Laws and sections by number or title, due dates, pages, and updates.
The Insurance Regulatory and Development Authority of India issues the Insurance Regulatory and Development Authority of India (Third Party Administrators - Health Services) (Amendment) Regulations, 2019 to amend the 2016 regulations. The regulations revise definitions, capital and net worth requirements, promoter criteria, registration fees, and operational timelines for Third Party Administrators. Policyholders receive the option to select a Third Party Administrator from those engaged by the insurer at the point of sale or renewal. Third Party Administrators must maintain a net worth of at least one crore rupees. Promoters must satisfy specific business history and positive net worth criteria, and agree to a three-year lock-in period for invested funds. Third Party Administrators must submit claim settlement files and data electronically to insurers within 90 days after the close of every quarter.
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रजिस्ट्री सं० डी० एल०-33004/99
REGD. NO. D. L.-33004/99
प्राधिकार से प्रकाशित PUBLISHED BY AUTHORITY
सं. 445] नई दिल्ली, बुधवार, दिसम्बर 4, 2019/अग्रेहायण 13, 1941 No. 445] NEW DELHI, WEDNESDAY, DECEMBER 4, 2019/AGRAHAYANA 13, 1941
हैदराबाद, 3 दिसम्बर, 2019
भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (तृतीय पक्ष प्रशासक - स्वास्थ्य सेवाएं) (संशोधन) विनिमय, 2019
फा. सं. भा.बी.वि.वि.प्रा./विनिमय/15/166/2019.—बीमा अधिनियम, 1938 (1938 का 4) की धारा 42डी और 42ई तथा बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1999 (1999 का 41) की धाराओं 14 और 26 के साथ पठित बीमा अधिनियम, 1938 (1938 का 4) की धारा 114ए (2) (क्यू), (आर) और (एस) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, प्राधिकरण, बीमा सलाहकार समिति के साथ परामर्श करने के बाद, भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (तृतीय पक्ष प्रशासक - स्वास्थ्य सेवाएं) विनिमय, 2016 में आगे संशोधन करने के लिए इसके द्वारा निम्नलिखित विनिमय बनाता है, अर्थात् :-
1. संक्षिप्त नाम और प्रारंभ—(1) ये विनिमय भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (तृतीय पक्ष प्रशासक - स्वास्थ्य सेवाएं) (संशोधन) विनिमय, 2019 कहलाएंगे। (2) ये विनियम सरकारी राजपत्र में इनकी अधिसूचना की तारीख को प्रवृत्त होंगे।
2. भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (तृतीय पक्ष प्रशासक - स्वास्थ्य सेवाएं) विनिमय, 2016 में,
क. विनिमय 2 के उप-विनिमय (1) के खंड (च) को हटाया जाएगा।
ख. विनिमय 2 के उप-विनिमय (1) के खंड (ट) के लिए निम्नलिखित खंड प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात् :-
“ट. “नेटवर्क प्रदाता” से नकदीरहित सुविधा द्वारा बीमाकृत व्यक्ति को चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए बीमाकर्ता द्वारा, टीपीए द्वारा अथवा संयुक्त रूप से बीमाकर्ता और टीपीए द्वारा सूचीबध्द अस्पताल अभिप्रेत है।”
ग. विनिमय 2 के उप-विनिमय (1) के खंड (ड) के लिए निम्नलिखित खंड प्रतिस्थापित किया जाएगा, अर्थात् :-
“ड. “तृतीय पक्ष प्रशासक " (टीपीए) से ऐसी कंपनी अभिप्रेत है जो प्राधिकरण के पास पंजीकृत है, और इन विनियमों के अंतर्गत उल्लिखित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए शुल्क अथवा किसी भी नाम से कहलाने वाले और स्वास्थ्य सेवा करार में उल्लिखित रूप में भुगतान के लिए किसी बीमाकर्ता द्वारा नियुक्त है।”
घ. विनिमय 3 के उप-विनिमय (1) के खंड (ङ) में शब्द "विदेश यात्रा" के लिए शब्द "यात्रा अथवा स्वास्थ्य अथवा चिकित्सा बीमा" प्रतिस्थापित किये जाएंगे।
ङ. विनिमय 3 के उप-विनिमय (3) के बाद निम्नलिखित उप-विनिमय निविष्ट किए जाएंगे, अर्थात् :-
“(4) पॉलिसीधारक बीमाकर्ता द्वारा नियुक्त तृतीय पक्ष प्रशासकों (टीपीए) में से अपनी पसंद के एक तृतीय पक्ष प्रशासक (टीपीए) का चयन कर सकता है, जहाँ किसी विशिष्ट बीमा उत्पाद के लिए बीमाकर्ता द्वारा तृतीय पक्ष प्रशासकों (टीपीए) की सेवाएं नियुक्त की गई हों।
(क) जहाँ उपर्युक्त टीपीए द्वारा प्रदत्त स्वास्थ्य सेवाओं के दौरान उक्त टीपीए की सेवाएं समाप्त की जाती हैं, वहाँ प्रत्येक बीमाकर्ता अपने द्वारा नियुक्त तृतीय पक्ष प्रशासकों (टीपीए) में से एक वैकल्पिक टीपीए का चयन करने के लिए पॉलिसीधारक को अनुमति देगा।
(ख) बीमाकर्ता उन तृतीय पक्ष प्रशासकों (टीपीए) के नाम स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराएगा, जिनमें से पॉलिसीधारक बिक्री केन्द्र पर अपनी पसंद के टीपीए का चयन कर सकता है। पॉलिसीधारक को अपनी पसंद के टीपीए में परिवर्तन करने की अनुमति केवल नवीकरण के समय ही दी जा सकती है।
बशर्ते कि पॉलिसीधारक के पास टीपीए की सेवाएं छोड़ने की अपेक्षा करने और बीमाकर्ता से सीधे स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए अनुरोध करने का अधिकार नहीं होगा।
परंतु यह भी शर्त होगी कि बीमाकर्ता के पास यह विशेषाधिकार होगा कि किसी टीपीए को नियुक्त किया जाए या नहीं, अथवा टीपीए की सेवाएं समाप्त की जाएं, अथवा किसी विशिष्ट स्वास्थ्य बीमा उत्पाद के लिए टीपीए की सेवाओं की नियुक्ति न की जाए अथवा किसी विशिष्ट बीमा उत्पाद को सेवा देने के लिए टीपीए की सेवाएं बंद की जाएं।