IRDAI regulation · 10 Dec 2019
6249 GI/2019 (1) jftLVªh laö Mhö ,yö&33004@99 REGD. NO. D. L.-33004/99 vlk/kj.k EXTRAORDINARY Hkkx III—[k.M 4 PART III—Section 4 izkf/dkj ls izdkf'kr PUBLISHED BY AUTHORITY la- 445] ubZ fnYyh] cq/okj] fnlEcj 4] 2019@vxzgk;.k 13] 1941 No. 445] NEW DELHI, WEDNESDAY, DECEMBER 4, 2019/AGRAHAYANA 13, 1941 भारतीय बीमा िविनया…
6249 GI/2019 (1) jftLVªh laö Mhö ,yö&33004@99 REGD. NO. D. L.-33004/99 vlk/kj.k EXTRAORDINARY Hkkx III—[k.M 4 PART III—Section 4 izkf/dkj ls izdkf'kr PUBLISHED BY AUTHORITY la- 445] ubZ fnYyh] cq/okj] fnlEcj 4] 2019@vxzgk;.k 13] 1941 No. 445] NEW DELHI, WEDNESDAY, DECEMBER 4, 2019/AGRAHAYANA 13, 1941 भारतीय बीमा िविनयामक और िवकास ािधकरण भारतीय बीमा िविनयामक और िवकास ािधकरण भारतीय बीमा िविनयामक और िवकास ािधकरण भारतीय बीमा िविनयामक और िवकास ािधकरण अिधसूचना अिधसूचना अिधसूचना अिधसूचना हैदराबाद, 3 दस बर, 2019 भारतीय बीमा िविनयामक और िवकास भारतीय बीमा िविनयामक और िवकास भारतीय बीमा िविनयामक और िवकास भारतीय बीमा िविनयामक और िवकास ािधकरण (तृतीय प शासक ािधकरण (तृतीय प शासक ािधकरण (तृतीय प शासक ािधकरण (तृतीय प शासक –वाय सेवाएँ) (संशोधन) िविनयम, 2019 वाय सेवाएँ) (संशोधन) िविनयम, 2019 वाय सेवाएँ) (संशोधन) िविनयम, 2019 वाय सेवाएँ) (संशोधन) िविनयम, 2019 फा. सं. भा.बी.िव.िव.ा. फा. सं. भा.बी.िव.िव.ा. फा. सं. भा.बी.िव.िव.ा. फा. सं. भा.बी.िव.िव.ा./िविनयम िविनयम िविनयम िविनयम/15/166/2019 /15/166/2019 /15/166/2019 /15/166/2019.—बीमा अिधिनयम, 1938 (1938 का 4) क धारा 42डी और 42ई तथा बीमा िविनयामक और िवकास ािधकरण अिधिनयम, 1999 (1999 का 41) क धारा! 14 और 26 के साथ प%ठत बीमा अिधिनयम, 1938 (1938 का 4) क धारा 114ए(2)(*यू), (आर) और (एस) -ारा द. शि0य1 का योग करते 4ए, ािधकरण, बीमा सलाहकार सिमित के साथ परामश7 करने के बाद, भारतीय बीमा िविनयामक और िवकास ािधकरण (तृतीय प: शासक – ;वा;<य सेवाएँ) िविनयम, 2016 म? आगे संशोधन करने के िलए इसके -ारा िनBिलिखत िविनयम बनाता है, अथा7त् :- 1. संि& नाम और ारंभ संि& नाम और ारंभ संि& नाम और ारंभ संि& नाम और ारंभ— (1) ये िविनयम भारतीय बीमा िविनयामक और िवकास ािधकरण (तृतीय प: शासक- ;वा;<य सेवाएँ) (संशोधन) िविनयम, 2019 कहलाएँगे। (2) ये िविनयम सरकारी राजपH म? इनक अिधसूचना क तारीख को वृ. ह1गे। 2. भारतीय बीमा िविनयामक और िवकास ािधकरण (तृतीय प: शासक – ;वा;<य सेवाएँ) िविनयम, 2016 म?, क. िविनयम 2 के उप-िविनयम (1) के खंड (च) को हटाया जाएगा। ख. िविनयम 2 के उप-िविनयम (1) के खंड (ट) के िलए िनBिलिखत खंड ित;थािपत कया जाएगा, अथा7त् :- “ट. “नेटवक7 दाता” से नकदीरिहत सुिवधा -ारा बीमाकृत Lि0 को िचकMसा सेवाएँ उपलOध कराने के िलए बीमाकता7 -ारा, टीपीए -ारा अथवा संयु0 Pप से बीमाकता7 और टीपीए -ारा सूचीबQ अ;पताल अिभेत है।” .;.-, ~,~qil (Che <5a~ette of Jndia 2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART III—SEC. 4] ग. िविनयम 2 के उप-िविनयम (1) के खंड (ड) के िलए िनBिलिखत खंड ित;थािपत कया जाएगा, अथा7त् :- “ड. "तृतीय प: शासक " (टीपीए) से ऐसी कंपनी अिभेत है जो ािधकरण के पास पंजीकृत है, और इन िविनयम1 के अंतग7त उिRलिखत ;वा;<य सेवाएँ उपलOध कराने के िलए शुRक अथवा कसी भी नाम से कहलाने वाले और ;वा;<य सेवा करार म? उिRलिखत Pप म? भुगतान के िलए कसी बीमाकता7 -ारा िनयु0 है।“ घ. िविनयम 3 के उप-िविनयम (1) के खंड (ङ) म? शOद `िवदेश याHा’ के िलए शOद “याHा अथवा ;वा;<य अथवा िचकMसा बीमा” ित;थािपत कये जाएँगे। ङ. िविनयम 3 के उप-िविनयम (3) के बाद िनBिलिखत उप-िविनयम िनिवT कये जाएँगे, अथा7त् :- “(4) पािलसीधारक बीमाकता7 -ारा िनयु0 तृतीय प: शासक1 (टीपीए) म? से अपनी पसंद के एक तृतीय प: शासक (टीपीए) का चयन कर सकता है, जहाँ कसी िविशT बीमा उMपाद के िलए बीमाकता7 -ारा तृतीय प: शासक1 (टीपीए) क सेवाएँ िनयु0 क गई ह1। (क) जहाँ उपयु70 टीपीए -ारा द. ;वा;<य सेवा! के दौरान उ0 टीपीए क सेवाएँ समाV क जाती हW, वहाँ Mयेक बीमाकता7 अपने -ारा िनयु0 तृतीय प: शासक1 (टीपीए) म? से एक वैकिRपक टीपीए का चयन करने के िलए पािलसीधारक को अनुमित देगा। (ख) बीमाकता7 उन तृतीय प: शासक1 (टीपीए) के नाम ;पT Pप से उपलOध कराएगा, िजनम? से पािलसीधारक िबX केYZ पर अपनी पसंद के टीपीए का चयन कर सकता है। पािलसीधारक को अपनी पसंद के टीपीए म? प%रवत7न करने क अनुमित केवल नवीकरण के समय ही दी जा सकती है। बशत[ क पािलसीधारक के पास टीपीए क सेवाएँ छोड़ने क अपे:ा करने और बीमाकता7 से सीधे ;वा;<य सेवा दान करने के िलए अनुरोध करने का अिधकार नह^ होगा। परंतु यह भी शत7 होगी क बीमाकता7 के पास यह िवशेषािधकार होगा क *या कसी टीपीए को िनयु0 कया जाए या नह^, अथवा टीपीए क सेवाएँ समाV क जाएँ, अथवा कसी िविशT ;वा;<य बीमा उMपाद के िलए टीपीए क सेवा! क िनयुि0 न क जाए अथवा कसी िविशT बीमा उMपाद को सेवा देने के िलए टीपीए क सेवाएँ बंद क जाएँ। परंतु आगे यह भी शत7 होगी क बीमाकता7 के पास इन िविनयम1 के िविनयम 20 के उप-िविनयम (8) के उपबंध1 के अनुसार टीपीए को बदलने का िवशेषािधकार होगा। (ग) जहाँ पािलसीधारक ने कसी भी टीपीए का चयन नह^ कया हो, वहाँ बीमाकता7 अपनी पसंद के टीपीए को पािलसी क स`वaसग आबं%टत कर सकता है। (घ) जहाँ बीमाकता7 केवल एक ही टीपीए क सेवाएँ िनयु0 करता है, वहाँ पािलसीधारक को कोई िवकRप देने क आवbयकता नह^ है। पीकरण.--- इस उप-िविनयम के योजन1 के िलए, ;वा;<य सेवाएँ दान करने के िलए टीपीए का चयन करने का पािलसीधारक का िवकRप उन तृतीय प: शासक1 (टीपीए) तक सीिमत है िजनके साथ कये गये सेवा ;तरीय करार बीमाकता7 के पास िवcमान हW। ;वा;<य बीमा उMपाद और पािलसीधारक1 के भौगोिलक ;थान के आधार पर बीमाकता7 उन तृतीय प: शासक1 (टीपीए) क संdया को भी सीिमत कर सकता है िजनम? से पािलसीधारक अपनी पसंद के टीपीए का चयन कर सकता है। बीमाकता7 िनयु0 तृतीय प: शासक1 (टीपीए) क सूची ;पT Pप से उपलOध कराएगा, िजनम? से पािलसीधारक ;ताव अथवा नवीकरण, जैसी ि;थित हो, के समय अपनी पसंद के टीपीए का चयन कर सकता है। (5) ािधकरण द. सेवा! के संबंध म? सभी बीमाकता7! और तृतीय प: शासक1 (टीपीए) -ारा गुणाMमक और माHाMमक मानदंड1 का कटीकरण करने के िलए दशािनद[श िविनfदT कर सकता है।”