रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99
REGD. No. D. L.-33004/99
भारत का राजपत्र
The Gazette of India
सी.जी.-ए.पी.-अ.-27032023-244709
CG-AP-E-27032023-244709
असाधारण
EXTRAORDINARY
भाग III—खण्ड 4
PART III—Section 4
प्राधिकार से प्रकाशित
PUBLISHED BY AUTHORITY
सं. 198] नई दिल्ली, सोमवार, मार्च 27, 2023/चैत्र 6, 1945
No. 198] NEW DELHI, MONDAY, MARCH 27, 2023/CHAITRA 6, 1945
भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण
अधिसूचना
हैदराबाद, 26 मार्च, 2023
भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (कमीशन का भुगतान) विनियम, 2023
फा. सं. भाबीविप्रा/विनियम/2/190/2023.—बीमा अधिनियम, 1938 (1938 का 4) की धारा 114ए की उप-धारा 2 के खंड (आईसी) और (जेडी), धारा 40 और धारा 31बी तथा बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1999 (1999 का 41) की धारा 14 की उप-धारा (1) और उप-धारा (2) के खंड (ङ) एवं धारा 26 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, प्राधिकरण बीमा सलाहकार समिति के साथ परामर्श करने के बाद इसके द्वारा निम्नलिखित विनियम बनाता है, अर्थात्:-
1. विनियमों का संक्षिप्त नाम और प्रारंभः
- (क) ये विनियम भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (कमीशन का भुगतान) विनियम, 2023 कहलाएंगे।
- (ख) ये विनियम 1 अप्रैल 2023 से प्रवृत्त होंगे।
- (ग) इन विनियमों की समीक्षा अधिसूचना की तारीख से प्रत्येक तीन वर्ष में एक बार की जाएगी, जब तक कि उक्त समीक्षा या निरसन या संशोधन की आवश्यकता निर्दिष्ट अवधि से पहले न हो।
2. उद्देश्यः इन विनियमों के उद्देश्य हैं :
- (क) बाजार नवोन्मेषण के प्रति विनियमन की अनुक्रियाशीलता को बढाना।
- (ख) नये व्यवसाय माडलों, उत्पादों, कार्यनीतियों, आंतरिक प्रक्रियाओं के विकास में बीमाकर्ताओं को सुविधा देना तथा विनियामक उद्देश्यों की पूर्ति करते समय विनियमों के सुगम अनुपालन में उन्हें समर्थ बनाना।
- (ग) बीमा व्यापन में सुधार लाने के उद्देश्य के साथ संवृद्धि संबंधी बीमाकर्ताओं की आकांक्षाओं और सतत-परिवर्तनशील बीमा आवश्यकताओं के आधार पर उनके व्ययों का प्रबंध करने के लिए उन्हें लचीलापन प्रदान करना।
3. परिभाषाएँ :
- (क) "अधिनियम" से समय-समय पर यथासंशोधित बीमा अधिनियम, 1938 (1938 का 4) अभिप्रेत है।
- (ख) "प्राधिकरण" से बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1999 (1999 का 41) की धारा 3 के उपबंधों के अधीन स्थापित भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण अभिप्रेत है।
- (ग) "कमीशन" से बीमा व्यवसाय की अपेक्षा करने या प्राप्त करने या लेनदेन करने के लिए बीमाकर्ता द्वारा बीमा एजेंट, मध्यवर्ती या बीमा मध्यवर्ती को, जैसा लागू हो, अदा किये गये पारिश्रमिक, प्रतिफल या चाहे किसी भी नाम से कहलानेवाले भुगतान सहित कोई भी क्षतिपूर्ति अभिप्रेत है।
- (घ) इन विनियमों में प्रयुक्त और अपरिभाषित, परन्तु समय-समय पर यथासंशोधित अधिनियम, बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1999 या उनके अधीन बनाये गये किन्हीं भी नियमों या विनियमों में परिभाषित शब्दों और अभिव्यक्तियों का अर्थ वही होगा जो उन अधिनियमों, नियमों या विनियमों में क्रमशः उनके लिए निर्धारित है।
4. कमीशन के भुगतान के लिए बोर्ड द्वारा अनुमोदित नीति
- (क) प्रत्येक बीमाकर्ता के पास कमीशन के भुगतान के लिए एक लिखित नीति होगी, जो बीमाकर्ता के बोर्ड द्वारा अनुमोदित होगी।
- (ख) बोर्ड द्वारा अनुमोदित नीति की आवधिक तौर पर समीक्षा की जाएगी।
- (ग) कमीशन के भुगतान के लिए नीति के उद्देश्य अन्य बातों के साथ-साथ निम्नलिखित पर विचार करेंगेः
- (i) वह पालिसीधारकों के हित में है;
- (ii) वह देश में बीमा व्यापन और सघनता में वृद्धि करती है;
- (iii) बीमा पालिसी का स्वरूप और अवधि;
- (iv) बीमा एजेंटों, मध्यवर्तियों या बीमा मध्यवर्तियों का हित;
- (v) वह बीमा एजेंटों, मध्यवर्तियों या बीमा मध्यवर्तियों के कार्यनिष्पादन में वृद्धि करती है;
- (vi) वह अपने व्यवसाय की कार्यनीति के अनुरूप है;
- (vii) व्यवसाय के संचालन में और बीमा व्यवसाय के प्रबंध के सरलीकरण में किफायत लाती है; तथा
- (viii) उपर्युक्त प्रत्येक बिन्दु को दिये गये महत्व के सापेक्ष परिमाण पर संकेत देती है।
5. बीमाकर्ताओं द्वारा बीमा एजेंटों, मध्यवर्तियों या बीमा मध्यवर्तियों को देय कमीशन