IRDAI regulation · 26 Nov 2020
5709 GI/2020 (1) रजजस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग III—खण् ड 4 PART III—Section 4 प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY भारतीय बीमा जिजनयामक और जिकास प्राजधकरण अजधसूचना हैदराबाद, 23 निंबर, 2020 भारतीय बीमा जिजनयामक और जिकास प्राजधकरण (जााँच और…
5709 GI/2020 (1) रजजस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग III—खण् ड 4 PART III—Section 4 प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY भारतीय बीमा जिजनयामक और जिकास प्राजधकरण अजधसूचना हैदराबाद, 23 निंबर, 2020 भारतीय बीमा जिजनयामक और जिकास प्राजधकरण (जााँच और जनरीक्षण के जलए आिश्यक न्यूनतम जानकारी) जिजनयम, 2020 फा. सं. भा.बी.जि.जि.प्रा./जिजनयम/3/169/2020.—बीमा जिजनयामक और जिकास प्राजधकरण अजधजनयम, 1999 (1999 का 41) की धाराओाँ 14 और 26 के साथ पठित बीमा अजधजनयम, 1938 (1938 का 4) की धारा 33 की उप-धारा (7) एिं धारा 114ए की उप-धारा (2) के खंड (जे) द्वारा प्रदत्त िजियों का प्रयोग करते हुए प्राजधकरण बीमा सलाहकार सजमजत के साथ परामिश करने के बाद, इसके द्वारा जनम्नजलजखत जिजनयम बनाता है, अथाशत्: 1. संजक्षप्त नाम, प्रारंभ और प्रयोज्यतााः ये जिजनयम भारतीय बीमा जिजनयामक और जिकास प्राजधकरण (जााँच और जनरीक्षण के जलए आिश्यक न्यूनतम जानकारी) जिजनयम, 2020 कहलाएाँगे। ये जिजनयम भारत के सरकारी राजपत्र में इनके प्रकािन की तारीख से छह महीने के बाद प्रिृत्त होंगे। जब तक इन जिजनयमों में अन्यथा उजललजखत न हो, ये जिजनयम प्राजधकरण द्वारा जााँच और जनरीक्षण के प्रयोजन के जलए अजधजनयम अथिा आईआरडीए अजधजनयम, 1999 में यथापठरभाजित सभी बीमाकताशओं एिं मध्यिर्ततयों अथिा बीमा मध्यिर्ततयों पर लागू हैं। सं. 517] नई ददलली, मंगलिार, निम्बर 24, 2020/अग्रहायण 3, 1942 No. 517] NEW DELHI, TUESDAY, NOVEMBER 24, 2020/AGRAHAYANA 3, 1942 सी.जी.-ए.पी.-अ.-24112020-223292 CG-AP-E-24112020-223292 2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART III—SEC. 4] 2. उद्देश्याः इन जिजनयमों का उद्देश्य बीमाकताश, मध्यिती अथिा बीमा मध्यिती द्वारा अनुरजक्षत दकये जाने के जलए अपेजक्षत न्यूनतम जानकारी को जिजनर्ददष्ट करना है, जजससे जााँच अजधकारी को बीमा अजधजनयम, 1938 की धारा 33 के अधीन अपने कायों का जनिशहण संतोिजनक ढंग से करने में समथश बनाया जा सके। 3. पठरभािाएाँ : इन जिजनयमों में, जब तक संदभश के द्वारा अन्यथा अपेजक्षत न हो, “अजधजनयम” से समय-समय पर यथासंिोजधत बीमा अजधजनयम, 1938 (1938 का 4) अजभप्रेत है; “प्राजधकरण” से बीमा जिजनयामक और जिकास प्राजधकरण अजधजनयम, 1999 (1999 का 41) की धारा 3 की उप-धारा (1) के अधीन स्ट्थाजपत भारतीय बीमा जिजनयामक और जिकास प्राजधकरण अजभप्रेत है; “इलेक्ट्राजनक रूप” से समय-समय पर यथासंिोजधत सूचना प्रौद्योजगकी अजधजनयम, 2000 की धारा 2(1)(आर) में यथापठरभाजित रूप अजभप्रेत है; “जााँच अजधकारी” से दकसी भी बीमाकताश अथिा मध्यिती अथिा बीमा मध्यिती, जैसी जस्ट्थजत हो, के कायों की जााँच अथिा जनरीक्षण करने के जलए अजधजनयम की धारा 33 के अधीन प्राजधकरण द्वारा जनर्ददष्ट कोई व्यजि अजभप्रेत है; “न्यूनतम जानकारी” से इन जिजनयमों के द्वारा जिजनर्ददष्ट रूप में बीमाकताशओं अथिा मध्यिर्ततयों अथिा बीमा मध्यिर्ततयों के द्वारा अनुरजक्षत दकये जाने के जलए अपेजक्षत सूचना अजभप्रेत है; “जिजनर्ददष्ट” से इन जिजनयमों के प्रयोजन के जलए पठरपत्रों, ददिाजनदेिों अथिा अनुदेिों के जनगशम के जठरये समय-समय पर प्राजधकरण द्वारा जिजनर्ददष्ट रूप अजभप्रेत है; “अजभलेख” में भौजतक रूप में अथिा इलेक्ट्राजनक रूप में अथिा दोनों प्रकार से अनुरजक्षत सूचना अजभप्रेत है; इस जिजनयम में प्रयुि और अपठरभाजित परंतु बीमा अजधजनयम, 1938 अथिा बीमा जिजनयामक और जिकास प्राजधकरण अजधजनयम, 1999 (आईआरडीए अजधजनयम, 1999) अथिा उनके अधीन बनाये गये दकन्हीं जनयमों अथिा जिजनयमों अथिा दकन्हीं अन्य प्रयोज्य अजधजनयमों में पठरभाजित सभी िब्दों और अजभव्यजियों का अथश िही होगा जो क्रमिाः समय-समय पर यथासंिोजधत उन अजधजनयमों, जनयमों अथिा जिजनयमों में उनके जलए जनधाशठरत है। भाग - I सभी बीमाकताशओं के जलए लागू उपबंध 4. प्रत्येक बीमाकताश भारत में अपने व्यिसाय के प्रधान स्ट्थान पर जनम्नजलजखत का अनुरक्षण करेगााः बीमाकताशओं के जलए लागू अजधजनयम, जनयमों, जिजनयमों, ददिाजनदेिों, पठरपत्रों अथिा जनदेिों के ितशमान उपबंधों एिं उनके व्यिसाय के जलए प्रयोज्य रूप में दकसी अन्य कानून के उपबंधों के अंतगशत उनके द्वारा अनुरजक्षत दकये जाने के जलए अपेजक्षत सभी अजभलेख, सूचना, डेटा, दस्ट्तािेज, बजहयााँ अथिा रजजस्ट्टर, तथा उनके व्यिसाय के जलए प्रयोज्य रूप में जिजनयम (5) से (16) तक में जिजनर्ददष्ट सूचना की मदें : बिते दक जहााँ व्यिसाय के ऐसे प्रधान स्ट्थान पर पूणश जििरण के साथ सूचना की दकसी मद का अनुरक्षण करना सुजिधाजनक अथिा व्यिहायश नहीं है, िहााँ उसका अनुरक्षण िाखाओाँ अथिा अन्य कायाशलयों में इस प्रकार से दकया जा सकता है दक ऐसी प्रत्येक िाखा अथिा कायाशलय सूचना के केिल उसके कायशचालन के जलए लागू संबंजधत भाग का ही अनुरक्षण करेाः परंतु आगे यह भी ितश होगी दक एकमात्र तौर पर पुनबीमा व्यिसाय करनेिाले बीमाकताश के संबंध में यह माना जाएगा दक उसने जिजनयम (5) से (16) तक के उपबंधों का अनुपालन दकया है, यदद उन जिजनयमों के अंतगशत अनुरजक्षत दकये जाने के जलए अपेजक्षत सूचना ऐसे बीमाकताश के अजभलेखों से तत्काल उपलब्ध हो। [भागIII—खण् ड 4] भारत का राजपत्र : असाधारण 3 परंतु आगे यह भी ितश होगी दक यदद जिजनयम (5) से (16) तक में अपेजक्षत रूप में सूचना अजभलेखों से तत्काल उपलब्ध है, तो उन जिजनयमों के अधीन एक अलग अजभलेख का अनुरक्षण करने की आिश्यकता नहीं है। 5. बीमाकताशओं द्वारा सूचना की जनम्नजलजखत मदों का अनुरक्षण बीमा व्यिसाय के प्रत्येक िगश अथिा उप-िगश के संबंध में दकया जाएगा, जैसा दक ऐसे व्यिसाय के जलए लागू हो, अथाशत् : बीमा के जलए प्राप्त सभी प्रस्ट्तािों का अजभलेख, यह स्ट्पष्ट करते हुए—(i) प्रस्ट्ताि की संख्या; (ii) िह तारीख जब प्रस्ट्ताि पर प्रस्ट्तािक द्वारा हस्ट्ताक्षर दकये गये हैं; (iii) प्रस्ट्ताि प्राप्त होने की तारीख; (iv) उस बीमा एजेंट अथिा बीमा मध्यिती अथिा बीमाकताश के स्ट्टाफ, जैसा लागू हो, का नाम और कूट संख्या जजसने प्रस्ट्ताि का स्रोतीकरण दकया हो; (v) प्रस्ट्ताि जमा की प्राजप्त की तारीख और राजि; (vi) प्रस्ट्ताि जमा के भुगतान की पद्धजत जैसे नकदी, चेक, मााँग ड्राफ्ट (डीडी) अथिा अन्य प्रकार से; (vii) बीमाकताश का कायाशलय जहााँ प्रस्ट्ताि प्राप्त दकया गया है; (viii) बीमाकृत व्यजि का पता, जपन कोड सजहत; (ix) फोन अथिा मोबाइल संख्या, जहााँ उपलब्ध हो; (x) इलेक्ट्राजनक रूप में जारी की गई सभी पाजलजसयों के जलए ई-मेल आईडी तथा अन्य पाजलजसयों के जलए जहााँ उपलब्ध हो; (xi) बैंक जििरण; (xii) नाजमती और बीमाकृत व्यजि के साथ संबंध; (xiii) जनयुि व्यजि का जििरण, यदद नाजमती नाबाजलग हो; तथा (xiv) किर करने के जलए प्रस्ट्ताजित जोजखमों का जििरण। यह जिजनर्ददष्ट करते हुए जारी दकये गये किर-नोटों का अजभलेख – (i) पहचान संख्या; (ii) पक्षकार का नाम; (iii) प्रारंभ की तारीखें और जहााँ लागू हो िहााँ जोजखम की समाजप्त; (iv) संबंजधत पाजलसी के जलए प्रजत-संदभश (क्रास-ठरफ़रेंस) के साथ प्रदत्त किर का प्रकार; तथा (v) प्रीजमयम की राजि अथिा प्राप्त अन्य धनराजिाः बिते दक यदद किर-नोटों की दूसरी (डूजललकेट) प्रजतयााँ क्रमानुसार अनुरजक्षत की जाती हैं, तो यह माना जाएगा दक इस उपबंध का अनुपालन दकया गया है। यह स्ट्पष्ट करते हुए पाजलजसयों का अजभलेख जजस पर क्रमानुसार संख्या दी जाएगी, जारी की गई सभी पाजलजसयों की सूची दी जाएगी, कालक्रमानुसार प्रजिजष्टयााँ की जाएाँगी- (i) पाजलसी की संख्या; (ii) बीमाकृत व्यजि (व्यजियों) तथा प्रस्ट्तािक, यदद कोई अन्य व्यजि हो, का/के नाम; (iii) जोजखम के प्रारंभ और समाजप्त की तारीखें; (iv) प्राप्त प्रीजमयम, संबंजधत बैंक गारंटी अथिा प्रस्ट्ताि जमा के जलए प्रजत-संदभश (क्रास-ठरफ़रेंस); (v) प्रदत्त जोजखम का स्ट्िरूप, पाजलसी के जनगशम से पहले जारी दकये गये दकसी किर-नोट के जलए प्रजत-संदभश (क्रास-ठरफ़रेंस) एिं पाजलसी के जनगशम के बाद पाठरत दकसी पृष्ांकन के जलए प्रजत-संदभश (क्रास-ठरफ़रेंस); (vi) छूटें अथिा लोडडग, जैसा दक पाजलसी के जलए लागू हों; (vii) प्रीजमयम के जलए प्रस्ट्ताि जमा के समायोजन की तारीख; (viii) पाजलसी दस्ट्तािेज के प्रेिण की तारीख; (ix) बीमाकृत व्यजि अथिा प्रस्ट्तािक, जैसा लागू हो, के द्वारा पाजलसी दस्ट्तािेज प्राप्त करने की तारीख; (x) लागू दकया गया जनिल आजस्ट्त मूलय (एनएिी); (xi) लागू दकये गये जनिल आजस्ट्त मूलय (एनएिी) की तारीख; (xii) आबंठटत यूजनटों की संख्या; (xiii) संबद्ध पाजलजसयों के मामले में लगाये गये प्रभार; तथा (xiv) किर दकये गये जोजखमों का जििरणाः बिते दक जारी की गई पाजलजसयों की दूसरी (डूजललकेट) प्रजतयों के क्रजमक रूप से फाइल दकये गये संग्रह को उि अपेक्षा के पयाशप्त अनुपालन के रूप में माना जाएगा, यदद उन्हें क्रजमक रूप से संख्या दी गई हो और इस जिजनयम में जिजनर्ददष्ट संबंजधत समस्ट्त सूचना की प्रजिजष्ट उसमें की गई हो। सामूजहक बीमा पाजलजसयों के संबंध में, यह स्ट्पष्ट करते हुए मदों का अजतठरि अजभलेख—(i) समूह का प्रकार, जैसे जनयोिा-कमशचारी अथिा गैर-जनयोिा- कमशचारी; (ii) समूह का आकार; (iii) समूह के जलए लागू की गई मुि किर की सीमा; (iv) माने गये रेटटग कारक; (v) समूह के सदस्ट्यों को जारी की गई बीमा संख्याओं का प्रमाणपत्र; (vi) जारी दकये गये प्रत्येक बीमा प्रमाणपत्र के संबंध में बीमाकताश को समूह मास्ट्टर पाजलसीधारक द्वारा प्रीजमयम के जिप्रेिण की तारीख; तथा (vii) बीमाकताश द्वारा समूह के प्रत्येक सदस्ट्य से प्रीजमयम के संग्रहण की तारीख, यदद िसूली सीधे की गई हो। पुनबीमा व्यिसाय करनेिाले बीमाकताश के संबंध में, यह स्ट्पष्ट करते हुए मदों का अजभलेख- (i) पुनबीमाकताश की जिलक्षण पहचान संख्या; (ii) पुनबीमा व्यिस्ट्था का प्रकार; (iii) अंदकत व्यिसाय की व्यिस्ट्थाएाँ; (iv)