Laws and sections by number or title, due dates, pages, and updates.
The Central Government amends the Companies (Compromises, Arrangements and Amalgamations) Rules, 2016 to revise procedures and forms for mergers and amalgamations under section 233 of the Companies Act, 2013. The rules apply to companies undertaking compromises, arrangements, or amalgamations. Companies must issue notices in updated forms, file solvency declarations as attachments, and submit auditor certificates where applicable. The rules take effect on the date of publication in the Official Gazette.
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रजस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99
REGD. No. D. L.-33004/99
सी.जी.-डी.एल.-अ.-08092025-266000 CG-DL-E-08092025-266000
असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण्ड 3—उप-खण्ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राधिकार से प्रकाशित PUBLISHED BY AUTHORITY
कारपोरेट कार्य मंत्रालय अधिसूचना
नई दिल्ली, 4 सितम्बर, 2025
सा.का.नि.603(अ).––केन्द्रीय सरकार, कंपनी अधिनियम, 2013 (2013 का 18) की धारा 233 के साथ पठित धारा 469 की उपधारा (1) और (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, कंपनी (समझौते, ठहराव और समामेलन) नियम, 2016 का और संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात्:-
1. संक्षिप्त नाम और प्रारंभ.- (1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम कंपनी (समझौते, ठहराव और समामेलन) संशोधन नियम, 2025 है।
(2) ये नियम राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से प्रवृत होंगे।
2. कंपनी (समझौते, ठहराव और समामेलन) नियम, 2016 (जिसे इसमें इसके पश्चात "उक्त नियम" कहा गया है) में, नियम 25 में,
(क) उप-नियम (1) के स्थान पर निम्नलिखित उप-नियम रखा जाएगा, अर्थात्:-
“(1) अधिनियम की धारा 233 की उपधारा (1) के खंड (क) के अधीन प्रस्तावित स्कीम की सूचना प्ररूप संख्या सीएए-9 में दिया जाएगा, जिससे रजिस्ट्रार और शासकीय समापक या इस स्कीम से प्रभावित व्यक्तियों की आपत्ति या सुझाव प्राप्त हो सके:
परन्तु किसी क्षेत्रीय विनियामक जैसे भारतीय रिजर्व बैंक, प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड, भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण या पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण द्वारा, विनियमित कंपनी के मामले में, संबंधित विनियामक को और सूचीबद्ध कंपनियों के मामले में संबंधित स्टॉक एक्सचेंजों को धारा 233 की उप-धारा (1) के खंड (क) में विनिर्दिष्ट अवधि के भीतर आपत्तियों या सुझावों के लिए नोटिस जारी किया जाएगा।”।
(ख) उप-नियम (1क) में,-
(i) खंड (ii) में, "स्टार्ट-अप कंपनी" शब्दों के स्थान पर, "स्टार्ट-अप कंपनी; या" शब्द रखे जाएंगे,
(ii) खंड (ii) के पश्चात, निम्नलिखित खंड अंतःस्थापित किए जाएंगे, अर्थात्:-
“(iii) अधिनियम की धारा 8 में निर्दिष्ट कंपनी के अतिरिक्त एक या अधिक अ-सूचीबद्ध कंपनी के साथ अधिनियम की धारा 8 में निर्दिष्ट कंपनी के अतिरिक्त एक या अधिक अ-सूचीबद्ध कंपनी, जहां विलय में शामिल प्रत्येक कंपनी-:-
(क) के पास कुल मिलाकर दो सौ करोड़ रुपये से अधिक बकाया ऋण, डिबेंचर या जमा राशि है, और
(ख) उप-खंड (क) में निर्दिष्ट ऋण, डिबेंचर या जमा राशि के पुनर्भुगतान में कोई चूक नहीं है:
धारा 233 की उपधारा (1) के खंड (क) में निर्दिष्ट सूचना की तारीख से तीस दिनों के भीतर तथा अधिनियम की धारा 233 की उपधारा (2) के अधीन स्कीम फाइल करने की तारीख को;
परन्तु कंपनी के लेखापरीक्षक से यह प्रमाण पत्र कि कंपनी इस खंड में निर्दिष्ट शर्तों को पूरा करती है, अधिनियम की धारा 233 की उपधारा (2) में निर्दिष्ट अनुमोदित स्कीम की प्रति के साथ प्ररूप संख्या सीएए-10क में फाइल किया जाएगा;
(iv) एक होल्डिंग कंपनी (सूचीबद्ध या - अ-सूचीबद्ध) और एक सहायक कंपनी (सूचीबद्ध या अ-सूचीबद्ध):
परन्तु यह खंड वहां लागू नहीं होगा जहां हस्तांतरणकर्ता कंपनी या कंपनियां सूचीबद्ध हैं;
(v) किसी होल्डिंग कंपनी की एक या अधिक सहायक कंपनी, उसी होल्डिंग कंपनी की एक या अधिक अन्य सहायक कंपनी के साथ, जहां हस्तांतरणकर्ता कंपनी या कंपनियां सूचीबद्ध नहीं हैं;
उदाहरण:-
कंपनी 'डी', कंपनी 'सी' की सहायक कंपनी है और कंपनी 'सी', कंपनी 'बी' की सहायक कंपनी है और बदले में कंपनी 'बी', कंपनी 'ए' की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी (डब्ल्यूओएस) है।
इस मामले में, कंपनी 'बी', कंपनी 'ए' की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है। कंपनी 'सी' और कंपनी 'डी' एक ही होल्डिंग कंपनी, अर्थात कंपनी 'ए' की सहायक कंपनियां हैं।
खंड में उल्लिखित शर्त के अधीन, कंपनी 'ए', कंपनी 'बी', कंपनी 'सी' और कंपनी 'डी' या उसके किसी संयोजन के बीच विलय या समामेलन या हस्तांतरण या विभाजन की स्कीम इस खंड के अंतर्गत कवर की जाएंगी।
(vi) भारत के बाहर निगमित अंतरक विदेशी कंपनी का, जो एक होल्डिंग कंपनी है, अंतरिती भारतीय कंपनी जो भारत में निगमित उसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है के साथ विलय, जिसे नियम 25क के उपनियम (5) में निर्दिष्ट किया गया है;”