e-Gazette statutory gazette instrument G.S.R. 75(E) · 31 Jan 2026
Official title
Notification of amendment in the National Commission for Protection of Child Rights Rules, 2006
Official record
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Check the official recordThe Central Government amends the National Commission for Protection of Child Rights Rules, 2006. The update revises administrative and financial powers of the Member-Secretary and the Chairperson. It modifies the selection process for members by introducing a screening committee. The rules update provisions for salary, allowances, leave, and medical facilities for the Chairperson, members, and staff to align with Central Government standards. It also changes the quorum requirement for Commission meetings to half of the actual strength. The Chairperson now holds authority over financial transactions, excluding cases requiring prior government approval. These rules take effect on the date of publication in the Official Gazette.
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REGD. No. D. L.-33004/99
असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण्ड 3—उप-खण्ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राधिकार से प्रकाशित PUBLISHED BY AUTHORITY
महिला और बाल विकास मंत्रालय अधिसूचना नई दिल्ली, 30 जनवरी, 2026
सा.का.नि. 75(अ).—केंद्रीय सरकार, बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005 (2006 का 4) की धारा 35 की उपधारा (2) के खंड (क) से खंड (घ) के साथ पठित उपधारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, बालक अधिकार संरक्षण राष्ट्रीय नियम, 2006 में और संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात्—
(1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम ‘बालक अधिकार संरक्षण राष्ट्रीय आयोग (संशोधन) नियम, 2025’ है।” (2) ये राजपत्र में उनके प्रकाशन की तारीख को प्रवृत्त होंगे।
बालक अधिकार संरक्षण राष्ट्रीय नियम, 2006 (जिसे इसमें इसके पश्चात् मूल नियम कहा गया है) के नियम 5 में,— (क) ‘सदस्य-सचिव की शक्तियां और कत्र्तव्य’ शीर्षक के अधीन, ‘‘(1) सदस्य-सचिव’’ कोष्ठकों, अंक और शब्दों के स्थान पर ‘‘सदस्य-सचिव’’ शब्द रखे जाएंगे; (ख) खंड (xi) के स्थान पर निम्नलिखित खंड रखा जाएगा, अर्थात्:– “(xi) आयोग के दैनंदिन कार्यों के प्रशासन और प्रबंधन के लिए अधिकतम पांच लाख रुपए तक का व्यय उपगत करने की शक्ति निहित होगी।”; (ग) खंड (xii) में, “अधिकारियों और अन्य कर्मचारीवृंद” शब्दों के स्थान पर “अधिकारी और पदाधिकारी” शब्द रखे जाएंगे।
सं. 74] नई दिल्ली, शुक्रवार, जनवरी 30, 2026/माघ 10, 1947 No. 74] NEW DELHI, FRIDAY, JANUARY 30, 2026/MAGHA 10, 1947
सी.जी.-डी.एल.-अ.-31012026-269717 CG-DL-E-31012026-269717
मूल नियम के नियम 6 के उपनियम (6) में वर्णित, “ऐसी रिक्ति के होने की तारीख से नब्बे दिन के भीतर नामांकन द्वारा” शब्दों के स्थान पर, “केंद्रीय सरकार द्वारा शीघ्र ही” शब्द रखे जाएंगे;
मूल नियमों के, नियम 6ग के स्थान पर, निम्नलिखित नियम रखा जाएगा, अर्थात्:- “6ग. (1) चयन समिति आवेदनों की जांच करने और अर्हताओं की बाबत अपेक्षित मापदंड को पूरा करने वाले अभ्यर्थियों की सूची तैयार करने में सहायता के लिए जांच समिति का गठन कर सकेगी। (2) जांच समिति में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव और बाल अधिकार क्षेत्र के दो ख्यात प्राप्त व्यक्ति होंगे, जिनमें से एक महिला विशेषज्ञ होगी। (3) नियम 6ख के अधीन गठित चयन समिति केवल ऐसे अभ्यर्थियों पर विचार करेगी जिनकी जांच समिति द्वारा जांच की गई है और चयन किया गया है।
स्पष्टीकरण— इस नियम के प्रयोजनों के लिए, स्पष्ट किया जाता है कि जांच समिति चयन समिति द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया में सहायता और सहयोग करेगी, और चयन समिति की भूमिका को प्रतिस्थापित नहीं करेगी।”।
मूल नियमों के, नियम 7 में, - (क) उपनियम (1) में, परन्तुक के स्थान पर, निम्नलिखित परन्तुक रखा जाएगा, अर्थात्:– “परंतु जहां अध्यक्ष या कोई सदस्य सेवानिवृत्त सरकारी सेवक हो या किसी अर्द्ध-सरकारी निकाय या पब्लिक सेक्टर उपक्रम या मान्यता प्राप्त अनुसंधान संस्थान से सेवानिवृत्त हुआ हो, तो उसके द्वारा प्राप्त पेंशन या सेवांत प्रसुविधाओं के पेंशनी मूल्य या दोनों के साथ संदेय वेतन ऐसी सेवावृत्ति के समय अंतिम लिए गए वेतन से अधिक नहीं होगा।”; (ख) उपनियम (2) में, “अन्य अधिकारियों तथा कर्मचारियों” शब्दों के स्थान पर, “अधिकारी तथा पदाधिकारी” शब्द रखे जाएंगे।
मूल नियमों के, नियम 8 के स्थान पर, निम्नलिखित नियम रखा जाएगा, अर्थात्: “8. भत्ते :- अध्यक्ष और सदस्य ऐसे भत्तों के हकदार होंगे, जो केंद्रीय सरकार द्वारा समय-समय पर उस दर पर अवधारित किए जाएंगे, जो केंद्रीय सरकार के समतुल्य स्तर के अधिकारियों के लिए अनुज्ञेय हैं”।
मूल नियमों के, नियम 9 का लोप किया जाएगा।
मूल नियमों के, नियम 10 के स्थान पर, निम्नलिखित नियम रखा जाएगा, अर्थात्: – “10. छुट्टी – अध्यक्ष और सदस्य केंद्रीय सिविल सेवा (छुट्टी) नियम, 1972 के अनुसार छुट्टी के हकदार होंगे”।
मूल नियमों के, नियम 11 के उपनियम (3) में, “किसी अधिकारी या अन्य कर्मचारी” शब्दों के स्थान पर “कर्मचारी और पदाधिकारी” शब्द रखे जाएंगे।
मूल नियमों के, नियम 12 के उपनियम (2) के स्थान पर, निम्नलिखित उपनियम रखा जाएगा, अर्थात्: – “(2) अध्यक्ष और सदस्य अपनी यात्रा भत्ते और दैनिक भत्ते से संबंधित अपने बिलों के संबंध में अपने स्वयं के नियंत्रक अधिकारी होंगे, और अन्य कर्मचारियों के लिए नियंत्रक अधिकारियों की अनुसूची अध्यक्ष द्वारा विनिर्दिष्ट की जाएगी”।
मूल नियमों के, नियम 13 में, “भारत सरकार द्वारा यथाअवधारित” शब्दों के स्थान पर “केंद्रीय सरकार के समतुल्य अधिकारियों को लागू” शब्द रखे जाएंगे।
मूल नियमों के, नियम 15 के स्थान पर, निम्नलिखित नियम रखा जाएगा, अर्थात्: – “15. चिकित्सीय उपचार की सुविधा: – अध्यक्ष, सदस्य और सभी नियमित अधिकारी या पदाधिकारी केंद्रीय सरकार के सेवकों को यथालागू चिकित्सीय उपचार और अस्पताल की सुविधाओं के हकदार होंगे”।
मूल नियमों के, नियम 18 के उपनियम (5) के स्थान पर, निम्नलिखित उपनियम रखा जाएगा, अर्थात्: – “(5) आयोग के किसी भी कार्य-व्यवहार संबंधी बैठक के लिए गणपूर्ति बनाने हेतु अपेक्षित संख्या आयोग की वास्तविक संख्या की आधी होगी”।
मूल नियमों के, नियम 24 में, – (क) उपनियम (2) के स्थान पर, निम्नलिखित उप नियम रखा जाएगा, अर्थात्: – “-(2) उन मामलों के सिवाय, जिनके लिए केंद्रीय सरकार के पूर्व अनुमोदन की अपेक्षा होती है, अध्यक्ष के पास आयोग के वित्तीय संव्यवहार से संबंधित सभी शक्तियां रहेंगी।”; (ख) उपनियम (4) में, “किसी सदस्य या सदस्य-सचिव” शब्दों के स्थान पर “सदस्य-सचिव” शब्द रखे जाएंगे; (ग) उपनियम (4) में परंतुक का लोप किया जाएगा। (घ) उपनियम (5) के स्थान पर, निम्नलिखित उपनियम रखा जाएगा, अर्थात्: – “(5) अध्यक्ष को साधारण वित्त नियमों और केंद्रीय सरकार द्वारा समय-समय पर जारी किए गए विषय संबंधी सुसंगत मार्गदर्शक सिद्धांतों के उपबंधों के अनुसार किसी विनिर्दिष्ट प्रयोजन के लिए परामर्शी नियुक्त करने की अपेक्षा का विनिश्चय करने की शक्तियां होंगी”।