REGD. NO. D. L.-33004/99
भारत का राजपत्र
The Gazette of India
EXTRAORDINARY
भाग III—खण्ड 4
PART III—Section 4
प्राधिकार से प्रकाशित
PUBLISHED BY AUTHORITY
स्रा. 417]
नई दिल्ली, वृहस्पतिवार, नवम्बर 21, 2019/कार्तिक 30, 1941
No. 417]
NEW DELHI, THURSDAY, NOVEMBER 21, 2019/KARTIKA 30, 1941
भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण
अधिसूचना
हैदराबाद, 19 नवम्बर, 2019
भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (स्वास्थ्य बीमा) (संशोधन) विनियम, 2019
फा. सं. भा.बी.वि.प्रा./विनियम/14/165/2019-बीमा अधिनियम, 1938 (1938 का 4) की धारा 114ए तथा बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1999 (1999 का 41) की धाराओं 14 और 26 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, प्राधिकरण, बीमा सलाहकार समिति के साथ परामर्श करने के बाद, भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (स्वास्थ्य बीमा) विनियम, 2016 में संशोधन करने के लिए इसके द्वारा निम्नलिखित विनियम बनाता है, अर्थात् :-
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संक्षिप्त नाम और प्रारंभ — (1) ये विनियम भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (स्वास्थ्य बीमा) (संशोधन) विनियम, 2019 कहलाएँगे।
(2) ये विनियम सरकारी राजपत्र में इनके प्रकाशन की तारीख को प्रवृत्त होंगे।
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भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (स्वास्थ्य बीमा) विनियम, 2016 में,-
- (क) विनियम 2 के उप-विनियम (i) के खंड (ड) को हटाया जाएगा।
- (ख) विनियम 2 के उप-विनियम (i) के खंड (त) को हटाया जाएगा।
- (ग) विनियम 8 के उप-विनियम (घ) में, शब्द “आगे यह भी शर्त होगी कि किसी तृतीय पक्ष सेवा अथवा पण्य पर किसी छूट का प्रस्ताव नहीं किया जाएगा। तथापि, प्रीमियम में छूट अथवा निदान अथवा औषधियाँ अथवा नेटवर्क के प्रदाताओं की परामर्श सेवाओं के संबंध में छूट और/या लाभ देने की अनुमति है।” हटाये जाएँगे।
- (घ) विनियम 8 के उप-विनियम (घ) के बाद, निम्नलिखित उप-विनियम निविष्ट किया जाएगा, अर्थात्:-
“ङ. उत्पाद फाइलिंग दिशानिर्देशों के अंतर्गत फाइल किये गये और अनुमोदित किये गये प्रीमियम से अधिक प्रभाषित किसी भी जोखिम-अंकन लोडिंग की सूचना लिखित में बीमाकृत व्यक्ति को दी जाएगी तथा पालिसी के निर्गम से पहले ऐसे अतिरिक्त प्रभारों (लोडिंगों) के लिए पालिसीधारक की विशिष्ट सहमति प्राप्त की जाएगी।”
- (ङ) विनियम 11 के उप-विनियम (च) के बाद, निम्नलिखित उप-विनियम निविष्ट किये जाएँगे, अर्थात्:-
“ड. आधारभूत स्वास्थ्य बीमा आच्छादों (कवरों) तक पहुँचने में समर्थ बनाने के सभी बीमाकर्ता समय-समय पर प्राधिकरण द्वारा विनिर्दिष्ट किये जानेवाले दिशानिर्देशों के अनुसार एक मानक स्वास्थ्य बीमा उत्पाद प्रस्तावित करेंगे।
च. सभी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों में कोई भी अपवर्जन समय-समय पर प्राधिकरण द्वारा विनिर्दिष्ट किये जानेवाले दिशानिर्देशों के अधीन होगा।”
- (च) विनियम 13 के उप-विनियम (iii) के लिए, निम्नलिखित परंतुक निविष्ट किया जाएगा, अर्थात्:-
“बशर्ते कि नवीकरण प्रीमियम, प्रीमियम भुगतान की नियत तारीख से 90 दिन से अधिक अग्रिम रूप से स्वीकार नहीं किया जाएगा”
- (छ) विनियम 17 के उप-विनियम (i) के लिए, निम्नलिखित उप-विनियम प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात्:-
“क्षतिपूर्ति आधारित स्वास्थ्य बीमाकृतारें (कवरों) प्रबच्छन करनेवाले साधारण बीमाकर्ता और स्वास्थ्य बीमाकर्ता पालिसीधारकों को पालिसी में आशोधन करने अथवा पालिसी को वापस लेने (विड्राइवल) के समय उपलब्ध एक उपयुक्त वैकल्पिक स्वास्थ्य बीमा पालिसी में अंतरण करने के लिए एक विकल्प प्रस्तावित करेंगे। इसके अलावा, विशिष्ट आयु समूहों, छात्रों, बच्चों अंतर्गत परिवार फ्लोटर पॉलिसियों में अंतरण करने के लिए ऐसे जीवों को एक विकल्प प्रस्तावित करेंगी। अंतरित प्रत्येक पालिसी को सभी पिछले पालिसी वर्षों के लिए उपयुक्त क्रेडिटों की अनुमति दी जाएगी, बशर्ते कि पालिसी का अनुरक्षण किसी क्रमभंग के बिना किया गया हो।”
- (ज) विनियम 17 के उप-विनियम (iii) के बाद, निम्नलिखित उप-विनियम निविष्ट किया जाएगा, अर्थात्:-
“iv. उप-विनियम (i) से (iii) के आगे, अंतरण संबंधी मानदण्ड और साधारण बीमाकर्ताओं और स्वास्थ्य बीमाकर्ताओं द्वारा जारी की गई सभी पॉलिसियों की सुवाह्यता (पोर्टेबिलिटी) समय-समय पर प्राधिकरण द्वारा विनिर्दिष्ट किये जानेवाले दिशानिर्देशों के अधीन होगी।”
- (झ) विनियम 18 के उप-विनियम (क) के लिए, निम्नलिखित उप-विनियम प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात्:-
“सभी बीमाकर्ता “आयुष चिकित्सा” के अंतर्गत समावेशي एक या उससे अधिक प्रणालियों हेतु बीमाप्रदा प्रदान करने के लिए प्रयास कर सकते हैं बशर्ते कि चिकित्सा समय-समय पर प्राधिकरण द्वारा विनिर्दिष्ट किये जानेवाले दिशानिर्देशों के अधीन अस्पतालों में अथवा स्वास्थ्य स्वस्थ सुविधाओं के अंतर्गत प्राप्त की गई हों।”
- (ञ) विनियम 19 के लिए, निम्नलिखित विनियम प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात्:-
“19. बीमाकर्ता समय-समय पर प्राधिकरण द्वारा विनिर्दिष्ट किये जानेवाले दिशानिर्देशों के अनुसार स्वास्थ्य बीमा के पालिसीधारकों के बीच संपूर्ण स्वास्थ्य (वेलनेस) का संवर्धन करने के लिए प्रयास कर सकते हैं।”
- (ट) विनियम 23 के उप-विनियम (i) में, शब्द “प्रीमियम से अधिक, उत्पाद फाइलिंग दिशानिर्देशों के अंतर्गत फाइल किये गये और अनुमोदित किये गये रूप में अतिरिक्त रूप से लगाया गया कोई भी जोखिम-अंकन प्रभार लिखित में बीमाकृत व्यक्ति को सूचित किया जाएगा तथा पालिसी के निर्गम से पहले इस प्रकार के अतिरिक्त प्रभारों (लोडिंगों) के लिए पालिसीधारक की विशिष्ट सहमति प्राप्त की जाएगी।” हटाये जाएँगे।
- (ठ) विनियम 24 के उप-विनियम (ii) के खंड (2) के लिए, निम्नलिखित खंड प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात्:-
“पहले चयनित पालिसी/पालिसियों के अंतर्गत अस्वीकृत शेष दावा अथवा दावे अन्य पालिसी/पालिसियों से किया जा सकता है/विक्रय जा सकते हैं भले ही बीमा राशि पहले चयनित पालिसी/पालिसियों में समाप्त नहीं हुई हो। बीमाकर्ता ऐसे मामलों में दावे का निपटान इस प्रकार चुनी गई अन्य पालिसी/पालिसियों की शर्तों के अधीन करेंगे।”)
- (ड) विनियम 27 के उप-विनियम (v) के बाद, निम्नलिखित उप-विनियम निविष्ट किया जाएगा, अर्थात्:-
“vi. उप-विनियम (i) से (v) के अतिरिक्त, दावों के निपटान से संबंधित विषयों में, प्राधिकरण समय-समय पर दिशानिर्देश विनिर्दिष्ट कर सकता है।”
- (ढ) विनियम 30 के उप-विनियम (ग) के लिए, निम्नलिखित उप-विनियम प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात्:-
“ग. पालिसी संविदा की शर्तों के अधीन, किसी भी अस्पताल अथवा चिकित्सा प्रतिष्ठान में प्रतिपूर्ति की अनुमति दी जाएगी। ऐसे सभी प्रतिष्ठान लाइसेंसकृत अथवा पंजीकृत होंगे, जैसा कि यथाप्रवृत्त किसी स्थानीय, राज्य अथवा राष्ट्रीय विधि के द्वारा अपेक्षित हो।”
- (ण) विनियम 35 के उप-विनियम (ग) के लिए, निम्नलिखित उप-विनियम प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात्:-
“ग. प्राधिकरण बीमाकर्ताओं, तृतीय पक्ष प्रशासकों (टीपीए) और नेटवर्क प्रदाताओं से अपेक्षा कर सकता है कि वे डेटा संबंधी विषयों और इलेक्ट्रानिक साधनों के माध्यम से दावों के निपटान के संबंध में समय-समय पर प्राधिकरण द्वारा विनिर्दिष्ट किये जानेवाले दिशानिर्देशों के अनुसार अनुपालन करें।”
- (त) अनुसूची-I के खंड 14 में, शब्द “लोडिंग अथवा” हटाये जाएँगे।
- (थ) अनुसूची-I के खंड 16 के लिए, निम्नलिखित खंड प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात्:-
“16. सुवाह्यता (पोर्टेबिलिटी) की अनुमति समय-समय पर प्राधिकरण द्वारा विनिर्दिष्ट किये जानेवाले दिशानिर्देशों के अधीन दी जाएगी।”