e-Gazette statutory gazette instrument G.S.R. 323(E) · 30 Apr 2026
Official title
Citizenship (Amendment) Rules, 2026
Official record
Open source pageSummary
Check the official recordThe Central Government amends the Citizenship Rules, 2009 to update procedures for Overseas Citizen of India (OCI) cardholders. Applicants must now submit registration applications electronically via the designated online portal. The rules introduce provisions for electronic OCI (e-OCI) registration alongside physical cards. OCI cardholders must surrender physical cards when they renounce their status. The government establishes new procedures for the cancellation of OCI registration and the revision or review of orders made under the Citizenship Act, 1955. Applicants must provide consent for the use of biometric data for the Fast Track Immigration Programme. Additionally, the rules clarify that minor children cannot hold a foreign passport while holding an Indian passport. These rules take effect immediately upon publication.
What you must do
3044 GI/2026
(1)
रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99
REGD. No. D. L.-33004/99
xxxGIDHxxx
xxxGIDExxx
असाधारण
EXTRAORDINARY
भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i)
PART II—Section 3—Sub-section (i)
प्राजधकार से प्रकाजित
PUBLISHED BY AUTHORITY
सं. 299] नई दिल्ली, बृहस्ट् पजतवार, अप्रैल 30, 2026/वैिाख 10, 1948
No. 299] NEW DELHI, THURSDAY, APRIL 30, 2026/VAISAKHA 10, 1948
सी.जी.-डी.एल.-अ.-30042026-272180
CG-DL-E-30042026-272180
गृह मंत्रालय
अजधसूचना
नई दिल्ली, 30 अप्रैल, 2026
सा.का.जन. 323(अ).— केन्द्रीय सरकार, नागररकता अजधजनयम, 1955 (1955 का 57) की धारा 18 द्वारा प्रित्त िजियों का प्रयोग करते हुए, नागररकता जनयम, 2009 का और संिोधन करने के जलए जनम्नजलजखत जनयम बनाती है, अर्ाात् :
संजिप्त नाम और प्रारंभ. (1) इन जनयमों का संजिप्त नाम नागररकता (संिोधन) जनयम, 2026 है।
(2) ये रािपत्र में उनके प्रकािन की तारीख को प्रवृत्त होंगे ।
नागररकता जनयम, 2009 (जिसे इसमें इसके पश्चात उि जनयम कहा गया है) में, जनयम 3 के पश्चात् जनम्नजलजखत परंतुक अंतःस्ट्र्ाजपत दकया िाएगा, अर्ाात्:—
“परंतु ऐसे मामलों में आवेिक यह भी ध्यान रखेगा दक अवयस्ट्क बालक दकसी भी समय भारतीय पासपोर्ा धाररत करते हुए दकसी अन्द्य िेि का पासपोर्ा धारण नहीं कर सकता है।”
उि जनयमों में, जनयम 29 के उप-जनयम (1) के स्ट्र्ान पर जनम्नजलजखत उप-जनयम रखा िाएगा, अर्ाात्:—
“(1) धारा 7क के अधीन भारत का जविेिी नागररक काडाधारक के रूप में रजिस्ट्रीकरण हेतु आवेिन, प्ररूप 28 में, जनर्िाष्ट ऑनलाइन पोर्ाल अर्ाात् https://ociservices.gov.in पर इलेक्ट्रॉजनक रूप से दकया िाएगा।”
उि जनयमों में, जनयम 31 में—
(i) “दकया िाएगा” िब्िों के पूवा आने वाले िब्ि “िो प्रजतयों में” का लोप दकया िाएगा;
(ii) खंड (क) के उपखंड (ii) का लोप दकया िाएगा।
उि जनयमों में, जनयम 33 के स्ट्र्ान पर जनम्नजलजखत जनयम रखा िाएगा, अर्ाात्:—
“33. भारत के जविेिी नागररक काडाधारक के रूप में रजिस्ट्रीकरण तर्ा धारा 7क के अधीन व्यजियों के रजिस्ट्र्र का अनुरिण.— (1) प्रत्येक व्यजि, िो धारा 7क के अधीन भारत के जविेिी नागररक काडाधारक के रूप में रजिस्ट्रीकृत है, उसे प्ररूप 29 में अंतर्वाष्ट जववरणों सजहत भौजतक रूप में भारत के जविेिी नागररक काडा अर्वा इलेक्ट्रॉजनक भारत के जविेिी नागररक (e-OCI) रजिस्ट्रीकरण िारी दकया िाएगा।
(2) िारी कताा प्राजधकारी भारत के जविेिी नागररक काडाधारक के रूप में रजिस्ट्रीकृत व्यजियों का अजभलेख, प्ररूप 30 में इलेक्ट्रॉजनक रूप में अनुरजित करेगा।”
उि जनयमों में, जनयम 34 के स्ट्र्ान पर जनम्नजलजखत जनयम रखा िाएगा, अर्ाात्:—
“34. भारत के जविेिी नागररक काडा के त्यिन की घोषणा.— (1) धारा 7ग के अधीन दकसी व्यजि को भारत के जविेिी नागररक काडाधारक के रूप में रजिस्ट्रीकृत करने वाले काडा के पररत्याग की घोषणा, संबंजधत भारतीय जमिन या पोस्ट्र् अर्वा संबंजधत जविेिी िेत्रीय रजिस्ट्रीकरण अजधकारी को इलेक्ट्रॉजनक रूप से प्ररूप 31 में, जनर्िाष्ट ऑनलाइन पोर्ाल, अर्ाात् https://ociservices.gov.in पर की िाएगी और िहााँ भारत का जविेिी नागररक काडा भौजतक रूप में िारी दकया गया है, वहााँ भारत का जविेिी नागररक काडा की मूल प्रजत भी संबंजधत भारतीय जमिन या पोस्ट्र् अर्वा संबंजधत जविेिी िेत्रीय रजिस्ट्रीकरण अजधकारी को अभ्यर्पात की िाएगी।
(2) भारत के जविेिी नागररक काडाधारक के रूप में रजिस्ट्रीकरण के पररत्याग की घोषणा प्राप्त होने तर्ा भारत का जविेिी नागररक काडा की मूल प्रजत के समपाण (िहााँ भारत का जविेिी नागररक काडा भौजतक रूप में िारी दकया गया है) पर, संबंजधत भारतीय जमिन या पोस्ट्र् अर्वा संबंजधत जविेिी िेत्रीय रजिस्ट्रीकरण अजधकारी, प्ररूप 32 में, जनर्िाष्ट ऑनलाइन पोर्ाल, अर्ाात् https://ociservices.gov.in पर, इलेक्ट्रॉजनक रूप से अजभस्ट्वीकृजत िारी करेगा तर्ा जनयम 33 के उप-जनयम (2) के अधीन इलेक्ट्रॉजनक रूप में अनुरजित अजभलेख से घोषणाकताा का नाम हर्ा िेगा।”
उि जनयमों में, जनयम 35 के स्ट्र्ान पर जनम्नजलजखत रखा िाएगा, अर्ाात्:—
“35. भारत के जविेिी नागररक काडाधारक के रूप में रजिस्ट्रीकरण का जनरस्ट्तीकरण.—
(1) िहााँ भारत के जविेिी नागररक काडाधारक के रूप में रजिस्ट्रीकरण को जनरस्ट्त करने का आिेि दकया गया है, वहााँ वह व्यजि जिसका रजिस्ट्रीकरण जनरस्ट्त दकया गया है या वह कोई अन्द्य व्यजि जिसके पास संबंजधत व्यजि को िारी दकया गया भारत के जविेिी नागररक काडा भौजतक रूप में है, केंरीय सरकार द्वारा जलजखत सूचना के माध्यम से अपेजित दकए िाने पर, उि काडा की मूल प्रजत, ऐसे व्यजि को तर्ा ऐसी अवजध के भीतर, िो सूचना में जवजनर्िाष्ट की िाए, पररित्त करेगा।
(2) भारत के जविेिी नागररक काडा पररित्त दकए िाने पर, उसे जनरस्ट्त कर दिया िाएगा और यदि काडा पररित्त नहीं दकया िाता है, तो केंरीय सरकार यह जनिेि िे सकेगी दक उसे जनरस्ट्त माना िाएगा।
(3) िहााँ दकसी व्यजि के संबंध में भारत के जविेिी नागररक काडाधारक के रूप में रजिस्ट्रीकरण को जनरस्ट्त करने का आिेि दकया गया है जिसे इ-ओ सी आई रजिस्ट्रीकरण िारी दकया गया है, वहााँ केंरीय सरकार यह जनिेि िे सकेगी दक इसे जनरस्ट्त माना िाएगा।
(4) िारी कताा प्राजधकारी, जनयम 33 के उप-जनयम (2) के अधीन इलेक्ट्रॉजनक रूप में अनुरजित अजभलेख में, भारत के जविेिी नागररक काडाधारक के रूप में रजिस्ट्रीकरण के जनरस्ट्तीकरण का उल्लेख करते हुए, उपयुि प्रजवजष्ट करेगा।”
उि जनयमों में, जनयम 42 के स्ट्र्ान पर जनम्नजलजखत जनयम रखा िाएगा, अर्ाात्:—
“42. अजधजनयम के अधीन पाररत आिेि के पुनरीिण के जलए प्राजधकारी.—
(1) यदि दकसी व्यजि द्वारा, िो अजधजनयम के उपबंधों के अधीन नागररकता हेतु उसके आवेिन के संबंध में दकसी प्राजधकारी द्वारा पाररत आिेि से व्यजर्त है, धारा 15 के अधीन पुनरीिण हेतु आवेिन दकया िाता है, तो ऐसे आवेिन का जनपर्ारा उस प्राजधकारी से एक रैंक उच्च प्राजधकारी द्वारा दकया िाएगा, िो नागररकता के जलए आवेिन के जनपर्ान हेतु जवजनर्िाष्ट है।
(2) यदि दकसी व्यजि द्वारा, िो धारा 7क के अधीन भारत के जविेिी नागररक काडाधारक के रूप में रजिस्ट्रीकरण हेतु उसके आवेिन के संबंध में संबंजधत भारतीय जमिन या पोस्ट्र् अर्वा संबंजधत जविेिी िेत्रीय रजिस्ट्रीकरण अजधकारी द्वारा पाररत आिेि से, या धारा 7घ के अधीन भारत के जविेिी नागररक काडाधारक के रूप में रजिस्ट्रीकरण के जनरस्ट्तीकरण पर उि प्राजधकाररयों द्वारा पाररत आिेि से व्यजर्त है, धारा 15 के अधीन पुनरीिण हेतु आवेिन दकया िाता है, तो ऐसे आवेिन का जनपर्ारा ऐसे प्राजधकारी द्वारा दकया िाएगा, जिसे केंरीय सरकार द्वारा जवजनर्िाष्ट दकया िाए।
(3) उप-जनयम (1) और (2) के अधीन आने वाले सभी मामलों में, पुनरीिण हेतु आवेिन का जनपर्ारा, प्रभाजवत व्यजि को अपना पि प्रस्ट्तुत करने का युजिसंगत अवसर प्रिान करने के पश्चात दकया िाएगा।”
उि जनयमों में, जनयम 42 के पश्चात् जनम्नजलजखत जनयम अंतःस्ट्र्ाजपत दकया िाएगा, अर्ाात्:—
“42क. अजधजनयम के अधीन दकए गए आिेि के पुनर्वालोकन हेतु आवेिन.— यदि दकसी व्यजि द्वारा धारा 15क के अधीन पुनर्वालोकन हेतु आवेिन दकया िाता है, तो उि पुनर्वालोकन आवेिन का जनपर्ारा केंरीय सरकार द्वारा, प्रभाजवत व्यजि को अपना पि प्रस्ट्तुत करने का युजिसंगत अवसर प्रिान करने के पश्चात् दकया िाएगा।”
उि जनयमों में, अनुसूची 1 में—
(i) प्ररूप 1 के भाग 2 की क्रम संख्या 10 और उससे सम्बंजधत प्रजवजष्टयों के पश्चात् जनम्नजलजखत क्रम संख्या अंतःस्ट्र्ाजपत की िाएाँगी, अर्ाात्:—
“10क. मैं, ……………, यह भी ध्यान रखता/रखती हाँ दक मेरा अवयस्ट्क बालक …………. दकसी भी समय भारतीय पासपोर्ा धाररत करते हुए दकसी अन्द्य िेि का पासपोर्ा धारण नहीं कर सकता।”;
(ii) प्ररूप 28 में—
(i) भारतीय मूल के आवेिक से सम्बंजधत भाग – क में क्रम संख्या 2 और उससे सम्बंजधत प्रवजष्टयों का लोप दकया िाएगा;
(ii) पजत या पत्नी आधाररत आवेिक से सम्बंजधत भाग क में, क्रम संख्या 2 और उससे सम्बंजधत प्रवजष्टयों का लोप दकया िाएगा;
(iii) घोषणा में, पैरा 4 के पश्चात् जनम्नजलजखत पैरा अंतःस्ट्र्ाजपत दकया िाएगा, अर्ाात्:—
“5. मैं एतद्द्वारा अपनी सहमजत प्रिान करता/करती हाँ दक—
(i) भारत के जविेिी नागररक काडाधारक के रूप में रजिस्ट्रीकरण हेतु संकजलत की िाने वाली मेरी िैवजमतीय िानकारी को, भजवष्य में िब भी मैं फास्ट्र् रैक इजमग्रेिन प्रोग्राम का लाभ उठाने हेतु आवेिन करूाँ, उस प्रोग्राम के अंतगात मेरे रजिस्ट्रीकरण के प्रयोिन के जलए साझा दकया िाए;
अर्वा
(ii) भारत के जविेिी नागररक काडाधारक के रूप में रजिस्ट्रीकरण हेतु संकजलत मेरी िैवजमतीय िानकारी का उपयोग करते हुए, फास्ट्र् रैक इजमग्रेिन प्रोग्राम के अंतगात मेरे स्ट्वतः रजिस्ट्रीकरण पर जवचार दकया िाए।
[िो लागू न हो, उसे हर्ा िें]”;
(ग) प्ररूप 29 के स्ट्र्ान पर जनम्नजलजखत प्ररूप रखा िाएगा, अर्ाात्:—
Key dates
Who is affected
If you do not comply