e-Gazette statutory gazette instrument G.S.R. 545(E) · 06 Jul 2026
Official title
Prepublication of draft Marine Aids to Navigation (Manner of Holding Inquiry, Imposition of Penalty and Appeal) Rules, 2026
Official record
Open source pageSummary
The Ministry of Ports, Shipping and Waterways has published draft rules under the Marine Aids to Navigation Act, 2021, to establish procedures for inquiries, penalty imposition, and appeals. The rules empower an adjudicating officer to issue show-cause notices for alleged contraventions, conduct hearings, and impose penalties. Affected parties have 30 days to respond to show-cause notices. Adjudication proceedings must be completed within three months of the notice. Aggrieved parties may appeal to the Director General within 30 days of receiving an order. The public may submit objections or suggestions to the Director General of Lighthouses and Lightships within 30 days from the date the notification is made available to the public.
What you must do
Key dates
Who is affected
Thresholds
If you do not comply
4931 GI/2026 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99
xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY
पत्तन, पोत पररवहन और िलमागग मंत्रालय अजधसूचना नई दिल्ली, 1 िुलाई, 2026 सा.का.जन. 545(अ) — केन्द्रीय सरकार, नौचालन के जलए सामुदरक सहायता अजधजनयम, 2021 (2021 का 20) की धारा 42क की उपधारा (1) तथा (2), धारा 46 की उपधारा (1) के साथ परित धारा 46 की उपधारा (2) के खण्ड (पक) तथा (पख) द्वारा प्रित्त िजियों का प्रयोग करते हुए, नौचालन के जलए सामुदरक सहायता (िांच आयोजित करने की रीजत, िाजस्ट्त अजधरोपण तथा अपील) जनयम, 2026 बनाने का प्रस्ट्ताव करती है। उि प्रारूप जनयमों को इससे प्रभाजवत होने वाले सभी व्यजियों की िानकारी के जलए एतद्द्वारा प्रकाजित दकया िाता है; तथा यह सूचना िी िाती है दक इस अजधसूचना की रािपत्र में प्रकाजित प्रजतयां िनता को उपलब्ध कराए िाने की जतजथ से तीस दिन की अवजध की समाजि के पश्चात् उि प्रारूप जनयमों पर जवचार दकया िाएगा। इन प्रारूप जनयमों के संबंध में यदि दकसी व्यजि को कोई आक्षेप अथवा सुझाव हो, तो वह उपयुगि अवजध के भीतर महाजनिेिक, िीपस्ट्तंभ और िीपपोत महाजनिेिालय, पत्तन, पोत, पररवहन और िलमागग मंत्रालय, ए-13, सेक्टर-24, नोएडा–201301 को अथवा ई-मेल noida-dgll@nic.in पर प्रेजित कर सकता है।
उि प्रारूप जनयमों के संबंध में जनधागररत अवजध के भीतर दकसी व्यजि से प्राि होने वाले आक्षेपों अथवा सुझावों पर केन्द्रीय सरकार द्वारा जवचार दकया िाएगा।
सं. 487] नई दिल्ली, बुधवार, िुलाई 1, 2026/आिाढ 10, 1948
No. 487] NEW DELHI, WEDNESDAY, JULY 1, 2026/ASHADHA 10, 1948
सी.जी.-यू.पी.-अ.-06072026-274168 CG-UP-E-06072026-274168
2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)]
प्रारूप जनयम अध्याय I प्रारंजभक
(2) ये जनयम रािपत्र में इनके प्रकािन की जतजथ से प्रवृत्त होंगे।
(क) “अजधजनयम” से समुरी नौवहन सहायता अजधजनयम, 2021 (2021 का 20) अजभप्रेत है; (ख) “न्द्यायजनणागयक अजधकारी” से अजधजनयम की धारा 42क की उपधारा (1) के अधीन जनयुि अजधकारी अजभप्रेत है; (ग) “अपीलकताग” से ऐसा व्यजि अजभप्रेत है िो न्द्यायजनणागयक अजधकारी के आिेि से व्यजथत हो तथा अजधजनयम की धारा 42क की उपधारा (2) के अधीन अपीलीय प्राजधकारी के समक्ष अपील प्रस्ट्तुत करता हो; (घ) “अपीलीय प्राजधकारी” से अजधजनयम की धारा 42क की उपधारा (2) के अधीन जवजनर्िगष्ट अजधकारी अजभप्रेत है; (ङ) “प्रपत्र” से इन जनयमों के साथ संलग्न प्रपत्र अजभप्रेत है।
(2) इन जनयमों में प्रयुि दकन्द्तु पररभाजित नहीं दकए गए िब्िों और पिों के वही अथग होंगे िो उन्द्हें अजधजनयम में क्रमिः प्रिान दकए गए हैं। अध्याय II न्द्यायजनणागयक अजधकारी द्वारा िांच का संचालन तथा िण्ड अजधरोपण 3. नोरटस िारी दकया िाना.— (1) िहाँ न्द्यायजनणागयक अजधकारी दकसी व्यजि द्वारा की गई जिकायत अथवा उपलब्ध प्रजतवेिन या साक्ष्य के आधार पर यह संतुष्ट हो दक अजधजनयम की धारा 41 की उपधारा (1) या धारा 42 के प्रावधानों का उल्लंघन दकया गया है तथा िांच दकया िाना आवश्यक है, वहाँ वह संबंजधत व्यजि को प्रपत्र-I में कारण बताओ नोरटस िारी करेगा, जिसमें उससे यह अपेक्षा की िाएगी दक वह नोरटस प्राि होने की तारीख से तीस दिनों की अवजध के भीतर यह कारण बताए दक अजधजनयम के सुसंगत प्रावधानों के अधीन उस पर िण्ड क्यों न अजधरोजपत दकया िाए। (2) नोरटस में उल्लंघन की प्रकृजत तथा अजधजनयम के वे सुसंगत प्रावधान, जिनके अंतगगत उल्लंघन दकए िाने का अजभकथन दकया गया है, का उल्लेख दकया िाएगा। (3) कारण बताओ नोरटस पंिीकृत डाक या स्ट्पीड पोस्ट्ट अथवा इलेक्रॉजनक माध्यम से भेिा िाएगा और उसकी सेवा का प्रमाण अजभलेख पर संधाररत दकया िाएगा।
[भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का रािपत्र : असाधारण 3
(2) िांच के प्रयोिनाथग न्द्यायजनणागयक अजधकारी प्रपत्र-II में एक नोरटस िारी करेगा, जिसमें संबंजधत व्यजि को स्ट्वयं अथवा जवजधवत् प्राजधकृत प्रजतजनजध के माध्यम से, उसमें जवजनर्िगष्ट तारीख, समय और स्ट्थान पर अथवा वीजडयो कॉन्द्रेंससंग या ऐसे अन्द्य इलेक्रॉजनक माध्यम से, िैसा दक उसमें जनर्िगष्ट दकया गया हो, उपजस्ट्थत होने की अपेक्षा की िाएगी।
परन्द्तु यह दक ऐसा नोरटस सुनवाई के जलए जनयत तारीख से कम से कम पन्द्रह दिन पूवग तामील दकया िाएगा।
(3) उपजनयम (2) के अधीन िारी िांच नोरटस में— (क) कजथत उल्लंघन तथा अजधजनयम के सुसंगत प्रावधानों का उल्लेख होगा; (ख) िांच की तारीख, समय, स्ट्थान तथा माध्यम का उल्लेख होगा; (ग) उसके साथ उन सुसंगत िस्ट्तावेिों की प्रजतयाँ संलग्न होंगी जिन पर भरोसा दकया गया है।
(4) नोरटस पंिीकृत डाक, स्ट्पीड पोस्ट्ट अथवा इलेक्रॉजनक माध्यम से तामील दकया िाएगा तथा ऐसी तामील का प्रमाण अजभलेख पर संधाररत दकया िाएगा।
(5) िांच के प्रारंभ में न्द्यायजनणागयक अजधकारी संबंजधत व्यजि अथवा उसके प्राजधकृत प्रजतजनजध को कजथत उल्लंघन की प्रकृजत तथा अजधजनयम के सुसंगत प्रावधानों के संबंध में अवगत कराएगा।
(6) न्द्यायजनणागयक अजधकारी संबंजधत व्यजि को अपने पक्ष के समथगन में सुने िाने तथा ऐसे िस्ट्तावेि, साक्ष्य अथवा साजक्षयों को प्रस्ट्तुत करने का अवसर िेगा िो िांच के जलए सुसंगत हों; तथा वह जलजखत रूप में अजभजलजखत दकए िाने वाले कारणों से सुनवाई को भजवष्य की दकसी तारीख तक स्ट्थजगत कर सकेगा।
(7) उपजनयम (6) के प्रयोिनाथग कोई भी स्ट्थगन पन्द्रह दिनों से अजधक का नहीं होगा तथा िांच की अवजध के िौरान अजधकतम तीन स्ट्थगन ही प्रिान दकए िाएंगे।
(8) िहाँ संबंजधत व्यजि जनयत तारीख को उपजस्ट्थत होने में जवफल रहता है, वहाँ न्द्यायजनणागयक अजधकारी इसके कारणों को अजभजलजखत करने के पश्चात् उसकी अनुपजस्ट्थजत में िांच की कायगवाही कर सकेगा।
4 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)]
(9) न्द्यायजनणागयक अजधकारी अजभलेख पर उपलब्ध सामग्री पर जवचार करने तथा सुनवाई का अवसर प्रिान करने के पश्चात् जलजखत रूप में कारणयुि आिेि पाररत करेगा, जिसमें वह अजधजनयम के अधीन उपयुि समझे िाने पर िण्ड अजधरोजपत कर सकेगा अथवा यह जनष्किग जनकाल सकेगा दक कोई उल्लंघन स्ट्थाजपत नहीं हुआ है।
(10) आिेि की एक प्रजत संबंजधत व्यजि को जनःिुल्क उपलब्ध कराई िाएगी तथा उसकी तामील का प्रमाण अजभलेख पर संधाररत दकया िाएगा।
(11) न्द्यायजनणगयन कायगवाही कारण बताओ नोरटस िारी दकए िाने की तारीख से तीन माह की अवजध के भीतर पूणग की िाएगी।
(क) उस व्यजि, जिसके जवरुद्ध िांच प्रारंभ की गई है, तथा िांच के प्रयोिनाथग समन दकए गए दकसी अन्द्य व्यजि से िपथ पर अथवा िपथपत्र द्वारा मौजखक या जलजखत साक्ष्य मांगना; (ख) सुसंगत िस्ट्तावेिों, अजभलेखों अथवा उनकी प्रजतयों का परीक्षण या जनरीक्षण करना; (ग) मामले के तथ्यों एवं पररजस्ट्थजतयों से पररजचत दकसी व्यजि को समन करना तथा उसकी उपजस्ट्थजत सुजनजश्चत करना।
(2) उपयुि प्राजधकारी, न्द्यायजनणागयक अजधकारी द्वारा इन जनयमों के अधीन दकसी िांच के संबंध में दकसी व्यजि की उपजस्ट्थजत सुजनजश्चत करने हेतु आवश्यक समझी गई सहायता प्रिान करेंगे।
अध्याय III न्द्यायजनणागयक अजधकारी द्वारा िण्ड अजधरोपण के आिेि के जवरुद्ध अपील
(2) अपील, अपीलकताग द्वारा स्ट्वयं अथवा उसके जवजधवत् जलजखत रूप से प्राजधकृत प्रजतजनजध के माध्यम से प्रपत्र-III में पंिीकृत डाक, स्ट्पीड पोस्ट्ट अथवा इलेक्रॉजनक माध्यम से प्रस्ट्तुत की िाएगी तथा उसके साथ जनम्नजलजखत संलग्न होंगे:—
[भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का रािपत्र : असाधारण 5
(क) अपीजलत आिेि की प्रजत; (ख) तथ्यों का जववरण तथा अपील के आधार; और (ग) ऐसे अन्द्य सुसंगत िस्ट्तावेि जिन पर अपीलकताग जनभगर करना चाहता हो। (3) परीक्षण करने पर यदि अपील जवजधवत् पाई िाती है तो उसे ग्रहण दकया िाएगा; और यदि अपील त्रुरटपूणग पाई िाती है, तो अपीलीय प्राजधकारी अपीलकताग को त्रुरटयों की सूचना िेगा तथा उन्द्हें पन्द्रह दिनों के भीतर िूर करने का अवसर प्रिान करेगा; और यदि अपीलकताग उि अवजध के भीतर त्रुरटयों का जनराकरण करने में जवफल रहता है, तो अपीलीय प्राजधकारी जलजखत रूप में अजभजलजखत दकए िाने वाले कारणों सजहत आिेि द्वारा ऐसी अपील को पंिीकृत करने से इंकार कर सकेगा तथा ऐसे इंकार की सूचना अपीलकताग को सात दिनों के भीतर िेगा।
(4) अपील ग्रहण दकए िाने पर अपीलीय प्राजधकारी पक्षकारों तथा मामले के तथ्यों एवं पररजस्ट्थजतयों से पररजचत व्यजियों को सुनवाई की सूचना िारी करेगा, जिसमें उन्द्हें स्ट्वयं अथवा जवजधवत् प्राजधकृत प्रजतजनजध के माध्यम से, जवजनर्िगष्ट तारीख, समय और स्ट्थान पर अथवा वीजडयो कॉन्द्रेंससंग या ऐसे अन्द्य इलेक्रॉजनक माध्यम से, िैसा दक उसमें जनर्िगष्ट दकया गया हो, उपजस्ट्थत होने की अपेक्षा की िाएगी, और ऐसी सूचना जनयत सुनवाई की तारीख से कम से कम पन्द्रह दिन पूवग िारी की िाएगी।
(5) पक्षकार स्ट्वयं अथवा जवजधवत् प्राजधकृत प्रजतजनजधयों के माध्यम से, अपीलीय प्राजधकारी द्वारा जवजनर्िगष्ट सुनवाई के माध्यम से उपजस्ट्थत हो सकेंगे और अपीलीय प्राजधकारी पक्षकारों को सुनवाई का अवसर प्रिान करने के पश्चात् कारणयुि आिेि द्वारा अपीजलत आिेि की पुजष्ट, संिोधन अथवा उसे अपास्ट्त कर सकेगा।
(6) आिेि की एक प्रजत अपीलकताग तथा न्द्यायजनणागयक अजधकारी को तामील की िाएगी और ऐसी तामील का प्रमाण अजभलेख पर संधाररत दकया िाएगा।
समय का जवस्ट्तार.— न्द्यायजनणागयक अजधकारी अथवा अपीलीय प्राजधकारी, जलजखत रूप में अजभजलजखत दकए िाने वाले कारणों से तथा इस बात से संतुष्ट होने पर दक जवलंब अथवा कायगवाही न कर पाने के जलए पयागि कारण जवद्यमान है, इन जनयमों में जवजनर्िगष्ट दकसी अवजध का ऐसी अजतररि अवजध तक जवस्ट्तार कर सकेगा जिसे वह युजियुि समझे, परंतु यह जनयम 4 के उपजनयम (11) के अधीन न्द्यायजनणगयन कायगवाही के पूणग दकए िाने तथा अजधजनयम की धारा 42क की उपधारा (5) के अधीन अपील के जनपटान के जलए जवजहत समय-सीमाओं के अधीन होगा।
आिेि और िण्ड.— (1) इन जनयमों के अधीन प्रत्येक आिेि दिनांदकत होगा, उस पर हस्ट्ताक्षर दकए िाएंगे तथा उसे सभी पक्षकारों को संप्रेजित दकया िाएगा।
(2) इन जनयमों के अधीन िण्ड के रूप में वसूल की गई सभी राजियाँ भारत की संजचत जनजध में िमा की िाएंगी। [ फा. सं. एलएच-11020/89/2025-एस एल (ई 377838)] मुकेि मंगल, अपर सजचव