e-Gazette statutory gazette instrument G.S.R. 493(E) · 20 Jun 2026
Official title
Insecticides Act, 1968
Official record
Open source pageSummary
Check the official recordThe Insecticides (Amendment) Rules, 2026, mandate a transition to digital processes for licensing, record-keeping, and reporting under the Insecticides Rules, 1971. Manufacturers and sellers must now submit license applications digitally in Form II. Record-keeping for sales, distribution, and stock must be maintained in digital mode, and monthly returns for technical and formulated insecticides must be submitted digitally within fifteen days of the month's end. Additionally, insecticide inspectors are required to maintain digital records of inspections and seizures within twenty-four hours. The rules also allow for digital payment of fees and digital issuance of test or analysis intimations. These amendments come into effect ninety days from their publication date of June 18, 2026.
What you must do
4445 GI/2026 (1)
रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99
xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY कृजि और ककसान कल्याण मंत्रालय (कृजि और ककसान कल्याण जिभाग) अजधसूचना नई किल्ली, 17 िून, 2026 सा.का.जन. 493(अ).- कीटनािी जनयम, 1971 का और संिोधन करने के जलए प्रारूप जनयम, कीटनािी अजधजनयम, 1968 (1968 का 46) की धारा 36 द्वारा यथा अपेजित, भारत के रािपत्र, असाधारण, भाग II, खंड 3, उपखंड (i) में भारत सरकार के कृजि और ककसान कल्याण मंत्रालय, कृजि और ककसान कल्याण जिभाग की अजधसूचना सं0 सा.का.जन. 674(अ), तारीख 18 जसतंबर, 2025 द्वारा प्रकाजित ककए गए थे, जिसमें उससे प्रभाजित होने की संभािना िाले सभी व्यजियों से, उस तारीख से, जिसको भारत के उस रािपत्र की प्रजतयां, जिसमें उि अजधसूचना प्रकाजित की गई थी, िनता को उपलब्ध करा िी िाती है, तीस किन की अिजध की समाजि से पूिव आिेप और सुझाि मांगे गए थे ; और, उि रािपत्र की प्रजतयां िनता को 18 जसतंबर, 2025 को उपलब्ध करा िी गई थी ; और, उि प्रारूप जनयमों के संबंध में िनता से प्राि आिेपों और सुझािों पर केंद्रीय सरकार ने जिचार कर जलया है; अत:, अब, केंद्रीय सरकार, उि अजधजनयम की धारा 36 द्वारा प्रित्त िजियों का प्रयोग करते हुए, कीटनािी जनयम, 1971 का और संिोधन करने के जलए जनम्नजलजखत जनयम बनाती है,अथावत् :-
No. 442] NEW DELHI, THURSDAY, JUNE 18, 2026/JYAISTHA 28, 1948
सी.जी.-डी.एल.-अ.-20062026-273671 CG-DL-E-20062026-273671 सी.जी.-डी.एल.-अ.-20062026-273671 CG-DL-E-20062026-273671
2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] 2. कीटनािी जनयम, 1971 (जिसे इसमें इसके पश्चात् उि जनयम कहा गया है) के जनयम 9 में, उपजनयम (1) के स्ट्थान पर, जनम्नजलजखत उपजनयम रखा िाएगा, अथावत् :-- “(1) ककसी कीटनािी के जिजनमावण के जलए अनुज्ञजि मंिूरी करने के जलए आिेिन, अनुज्ञापन अजधकारी को जडजिटल रूप में प्ररूप 2 में ककया िाएगा और उसके साथ प्रत्येक कीटनािी के जलए िो हिार रुपए और उन सभी कीटनाजियों के जलए, जिनके जलए अनुज्ञजि का आिेिन ककया गया है, अजधकतम बीस हिार रुपए की फीस होगी ।”। 3.उि जनयम के जनयम 10 में, उपजनयम (1) के स्ट्थान पर, जनम्नजलजखत उपजनयम रखा िाएगा, अथावत् :- “(1) कीटनाजियों के जिक्रय, जिक्रय के जलए स्ट्टॉक या प्रििवन या जितरण के जलए अनुज्ञजि की मंिूरी के जलए आिेिन, अनुज्ञापन अजधकारी को जडजिटल रूप में प्ररूप 2 में ककया िाएगा और उसके साथ उपजनयम (2) में जिजनर्िवष्ट फीस होगी ।”। 4.उि जनयम के जनयम 15 में,-- (क) उपजनयम (2) में, “कीटनािीिार प्ररूप 3 का पररजिष्ट ख में ककसी रजिस्ट्टर या तो भौजतक प्ररूप या अंकीय प्ररूप में प्रजिष्ट ककया िाना” िब्िों के स्ट्थान पर, “कीटनािीिार प्ररूप 3 के पररजिष्ट ख में अंकीय माध्यम से ककया िाना” िब्ि रखे िाएंगे ; (ख) उपजनयम (3) में, “या तो भौजतक प्ररूप या अंकीय प्ररूप” िब्िों के स्ट्थान पर, “अंकीय माध्यम” िब्ि रखे िाएंगे ; (ग) उपजनयम (4) के स्ट्थान पर, जनम्नजलजखत उपजनयम रखा िाएगा, अथावत् :-- “प्रत्येक जिजनमावणकताव या आयातकताव, तकनीकी श्रेणी के कीटनािी और जिजनर्मवत कीटनािी के ऐसे जिक्रय, जनमावण या आयात को अंकीय प्ररूप में बनाए रखेगा और अनुज्ञापन अजधकारी को माजसक जििरण या जििरणी, क्रमिः प्ररूप 3 के पररजिष्ट घ1 और प्ररूप 3 के पररजिष्ट घ2 में, मास की समाजि से पन्द्द्रह किनों के भीतर प्रस्ट्तुत करेगा।”। 5. उि जनयम के जनयम 24 में,-- (क) उपजनयम (3) में, “तीन प्रजतयों में” िब्िों का लोप ककया िाएगा ; (ख) उपजनयम (3) के पश्चात्, जनम्नजलजखत उपजनयम अंत:स्ट्थाजपत ककया िाएगा, अथावत् :-- “(4) उपजनयम (1) में यथा जिजनर्िवष्ट प्राजि और उपजनयम (3) में यथा जिजनर्िवष्ट आपूर्तव की ररपोटव जडजिटल रूप में बनाई िाएगी ।”। 6. उि जनयम के जनयम 25 में, पहले परंतुक के पश्चात्, जनम्नजलजखत परंतुक अंत:स्ट्थाजपत ककया िाएगा, अथावत् :- “परंतु यह और कक फीस जडजिटल रूप में भी संित्त की िा सकेगी ।”। 7. उि जनयम के जनयम 27 में, खंड (6) के स्ट्थान पर, जनम्नजलजखत खंड रखा िाएगा, अथावत् :- “(6) अपने कतव्य ों का पालन करने में, जिसमें नमूने लेना और स्ट्टाक का अजभग्रहण करना सजममजलत है, उसके द्वारा ककए गए सभी जनरीिणों और की गई कारविाई का जडिीटल अजभलेख बनाए रखना और ऐसे अजभलेखों को अनुज्ञापन अजधकारी को प्रस्ट्तुत करना तथा जनयम 30, जनयम 32 और जनयम 33 के अधीन या अजधजनयम के अधीन या इन जनयमों के अधीन अपने कतव्य ों का पालन करने में, भौजतक प्ररूप का उपयोग करके, उसके द्वारा ककए गए ऐसे सभी जनरीिणों और की गई कारविाई के चौबीस घंटों के भीतर, जडिीटल अजभलेख बनाया िाएगा ।”। 8. उि जनयम के जनयम 30 में, “प्ररूप 5(क) में” िब्ि, अंक, कोष्ठक और अिर के पश्चात्,“, या तो भौजतक या जडजिटल माध्यम से” िब्ि अंत:स्ट्थाजपत ककए िाएंगे । 9. उि जनयम के जनयम 32 में, “प्ररूप 5(ख) में” िब्ि, अंक, कोष्ठक और अिर के पश्चात्,“, या तो भौजतक या जडजिटल माध्यम से” िब्ि अंत:स्ट्थाजपत ककए िाएंगे । 10. उि जनयम के जनयम 33 में, “उस व्यजि की जिससे िह नमूना लेता है ऐसा प्रयोिन” िब्िों के स्ट्थान पर, “उस व्यजि को, जिससे िह नमूना लेता है, ऐसा प्रयोिन, या तो भौजतक या जडजिटल माध्यम से,” िब्ि अंत:स्ट्थाजपत ककए िाएंगे ।
[भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का रािपत्र : असाधारण 3 11. उि जनयम के जनयम 34 में, उपजनयम (1) के पश्चात्, जनम्नजलजखत परंतुक अंत:स्ट्थाजपत ककया िाएगा, अथावत् :- “परंतु परीिण या जिश्लेिण के जलए सूचना का प्ररूप जडजिटल माध्यम में िारी ककया िाएगा ।”। 12. उि जनयम की प्रथम अनुसूची के प्ररूप 3 में, पररजिष् ट ख, पररजिष्ट ग1, पररजिष्ट ग2, पररजिष्ट घ1 और पररजिष्ट घ2 तथा उनसे संबंजधत प्रजिजष्टयों के स्ट्थान पर, जनम्नजलजखत रखा िाएगा, अथावत् :-
“पररजिष् ट ख कीटनाजियों के जिक्रय/जितरण हेतु रजिस्ट्टर [तकनीकी एिं सूत्रीकरण (जिसमें िाजणजज्यक कीट जनयंत्रण प्रचालनों में प्रयुि कीटनािी सजममजलत हैं)] (अजभलेख कीटनािी-िार रखा िाना है) [जनयम 15 का उपजनयम (2) िेखें] क्रम सं. कीटनाशी की प्राप्ति की िारीख विननमाािा का नाम, प्िससे प्राति हुआ आपूनिाकिाा/ वििरक का नाम, यदि कोई हो, प्िसके माध्यम से प्राति हुआ बैच संख्या विननमााण की िारीख अिसान की िारीख बीिक वििरण, संख्या, िारीख और प्राति आपूनिा की मात्रा (मीदिक टन) प्िसके माध्यम से आपूनिा प्राति हुई
मात्रा (मीदिक टन) बबल संख्या (नाम और पिा, प्िसे विक्रय/वििररि ककया गया, विक्रय/वििरण की िारीख और मात्रा) दटतपण घरेलू अंिरााष्ट्िीय वपछला शेष, यदि कोई हो प्राति हुआ विक्रय ककया/ वििररि ककया शेष घरेलू अंिरााष्ट्िीय
िारीख: हस्िाक्षर कंपनी की मुहर
ररकॉर्ा से सत्यावपि ककया गया और पाया गया कक उपरोक्ि िानकारी सही है।
िारीख और मुहर सदहि कीटनाशी ननरीक्षक के हस्िाक्षर
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