IRDAI regulation F. No. IRDAI/Reg/7/201/2024 · 01 Apr 2024
Official title
IRDAI (Corporate Governance for Insurers) Regulations, 2024
Summary
Check the official recordThe IRDAI (Corporate Governance for Insurers) Regulations, 2024, establish a comprehensive framework for governance, board roles, and management responsibilities for insurers in India. The regulations mandate that insurers maintain a board with an optimum composition of independent and non-executive directors, including at least three independent directors. Insurers must establish specific board committees, including Audit, Risk Management, Investment, and Policyholder Protection committees. The regulations also introduce requirements for stewardship policies, succession planning, and Environmental, Social, and Governance (ESG) frameworks, including climate risk management. Key Management Persons (KMPs), including the Chief Compliance Officer, are subject to specific appointment and tenure requirements. These regulations apply to all insurers, excluding foreign companies operating through a branch in India.
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रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99
भारत का राजपत्र The Gazette of India
सी.जी.-टी.एल.-अ.-22032024-253320 CG-TL-E-22032024-253320
असाधारण EXTRAORDINARY भाग III—खण्ड 4 PART III—Section 4 प्राधिकार से प्रकाशित PUBLISHED BY AUTHORITY
सं. 193] नई दिल्ली, बृहस्पतिवार, 21 मार्च, 2024/चैत्र 1, 1946 No. 193] NEW DELHI, THURSDAY, MARCH 21, 2024/CHAITRA 1, 1946
भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण अधिसूचना हैदराबाद, 20 मार्च, 2024
भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (बीमाकर्ताओं के लिए कंपनी अभिशासन) विनियम, 2024
फा. सं. भा.बी.वि.वि.प्रा./विनियम/7/201/2024.—बीमा अधिनियम, 1938 (1938 का 4) की धारा 114ए की उपधारा (2) के खंड (जेडी) तथा बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1999 (1999 का 41) की धाराओं 14 और 26 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, प्राधिकरण, बीमा सलाहकार समिति के साथ परामर्श करने के बाद, इसके द्वारा निम्नलिखित विनियम बनाता है, अर्थात् –
अध्याय - I प्रारंभिक
1. संक्षिप्त नाम, प्रारंभ और प्रयोज्यता (1) ये विनियम भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (बीमाकर्ताओं के लिए कंपनी अभिशासन) विनियम, 2024 कहलाएंगे। (2) ये विनियम सरकारी राजपत्र में इनके प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होंगे। (3) अधिसूचना की तारीख से प्रत्येक तीन वर्ष में एक बार इन विनियमों की समीक्षा की जाएगी, जब तक कि समीक्षा या निरसन या संशोधन की आवश्यकता इसके पूर्व उत्पन्न न हो। (4) ये विनियम भारत में स्थापित शाखा के माध्यम से पुनर्बीमा व्यवसाय में लगी विदेशी कंपनी को छोड़कर सभी बीमाकर्ताओं पर लागू होंगे।
2. उद्देश्य (1) बीमाकर्ताओं को उनके अभिशासन की संरचना के सुदृढ़ और विवेकपूर्ण सिद्धांत और प्रथाएँ अपनाने के लिए ढाँचा उपलब्ध कराना; तथा (2) बीमाकर्ताओं के बोर्ड और प्रबंधन की भूमिकाओं और दायित्वों का एक ढाँचा उपलब्ध कराना, पालिसीधारकों सहित सभी हितधारकों के हितों का संरक्षण करना; तथा बीमाकर्ताओं द्वारा अपनाये जाने वाले प्रबंधकत्व सिद्धांतों के लिए ढाँचा स्थापित करना।
3. परिभाषाएँ (1) इन विनियमों में, जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो, – (क) “अधिनियम” से बीमा अधिनियम, 1938 (1938 का 4) अभिप्रेत है। (ख) “प्राधिकरण” से बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1999 (1999 का 41) की धारा 3 की उप-धारा (1) के अधीन स्थापित भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण अभिप्रेत है। (ग) “बोर्ड” से बीमाकर्ता का निदेशक-बोर्ड अभिप्रेत है। (घ) “कंपनी अधिनियम” से समय-समय पर यथानिर्धारित कंपनी अधिनियम, 2013 अभिप्रेत है। (ङ) “सक्षम प्राधिकारी” (i) अध्यक्ष अभिप्रेत है या (ii) से पूर्णकालिक सदस्य अथवा पूर्णकालिक सदस्यों की समिति अथवा अध्यक्ष के द्वारा निर्धारित किये जाने वाले प्राधिकरण के ऐसे अधिकारी (ओं) अभिप्रेत है। (च) “प्रबंधन के प्रमुख व्यक्ति” (केएमपी) से समय-समय पर यथासंशोधित भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (बीमाकर्ताओं का पंजीकरण, पूँजी विन्यास, शेयरों का अंतरण और समामेलन) विनियम, 2024 में परिभाषित रूप में अभिप्रेत है।
(2) यहाँ इन विनियमों में प्रयुक्त और अपरिभाषित, परंतु कंपनी अधिनियम अथवा अधिनियम अथवा बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1999 (1999 का 41) अथवा उनके अधीन बनाये गये नियमों या विनियमों में परिभाषित सभी शब्दों और अभिव्यक्तियों का अर्थ वही होगा जो क्रमशः उन अधिनियमों या नियमों या विनियमों में उनके लिए निर्धारित किया गया है।
अध्याय – II बीमाकर्ताओं का बोर्ड
4. बोर्ड (1) प्रत्येक बीमाकर्ता के पास एक बोर्ड होगा जिसमें निदेशकों के रूप में सक्षम और अर्हता-प्राप्त व्यक्ति होंगे, जो ऐसी योग्यताओं और अनुभव से युक्त होंगे जो बीमाकर्ता के मान, व्यवसाय की जटिलता और आकार के अनुरूप हों तथा वित्तीय और प्रबंधन की विशेषज्ञता के विभिन्न क्षेत्रों के होंगे, जैसे जोखिम-अंकित बीमा व्यवसाय की व्यवस्थाएँ, बीमांकन और जोखिमों का अंकन, वित्त, लेखांकन, नियंत्रण कार्य, निवेश विश्लेषण और संविभाग प्रबंध, ग्राहक शिकायत प्रबंध, विधि, बैंकिंग, प्रतिभूतियों, अर्थशास्त्र, आदि। सभी बीमाकर्ता तीन स्वतंत्र निदेशकों के न्यूनतम के अधीन स्वतंत्र निदेशकों और गैर-कार्यकारी निदेशकों की एक इष्टतम संरचना को सुनिश्चित करेगा: बशर्ते कि विदेशी निवेश वाले बीमाकर्ता भारतीय बीमा कंपनियों (विदेशी निवेश) नियम, 2015 का भी अनुपालन करेंगे: परंतु आगे यह भी शर्त होगी कि, मुख्य कार्यकारी अधिकारी बोर्ड का एक पूर्णकालिक सदस्य होगा: परंतु यह भी शर्त होगी कि सरकारी क्षेत्र के बीमाकर्ताओं को छोड़कर अन्य बीमाकर्ताओं के लिए बोर्ड का अध्यक्ष सक्षम प्राधिकारी के पूर्व अनुमोदन से नियुक्त किया जाएगा।