IRDAI regulation · 06 Jul 2017
4019 GI/ 2017 (1) jftLVªh laö Mhö ,yö&33004@99 REGD. NO. D. L.-33004/99 vlk/kj.k EXTRAORDINARY Hkkx III—[k.M 4 PART III—Section 4 izkf/dkj ls izdkf'kr PUBLISHED BY AUTHORITY la - 262] ubZ fnYyh] ' kqØ okj ] twu 30 ] 201 7 @ vk"kk<+ 9 ] 193 9 No. 262] NEW DELHI, FRIDAY, JUNE 30, 2017/ASADHA 9, 1939 भारतीय बीमा विवियामक…
4019 GI/ 2017 (1) jftLVªh laö Mhö ,yö&33004@99 REGD. NO. D. L.-33004/99 vlk/kj.k EXTRAORDINARY Hkkx III—[k.M 4 PART III—Section 4 izkf/dkj ls izdkf'kr PUBLISHED BY AUTHORITY la - 262] ubZ fnYyh] ' kqØ okj ] twu 30 ] 201 7 @ vk"kk<+ 9 ] 193 9 No. 262] NEW DELHI, FRIDAY, JUNE 30, 2017/ASADHA 9, 1939 भारतीय बीमा विवियामक और विकास प्राविकरण अविसूचिा हैदराबाद, 22 जूि, 2017 भारतीय बीमा विवियामक और विकास प्राविकरण (पॉविसीिारकों के वहतों का संरक्षण) विवियम, 2017 फा.सं.भा.बी.वि.वि.प्रा./विवियम/8/145/2017– बीमा विवियामक और विकास प्राविकरण अविवियम, 1999 (1999 का 41) की िारा 14 की उप-िारा (2) के खंड (ख) और िारा 26 के साथ पठित बीमा अविवियम, 1938 (1938 का 4) की िारा 114ए की उप-िारा (2) के खंड (जेडसी) द्वारा प्रदत्त शवियों का प्रयोग करते हुए, प्राविकरण बीमा सिाहकार सवमवत के साथ परामशश करिे के बाद इसके द्वारा विम्नविवखत विवियम बिाता है, अथाशत् :- 1. संवक्षप्त िाम और प्रारंभः 1. ये विवियम भारतीय बीमा विवियामक और विकास प्राविकरण (पॉविसीिारकों के वहतों का संरक्षण) विवियम, 2017 कहिाएँगे । 2. ये विवियम भारत सरकार के आविकाठरक राजपत्र में इिके प्रकाशि की तारीख को प्रिृत्त होंगे तथा बीमा विवियामक और विकास प्राविकरण (पॉविसीिारकों के वहतों का संरक्षण) विवियम, 2002 और इस संबंि में जारी ककये गये ककसी भी स्पष्टीकरण पठरपत्रों/ कदशाविदेशों का अविक्रमण करेंगे। 2. प्रयोज्यता 1. ये विवियम प्राविकरण द्वारा बिाये गये ककन्हीं अन्य विवियमों के विए पूरक हैं, जो अन्य बातों के साथ-साथ पॉविसीिारकों के वहतों के संरक्षण की व्यिस्था करते हैं। 2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART III—SEC. 4] 2. ये विवियम सभी बीमाकताशओँ, वितरण माध्यमों, मध्यिती संस्थाओं, बीमा मध्यिर्तशयों, अन्य विवियवमत संस्थाओँ और पॉविसीिारकों पर िागू हैं। 3. उद्देश्यः 1. यह सुविवित करिा कक बीमा पॉविसीिारकों के वहतों का संरक्षण ककया जाए। 2. यह सुविवित करिा कक बीमाकताश, वितरण माध्यम और अन्य विवियवमत संस्थाएँ पॉविसीिारकों के प्रवत अपिे दावयत्िों को पूरा करें तथा बीमा पॉविवसयों की वबक्री और सेिा में मािक कक्रयाविवियाँ और सिोत्तम प्रथाएँ स्थावपत करें। 3. वशकायत वििारण पर बि देते हुए बीमाकताशओं द्वारा पॉविसीिारक-केवन्ित अवभशासि सुविवित करिा। 4. पठरभाषाएँ: इि विवियमों में, जब तक संदभश से अन्यथा अपेवक्षत ि हो- 1. "अविवियम" से बीमा अविवियम, 1938 (1938 का 4) अवभप्रेत है; 2. "प्राविकरण" से बीमा विवियामक और विकास प्राविकरण अविवियम, 1999 (1999 का 41) की िारा 3 के उपबंिों के अिीि स्थावपत भारतीय बीमा विवियामक और विकास प्राविकरण (आईआरडीएआई) अवभप्रेत है; 3. "बैंक दर" से "वित्तीय िषश, वजसमें दािा देय हो गया हो, के प्रारंभ में भारतीय ठरज़िश बैंक (आर बी आई) द्वारा वििाशठरत बैंक दर" अवभप्रेत है; 4. "वशकायत" अथिा "पठरिाद" से वशकायतकताश के द्वारा बीमाकताश, वितरण माध्यमों, मध्यिती संस्थाओं, बीमा मध्यिर्तशयों अथिा अन्य विवियवमत संस्थाओं से इस प्रकार के बीमाकताश, वितरण माध्यमों, मध्यिती संस्थाओं, बीमा मध्यिर्तशयों अथिा अन्य विवियवमत संस्थाओं की सेिा के मािक अथिा सेिा की कमी के बारे में ककसी कारशिाई अथिा कारशिाई के अभाि के बारे में असंतोष की अवभव्यवि (वजसमें इिेक्ट्रॉविक मेि के रूप में अथिा अन्य इिेक्ट्रॉविक विवपयों में सूचिा शावमि है) अवभप्रेत है; स्पष्टीकरणः कोई पूछताछ अथिा अिुरोि "वशकायत" अथिा "पठरिाद" की पठरभाषा के अंतगशत िहीं आता। 5. "वशकायतकताश" से बीमा पॉविसी का िह पॉविसीिारक अथिा भािी ग्राहक अथिा कोई िाभाथी अवभप्रेत है, वजसिे बीमाकताश अथिा वितरण माध्यम के विरुद्ध वशकायत अथिा पठरिाद दावखि ककया हो; 6. "रक्षा" (किर) से बीमा संविदा अवभप्रेत है, चाहे िह ककसी बीमा संविदा के अवस्तत्ि के प्रमाणस्िरूप प्राविकरण द्वारा यथाअिुमोकदत एक पॉविसी अथिा एक किर िोट के रूप में हो अथिा बीमा प्रमाणपत्र के रूप में; 7. "वितरण माध्यम" से बीमा उत्पादों के विक्रय और सेिा के साथ संबद्ध होिे के विए प्राविकरण द्वारा प्राविकृत व्यवि और संस्थाएँ अवभप्रेत हैं; 8. "प्रस्ताि फामश" से भािी ग्राहक (प्रॉस्पेक्ट्ट) के द्वारा विवखत में अथिा इिेक्ट्रॉविक रूप में अथिा प्राविकरण द्वारा अिुमोकदत ककसी अन्य फामेट में भरा जािेिािा फामश अवभप्रेत है जो जोवखम के अंकि के संदभश में प्रामावणक विणशय िेिे के विए, तथा जोवखम की स्िीकृवत की वस्थवत में दरों, िाभों, प्रदाि की जािेिािी बीमारक्षा की शतों के वििाशरण हेतु बीमाकताश को समथश बिािे के विए जोवखम के संबंि में बीमाकताश द्वारा अपेवक्षत रूप में समस्त महत्िपूणश सूचिा प्रस्तुत करिे के विए उकद्दष्ट है;