IRDAI regulation · 14 Dec 2022
8109 GI/2022 (1) रजजस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx ऄसाधारण EXTRAORDINARY भाग III—खण् ड 4 PART III—Section 4 प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY भारतीय बीमा जिजनयामक और जिकास प्राजधकरण ऄजधसूचना हैदराबाद, 5 ददसम् बर, 2022 भारतीय बीमा जिजनयामक और जिकास प्राजधकरण (ऄन्य प…
रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99
सी.जी.-ए.पी.-अ.-13122022-240863 CG-AP-E-13122022-240863
असाधारण EXTRAORDINARY
भाग III—खण्ड 4 PART III—Section 4
प्राधिकार से प्रकाशित PUBLISHED BY AUTHORITY
सं. 630] नई दिल्ली, मंगलवार, दिसम्बर 6, 2022/अग्रहायण 15, 1944
No. 630] NEW DELHI, TUESDAY, DECEMBER 6, 2022/AGRAHAYANA 15, 1944
हैदराबाद, 5 दिसम्बर, 2022
**फा. सं. भा.बी.वि.वि.प्रा./विनियम/8/187/2022.—**बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1999 (1999 का 41) की धारा 26, बीमा अधिनियम, 1938 की धारा 6ए (1) (i) और धारा 114ए (2) (डीबी) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, प्राधिकरण बीमा सलाहकार समिति के साथ परामर्श करने के बाद इसके द्वारा निम्नलिखित विनियम बनाता है, अर्थात् :-
उद्देश्यः विदेशी पुनर्बीमाकर्ता की शाखा को छोड़कर अन्य बीमाकर्ताओं द्वारा अन्य प्रकार की पूँजी के निर्गम के लिए प्रभावी विनियामक ढाँचा उपलब्ध कराना तथा न्यूनतम रिपोर्टिंग और प्रकटीकरण मानदंड विनिर्दिष्ट करना।
1. संक्षिप्त नाम और प्रारंभ.—(1) ये विनियम भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (अन्य प्रकार की पूँजी) विनियम, 2022 कहलाएंगे।
(2) ये विनियम सरकारी राजपत्र में इनके प्रकाशन की तारीख को प्रवृत्त होंगे।
(3) ये विनियम भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (अन्य प्रकार की पूँजी) विनियम, 2015 का अधिक्रमण करेंगे।
(4) ये विनियम आधिकारिक राजपत्र में उनके प्रकाशन की तारीख से तीन साल की अवधि के लिए लागू रहेंगे, जब तक कि पहले समीक्षा या संशोधन नहीं किया जाता है।
**2. (1) परिभाषाएँ.—**इन विनियमों में, जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,-
(2) यहाँ इन विनियमों में प्रयुक्त और अपरिभाषित परन्तु कंपनी अधिनियम, 2013 अथवा बीमा अधिनियम, 1938 (1938 का 4), अथवा बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1999 (1999 का 41) अथवा उनके अधीन बनाये गये नियमों अथवा विनियमों में परिभाषित सभी शब्दों और अभिव्यक्तियों का अर्थ वही होगा जो उन अधिनियमों अथवा नियमों अथवा विनियमों में क्रमशः उनके लिए निर्धारित किया गया है।
3. अधिमानी शेयर पूँजी अथवा गौण कर्ज “अन्य प्रकार की पूँजी” के रूप में अर्हता प्राप्त करेंगे बशर्ते कि निम्नलिखित सभी मानदंडों को पूरा किया जाएः