2306 GI/2026
(1)
रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99
REGD. No. D. L.-33004/99
[Image omitted. See the official document.]
[Image omitted. See the official document.]
असाधारण
EXTRAORDINARY
भाग II—खण्ड 3—उप-खण्ड (i)
PART II—Section 3—Sub-section (i)
प्राधिकार से प्रकाशित
PUBLISHED BY AUTHORITY
खान मंत्रालय
अधिसूचना
नई दिल्ली, 30 मार्च, 2026
सा.का.नि. 222(अ).—केन्द्रीय सरकार, खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 (1957
का 67) की धारा 13 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, खनिज (परमाणु और हाइड्रोकार्बन ऊर्जा खनिजों से भिन्न)
रिलयत नियम, 2016 का और संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात्:—
- संक्षिप्त नाम और प्रारंभ.—(1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम खनिज (परमाणु और हाइड्रोकार्बन ऊर्जा खनिजों से भिन्न)
रियायत (दूसरा संशोधन) नियम, 2026 है।
(2) ये राजपत्र में उनके प्रकाशन की तारीख को प्रवृत्त होंगे।
- खनिज (परमाणु और हाइड्रोकार्बन ऊर्जा खनिजों से भिन्न) रियायत नियम, 2016 (जिसे इसमें इसके पश्चात् उक्त
नियम कहा गया है) के नियम 2 के उपनियम (1) के खंड (क) के पश्चात निम्नलिखित खंड अंतःस्थापित किया जाएगा,
अर्थात्:—
“(कक) “गहराई में स्थित खनिजों” पद से ऐसे खनिज, जो भूमि की सतह से दो सौ मीटर से अधिक की गहराई पर
हो और खराब सतह प्रकटता वाले हो, अभिप्रेत हैं।”।
सं. 203]
नई दिल्ली, सोमवार, मार्च 30, 2026/चैत्र 9, 1948
No. 203]
NEW DELHI, MONDAY, MARCH 30, 2026/CHAITRA 9, 1948
सी.जी.-डी.एल.-अ.-31032026-271467
CG-DL-E-31032026-271467
सी.जी.-डी.एल.-अ.-31032026-271467
CG-DL-E-31032026-271467
2
THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY
[PART II—SEC. 3(i)]
- उक्त नियम के नियम 12 के उपनियम (2) के स्थान पर निम्नलिखित उपनियम रखे जाएंगे, अर्थात्:—
“(2) पट्टेदार, पट्टाकृत क्षेत्र में, पट्टे मे विनिर्दिष्ट नहीं किए गए किसी खनिज की खोज को, खनिज (परमाणु और
हाइड्रोकार्बन ऊर्जा खनिजों से भिन्न) रियायत (दूसरा संशोधन) नियम, 2026 के प्रारंभ की तारीख से छह महीने की
अवधि के भीतर या ऐसी खोज की तारीख से साठ दिन के भीतर, जो भी बाद में हो, पट्टे क्षेत्र में ऐसे खोजे गए
खनिज की रिपोर्ट राज्य सरकार को करेगा और तब तक प्राप्त और व्ययन नहीं करेगा जब तक कि ऐसे खनिज को
खनन पट्टे में सम्मिलित नहीं किया जाता है।
(2क) खनन पट्टे का पट्टेदार अपने खनन पट्टे में गौण खनिज सहित किसी अन्य खनिज को सम्मिलित करने के
लिए राज्य सरकार को आवेदन कर सकता है और राज्य सरकार ऐसे आवेदन के प्राप्त होने के साठ दिनों के भीतर धारा
15ख के उपबंध के अनुसार आदेश जारी करके ऐसे खनिज को सम्मिलित करने की अनुमति देगी।
(2ख) उपनियम (2क) के अधीन आदेश जारी होने पर नये खनिज को खनन पट्टे में सम्मिलित माना जाएगा।
(2ग) यदि खनन पट्टे में कोई गौण खनिज सम्मिलित किया जाता है, तो पट्टेदार राज्य सरकार द्वारा यथाविनिर्दिष्ट
स्टांपशुल्क और अन्य भुगतान करेगा।”।
- उक्त नियम के नियम 12ख के उपनियम (1) में,—
(क) खंड (i) और (ii) के स्थान पर निम्नलिखित खंड रखे जाएंगे: —
“(i) खान से जुड़े अंतिम उपयोग संयंत्र की आवश्यकता को पूरा करने के पश्चात जब अंतिम उपयोग संयंत्र
अपनी पूर्ण क्षमता पर संचालित होता हो तब पट्टेदार ऐसी कैपटिव खान में उत्पादित खनिज को बेच सकता
है:
परंतु यह कि यदि अंतिम उपयोग संयंत्र अपनी पूर्ण क्षमता से कम क्षमता पर संचालित होता है, तो
पट्टेदार खनिज की केवल उतनी मात्रा बेच सकता है जो किसी वित्तीय वर्ष में अंतिम उपयोग संयंत्र में खपत की
गई मात्रा से अधिक नहीं हो।”;
(ख) खंड (vii) का लोप किया जाएगा।
- उक्त नियम के नियम 25 के पश्चात निम्नलिखित अंतःस्थापित किए जाएंगे, अर्थात्:—
“अध्याय 8-क: खनन पट्टा या संयुक्त अनुज्ञप्ति में संलग्न क्षेत्र का समावेशन
25क. खनन पट्टे में संलग्न क्षेत्र का समावेशन.—(1) गहराई में स्थित खनिजों के खनन पट्टे का धारक धारा 6क के
अधीन अपना आशय प्रस्तावित करते हुए विद्यमान पट्टा क्षेत्र का एक बारगी विस्तार के लिए संलग्न क्षेत्र का
समावेशन के लिए और उक्त मामले के लिए संलग्न क्षेत्र में पूर्वेक्षण संक्रिया करने की अनुमति के लिए निम्नलिखित
विवरण विनिर्दिष्ट करते हुए राज्य सरकार को आवेदन कर सकता है, अर्थात्:—
(क) पट्टे में दिए गए क्षेत्र और समावेशन के लिए प्रस्तावित संलग्न क्षेत्र के सीमा निर्देशांक दशमलव डिग्री में;
(भारतीय सर्वेक्षण विभाग की टोपोसिएट संख्याएं और पट्टा क्षेत्र, समावेशन के लिए प्रस्तावित संलग्न क्षेत्र
तथा पड़ोस के क्षेत्रों का मानचित्र;
(ग) संलग्न क्षेत्र में अपेक्षित खनिज और वह आधार जिस पर उक्त क्षेत्र में खनिज संभावना चिह्नित की गई
है;
(घ) यह दर्शाने के लिए साक्ष्य कि संलग्न क्षेत्र में विद्यमान पट्टा क्षेत्र में खनिजयुक्त निकाय की भूगर्भीय
निरंतरता है;
(ङ) धारा 4 की उपधारा (1) के दूसरे परंतुक के अधीन विनिर्दिष्ट या अधिसूचित उस एजेंसी का नाम और
ब्योरा, जिसे आवेदक द्वारा संलग्न क्षेत्र में खोज करने के लिए प्रस्तावित किया गया है; और