी विभाग” से भारत सरकार (कारबार का आवंटन) नियम, 1961 की पहली अनुसूची में विनिर्दिष्ट कोई मंत्रालय, विभाग, सचिवालय या कार्यालय और इसका संबद्ध कार्यालय या उसके अधीनस्थ कार्यालय अभिप्रेत है;
(आ) “सहकारी समिति” से किसी राज्य में तत्समय प्रवृत्त सहकारी समितियों से संबंधित किसी विधि के अधीन रजिस्ट्रीकृत या रजिस्ट्रीकृत मानी जाने वाली कोई समिति अभिप्रेत है;
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