IRDAI regulation F. No. IRDAI/Reg/4/198/2024 · 01 Apr 2024
Official title
IRDAI (Rural, social sector and Motor third party obligations) Regulations, 2024
Summary
Check the official recordThe IRDAI (Rural, Social Sector and Motor Third Party Obligations) Regulations, 2024, establish mandatory business targets for insurers to enhance insurance penetration in rural and social sectors and ensure availability of motor third-party liability insurance. Insurers must meet specific coverage targets for lives, dwellings, shops, and vehicles within designated gram panchayats, and general insurers must achieve defined growth percentages in their motor third-party portfolios based on previous market share. The regulations apply to all insurers, with specific exclusions for entities like the Agriculture Insurance Company and ECGC. Insurers are prohibited from refusing to underwrite 'liability only' motor policies. These regulations replace the 2015 obligations and come into force on April 1, 2024.
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रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99
सी.जी.-टी.एल.-अ.-22032024-253319 CG-TL-E-22032024-253319
असाधारण EXTRAORDINARY
भाग III—खण्ड 4 PART III—Section 4
प्राधिकार से प्रकाशित PUBLISHED BY AUTHORITY
सं. 191] नई दिल्ली, बृहस्पतिवार, मार्च 21, 2024/चैत्र 1, 1946 No. 191] NEW DELHI, THURSDAY, MARCH 21, 2024/CHAITRA 1, 1946
भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण अधिसूचना हैदराबाद, 20 मार्च, 2024
भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (ग्रामीण, सामाजिक क्षेत्र और मोटर अन्य पक्ष दायित्व) विनियम, 2024
फा.सं. भा.बी.वि.वि.प्रा./विनियम/ 4/198/2024.—बीमा अधिनियम, 1938 की धाराओं 32बी, 32सी और 32डी के साथ पठित धारा 114ए(2)(आईडी) और (आईई) तथा बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1999 की धारा 26 के साथ पठित धारा 14(2)(त) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण, बीमा सलाहकार समिति के साथ परामर्श करने के बाद, इसके द्वारा निम्नलिखित विनियम बनाता है, अर्थात्-
1. संक्षिप्त नाम, प्रयोज्यता और प्रारंभ क) ये विनियम भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (ग्रामीण, सामाजिक क्षेत्र और मोटर अन्य पक्ष दायित्व) विनियम, 2024 कहलाएँगे। ख) ये विनियम 1 अप्रैल 2024 से प्रवृत्त होंगे। ग) इन विनियमों की समीक्षा इनकी अधिसूचना की तारीख से प्रत्येक तीन वर्ष में एक बार की जाएगी, जब तक कि इनकी समीक्षा या निरसन या संशोधन की आवश्यकता इसके पहले उत्पन्न न हो।
2. उद्देश्य उस न्यूनतम ग्रामीण और सामाजिक क्षेत्र व्यवसाय जिसका जोखिम-अंकन बीमाकर्ताओं से बीमा अधिनियम, 1938 की धारा 32बी और 32सी के अंतर्गत करना अपेक्षित है तथा उस न्यूनतम अन्य पक्ष मोटर बीमा व्यवसाय जिसका जोखिम-अंकन साधारण बीमा व्यवसाय करनेवाले बीमाकर्ता से बीमा अधिनियम, 1938 की धारा 32डी के अंतर्गत करना अपेक्षित है, विनिर्दिष्ट करना है।
3. परिभाषाएँ (1) इन विनियमों में, जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो— (क) “अधिनियम” से बीमा अधिनियम, 1938 (1938 का 4) अभिप्रेत है; (ख) “प्राधिकरण” से बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1999 (1999 का 11) की धारा 3 के उपबंधों के अधीन स्थापित भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण अभिप्रेत है; (ग) "सक्षम प्राधिकारी" से अभिप्रेत है: (i) अध्यक्ष, अथवा (ii) ऐसे पूर्णकालिक सदस्य या पूर्णकालिक सदस्यों की ऐसी समिति या प्राधिकरण का(के) ऐसा(ऐसे) अधिकारी, जैसा कि अध्यक्ष के द्वारा निर्धारित किया जाए; (घ) “आर्थिक दृष्टि से असुरक्षित और पिछड़े वर्ग” से गरीबी की रेखा से नीचे रहनेवाले व्यक्ति अभिप्रेत हैं; (ङ) “ग्राम पंचायत” से किसी गाँव या गाँवों के समूह के स्थानीय प्रशासन के लिए विभिन्न कानूनों के अधीन राज्य सरकार द्वारा गठित एक ग्रामीण निकाय अभिप्रेत है; (च) “अनौपचारिक क्षेत्र” में प्रायः अलिखित और अनौपचारिक नियोक्ता-कर्मचारी संबंध रखते हुए, प्रधानतः श्रम-प्रधान कार्य से युक्त, खुदरा व्यापार, परिवहन, मरम्मत और रखरखाव, निर्माण, वैयक्तिक और घरेलू सेवाएँ और विनिर्माण जैसे विविध प्रकार के कार्यकलापों के साथ रोजगार और आय उत्पन्न करने के प्राथमिक उद्देश्य के साथ विद्यमान विशिष्ट रूप से निम्न स्तरीय संगठन और प्रौद्योगिकी से युक्त लघुस्तरीय, स्वनियोजित श्रमिक शामिल हैं; (छ) “मोटर अन्य पक्ष बीमा व्यवसाय” के अंतर्गत मोटर बीमा के केवल देयता पॉलिसियाँ एवं पैकेज पॉलिसियों का देयता अंश शामिल है; (ज) “अन्य श्रेणियों के व्यक्ति” में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 में यथापरिभाषित योग्यता से युक्त व्यक्ति शामिल हैं जो संभवतः लाभकारी तौर पर नियोजित नहीं हैं और इनमें मस्तिष्क-स्तंभ से आक्रांत (स्पैस्टिक) व्यक्तियों और योग्यता से युक्त व्यक्तियों का संरक्षण करने के लिए विद्यमान अभिभावक भी शामिल हैं जिनके लिए बीमा आवश्यक है; (झ) “ग्रामीण क्षेत्र” से ऐसे क्षेत्र अभिप्रेत हैं जिनका प्रशासन ग्राम पंचायतों के अधीन संचालित किया जाता है; (ञ) “सामाजिक क्षेत्र” में असंगठित क्षेत्र, अनौपचारिक क्षेत्र, आर्थिक दृष्टि से असुरक्षित या पिछड़े वर्ग और अन्य श्रेणियों के व्यक्ति शामिल हैं जो दोनों ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रहते हैं; तथा (ट) “असंगठित क्षेत्र” का अर्थ वही होगा जो असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा अधिनियम, 2008 के अंतर्गत इसके लिए निर्धारित किया गया है।