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The Insurance Regulatory and Development Authority amends the Licensing of Corporate Agents Regulations 2002. The update restricts corporate agents from engaging unauthorized persons for lead generation or paying unapproved fees and commissions. It revises provisions for suspension and cancellation of licenses and certificates. The Authority issues a show cause notice with a twenty-one day response window. Affected parties must produce business records upon request. The Authority recovers the revoked license or certificate within fifteen days of passing an order.
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[भाग III—खण्ड 4]
भारत का राजपत्र : असाधारण
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अधिसूचना हैदराबाद, 1 जुलाई, 2010
बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (निर्मित अभिकर्त्ता का अनुज्ञापन) (संशोधन) विनियम, 2010
फा. सं. बी.वि.वि.प्रा. विनियमन/4/54/2010.— प्राधिकरण, बीमा अधिनियम, 1938 (1938 की 4) की धारा 42 तथा 114 ए को बीमा विनियामक विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1999 की धारा 26 के साथ पढ़ते हुए और इसके द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, बीमा सलाहकार समिति के परामर्श से निम्नलिखित विनियम बनाता है जो बीमा विनियामक विकास प्राधिकरण (निर्मित अभिकर्त्ता का अनुज्ञापन) विनियम 2002 को संशोधित करता अर्थात् :-
(ii) ये अधिकारिक राजपत्र में प्रकाशन की दिनांक से प्रवृत्त होंगे।
(i) विनियमन 9 की धारा (2) की सह धारा (ii) के उपधारा (के) के बाद निम्नलिखित को जोड़ा जाएगा।
(एल) "उल्लिखित व्यक्ति के अतिरिक्त किसी भी व्यक्ति के साथ कोई भी व्यवस्था, बंधन, प्रोत्साहन, संविदा में प्रयुक्त होना साथ उद्घृत, याचना, सुराग उत्पन्न करना, परामर्श देना, परिचय कराना, भावी पालसी धारक को खोज अथवा सम्यक विवरण, बीमा उत्पाद के वितरण के प्रोत्साहन हेतु
(एम) किसी भी व्यक्ति अथवा संस्था को प्रभार का भुगतान की अनुमति देना, किसी भी दलाली, प्रलोभन, अथवा किसी भी नाम से पुकारा जाए जोक विक्रय के अभिप्राय, परिचय सुराग उत्पन्न करना, उद्धृत अथवा किसी व्यक्ति अथवा संस्था की खोज के लिए हो।
(ii) विनियमन 9 की धारा (2) की सह धारा (iv) में शब्द " अन्य कोई बीमा कंपनी " को मिटाया गया है।
(iii) विनियमन 11 को निम्न लिखित विनियमन से बदल दिया गया है अर्थात्:-
11 (1) जहाँ किसी निर्मित अभिकर्त्ता को अथवा निर्मित अभिकर्त्ता कार्यकारी अथवा उल्लिखित व्यक्ति जिन्हें इन विनियमों के अन्तर्गत अनुज्ञापन अथवा प्रमाण-पत्र जैसा भी मामला हो, प्रदान किया गया हो
(ए) अनुज्ञापत्र अथवा प्रमाण-पत्र जैसा भी मामला हो, की सम्भावधि में अधिनियम की धारा 42 को उपधारा (4) के अन्तर्गत निरर्हता से प्रभावित हो;
(बी) अनुज्ञापत्र अथवा प्रमाण-पत्र जैसा भी मामला हो, जिस शर्तों के अन्तर्गत जारी किया गया था उनके अनुपालन में असमर्थ रहे ;
(सी) बीमा विनियामक विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1999 (1999 का 41) तथा इसके अन्तर्गत समय समय पर प्राधिकरण द्वारा जारी किये गए विनियमों तथा दिशा-निर्देश, मार्गदर्शन के किसी प्रावधान का उल्लंघन करना अथवा ;
(डी) पालसीधारक अथवा सार्वजनिक हित के विरुद्ध आचरण करता है :
प्राधिकरण किसी निर्मित अभिकर्त्ता को अथवा निर्मित अभिकर्त्ता कार्यकारी अथवा उल्लिखित व्यक्ति को कारण बताओ नोटिस जारी कर सकता है जिसकी प्राप्त होने के 21 दिन के भीतर बताना होगा की निगमित अभिकर्ता को जारी अनुज्ञापत्र अथवा निर्मित अभिकर्त्ता कार्यकारी अथवा उल्लिखित व्यक्ति जैसा भी मामला हो का अनुज्ञापन अथवा प्रमाण-पत्र निलंबित अथवा रद्द अथवा अन्य कोई कार्यवाही जिसे प्राधिकरण उचित समझें क्यों न किया जाए।
(2) कार्यवाही के समय, निर्मित अभिकर्त्ता को अथवा निर्मित अभिकर्त्ता कार्यकारी अथवा उल्लिखित व्यक्ति व्यवसाय से सम्बंधित रिकार्ड प्रस्तुत करेंगे उस तरह से जैसा की आदेश प्राधिकरण द्वारा जायेगा।
(3) उत्तर को ध्यान में रखकर, यदि कोई हो, प्राधिकरण एक आदेश जारी कर सकेगी जिसमें निर्मित अभिकर्त्ता, निर्मित अभिकर्त्ता कार्यकारी अथवा उल्लिखित व्यक्ति को प्रदान अनुज्ञापत्र निलंबित अथवा रद्द कर सकेगी अथवा अन्य कोई आदेश पारित कर सकेगी जिसे प्राधिकरण उचित समझे।
(4) ऐसा आदेश जारी होने के 15 दिन के भीतर, प्राधिकरण निगमित अभिकर्त्ता को अथवा निगमित अभिकर्त्ता कार्यकारी को उल्लिखित व्यक्ति का अनुज्ञापत्र जब्त कर लिया जायेगा।
जे. हरि नारायण, अध्यक्ष [विज्ञापन III/4/161/10/असा.]