IRDAI regulation · 12 Dec 2018
7123 GI/2018 (1) jftLVªh laö Mhö ,yö&33004@99 REGD. NO. D. L.-33004/99 vlk/kj.k EXTRAORDINARY Hkkx III—[k.M 4 PART III—Section 4 izkf/dkj ls izdkf'kr PUBLISHED BY AUTHORITY la- 465] ubZ fnYyh] cq/okj] fnlEcj 5] 2018@vxzgk;.k 14] 1940 No. 465] NEW DELHI, WEDNESDAY, DECEMBER 5, 2018/AGRAHAYANA 14, 1940 भारतीय भारतीय भारत…
7123 GI/2018 (1) jftLVªh laö Mhö ,yö&33004@99 REGD. NO. D. L.-33004/99 vlk/kj.k EXTRAORDINARY Hkkx III—[k.M 4 PART III—Section 4 izkf/dkj ls izdkf'kr PUBLISHED BY AUTHORITY la- 465] ubZ fnYyh] cq/okj] fnlEcj 5] 2018@vxzgk;.k 14] 1940 No. 465] NEW DELHI, WEDNESDAY, DECEMBER 5, 2018/AGRAHAYANA 14, 1940 भारतीय भारतीय भारतीय भारतीय बीमा बीमा बीमा बीमा िविनयामक िविनयामक िविनयामक िविनयामक और और और और िवकास िवकास िवकास िवकास ािधकरण ािधकरण ािधकरण ािधकरण अिधसूचना अिधसूचना अिधसूचना अिधसूचना हैदराबाद, 30 नव बर, 2018 भारतीय भारतीय भारतीय भारतीय बीमा बीमा बीमा बीमा िविनयामक िविनयामक िविनयामक िविनयामक और और और और िवकास िवकास िवकास िवकास ािधकरण ािधकरण ािधकरण ािधकरण (पुनबमा पुनबमा पुनबमा पुनबमा) ) ) ) िविनयम िविनयम िविनयम िविनयम, 2018 , 2018 , 2018 , 2018 फा फा फा फा. . . . संसंसंसं. . . . भा भा भा भा.बी बी बी बी.िव िव िव िव.िव िव िव िव.ा ा ा ा././././िविनयम िविनयम िविनयम िविनयम/4/151/2018 /4/151/2018 /4/151/2018 /4/151/2018.—बीमा िविनयामक और िवकास ािधकरण अिधिनय़म, 1999 क धारा 14 और 26 के साथ पठत बीमा अिधिनयम, 1938 क धारा 114ए ारा द शिय का योग करते ए ािधकरण, बीमा सलाहकार सिमित के साथ परामश करने के बाद, इसके ारा िनिलिखत िविनयम बनाता है— 1) 1) 1) 1) संि संि संि संि नाम नाम नाम नाम, , , , ारंभ ारंभ ारंभ ारंभ और और और और योयता योयता योयता योयता: : : : 1. ये िविनयम भारतीय बीमा िविनयामक और िवकास ािधकरण (पुनब!मा) िविनयम, 2018 के नाम से जाने जाएँगे । 2. ये िविनयम 1 जनवरी 2019 से वृ हगे। 3. ये िविनयम अिधिनयम क धारा 2 (9) के अंतगत यथापरभािषत बीमाकता , अंतररा-ीय िवीय सेवाएँ के./ (आईएफएससी) बीमा कायालय (आईआईओ) और अिधिनयम क धारा 118 (सी) के अंतगत यथापरभािषत छूट- ा0 बीमाकता पर लागू हगे। 2) 2) 2) 2) परभाषाएँ परभाषाएँ परभाषाएँ परभाषाएँ: : : : इन िविनयम म1, जब तक संदभ से अ.यथा अपेि3त न होः 1. `अिधिनयम' से बीमा अिधिनयम, 1938 (1938 का 4) अिभेत है; 2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART III—SEC. 4] 2. ‘वैकि5पक जोिखम अंतरण', जो इन िविनयम म1 इसके बाद थमा3र से `एआरटी' कहलाएँगे, (जो जीवन पुनब!मा 6वसाय म1 `िवीय पुनब!मा' भी कहलाएँगे) से गैर-परंपरागत संरिचत पुनब!मा समाधान अिभेत ह7, जो 8कसी बीमाकता अथवा पुनब!माकता क िविश9 आव;यकता अथवा ोफ़ाइल के अनुकूल बनाये गये ह; 3. ‘ािधकरण' से बीमा िविनयामक और िवकास ािधकरण अिधिनयम, 1999 (1999 का 41) क धारा 3 क उप-धारा (1) के अधीन >थािपत भारतीय बीमा िविनयामक और िवकास ािधकरण अिभेत है; 4. इन िविनयम के योजन के िलए `बोड' से अिभेत है- अ. (क) आईआईओ को छोड़कर Aय3 बीमा 6वसाय अं8कत करनेवाले भारतीय बीमाकता , (ख) भारतीय पुनब!माकता और (ग) लॉयCस इंिडया क सेवा कंपिनय – का िनदेशक बोड; आ. अपनी आवेदक कंपिनय के िनदेशक बोड ारा िविधवत् ािधकृत, िवदेशी पुनब!माकता क शाखा (एफआरबी) और अंतररा-ीय िवीय सेवा के./ बीमा कायालय (आईआईआईओ) क कायकारणी सिमित; इ. छूट-ा0 बीमाकता के बीमा भाग अथवा िवभाग का मुख; 5. अDयपक (सेड7ट) से वह भारतीय बीमाकता अिभेत है जो Aय3 बीमा 6वसाय अं8कत करता है और संिवदागत तौर पर जोिखम के एक अंश का अंतरण करता है (अDयपण करता है); 6. `अDयपण' (सेशन) से जोिखम का वह अंश अिभेत है जो अDयपक ारा पुनब!माकता को अंतरत 8कया जाता है; 7. `कवर नोट' पुनब!मा संिवदा क शतF का िववरण देते ए पुनब!मा 6वसाय अं8कत करनेवाले भारतीय बीमाकता अथवा सीबीआर अथवा पुनब!माकता ारा ािधकृत पुनब!मा दलाल ारा जारी 8कया गया िलिखत द>तावेज है; 8. `सीमापार पुनब!माकता', जो इन िविनयम म1 इसके बाद थमा3र से `सीबीआर' कहलाएगा, से लॉयCस के समूह सिहत िवदेशी पुनब!माकता अिभेत है, िजसके 6वसाय का >थान भारत के बाहर >थािपत है और िजसका पयवे3ण उसके >वदेश के िविनयमनकता ारा 8कया जाता है। सीमापार पुनब!माकता म1 शािमल हैः अ. एफआरबी क मूल अथवा समूह कंपिनयाँ; आ. आईआईओ क मूल अथवा समूह कंपिनयाँ। 9. `छूट-ा0 बीमाकता' से अिधिनयम क धारा 118(सी) के अधीन बीमा 6वसाय करनेवाला 6ि अथवा 6िय का वग अिभेत है; 10. `िवक5पी पुनब!मा' (फैक5टेटव रीइ.;योर1स) से एक एकल जोिखम अथवा जोिखम का परभािषत पैकेज अिभेत है, जहाँ न तो अDयपक ये जोिखम पुनब!माकता को >तुत करने के िलए बाDय है और न ही पुनब!माकता पुनब!मा संर3ण देने के िलए बाDय है; 11. `िवीय वष' से कंपनी अिधिनयम, 2013 क धारा 2 (41) के अंतगत यथापरभािषत अविध अिभेत है; 12. `िवदेशी पुनब!माकता क शाखा' जो इन िविनयम म1 इसके बाद थमा3र से `एफआरबी' कहलाएगी, से पुनब!मा 6वसाय म1 लगी ई िवदेशी कंपनी क शाखा अिभेत है, िजसे ािधकरण ारा भारतीय बीमा िविनयामक और िवकास ािधकरण (लॉयCस को छोड़कर अ.य िवदेशी पुनब!माकता के शाखा कायालय का पंजीकरण और परचालन) िविनयम, 2015 के अधीन अथवा भारतीय बीमा िविनयामक और िवकास ािधकरण (लॉयCस इंिडया) िविनयम, 2016 के अधीन पंजीकरण माणपK दान 8कया गया हो; ¹Hkkx IIIµ[k.M 4º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 3 13. `LंMटंग' से जोिखम का अंतरण करने क वह 8Nया अिभेत है िजसम1 भारतीय बीमाकता 8कसी पुनब!माकता अथवा वापसीकता (रेOोसेशनेयर) को अिधकांश अथवा सम>त अिभगृहीत (अ>यूPड) जोिखम का अDयपण अथवा वापसी करता है; 14. `भारतीय बीमाकता' से इन िविनयम के योजन के िलए अिधिनयम क धारा 2(9) के अंतगत यथापरभािषत वह `बीमाकता' अिभेत है िजसे ािधकरण ारा पंजीकरण माणपK दान 8कया गया हो, तथा इसम1 छूट-ा0 बीमाकता और आईआईओ भी शािमल ह7; 15. `बीमा समूह' से बीमा अथवा पुनब!मा का कोई संयु जोिखम-अंकन परचालन अिभेत है िजसम1 सहभागी भारतीय बीमाकता सम>त अं8कत 6वसाय म1 एक पूविनधारत अंश Qहण करते ह7; 16. इन िविनयम के योजन के िलए, `बीमा खंड' से िनिलिखत अिभेत और सिPमिलत ह7- क. फायर (तेल और ऊजा को छोड़कर); ख. मरीन हल; ग. मरीन कागF; घ. इंजीिनयMरंग; ङ. िवमानन; च. मोटर; छ. >वा>Sय (वैयिक दुघटना और याKा सिहत), जीवन बीमा 6वसाय करनेवाले बीमाकता ारा जारी क गई पॉिलिसय को छोड़कर अ.य; ज. फ़सल; झ. 6ापारक उधार; ञ. तेल और ऊजा; ट. देयता; ठ. िविवध; ड. जीवन (जीवन बीमाकता ारा जारी क गई >वा>Sय बीमा पॉिलिसय सिहत); ढ. कोई अ.य खंड (िविवध खंड के अंतगत) जो िविवध वग के सकल अं8कत ीिमयम के दस ितशत से अिधक अंशदान करता हो; ण. समय-समय पर ािधकरण ारा अिधसूिचत कोई अ.य खंड; 17. `अंतररा-ीय िवीय सेवा के./ (आईएफएससी) बीमा कायालय' जो इन िविनयम म1 इसके बाद थमा3र से `आईआईओ' कहलाएगा, से भारत म1 अथवा भारत के बाहर अिधवास करनेवाले बीमाकता अथवा पुनब!माकता का शाखा कायालय अिभेत है, िजसे बीमा 6वसाय अथवा पुनब!मा 6वसाय अथवा दोन करने के िलए आईएफएससी-एसईजेड म1 अपना कायालय खोलने के िलए ािधकरण ारा पंजीकरण माणपK दान 8कया गया हो; 18. `पुनब!मा संिवदा' एक वािणिUयक करार है तथा सभी प3कार पर कानूनी तौर पर बाDयकारी है जो एक पुनब!मा पच! अथवा कवर नोट अथवा ऐसे अ.य द>तावेज ारा मािणत हो; 4 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART III—SEC. 4] 19. ‘पुनब!मा पच!' एक द>तावेज है जो पुनब!मा के िलए >तािवत जोिखम एवं शतV का संि30 िववरण उपलXध कराता है; 20. ‘ितधारण' से जोिखम का वह अंश अिभेत है जो भारतीय बीमाकता अपने >वयं के खाते के िलए Qहण करता है; 21. ‘वापसी' (रेOोसेशन) से ऐसा पुनब!मा लेनदेन अिभेत है िजसके ारा Qहण 8कये गये पुनब!िमत जोिखम का एक अंश आगे 8कसी अ.य भारतीय बीमाकता अथवा सीबीआर को अDयYपत 8कया जाता है; 22. ‘समझौता' (Oीटी) से अDयपक और पुनब!माकता के बीच अथवा पुनब!माकता और वापसीकता के बीच सामा.यतः एक वष क एक पुनब!मा संिवदा अिभेत है, जो 6वसाय के परभािषत वग (वगV) अथवा खंड (खंड) के पुनब!मा के िलए लागू तकनीक िववरण और िवीय शत[ िनधारत करती है; 23. इन िविनयम म1 यु और अपरभािषत, परंतु अिधिनयम अथवा बीमा िविनयामक और िवकास ािधकरण अिधिनयम, 1999 (1999 का 41) अथवा साधारण बीमा 6वसाय (रा-ीयकरण) अिधिनयम, 1972 (1972 का 57) अथवा जीवन बीमा िनगम अिधिनयम, 1956 (1956 का 31), उनके अधीन बनाये गये िनयम अथवा िविनयम म1 परभािषत शXद और अिभ6िय के अथ वही हगे जो उन अिधिनयम अथवा िनयम म1 Nमशः उनके िलए िनधारत 8कये गये ह7। 3) 3) 3) 3) पुनबमा पुनबमा पुनबमा पुनबमा कायम कायम कायम कायम 1. उ\े;य Aयेक भारतीय ब]माकता के पुनब!मा कायNम के िलए िनिलिखत उ\े;य ारा मागदशन ा0 8कया जाएगाः अ. जोिखम के उिचत और पया0 िविवधीकरण के अधीन देश के अंदर ितधारण को उ^तम सीमा तक बढ़ाना; आ. पया0 तकनीक 3मता और िवीय 3मता को िवकिसत करना; इ. एक उिचत लागत पर पॉिलसीधारक और अDयपक (वापसीकता ) के िहत के संर3ण के िलए अपेि3त सवFम संभव पुनब!मा र3ा (कवरेज) सुिनि_त करना; ई. 6वसाय के संचालन को सरल बनाना। 2. ितधारण नीित अ. Aयेक भारतीय बीमाकता क. अपनी िवीय 3मता, जोिखम क गुणवा और 6वसाय क माKा के अनु`प अिधकतम संभव ितधारण बनाये रखेगा; ख. उपयु उ\े;य को Dयान म1 रखते ए अपने बोड ारा िविधवत् अनुमो8दत एक उपयु बीमा खंड- वार ितधारण नीित बनाएगा; ग. यह सुिनि_त करेगा 8क उ पुनब!मा 6व>था LंMटंग नह] है। आ. तथािप, जीवन बीमा 6वसाय करनेवाला Aयेक भारतीय बीमाकता िनिलिखत का .यूनतम ितधारण बनाये रखेगा- क. िवशुa संर3ण जीवन बीमा 6वसाय संिवभाग के अंतगत जोिखम पर रािश का 25% तथा ¹Hkkx IIIµ[k.M 4º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 5 ख. िवशुa संर3ण जीवन बीमा 6वसाय संिवभाग को छोड़कर अ.य के अंतगत जोिखम पर रािश का 50%. पीकरणः इन िविनयम के भावी होने क तारीख से पहले िवमान वसाय के संिवभाग का वतमान समझौत के ारा िनयंित होना जारी रहेगा। इ. Aयेक भारतीय पुनब!माकता अपने भारतीय 6वसाय के 50% का .यूनतम ितधारण बनाये रखेगा। ई. ािधकरण भारतीय बीमाकता से अपे3ा कर सकता है 8क वह अपनी ितधारण नीित को उिचत िसa करे तथा उपयु उ\े;य को पूरा करने के िलए आव;यक समझे गये `प म1 िनदbश दे सकता है। 3. पुनब!मा 6व>थाएँ अ. Aयेक भारतीय बीमाकता- क. अपना वाYषक पुनब!मा कायNम Aयेक िवीय वष के ारंभ से शु` करेगा; ख. िवीय वष के ारंभ से 45 8दन पहले अगले िवीय वष के िलए अपनी ितधारण नीित के साथ बोड ारा अनुमो8दत पुनब!मा कायNम ािधकरण को >तुत करेगा; ग. िवीय वष के ारंभ से 30 8दन के अंदर ािधकरण के पास िनिलिखत को >तुत करेगाः i. उपयु 3(3)(अ)(ख) के अधीन >तुत कायNम म1 य8द कोई परवतन ह, तो उ.ह1 सिPमिलत करते ए अपने बोड ारा अनुमो8दत अंितम पुनब!मा कायNम अथवा मुdय कायकारी अिधकारी ारा एक घोषणा 8क सं>था ने फाइल 8कये गये कायNम म1 कोई परवतन नह] 8कया है; ii. Aयेक बीमा खंड के िलए िपछले िवीय वष के दौरान वा>तिवक >थानन का पुनब!माकता-वार िववरण; घ. कोई नई पुनब!मा 6व>था अथवा पुनब!मा 6व>था म1 कोई संशोधन (उपयु 3(3)(अ)(ग) के अधीन बनाया गया अंितम पुनब!मा कायNम >तुत करने के बाद) संबंिधत द>तावेज के साथ पूरा िववरण, ऐसी 6व>था के िलए कारण देते ए, बोड ारा अनुमोदन ा0 करने के 15 8दन के अंदर बोड ारा अनुमो8दत ित सिहत ािधकरण के पास फाइल करेगा।