IRDAI regulation F. No. IRDAI/Reg/1/208/2025 · 10 Jan 2025
Official title
IRDAI(Meetings)(Amendment) Regulations,2025
Summary
Check the official recordThe Insurance Regulatory and Development Authority of India (IRDAI) has amended the IRDA (Meetings) Regulations, 2000, to improve the clarity and efficiency of its meeting procedures. Key changes include replacing the term 'Designated Officer' with 'Secretary' throughout the regulations and updating meeting frequency requirements to generally four times per financial year. The Chairperson or the senior-most full-time member is now responsible for fixing meeting logistics and agenda items. The regulations also revise notice periods for standard and emergent meetings, allow for immediate meetings in emergencies, and clarify the process for recording minutes. Sub-regulation (4) of regulation 6 has been omitted. These amendments take effect from the date of their publication in the Official Gazette.
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रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99
भारत का राजपत्र The Gazette of India
सी.जी.-टी.एल.-अ.-08012025-260051 CG-TL-E-08012025-260051
असाधारण EXTRAORDINARY भाग III—खण्ड 4 PART III—Section 4 प्राधिकार से प्रकाशित PUBLISHED BY AUTHORITY
सं. 18] नई दिल्ली, शुक्रवार, जनवरी 3, 2025/पौष 13, 1946 No. 18] NEW DELHI, FRIDAY, JANUARY 3, 2025/PAUSHA 13, 1946
भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण अधिसूचना हैदराबाद, 1 जनवरी, 2025
भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (बैठकें) (संशोधन) विनियम, 2025
फा. सं. भा.बी.वि.वि.प्रा./विनियम/1/208/2025.—बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1999 की धारा 26 की उप-धारा (2) के खंड (क) और (ख) के साथ पठित धारा 10 की उप-धारा (4) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, प्राधिकरण बीमा सलाहकार समिति के साथ परामर्श करने के बाद, इसके द्वारा आईआरडीए (बैठकें) विनियम, 2000 का संशोधन करने के लिए निम्नलिखित विनियम बनाता है, अर्थात् :
1. संक्षिप्त नाम और प्रारंभः (1) ये विनियम भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (बैठकें) (संशोधन) विनियम, 2025 कहलाएंगे। (2) ये विनियम सरकारी राजपत्र में इनके प्रकाशन की तारीख को प्रवृत्त होंगे।
2. उद्देश्यः इन संशोधन विनियमों का उद्देश्य प्राधिकरण की बैठकों की स्पष्टता और कार्यकुशलता में वृद्धि करना है।
3. बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (बैठकें) विनियम, 2000 में,-
(1) विनियम 2 के खंड (ङ) में, शब्द पदिनामित अधिकारी’ को सचिव’ से प्रतिस्थापित किया जाएगा।
(2) विनियम 3 में (क) वर्तमान उप-विनियम (2) के लिए निम्नलिखित उप-विनियम को प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात् :- “प्राधिकरण आवश्यक समझे गये रूप में बारंबारता के साथ बैठक कर सकता है, परंतु अपने व्यवसाय का संचालन करने के लिए एक वित्तीय वर्ष में सामान्यतः 4 बार बैठक करेगा।”
(ख) वर्तमान उप-विनियम (4) के लिए, निम्नलिखित उप-विनियम को प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात् :- “अध्यक्ष तथा उनकी अनुपस्थिति में प्राधिकरण का वरिष्ठतम पूर्णकालिक सदस्य प्राधिकरण की बैठकों की तारीख, समय, पद्धति और स्थान निर्धारित करेगा तथा बैठकों के लिए कार्यसूची की मदों का अनुमोदन करेगा।”
(ग) वर्तमान उप-विनियम (5) के लिए, निम्नलिखित उप-विनियम को प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात् :- “सचिव द्वारा बैठक के लिए सूचना और कार्यसूची सामान्यतः सात दिन पहले अग्रिम रूप से परिचालित की जाएगी। बशर्ते कि, यदि आवश्यक समझा जाता है, तो प्राधिकरण के अध्यक्ष के अनुमोदन से इन्हें सात दिन से कम समय में परिचालित किया जा सकता है।”
(3) विनियम 5 में (क) वर्तमान उप-विनियम (1) के लिए निम्नलिखित उप-विनियम को प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात् :- (1) “पूर्वोक्त विनियमों में किसी बात के होने के बावजूद, अध्यक्ष कम से कम चौबीस घंटे की नोटिस देने के द्वारा प्राधिकरण की आपाती बैठक अपनी राय में अत्यावश्यक निर्णय की अपेक्षा रखनेवाली किसी भी मद पर विचार करने के लिए किसी भी समय अथवा स्थान पर बुला सकता है। तथापि, आपात स्थिति में अध्यक्ष प्राधिकरण की तात्कालिक बैठक बुला सकता है।”
(ख) वर्तमान उप-विनियम (2) के लिए निम्नलिखित उप-विनियम को प्रतिस्थापित किया जाएगा:- “अध्यक्ष कोई आपाती बैठक तब भी बुला सकता है यदि सदस्यों की कुल संख्या में से आधी से अन्यून संख्या में सदस्यों के द्वारा वह प्रयोजन बताते हुए जिसके लिए वे बैठक बुलाना चाहते हैं, हस्ताक्षरित लिखित में माँग प्राप्त करता है। ऐसी माँग प्राप्त होने पर अध्यक्ष कम से कम चौबीस घंटे की नोटिस देने के द्वारा, माँग की गई आपाती बैठक बुलाएगा।”
(4) विनियम 6 में (क) वर्तमान उप-विनियम (1) के लिए निम्नलिखित उप-विनियम को प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात् :- “सचिव, अध्यक्ष अथवा पीठासीन सदस्य, जैसी स्थिति हो, का अनुमोदन प्राप्त करने के बाद शीघ्रतिशीघ्र प्राधिकरण की बैठक अथवा प्राधिकरण की समिति की बैठक की कार्यवाही के कार्यवृत्त को अभिलिखित करेगा तथा उक्त कार्यवृत्त की प्रविष्टि उस प्रयोजन के लिए रखी गई बहियों में करेगा।”
(ख) उप-विनियम (4) को हटाया जाएगा।
(ग) उप-विनियम (9) में, शब्द पदिनामित अधिकारी’ को सचिव’ से प्रतिस्थापित किया जाएगा।
(घ) उप-विनियम (10) में, शब्द पदिनामित अधिकारी’ को सचिव’ से प्रतिस्थापित किया जाएगा।