IRDAI regulation · 15 Jul 2019
3514GI/2019 (1) jftLVªh laö Mhö ,yö&33004@99 REGD. NO. D. L.-33004/99 vlk/kj.k EXTRAORDINARY Hkkx III—[k.M 4 PART III—Section 4 izkf/dkj ls izdkf'kr PUBLISHED BY AUTHORITY la- 242] ubZ fnYyh] cq/okj] tqykbZ 10] 2019@vk"kk<+ 19] 1941 No. 242] NEW DELHI, WEDNESDAY, JULY 10, 2019/ASHADHA 19, 1941 भारतीय बीमा िविनयामक और ि…
3514GI/2019 (1) jftLVªh laö Mhö ,yö&33004@99 REGD. NO. D. L.-33004/99 vlk/kj.k EXTRAORDINARY Hkkx III—[k.M 4 PART III—Section 4 izkf/dkj ls izdkf'kr PUBLISHED BY AUTHORITY la- 242] ubZ fnYyh] cq/okj] tqykbZ 10] 2019@vk"kk<+ 19] 1941 No. 242] NEW DELHI, WEDNESDAY, JULY 10, 2019/ASHADHA 19, 1941 भारतीय बीमा िविनयामक और िवकास ािधकरण भारतीय बीमा िविनयामक और िवकास ािधकरण भारतीय बीमा िविनयामक और िवकास ािधकरण भारतीय बीमा िविनयामक और िवकास ािधकरण अिधसूचना अिधसूचना अिधसूचना अिधसूचना हैदराबाद, 8 जुलाई, 2019 भारतीय बीमा िविनयामक और िवकास ािधकरण (यूिनट भारतीय बीमा िविनयामक और िवकास ािधकरण (यूिनट भारतीय बीमा िविनयामक और िवकास ािधकरण (यूिनट भारतीय बीमा िविनयामक और िवकास ािधकरण (यूिनट संसंसंसंब बीमा उपाद) िविनयम, 2019 ब बीमा उपाद) िविनयम, 2019 ब बीमा उपाद) िविनयम, 2019 ब बीमा उपाद) िविनयम, 2019 फा.सं. भा.बी.िव.िव.ा. फा.सं. भा.बी.िव.िव.ा. फा.सं. भा.बी.िव.िव.ा. फा.सं. भा.बी.िव.िव.ा./िविनयम िविनयम िविनयम िविनयम/7/15 15 15 158/2019 2019 2019 2019.—बीमा िविनयामक और िवकास ािधकरण अिधिनयम, 1999 क धारा 14 और 26 के साथ पठत बीमा अिधिनयम, 1938 (1938 का 4) क धारा 114ए क उप-धारा 2(जेडसी) और 2(जेडडी) के अंतग*त द, शि.य/ का योग करते 1ए ािधकरण, बीमा सलाहकार सिमित के साथ परामश* करने के बाद, इसके 3ारा िन4िलिखत िविनयम बनाता है, अथा*त् :- अ%या अ%या अ%या अ%याय-I 1. 1. 1. 1. संि&' नाम और ारंभः संि&' नाम और ारंभः संि&' नाम और ारंभः संि&' नाम और ारंभः (क) ये िविनयम भारतीय बीमा िविनयामक और िवकास ािधकरण (यूिनट संब= बीमा उ>पाद) िविनयम, 2019 कहलाएँगे। (ख) ये िविनयम सरकारी राजप? म@ इनके काशन क तारीख को वृ, ह/गे। (ग) ये िविनयम जीवन बीमाकता* 3ारा Cतािवत सभी यूिनट संब= बीमा उ>पाद/ पर लागू ह/गे। 2. 2. 2. 2. उ)े+यः उ)े+यः उ)े+यः उ)े+यः i) यह सुिनिEत करना Fक बीमाकता* जीवन बीमा उ>पाद/ के अिभकGपन और कमत-िनधा*रण म@ िववेकपूण* था का अनुसरण कर@ तथा पािलसीधारक/ के िहत/ का संरHण करना। 2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART III—SEC. 4] ii) जीवन बीमा उ>पाद/ के अिभकGपन और कमत-िनधा*रण के संबंध म@ भावी िनगरानी और पया*I समुिचत सावधानी के िलए सुदृढ़ और अनुFLयाशील बंधन क था को सुिनिEत करना। 3. 3. 3. 3. प,रभाषाएँ प,रभाषाएँ प,रभाषाएँ प,रभाषाएँ: : : : इन िविनयम/ म@ जब तक संदभ* से अMयथा अपेिHत न हो, क) “अिधिनयम अिधिनयम अिधिनयम अिधिनयम” से बीमा अिधिनयम, 1938 (1938 का 4) अिभेत है। ख) “ािध ािध ािध ािधकरण करण करण करण” से बीमा िविनयामक और िवकास ािधकरण अिधिनयम, 1999 (1999 का 41) क धारा 3 क उप-धारा (1) के अधीन Cथािपत भारतीय बीमा िविनयामक और िवकास ािधकरण अिभेत है। ग) “आबंटन आबंटन आबंटन आबंटन” से जीवन बीमाकता* 3ारा Cतािवत चिलत यूिनट मूGय पर यूिनट िनNमत करने क FLया अिभेत है, जैसे जब ीिमयम ाI Fकये जाते हO अथवा जब िCवच बनाये जाते हO। घ) “वा0षक1कृत ीिमयम वा0षक1कृत ीिमयम वा0षक1कृत ीिमयम वा0षक1कृत ीिमयम” से कर/, राइडर ीिमयम/ और राइडर/, यFद कोई ह/, पर जोिखम-अंकन अितर. ीिमयम/ को छोड़कर एक वष* म@ देय ीिमयम रािश अिभेत है। ङ) “ीिम ीिम ीिम ीिमयम के भुगतान क1 तारीख यम के भुगतान क1 तारीख यम के भुगतान क1 तारीख यम के भुगतान क1 तारीख” से वह तारीख अिभेत है जब अिधिनयम क धारा 64 वी बी (2) के उपबंध/ के अनुसार बीमाकता* 3ारा ीिमयम का भुगतान ाI Fकया जाता है। च) “समाि' समाि' समाि' समाि'” से पािलसी क वह िCथित अिभेत है जो पािलसी के अTयप*ण अथवा छूट क अविध समाI होने से पहले देय संिवदागत ीिमयम का भुगतान न करने के कारण उ>पU हो सकती है। बशत7 8क बशत7 8क बशत7 8क बशत7 8क Fकसी भी पािलसी को उपयु*. ीिमयम का भुगतान न करने पर समाI नहV माना जाएगा, यFद छूट क अविध के भीतर ीिमयम का भुगतान बीमाकृत Wि. क मृ>यु होने अथवा पािलसी के अंतग*त कवर क गई Fकसी अMय आकिCमकता के घटत होने के कारण नहV Fकया गया है। छ) “मृयु पर देय लाभ मृयु पर देय लाभ मृयु पर देय लाभ मृयु पर देय लाभ” से वह लाभ अिभेत है जो पािलसी के दCतावेज म@ िविनZद[ \प म@ मृ>यु होने पर देय है। ज) “समा' पािलसी िनिध समा' पािलसी िनिध समा' पािलसी िनिध समा' पािलसी िनिध” से बीमाकता* क िवयोिजत िनिध अिभेत है िजसे अलग रखा जाता है तथा जैसा लागू हो, इन िविनयम/ के अनुसार िनधा*रत, अव]=ता अविध के दौरान समाI सभी पािलिसय/ के िनिधगत मूGय 3ारा गठत Fकया जाता है। झ) “िनयोजक िनयोजक िनयोजक िनयोजक-कम:चारी समूह कम:चारी समूह कम:चारी समूह कम:चारी समूह” से वे समूह अिभेत हO जहाँ संबंिधत कानून/ के अनुसार माCटर पािलसीधारक और सदCय के बीच िनयोजक-कम*चारी संबंध िव`मान है। ञ) “िनिधगत मू=य अथवा यूिनट मू=य िनिधगत मू=य अथवा यूिनट मू=य िनिधगत मू=य अथवा यूिनट मू=य िनिधगत मू=य अथवा यूिनट मू=य” से अलग ऱखी गई िनिध म@ उस समय यूिनट/ का कुल मूGय अथा*त् एक पािलसी के अंतग*त यूिनट/ क ऐसी कुल संcया अिभेत है िजसे उस िनिध के ित यूिनट िनवल परसंपि, मूGय (एनएवी) से गुणा Fकया गया हो। ट) “एकल ीिमयम पािलिसय? को छोड़कर अCय पािलिसय? के िलए छूट अविध एकल ीिमयम पािलिसय? को छोड़कर अCय पािलिसय? के िलए छूट अविध एकल ीिमयम पािलिसय? को छोड़कर अCय पािलिसय? के िलए छूट अविध एकल ीिमयम पािलिसय? को छोड़कर अCय पािलिसय? के िलए छूट अविध” से ीिमयम के भुगतान के िलए िनयत तारीख से Fकसी अथ*दंड अथवा िवलंब शुGक के िबना बीमाकता* 3ारा द, समय अिभेत है िजस समय के दौरान पािलसी क शतd के अनुसार Fकसी Lमभंग के िबना पािलसी चिलत मानी जाती है। सभी कार क यूिनट संब= बीमा पािलिसय/ के िलए ीिमयम के भुगतान के िलए छूट क अविधः पMfह Fदन होगी, जहाँ पािलसीधारक ीिमयम का भुगतान मािसक आधार पर करता है तथा अMय सभी मामल/ म@ तीस Fदन होगी।