IRDAI regulation · 15 May 2017
3018 GI/2017 (1) jftLVªh laö Mhö ,yö&33004@99 REGD. NO. D. L.-33004/99 vlk/kj.k EXTRAORDINARY Hkkx III—[k.M 4 PART III—Section 4 izkf/dkj ls izdkf'kr PUBLISHED BY AUTHORITY la - 196] ubZ fnYyh] eaxy okj ] ebZ 9 ] 201 7 @ oS'kk[k 19 ] 193 9 No. 196] NEW DELHI, TUESDAY, MAY 9, 2017/VAISAKHA 19, 1939 भारतीय बीमा विवनयामक…
3018 GI/2017 (1) jftLVªh laö Mhö ,yö&33004@99 REGD. NO. D. L.-33004/99 vlk/kj.k EXTRAORDINARY Hkkx III—[k.M 4 PART III—Section 4 izkf/dkj ls izdkf'kr PUBLISHED BY AUTHORITY la - 196] ubZ fnYyh] eaxy okj ] ebZ 9 ] 201 7 @ oS'kk[k 19 ] 193 9 No. 196] NEW DELHI, TUESDAY, MAY 9, 2017/VAISAKHA 19, 1939 भारतीय बीमा विवनयामक और विकास प्रावधकरण अवधसूचना हैदराबाद, 27 अप्रैल, 2017 भारतीय बीमा विवनयामक और विकास प्रावधकरण (वनयुक्त बीमाांकक) विवनयम, 2017 फा. सां. भा.बी.वि.वि.प्रा./विवनयम/6/143/2017 – बीमा विवनयामक और विकास प्रावधकरण अवधवनयम, 1999 (1999 का 41) की धारा 14 और धारा 26 के साथ पठठत बीमा अवधवनयम, 1938 (1938 का 4) की धारा 114ए की उपधारा (2) के खांड (जेडडी) द्वारा प्रदत्त शवक्तयों का प्रयोग करते हुए प्रावधकरण, बीमा सलाहकार सवमवत के साथ परामशश करने के बाद, इसके द्वारा वनम्नवलवखत विवनयम बनाता है, अथाशत्:- 1. सांविप्त नाम और विवनयमों का प्रारांभ --- क. ये विवनयम भारतीय बीमा विवनयामक और विकास प्रावधकरण (वनयुक्त बीमाांकक) विवनयम, 2017 के नाम से जाने जाएँगे । ख. ये विवनयम भारतीय बीमा विवनयामक और विकास प्रावधकरण (वनयुक्त बीमाांकक) विवनयम, 2000 का अवधक्रमण करेंगे। ग. ये विवनयम सरकारी राजपत्र में इनके प्रकाशन की तारीख को प्रिृत्त होंगे। 2. पठरभाषाएँ. --- क. इन विवनयमों में, जब तक सांदभश से अन्यथा अपेवित न हो, i. "अवधवनयम" से बीमा अवधवनयम, 1938 (1938 का 4) अवभप्रेत है; ii. "बीमाांकक" से बीमाांकक अवधवनयम, 2006 की धारा 2 की उप-धारा (1) के खांड (क) में यथापठरभावषत बीमाांकक अवभप्रेत है; iii. "वनयुक्त बीमाांकक" से नीचे विवनयम 3 में उवललवखत बीमाांकक अवभप्रेत है; 2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART III—SEC. 4] iv. "प्रावधकरण" से बीमा विवनयामक और विकास प्रावधकरण अवधवनयम, 1999 (1999 का 41) की धारा 3 की उप-धारा (1) के अधीन स्थावपत भारतीय बीमा विवनयामक और विकास प्रावधकरण अवभप्रेत है; v. "भारतीय बीमाांकक सांस्थान" से बीमाांकक अवधवनयम, 2006 (2006 का 35) की धारा 3 के अधीन स्थावपत साांविवधक वनकाय अवभप्रेत है; vi. "व्यािसावयक मानक" से भारतीय बीमाांकक सांस्थान द्वारा अपने सदस्यों को मागशदशी नोटों/ बीमाांककक प्रथा मानक के वनगशम के द्वारा विवनर्ददष्ट प्रथा का मानक अवभप्रेत है। ख. इन विवनयमों में प्रयुक्त और अपठरभावषत, परांतु बीमा अवधवनयम, 1938 (1938 का 4) अथिा बीमा विवनयामक और विकास प्रावधकरण अवधवनयम, 1999 (1999 का 41) में पठरभावषत सभी शब्दों और अवभव्यवक्तयों के अथश िही होंगे जो उन अवधवनयमों में क्रमशः उनके वलए वनधाशठरत ककये गये हैं। 3. वनयुक्त बीमाांकक की वनयुवक्त के वलए प्रकक्रया. --- क. भारत में बीमा व्यिसाय करने के वलए पांजीकृत बीमाकताश उप-विवनयम (ख) और उप-विवनयम (च) के अधीन बीमाांकक की वनयुवक्त करेगा, जो इस अवधवनयम के प्रयोजनों के वलए `वनयुक्त बीमाांकक' के रूप में जाना जाएगा। ख. ककसी बीमाकताश के वलए वनयुक्त बीमाांकक के रूप में कोई व्यवक्त पात्र होगा, यकद िहः i. साधारणतया भारत का/की वनिासी हो ii. बीमाांकक अवधवनयम, 2006 के अनुसार फेलो सदस्य हो iii. जीिन बीमाकताश के मामले में वनम्नवलवखत अपेिाएँ पूरी करनेिाला/ करनेिाली फेलो सदस्य हो क. जीिन बीमा में विशेषज्ञता विषय उत्तीणश ककया हो। ितशमान में विशेषज्ञता का अथश भारतीय बीमाांकक सांस्थान के द्वारा यथावनधाशठरत रूप में विशेषज्ञ अनुप्रयोग स्तर होगा। ख. जीिन बीमा उद्योग में कम से कम 10 िषश के सांगत अनुभि से युक्त हो वजसमें से कम से कम 5 िषश का फेलोवशप के बाद का अनुभि हो। ग. आिेदक के पास ककसी जीिन बीमाकताश के िार्षषक साांविवधक मूलयाांकन में 3 िषश का फेलोवशप के बाद का अनुभि होगा। iv. साधारण बीमाकताश अथिा पुनबीमाकताश के मामले में वनम्नवलवखत अपेिाएँ पूरी करनेिाला/ करनेिाली फेलो सदस्य होः क. साधारण बीमा में विशेषज्ञता विषय उत्तीणश ककया हो। ितशमान में, विशेषज्ञता का अथश भारतीय बीमाांकक सांस्थान के द्वारा यथावनधाशठरत रूप में विशेषज्ञ अनुप्रयोग स्तर होगा। ख. साधारण बीमा उद्योग में कम से कम 7 िषश के सांगत अनुभि से युक्त हो, वजसमें से कम से कम 2 िषश का फेलोवशप के बाद का अनुभि होगा। ग. आिेदक के पास ककसी साधारण बीमाकताश के िार्षषक साांविवधक मूलयाांकन में कम से कम 1 िषश का फेलोवशप के बाद का अनुभि होगा। v. ककसी स्िास््य बीमाकताश के मामले में वनम्नवलवखत अपेिाएँ पूरी करनेिाला/ करनेिाली फेलो सदस्य होः क. स्िास््य अथिा साधारण बीमा में विशेषज्ञता विषय उत्तीणश ककया हो। ितशमान में, विशेषज्ञता का अथश भारतीय बीमाांकक सांस्थान के द्वारा यथावनधाशठरत रूप में विशेषज्ञ अनुप्रयोग स्तर होगा। ख. स्िास््य अथिा साधारण बीमा उद्योग में कम से कम 7 िषश का सांगत अनुभि प्राप्त हो वजसमें से कम से कम 2 िषश फेलोवशप के बाद का अनुभि होगा।