e-Gazette statutory gazette instrument G.S.R. 585(E) · 09 Jul 2026
Official record
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Check the official recordThe Merchant Shipping (Limitation of Liability for Maritime Claims) Rules, 2026, establish the framework for calculating liability limits for maritime claims under the Merchant Shipping Act, 2025. These rules apply to all Indian vessels and foreign vessels entering or departing Indian ports or operating in coastal waters, excluding warships and state-owned non-commercial vessels. The rules define specific calculation methods for liability based on vessel tonnage and the nature of the claim, including loss of life, personal injury, and other maritime claims. Special provisions are included for salvors and passenger-related claims. These rules supersede the 2015 regulations and come into effect immediately upon their publication in the Official Gazette.
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पत्तन, पोत पररवहन और िलमागग मंत्रालय अजधसूचना नई दिल्ली, 6 िुलाई, 2026
सा.का.जन. 585(अ) .—केन्द्रीय सरकार, वाजणज्य पोत पररवहन अजधजनयम, 2025 (2025 का 24) की धारा 165 की उपधारा (1) और धारा 166 के साथ परित धारा 174 द्वारा प्रित्त िजियों का प्रयोग करते हुए, और वाजणज्य पोत पररवहन (समुरीय िावों के जलए िाजयत्व की सीमा) जनयम, 2015 को, उन बातों के जसवाय अजधक्ांत करते हुए जिन्द्हें ऐसे अजधक्मण से पूवग दकया गया है या करने का लोप दकया गया है, जनम्नजलजखत जनयम बनाती है, अथागत्: -
(2) ये जनयम रािपत्र में इनके प्रकािन की तारीख को प्रवृत होंगे।
(क) प्रत्येक भारतीय िलयान; और
(ख) भारत में दकसी पत्तन में प्रवेि करने या प्रस्ट्थान करने वाला या तटीय समुर में प्रचाजलत होने वाला भारतीय िलयान से जभन्न प्रत्येक िलयान,
ककंतु युद्धपोतों, नौसेना सहायक या दकसी राज्य की सरकार द्वारा स्ट्वाजमत्व या प्रचालन वाले और केवल गैर-व्यावसाजयक उद्देश्यों हेतु कुछ समय के जलए उपयोग दकए गए अन्द्य पोतों पर लागू नहीं होगा ।
(2) इन जनयमों में कोई भी बात, िो परमाणु िजत, अन्द्य जवजिष्ट अजभसमयों के अधीन आने वाली तेल प्रिूषण िजत, या जविेष अजधजनयजमजतयों द्वारा िाजसत िाजयत्व के संबंध में भारत में प्रवृत्त दकसी अन्द्य जवजध के संचालन को प्रभाजवत नहीं करेगा, जिसमें डूबने, नष्ट होने, फंसे हुए या पररत्यि पोत, या िहािी माल सजहत दकसी चीज़ को उिाने, हटाने, नष्ट करने या हाजनरजहत बनाने से संबंजधत मामले िाजमल हैं, िो ऐसे पोत पर हो या रहा हो।
(क) "अजधजनयम" से वाजणज्य पोत पररवहन अजधजनयम, 2025 (2025 का 24) अजभप्रेत है;
(ख) "अजभसमय" से समुरीय िावों के जलए िाजयत्व की सीमा पर यथा संिोजधत अजभसमय, 1976 अजभप्रेत है ;
(ग) "िाजयत्व" का वही अथग होगा िो अजधजनयम की धारा 162 के स्ट्पष्टीकरण 2 के खंड (क) में उसका है और इसमें धारा 162 की उप-धारा (1) में जवजनर्िगष्ट िावे िाजमल माने िाएंगे;
(घ) िाजयत्व की सीमा के संबंध में "समुरीय िावा", से अजधजनयम की धारा 162 की उप-धारा (1) में अजभप्रेत है;
(ड़) "पोत स्ट्वामी" से समुर में चलने वाले पोत का स्ट्वामी, चाटगरर, प्रबंधक और प्रचालक; अजभप्रेत है, और
(च) "टन भार" से अजधजनयम के अधीन बनाए गए लागू जनयमों के अनुसार संगजणत सकल टन भार अजभप्रेत है।
(2) इन जनयमों में प्रयुि और अपररभाजषत िब्िों और अजभव्यजियों का वही अथग होगा िो अजधजनयम में क्मिः उनके हैं।
(क) मृत्यु होने या वैयजिक िजत के िावों के संबंध में, -
(i) 2000 टन से अनजधक टन भार वाले पोत के जलए लेखे की 3,020,000 इकाईयां;
(ii) 2000 टन से अजधक टन भार वाले पोत के जलए, खंड (क) के उप-खंड (i) में उजल्लजखत के अजतररि जनम्नजलजखत रकम, -
(अ) 2,001 से 30,000 टन तक के प्रत्येक टन के जलए, लेखे की 1208 इकाईयां;
(आ) 30,001 से 70,000 टन तक के प्रत्येक टन के जलए, लेखे की 906 इकाईयां; और
(इ) 70,000 टन से अजधक प्रत्येक टन के जलए, लेखे की 604 इकाईयां ।
(ख) दकन्द्हीं अन्द्य िावों के संबंध में, -
(i) 2000 टन से अनजधक कम टन भार वाले पोत के जलए लेखे की 1,510,000 इकाईयां;
(ii) 2,000 टन से अजधक टन भार वाले पोत के जलए, खंड (ख) के उप-खंड (i) में उजल्लजखत के अजतररि जनम्नजलजखत रकम:
(अ) 2,001 से 30,000 टन तक प्रत्येक टन के जलए, लेखे की 604 इकाईयां;
(आ) 30,001 से 70,000 टन तक के प्रत्येक टन के जलए, लेखे की 453 इकाईयां; और
(इ) 70,000 टन से अजधक प्रत्येक टन के जलए, लेखे की 302 इकाईयां ।
(2) िहां उप-जनयम (1) के खंड (क) के अनुसार संगजणत रकम उसमें उजल्लजखत िावों का पूणग संिाय करने के जलए अपयागप्त है, वहां उप-जनयम (1) के खंड (ख) के अनुसार संगजणत रकम उप-जनयम (1) के खंड (क) के अधीन िावों की असंित्त अजतिेष रकम संिाय के जलए उपलब्ध होगी, और ऐसी असंित्त अजतिेष रकम उप-जनयम (1) के खंड (ख) के अधीन उजल्लजखत िावों के साथ अनुपाजतक रूप में होगी।
(3) दकसी भी पोत से काम नहीं करने वाले दकसी भी उबारक के जलए या केवल दकसी पोत पर ही काम करने वाले दकसी उबारक के जलए, या जिसके संबंध में वह बचाव सेवाएं प्रिान कर रहा है, िाजयत्व की सीमा की संगणना 1,500 टन के टनभार के अनुसार की िाएगी।
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