Note: Details of items of data obtained by insurer under each batch shall be maintained as
an annexure, with serial numbers
J. HARI NARAYAN, Chairman
[ADVT. III/4/161/10/Exty.]
अधिसूचना
हैदराबाद, 1 जुलाई, 2010
बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (वैधता-अवधि समाप्ति सम्बन्ध बीमा पालिसी आचरण) विनियम, 2010
फा. सं. बी.वि.प्रा. विनियम/2/52/2010.– प्राधिकृतण, बीमा अधिनियम, 1938 (1938 की 4) की धारा 42 तथा 114 ए को बीमा विनियामक विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1999 की धारा 14 तथा 26 के साथ पठन करते हुए और इसके द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, बीमा सलाहकार समिति के परामर्श से निम्नलिखित विनियम बनाता है अर्थात्ः-
संक्षिप्त नाम तथा प्रारंभ :
- (i) इन विनियमों को बीमा विनियामक विकास प्राधिकरण (वैधता-अवधि समाप्ति संबद्ध बीमा पालिसी आचरण) विनियम, विनियम, 2010 के नाम से पुकारा जायेगा।
(ii) ये अधिकारिक राज पत्र के प्रकाशन की दिनांक से प्रवृत्त होंगे तथा उन सब उत्पादों पर लागू होगें जिन्हें प्राधिकरण संबद्ध जीवन बीमा उत्पाद के रूप में अब से पारित करेगी।
परिभाषा :
2 (1) संदर्भ अथवा आवश्यकता हो,-
- i "अधिनियम" से अभिप्राय बीमा अधिनियम 1938 (1938 का 4) है।
- ii "प्राधिकरण" से अभिप्राय बीमा विनियामक विकास प्राधिकरण, जिसका गठन धारा 3 की उपधारा (1) के अन्तर्गत बीमा विनियामक विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1999 (1999 का 41) द्वारा हुआ है।
- iii "प्रिमियम देने की तिथि" अधिनियम की धारा 64 बी (2) के अनुसार बीमाकर्ता को भुगतान प्राप्त होने की तिथि
- iv "पालसी की वैधता-अवधि समाप्ति होने की तिथि" इस अधिनियम के प्रयोजन के लिए, वह तिथि जब बीमाकर्ता बीमाधारक अथवा पालिसीधारक से पालिसी की वैधता-अवधि समाप्ति होने की सूचना प्राप्त करता है। अथवा विनियमन 5 के सह विनियमन के अन्तर्गत वैधता-अवधि समाप्ति के नोटिस अवधि का जो प्रावधान किया गया है जो भी पहले हो।
- v "कृपा अवधि" से अभिप्राय बीमाकर्ता द्वारा बिना किसी ब्याज अथवा अर्थदंड के प्रिमियम देय तिथि का निर्धारण जिस अवधि में पालिसी को बना किसी अवरोध के पालिसी की शर्तों के अनुसार लागू माना जाएगा।
- vi "वैधता-अवधि समाप्त" से अभिप्राय उस स्थिति से है जब संविदा प्रिमियम का भुगतान नहीं किया जाता जोकि कृपा अवधि समाप्त तक नही किया जाता अथवा बीमाकधार से पालिसी की वैधता-अवधि समाप्ति की सूचना प्राप्त करें जिसका प्रावधान विनियमन 5 सहविनियमन (1) में किया गया है।
बशर्ते कि किसी पालिसी को वैधता-अवधि समाप्त नहीं कहा जायेगा यदि परि कृपा अवधि में प्रिमियम का भुगतान पालिसीधारक अथवा बीमाधारक अथवा दोनों की मौत के कारण न किया गया हो अथवा अन्य ऐसी कोई आकस्मिकता जिससे पालिसी द्वारा आवरण प्रदान किया गया हो।
- vii "वैधता-अवधि समाप्ति निधि" से अभिप्राय बीमाकर्ता की पृथक्कृत निधि से है जो एक तरफ रखी है तथा इसका निर्माण उन वैधता-अवधि समाप्ति निधि मूल्य से किया गया है जिनका निर्धारण इस विनियम के अन्तर्गत होता है।
- viii "लॉक-इन अवधि" से अभिप्राय पालिसी अवधि प्रारंभ होने के क्रमागस पांच वर्ष से है, इस अवधि में वैधता-अवधि समाप्ति से प्राप्त प्राप्तियों को बीमाकर्ता द्वारा पालिसीधारक अथवा बीमाधारक को जैसा भी मामला हो का भुगतान नहीं किया जाएगा केवल मौत अथवा अन्य कोई आकस्मिकता जिसे पालिसी द्वारा आवरण प्रदान किया गया हो।
- ix "पालसी का पुनःप्रचलन" से अभिप्राय बीमा कर्ता द्वारा पालिसी का पुनःप्रचलन करना जो प्रिमियम का भुगतान न होने के कारण कालित हो गई थी सभी लाभों के साथ, राइडर लाभों के साथ, अथवा अन्यथा यदि कोई हो, जिसका पालिसी दस्तावेज में विवरण हो। सभी प्रिमियम तथा अन्य शुल्क प्राप्त करने के बाद जोकि पालिसी की शर्तों तथा हालात के अनुसार हो। पालिसीधारक द्वारा प्रदान की गई सूचना, दस्तावेज को आधार बनाते हुए बीमाकर्ता पालिसीधारक की बीमा योग्यता की संत्ता को बनाए रखने के लिए संतुष्ट हो।
- x. "पृथक्कृत निधि" से अभिप्राय उस निधि से है जिसका वर्णन आईडीआरआइ (बीमाकर्ता की सम्पत्ति,देयता,तथा शोधन क्षमता)अनुसूची II-ए विनियम 2000 में किया गया है।
- xi "वैधता-अवधि समाप्ति प्रभार" से अभिप्राय वह प्रभार है जो विनियमन में बतायी गई सीमा से ज्यादा नहीं हो सकता जिसका प्रकटीकरण वार्षिक स्तर प्रिमियम अथवा प्रंसंगि मूल्य में प्रतिशत के रूप में किया गया है। जिसे गैर-एकल प्रिमियम पालिसी में वैधता-अवधि समाप्ति के लिए लगाया जा सकता है।