IRDAI regulation F. No. IRDAI/Reg/ 10/224/2026 · 31 Jul 2026
Summary
Check the official recordThe Insurance Regulatory and Development Authority of India establishes the Policyholders’ Education and Protection Fund to protect policyholder interests and promote financial inclusion. The Authority manages the Fund through a dedicated Fund Management Committee. The Fund receives contributions from the Authority, grants, donations, penalties, and unclaimed disgorged amounts. The Authority utilizes only the investment income earned on the corpus for education, awareness, grievance redressal support, unclaimed amount recovery, and technology-based services. The Committee plans activities, monitors the Fund, and submits annual reports. The Comptroller and Auditor General of India audits the Fund accounts annually. These regulations take effect upon publication in the Official Gazette and require a review every three years.
What you must do
Key dates
Who is affected
Thresholds
Exceptions
If you do not comply
रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99
REGD. No. D. L.-33004/99
[Image omitted. See the official document.]
सी.जी.-टी.एल.-अ.-31072026-274994 CG-TL-E-31072026-274994
असाधारण EXTRAORDINARY भाग III—खण्ड 4 PART III—Section 4 प्राधिकार से प्रकाशित PUBLISHED BY AUTHORITY
| सं. 481] | नई दिल्ली, बृहस्पतिवार, जुलाई 30, 2026/श्रावण 8, 1948 |
|---|---|
| No. 481] | NEW DELHI, THURSDAY, JULY 30, 2026/SHRAVAN 8, 1948 |
भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण
अधिसूचना
हैदराबाद, 30 जुलाई, 2026
भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (पालिसीधारकों की शिक्षा और संरक्षण निधि) विनियम, 2026
फा.सं. भा.बी.वि.वि.प्रा./आरईजी/ 10/224/2026.— बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण अधिनियम,1999 (1999 का 41) की धारा 26 के साथ पठित धारा 16क तथा बीमा अधिनियम, 1938 (1938 का 4) की धारा 114क की उप-धारा (2) के खंड (जेडडी) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, प्राधिकरण, बीमा सलाहकार समिति के साथ परामर्श करने के बाद, इसके द्वारा निम्नलिखित विनियम बनाता है, अर्थात्:-
अध्याय I
प्रारंभिक
1. संक्षिप्त नाम और प्रारंभ।
(1) ये विनियम भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (पालिसीधारकों की शिक्षा और संरक्षण निधि) विनियम, 2026 कहलाएँगे।
(2) ये विनियम सरकारी राजपत्र में इनके प्रकाशन की तारीख को प्रवृत्त होंगे।
(3) इन विनियमों की समीक्षा प्रकाशन की तारीख से प्रत्येक तीन वर्ष में एक बार की जाएगी, जब तक इनकी समीक्षा, निरसन अथवा संशोधन की आवश्यकता इसके पहले उत्पन्न नहीं होती।
2. उद्देश्य: इन विनियमों का उद्देश्य अन्य बातों के साथ-साथ अनुदानों, चंदे और अर्थदंडों से प्राप्त राशियों से एक निधि की स्थापना के लिए व्यवस्था करना है जिसका उपयोग पालिसीधारकों के हितों का संरक्षण हेतु एवं पालिसीधारकों की उन्नति करने, उनको शिक्षित करने तथा उनके बीच जागरूकता का निर्माण करने, तथा वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए किया जाएगा।
3. परिभाषाएं।
(1) इन विनियमों में, जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो:-
(क) 'अधिनियम' से बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1999 (1999 का 41) अभिप्रेत है;
(ख) 'प्राधिकरण' से अधिनियम की धारा 3 की उप-धारा (1) के अधीन स्थापित भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण अभिप्रेत है;
(ग) 'समिति' से इन विनियमों के विनियम 7 के अधीन गठित निधि प्रबंध समिति अभिप्रेत है;
(घ) 'कार्पस निधि' से इन विनियमों के विनियम 5 (1) के उपबंधों के अनुसार पालिसीधारकों की शिक्षा और संरक्षण निधि में जमा की गई राशियों का योग अभिप्रेत है;
(ङ) 'वित्तीय वर्ष' से अप्रैल के पहले दिन से प्रारंभ होनेवाला वर्ष और अगले वर्ष के मार्च के इकतीसवें दिन समाप्त होनेवाला वर्ष अभिप्रेत है;
(च) 'निधि' से अधिनियम की धारा 16क के अधीन प्राधिकरण द्वारा निर्मित पालिसीधारकों की शिक्षा और संरक्षण निधि अभिप्रेत है।
(2) इन विनियमों में अपरिभाषित, परंतु अधिनियम अथवा बीमा अधिनियम, 1938 अथवा उनके अधीन बनाये गये नियमों और विनियमों में परिभाषित शब्दों और अभिव्यक्तियों के अर्थ वही होंगे जो उन अधिनियमनों के अंतर्गत उनके लिए निर्धारित किये गये हैं, जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो।
अध्याय II
पालिसीधारकों की शिक्षा और संरक्षण निधि
4. निधि की स्थापना।
(1) एक निधि होगी जो पालिसीधारकों की शिक्षा और संरक्षण निधि कहलाएगी।
(2) यह निधि अधिनियम की धारा 16 में विनिर्दिष्ट बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण निधि से अलग होगी तथा इन विनियमों में विनिर्दिष्ट पद्धति के प्रयोजन के लिए प्राधिकरण द्वारा इसका प्रबंध और उपयोग किया जाएगा।
5. कार्पस निधि में जमा की जानेवाली राशियाँ।
(1) उक्त कार्पस निधि में निम्नलिखित राशियाँ जमा की जाएँगी:-
i. प्राधिकरण द्वारा किये गये अंशदान।
ii. निधि के प्रयोजनों के लिए निम्नलिखित के द्वारा दिये गए कोई अनुदान और दान
क. केन्द्र सरकार, राज्य सरकारें;
ख. प्राधिकरण; तथा
ग. कंपनियाँ और कोई अन्य संस्थाएँ।
iii. इस अधिनियम अथवा बीमा अधिनियम, 1938 और इसके अधीन बनाये गये नियमों और विनियमों के अधीन प्राधिकरण द्वारा अर्थदंडों के रूप में वसूल की गई राशियाँ।