रजिस्ट्री सं० डी० एल०–33004/99
REGD. NO. D. L.-33004/99
भारत का राजपत्र
The Gazette of India
असाधारण
EXTRAORDINARY
भाग III—खण्ड 4
PART III—Section 4
प्राधिकार से प्रकाशित
PUBLISHED BY AUTHORITY
सं. 32]
ु 27, 2017/माघ 7, 1938
नई दिल्ली, शुक्रवार, जनवरी
No. 32]
NEW DELHI, FRIDAY, JANUARY 27, 2017/MAGHA 7, 1938
भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकारण
अधिसूचना
हैदराबाद, 17 जनवरी, 2017
भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकारण (बीमा विपणन फर्म का रजिस्ट्रेशन) (पहला संशोधन) विनियम, 2016
फा. सं. भा.बी.िव.िव.प्रा./विनियम/1/138/2017.—बीमा विनियामक और विकास प्राधिकारण अधिनियम, 1999 (1999 का 41) की धाराओं 14 और 26 तथा समय-समय पर यथासंशोधित बीमा अधिनियम, 1938 की धाराओं 42डी और 42ई के साथ पठित समय-समय पर यथासंशोधित बीमा अधिनियम, 1938 (1938 का 4) की धारा 114ए द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, प्राधिकरण बीमा सलाहकार समिति के साथ परामर्श करने के बाद इसके द्वारा भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकारण (बीमा विपणन फर्म का रजिस्ट्रेशन) विनियम, 2015 में निम्नलिखित संशोधन करता है, अर्थात् :-
1. संक्षिप्त नाम और प्रारंभ :
- 1.1 ये विनियम भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकारण (बीमा विपणन फर्म का रजिस्ट्रेशन) (पहला संशोधन) विनियम, 2016 कहलाएँगे।
- 1.2 ये विनियम सरकारी राजपत्र में इनके प्रकाशन की तारीख को प्रवृत्त होंगे।
2. भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकारण (बीमा विपणन फर्म का रजिस्ट्रेशन) विनियम, 2015 में
- (क) विनियमन 3(क) और विनियमन 11.1 में "के बीमा उत्पादों....." शब्दों के पहले "के अधिकतम" शब्द अंतःस्थापित किये जायेंगे।
- (ख) विनियमन (3) में निम्नलिखित खंड अंतःस्थापित किया जाएगाः
- (घ) बीमा विपणन फर्म (आईएमएफ) निम्नलिखित के अधीन बीमा उत्पादों के दूरस्थ विपणन के संबंध में समय-समय पर प्राधिकरण द्वारा जारी किये गये दिशानिर्देशों/ विनियमों/ परिपत्रों का पालन करेगाः दूरस्थ विपणन
- i. बीमा विपणन फर्म (आईएमएफ) द्वारा दूर-विपणनकर्त्ता(ओं) को नियुक्त किये बिना किया जाएगा।
- ii. प्राधिकरण से पूर्व अनुमोदन प्राप्त करने के बाद किया जाएगा।
- iii. केवल बीमा विक्रेताओं (आईएसपी) के माध्यम से किया जाएगा।
- iv. केवल उन्हीं बीमाकर्त्ता(ओं) की ओर से किया जाएगा जिनके साथ अनुसूची V के भाग I में विनिर्दिष्ट रूप में बीमा व्यवसाय कार्यकलाप करने के लिए बीमा विपणन फर्म द्वारा करार किये गये हों।
- (ग) विनियमन 4.1 में निम्नलिखित खंड ज अंतःस्थापित किया जाएगाः
- (ज) यह वक्तव्य देते हुए एक वचनपत्र प्रस्तुत करेगा कि बीमा व्यवसाय की अपेक्षा / अग्रता उत्पादन के लिए दूर विपणनकर्त्ता(ओं) को नियुक्त नहीं किया जाएगा।
- (घ) विनियमन 5.2 (vi) को निम्नलिखित से प्रतिस्थापित किया जाएगाः
- "क्या आवेदक के नाम में शब्द "बीमा विपणन" अथवा "आईएमएफ" है।"
- (ङ) विनियमन 14.2 में निम्नलिखित खंड अंतःस्थापित किया जाएगाः
- (क) यह वक्तव्य देते हुए एक वचनपत्र प्रस्तुत करेगा कि बीमा व्यवसाय की अपेक्षा / अग्रता उत्पादन के लिए दूर विपणनकर्त्ता नियुक्त नहीं किया जाएगा/ नहीं किये जाएँगे।
- (च) अनुसूची-III (1) (सामान्य) को निम्नलिखित रूप में प्रतिस्थापित किया जाएगा
- "1. सामान्यः
प्रधान अधिकारी और आईएसपी के लिए प्रशिक्षण समय-समय पर प्राधिकरण द्वारा निर्णीत रूप में अनुमोदित संस्था द्वारा और अनुमोदित तरीके से ऑन- लाइन संचालित किया जाएगा"।
- (छ) अनुसूची IV भाग III (2) को निम्नानुसार प्रतिस्थापित किया जाता है
- "क्षेत्र" को एक ऐसे जिले के रूप में परिभाषित किया गया है जिसके लिए बीमा विपणन फर्म का रजिस्ट्रेशन वैध हो। तथापि, यदि आवेदक द्वारा अनुरोध किया जाता है तो किसी राज्य के राजधानी नगर में पंजीकृत बीमा विपणन फर्म (आईएमएफ) के मामले में ऐसे नगर की नगरपालिका / नगर निगम के अंतर्गत परिभाषित क्षेत्र परिचालन के क्षेत्र के रूप में माना जाएगा।
- (ज) अनुसूची V भाग-II (ङ) को निम्नानुसार प्रतिस्थापित किया जाता है
- "अपने कार्यस्थल पर/ कार्यालय में प्राधिकरण द्वारा जारी किये गये अपने रजिस्ट्रेशन का विवरण प्रदर्शित करेगा जैसे पंजीकरण के निगम की तारीख और उसकी वैधता, और संबंधित विनियमनकर्त्ताओं द्वारा जारी किये गये प्रमाणपत्रों के साथ विपणन किये जानेवाले अन्य वित्तीय उत्पादों की सूची, शिकायत निवारण प्रक्रिया, लोकपालों की सूची तथा अन्य प्रयोज्य संविधि(यों) के अंतर्गत अपेक्षित की जानेवाली अन्य संगत सूचना।"
- (झ) अनुसूची X(3) में "........ व्यवसाय में बीमा विपणन फर्म द्वारा……… अधिक नहीं होगा।" शब्दों के बाद निम्नलिखित वाक्य अंतःस्थापित किया जाएगा।
- "एओए : एओवाई का अनुपात 1 : 1 होगा।"
- (ञ) फार्म बी, सी और डी में सारणी में निम्नलिखित शब्द हटाये गये हैं तथा संशोधित फार्म क्रमशः अनुबंध 1, 2 और 3 के रूप में रखे गये हैं।