IRDAI regulation F. No. IRDAI/Reg/4/211/2025 · 10 Jan 2025
Official title
IRDAI (Maintenance of Information by the Regulated Entities and Sharing of Information by the Authority), Regulations 2025
Summary
Check the official recordThese regulations mandate that insurers, intermediaries, and insurance intermediaries maintain comprehensive operational, policy, and claim-related data in electronic form within India. The regulations establish a data governance framework, requiring board-approved policies for record maintenance and destruction. They also define the procedures for the IRDAI to share confidential information with domestic and foreign entities, emphasizing consent, legal compliance, and the protection of public and policyholder interests. Furthermore, the regulations specify minimum information requirements for investigations and inspections, including detailed record-keeping for proposals, premiums, claims, and personnel. These regulations repeal the 2020, 2012, and 2015 regulations previously governing these areas.
What you must do
Key dates
Who is affected
Thresholds
Exceptions
If you do not comply
रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99
भारत का राजपत्र The Gazette of India
सी.जी.-टी.एल.-अ.-09012025-260068 CG-TL-E-09012025-260068
असाधारण EXTRAORDINARY भाग III—खण्ड 4 PART III—Section 4 प्राधिकार से प्रकाशित PUBLISHED BY AUTHORITY
सं. 21] नई दिल्ली, शुक्रवार, जनवरी 3, 2025/पौष 13, 1946 No. 21] NEW DELHI, FRIDAY, JANUARY 3, 2025/PAUSHA 13, 1946
भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण अधिसूचना हैदराबाद, 1 जनवरी, 2025
भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (विनियमित संस्थाओं द्वारा सूचना का अनुरक्षण और प्राधिकरण द्वारा सूचना की साझेदारी) विनियम, 2025
फा.सं.भा.बी.वि.वि.प्रा./विनियम/4/211/2025–बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1999 (1999 का 41) की धारा 14 और 26 के साथ पठित बीमा अधिनियम, 1938 (1938 का 4) की धारा 14 के खंड (सी) के उप-खंड (1), धारा 33(7) और धारा 114 (ए) की उप-धारा (2) के खंड (जीए)(i) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, प्राधिकरण बीमा सलाहकार समिति के साथ परामर्श करने के बाद, इसके द्वारा निम्नलिखित विनियम बनाता है, अर्थात् :
1. संक्षिप्त नाम और प्रारंभः i. ये विनियम भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (विनियमित संस्थाओं द्वारा सूचना का अनुरक्षण और प्राधिकरण द्वारा सूचना की साझेदारी) विनियम, 2025 कहलाएंगे। ii. ये विनियम सरकारी राजपत्र में इनकी अधिसूचना की तारीख से प्रवृत्त होंगे।
2. उद्देश्यः इन विनियमों का उद्देश्य निम्नलिखित को समर्थ बनाना हैः i. बीमाकर्ताओं को इलेक्ट्रॉनिक रूप में अपने परिचालनों के लिए अपेक्षित रूप में डेटा का अनुरक्षण करने; सुरक्षा और लागू विधियों का अनुपालन सुनिश्चित करने; तथा एक स्थापित डेटा अभिशासन ढाँचे को अपनाने के लिए समर्थ बनाना। ii. बीमाकर्ताओं तथा बीमा मध्यवर्तियों सहित मध्यवर्तियों को समस्त मूलभूत, आवश्यक और संगत डेटा और सूचना का अनुरक्षण करने के लिए समर्थ बनाना, बीमा अधिनियम, 1938 की धारा 33 के अधीन नियुक्त जाँच अधिकारी को किसी भी बीमाकर्ता, बीमा मध्यवर्तियों सहित मध्यवर्तियों के कार्यों की जाँच अथवा निरीक्षण करने एवं ऐसी किसी भी जाँच के संबंध में प्राधिकरण को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए समर्थ बनाना। iii. प्राधिकरण को उन हितधारकों की सहमति, प्रकटीकरण, सुरक्षा, अधिकारों और हितों सहित, जो ऐसी सूचना का स्वामित्व रखते हैं और जो प्राधिकरण को ऐसी सूचना प्रस्तुत करते हैं, गोपनीयता के सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए ऐसी सूचना की विवेकपूर्ण साझेदारी करने के लिए समर्थ बनाना।
3. परिभाषाएँ – इन विनियमों में, जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो – i. “अधिनियम” से समय-समय पर यथासंशोधित बीमा अधिनियम, 1938 (1938 का 4) अभिप्रेत है; ii. “प्राधिकरण” से बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1999 की धारा 3 की उप-धारा (i) के अधीन स्थापित भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण अभिप्रेत होगा, iii. “गोपनीय सूचना” क. किसी विदेशी संस्था के संबंध में उक्त विदेशी संस्था से प्राप्त सूचना अभिप्रेत होगी जो सार्वजनिक पहुँच (पब्लिक डोमेन) में उपलब्ध नहीं कराई जा सकती जिसके संबंध में संबंधित विदेशी संस्था ने सुस्पष्ट रूप से अथवा किसी करार/सहमति ज्ञापन (एमओयू) के अंतर्गत अनुरोध किया हो कि गुप्तता बनाये रखी जाए जिसके लिए दोनों उक्त विदेशी संस्था और प्राधिकरण हस्ताक्षरकर्ता हैं। ख. देशी संस्था के संबंध में प्रयोज्य देशी कानूनों में परिभाषित रूप में होगी। iv. “इलेक्ट्रॉनिक रूप” से समय-समय पर यथासंशोधित सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 2(1)(द) में यथापरिभाषित रूप अभिप्रेत है; v. “विदेशी संस्था” से कोई विदेशी वित्तीय विनियामक प्राधिकरण या कोई विदेशी वित्तीय संस्था अभिप्रेत होगी। vi. “सूचना” विदेशी संस्था के संबंध में इन विनियमों के संदर्भ में एक विदेशी वित्तीय विनियामक प्राधिकरण होते हुए एक विदेशी प्राधिकरण से संबंधित भौतिक रूप में सूचना और/या किसी अन्य विदेशी वित्तीय संस्था से संबंधित सूचना अभिप्रेत होगी। vii. “सूचना” देशी संस्था के संदर्भ में सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 (2005 का 22) की धारा 2(च) में परिभाषित रूप में होगी। viii. “जाँच अधिकारी” से किसी बीमाकर्ता अथवा मध्यवर्ती अथवा बीमा मध्यवर्ती, जैसी स्थिति हो, के कार्यों की जाँच या निरीक्षण करने के लिए अधिनियम की धारा 33 के अधीन प्राधिकरण द्वारा निर्दिष्ट कोई व्यक्ति अभिप्रेत है। ix. “न्यूनतम सूचना” से वह सूचना अभिप्रेत है जो इन विनियमों के अंतर्गत निर्दिष्ट रूप में बीमाकर्ताओं या मध्यवर्तियों या बीमा मध्यवर्तियों के द्वारा अनुरक्षित किये जाने के लिए अपेक्षित है। x. “विनियमित संस्था” से प्राधिकरण के विनियामक क्षेत्र के अंदर आनेवाली कोई संस्था अथवा किसी विदेशी वित्तीय विनियामक प्राधिकरण द्वारा विनियमित संस्था अभिप्रेत होगी। xi. “अनुरोधकर्ता संस्था” से अनुरोधित संस्था से संबंधित सूचना के लिए अनुरोध करनेवाली संस्था अभिप्रेत होगी। xii. “अनुरोधित संस्था” से वह देशी या विदेशी संस्था अभिप्रेत होगी जिसकी सूचना इन विनियमों के अंतर्गत प्रकटीकरण के अधीन है। xiii. “अभिलेख” के अंतर्गत भौतिक रूप में अथवा इलेक्ट्रॉनिक रूप में अथवा दोनों प्रकार से अनुरक्षित सूचना शामिल है। xiv. “विनिर्दिष्ट” से इन विनियमों के प्रयोजन के लिए परिपत्रों, दिशानिर्देशों या अनुदेशों के द्वारा समय-समय पर प्राधिकरण द्वारा विनिर्दिष्ट अभिप्रेत है।