रजिस्ट्री सं० डी० एल०-33004/99
REGD. NO. D. L.-33004/99
भारत का राजपत्र
The Gazette of India
असाधारण
EXTRAORDINARY
भाग III—खण्ड 4
PART III—Section 4
प्राधिकार से प्रकाशित
PUBLISHED BY AUTHORITY
सं. 282] नई दिल्ली, बृहस्पतिवार, अगस्त 20, 2015/श्रावण 29, 1937
No. 282] NEW DELHI, THURSDAY, AUGUST 20, 2015/SRAVANA 29, 1937
भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण
अधिसूचना
हैदराबाद, 12 अगस्त, 2015
भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (बीमा अभिलेखों का अनुरक्षण) विनियमन, 2015
फा. सं. भा.बी.वि.वि.प्रा./विनियम/10/100/2015 — "बीमा अधिनियम, 1938" की धारा 114ए के खंड (जीए) के साथ पठित धारा 14(1)(सी) और बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1999 (1999 का 41) की धारा 26 की उप-धारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण, बीमा सलाहकार समिति के साथ परामर्श करने के बाद, इसके द्वारा बीमा पॉलिसियों और दावों के अभिलेखों के अनुरक्षण के लिए निम्नलिखित विनियमन बनाता है:
1. संक्षिप्त नाम और प्रारंभः
- (i) इन विनियमों का संक्षिप्त नाम भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (बीमा अभिलेखों का अनुरक्षण) विनियमन, 2015 है।
- (ii) ये सरकारी राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होंगे।
2. परिभाषाएँ -
इन विनियमों में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो, -
- (क) 'अधिनियम' से समय-समय पर यथासंशोधित बीमा अधिनियम, 1938 (1938 का 4) अभिप्रेत है;
- (ख) 'प्राधिकरण' से बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1999 की धारा 3 की उपधारा (1) के उपबंधों के अधीन स्थापित भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण अभिप्रेत है;
- (ग) इनमें प्रयुक्त और अपरिभाषित, परंतु अधिनियम, अथवा बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1999 में अथवा उनके अधीन बनाये गये किन्हीं नियमों अथवा विनियमों में परिभाषित सभी शब्दों और अभिव्यक्तियों के अर्थ वही होंगे जो उन अधिनियमों अथवा नियमों अथवा विनियमों में क्रमशः उनके लिए निर्धारित किये गये हैं।
3. पॉलिसी और दावे अभिलेखों का अनुरक्षण-
- (1) अधिनियम की धारा 14 (1) (क) और 14 (1) (ख) के अनुसार प्रत्येक बीमाकर्ता जारी की गई प्रत्येक पॉलिसी का अभिलेख व किये गये प्रत्येक दावे के अभिलेख का अनुरक्षण करेगा।
- (2) किसी भी अन्य रूप में अनुरक्षण का विचार किये बिना ऐसी पॉलिसियों और दावों के अभिलेख का अनुरक्षण इलेक्ट्रॉनिक रूप में भी किया जाएगा।
- (3) (क) प्रत्येक बीमाकर्ता यह सुनिश्चित करेगा कि विनियम 3 के उप विनियम (1) और (2) में उल्लिखित अभिलेख पूर्ण और विशुद्ध होंगे।
- (ख) अनुरक्षण की प्रणाली आवश्यक सुरक्षा की विशिष्टताओं से युक्त होगी।
- (4) प्रत्येक बीमाकर्ता दोनों प्रत्यक्ष (ऑनसाइट) और अप्रत्यक्ष (ऑफसाइट) निरीक्षणों हेतु विनियम 3 के उप-विनियम (1) और (2) में उल्लिखित अभिलेखों को प्राधिकरण को प्रस्तुत करेगा।
- (5) विनियम 3 के उप-विनियम (1), (2) और (3) में उल्लिखित अभिलेखों का प्रकार और अनुरक्षण बीमाकर्ताओं द्वारा बनाई गई और उनके बोर्ड द्वारा अनुमोदित की गई नीति के अनुसार होगा।
- (6) इलेक्ट्रॉनिक रूप में अभिलेखों के अनुरक्षण के संबंध में, विनियम 3 के उप-विनियम (5) में उल्लिखित नीति के अंतर्गत अन्य बातों के साथ-साथ निम्नलिखित शामिल होंगे:
i. अभिलेखों का प्रक्रमण और इलेक्ट्रॉनिक रूप से अनुरक्षण,
ii. पॉलिसीधारक और दावे से संबंधित डेटा की गोपनीयता और सुरक्षा,
iii. वाइरस, संवेदनशीलता की समस्याओं का प्रबंधन,
iv. हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की सुरक्षा,
v. बैकअप, आपदा से पुनःप्राप्ति और व्यवसाय की निरंतरता तथा
vi. डेटा अभिलेखी।
- (7) विनियम 3 के उप-विनियम (5) में उल्लिखित बोर्ड की ऐसी नीति में अभिलेखों के अनुरक्षण और भंडारण के कार्यान्वयन की समीक्षा करने के लिए एक विस्तृत योजना भी शामिल होगी। ऐसी समीक्षा का पर्यवेक्षण बीमाकर्ताओं के बोर्ड की जोखिम प्रबंधन समिति द्वारा किया जाएगा।
- (8) विनियम 3 के उप-विनियम (5) में उल्लिखित बोर्ड की प्रत्येक नीति की समीक्षा वर्ष में एक बार वित्तीय वर्ष की समाप्ति से 90 दिन के अंदर की जाएगी।
- (9) इलेक्ट्रॉनिक पद्धति में रखे गये अभिलेखों सहित, भारत में जारी की गई सभी पॉलिसियों और किये गये सभी दावों से संबंधित अभिलेख केवल भारत में स्थित और अनुरक्षित डेटा केन्द्रों में ही रखे जाएँगे।
- (10) प्रत्येक बीमाकर्ता यह सुनिश्चित करेगा कि धारित अभिलेख इस प्रकार से सुव्यवस्थित रूप में रखे जाएं कि उन्हें यथा अपेक्षित रूप से व्यावसायिक उपयोग के लिए आसानी से पुनः प्राप्त किया जा सके ताकि पॉलिसीधारक की सेवा तथा विभिन्न कानूनों, विनियमों, परिपत्रों, दिशानिर्देशों और समय-समय पर प्रयोज्य ऐसे अन्य विनियामक ढाँचे का अनुपालन करने में सहायता मिल सके।
4. इलेक्ट्रॉनिक अभिलेखों के अनुरक्षण और भंडारण संबंधी नीति दाखिल करना:
- (1) प्रत्येक बीमाकर्ता इन विनियमों की अधिसूचना की तारीख से 90 दिन के अंदर ऐसे अभिलेखों के अनुरक्षण और भंडारण के संबंध में अपने बोर्ड द्वारा अनुमोदित नीति प्राधिकरण के पास दाखिल करेगा।
- (2) जहाँ बोर्ड द्वारा अनुमोदित ऐसी नीति में संशोधन किया जाता है, वहाँ बोर्ड द्वारा ऐसे संशोधन की तारीख से 30 दिन के अंदर उस संशोधित नीति को प्राधिकरण के पास दाखिल किया जाएगा।
5. स्पष्टीकरण आदि जारी करने के लिए प्राधिकरण का अधिकार:
- (1) इन विनियमों के किसी भी उपबंध को लागू करने अथवा उसका अर्थनिरूपण करने में किसी भी शंका अथवा कठिनाई को दूर करने के लिए, प्राधिकरण का अध्यक्ष आवश्यक समझे जाने वाले उपयुक्त स्पष्टीकरण अथवा दिशानिर्देश जारी कर सकता है।