Laws and sections by number or title, due dates, pages, and updates.
The Insurance Regulatory and Development Authority of India specifies that the percentage cessions of the sum insured on each general insurance policy to be reinsured with the Indian Reinsurer is 5 percent for insurance attaching during the year from 1 April 2016 to 31 March 2017. Government sponsored health insurance schemes have a cession rate of zero. The Indian Reinsurer may require the ceding insurer to give immediate notice with underwriting information for cessions exceeding specified amounts on classes marked with no limit. General insurers must cede business across defined classes and respect commission terms and profit commission rules.
What you must do
Who is affected
Thresholds
Ask about this regulation
रजिस्ट्री सं० डी० एल०–33004/99
REGD. NO. D. L.–33004/99
असाधारण EXTRAORDINARY भाग III—खण्ड 4 PART III—Section 4 प्राधिकार से प्रकाशित PUBLISHED BY AUTHORITY
सं. 292] No. 292] नई दिल्ली, सोमवार, जुलाई 18, 2016/आषाढ़ 27, 1938 NEW DELHI, MONDAY, JULY 18, 2016/ASADHA 27, 1938
भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण अधिसूचना
हैदराबाद, 13 जुलाई, 2016
फा. सं. भा.बी.वि.वि.प्रा./आरआई/18/130/2016.—बीमा अधिनियम, 1938 (1938 का 4) की धारा 101ए की उप-धारा (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण, बीमा अधिनियम, 1938 की धारा 101बी के अधीन गठित सलाहकार समिति के साथ परामर्श करने के बाद और केन्द्र सरकार के पूर्व अनुमोदन से इसके द्वारा निम्नलिखित अधिसूचना जारी करता है, अर्थात्:-
भारतीय पुनर्बीमाकर्ता के पास पुनर्बीमा की जानेवाली प्रत्येक साधारण बीमा पॉलिसी पर बीमित राशि के प्रतिशत अध्यर्पण 1 अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2017 तक के वर्ष के दौरान संबंद्ध किये जानेवाले बीमे के संबंध में 5% होंगे (सरकार द्वारा प्रायोजित स्वास्थ्य बीमा योजनाओं को छोड़कर जिनमे यह `शून्य' होगा)।
धारा 101ए (4) में व्यवस्था की गई है कि बीमा अधिनियम, 1938 की धारा 101ए की उप-धारा (2) के अंतर्गत एक अधिसूचना द्वारा इस धारा के अधीन लेनदेन किये जाने के लिए अपेक्षित किसी भी पुनर्बीमा व्यवसाय के संबंध में शर्तों को भी विनिर्दिष्ट किया जाए तथा ऐसी शर्तें भारतीय पुनर्बीमाकर्ताओं और अन्य बीमाकर्ताओं पर बाध्यकारी होंगी।
बीमा अधिनियम, 1938 की धारा 101ए द्वारा प्रदत्त शक्ति के अनुसरण में प्राधिकरण केन्द्र सरकार के अनुमोदन से इसके द्वारा उक्त अधिनियम की धारा 101ए का अनुपालन करते हुए "भारतीय पुनर्बीमाकर्ता" को पुनर्बीमा अध्यर्पणों के लिए प्रतिशत और शर्तें विनिर्दिष्ट करता है।
| प्रकार | बीमित राशि म ᱶअध्यर्पण की सीमा | कमीशन |
|---|---|---|
| अग्नि (फायर), आईए आर बड़े जोखिम | 750 करोड़ रुपये बीमित राशि (एमडी + एलओपी) प्रति जोखिम | क) तेल और ऊर्जा, विमानन, सामूहिक स्वास्थ्य और मोटर टीपी को छोड़कर सभी वर्गों के लिए न्यूनतम 15%
ख) सामूहिक स्वास्थ्य के लिए न्यूनतम 10% ग) मोटर टीपी के लिए न्यूनतम 5% घ) इससे अधिक कुछ भी के संबंध में जीआईसी और बीमा कंपनी के बीच पारस्परिक रूप से सहमति हो सकती है। |
| मरीन कार्गो/डीएसयू बीमा | 50 करोड़ रुपये बीमित राशि प्रति पॉलिसी/बॉटम/प्रेषण | |
| मरीन हल | 50 करोड़ रुपये बीमित राशि प्रति जलयान | |
| युद्ध और एसआरसीसी | 50 करोड़ रुपये बीमित राशि प्रति जलयान | |
| मोटर | कोई सीमा नहीं* | |
| कामगार प्रतिकर बीमा | कोई सीमा नहीं* | |
| साधारण विमानन हल | कोई सीमा नहीं* | |
| साधारण विमानन देयता | कोई सीमा नहीं* | |
| वित्तीय देयता को छोड़कर सभी देयता उत्पाद | 25 करोड़ रुपये प्रति पॉलिसी अमेरिका सहित/ 50 करोड़ रुपये प्रति पॉलिसी अमेरिका को छोड़कर | |
| वित्तीय, ऋण और गारंटी व्यवस्थाएँ, बंधक बीमा, विशेष आकस्मिकता पॉलिसीयाँ आदि | 50 करोड़ रुपये बीमित राशि प्रति पॉलिसी | |
| अन्य विविध | कोई सीमा नहीं* | |
| मशीनरी ब्रेकडाउन, बॉयलर विस्फोट और संबंधित लाभों की हानि | 100 करोड़ रुपये प्रति जोखिम | |
| ठेकेदार के सभी जोखिम, भवन (इरेक्शन) सभी जोखिम, लाभों की अग्रिम हानि, डीएसयू बीमा | 500 करोड़ रुपये प्रति जोखिम (एमडी + एलओपी) | |
| तेल और ऊर्जा | 50 करोड़ रुपये बीमित राशि प्रति जोखिम | 5% |
| फसल / मौसम बीमा | कोई सीमा नहीं* | 15% |
| विमानन (एअरलाइन्स) | कोई सीमा नहीं* | औसत शर्तें |
लाभ कमीशन