e-Gazette statutory gazette instrument G.S.R. 408(E) · 01 Jun 2026
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Merchant Shipping Seafarers Welfare Board and Levy of Fees Rules 2026 under Merchant Shipping Act 2025
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Check the official recordThese rules establish the Seafarers Welfare Board and mandate the levy and collection of welfare fees for seafarers on Indian vessels. The Board is tasked with advisory functions regarding seafarer welfare, aligned with the Maritime Labour Convention, 2006. Owners of Indian vessels must pay an annual welfare fee of ₹500 per seafarer and make quarterly contributions to the Seafarers Welfare Fund Society at specified rates. The rules also mandate the provision of port-based welfare facilities, including communication, accommodation, and medical assistance, accessible to all seafarers without discrimination. Failure to pay fees may result in the refusal of port clearance. These rules supersede the 1963 and 1974 rules previously governing these matters.
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3727 GI/2026 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99
xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY
पत्तन, पोत पररवहन और िलमागग मंत्रालय अजधसूचना नई दिल्ली, 26 मई, 2026 सा.का.जन. 408(अ).— केन्द्रीय सरकार वाजणज्य पोत पररवहन अजधजनयम, 2025 (2025 का 24)की धारा 6 की उपधारा (1) और उपधारा (2)के खंड (ग), (घ), और (ड.) ) के साथ परित की धारा 5 की उपधारा (2), (3) और उपधारा (4) द्वारा प्रित्त िजियों का प्रयोग करते हुए, और समुरी याजत्रयों के जलए राष्ट्रीय कल्याण बोडग(समुरी याजत्रयों के जलए राष्ट्रीय कल्याण बोडग) जनयम, 1963 और समुरी याजत्रयों के जलए राष्ट्रीय कल्याण बोडग (नाजवकों का कल्याण िुल्क का अजधरोपण) जनयम, 1974 को उन बातों के जसवाय अजधक्ांत करते हुए जिन्द्हे, ऐसे अजधक्मण से पहले दकया गया है या करने का लोप दकया गया है जनम्नजलजखत जनयम बनाती है, अथागत्: अध्याय I - सामान्द्य उपबंध
(2) ये रािपत्र में इनके प्रकािन की तारीख को प्रवृत होंगे । सं. 367] नई दिल्ली, मंगलवार, मई 26, 2026/ज् येष् ि 5, 1948
No. 367] NEW DELHI, TUESDAY, MAY 26, 2026/JYAISTHA 5, 1948
सी.जी.-डी.एल.-अ.-01062026-273048 CG-DL-E-01062026-273048
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(3) ये जनयम जनम्न पर लागू होंगे (क) भारतीय िलयान का प्रत्येक माजलक; और (ख) इन जनयमों के अधीन उपबंजधत कल्याणकारी सुजवधाओं और सेवाओं तक पहुंच के संबंध में, भारत के अजधकार िेत्र के भीतर उपजस्ट्थत सभी नाजवकों को, राष्ट्रीयता या उस िलयान के ध्वि पर जवचार दकए जबना जिस पर वे कायगरत हैं। 2. पररभाषाएँ- (1) इन जनयमों में, िब तक दक संिभग से अन्द्यथा अपेजित न हो, - क. "अजधजनयम" से वाजणज्य पोत पररवहन अजधजनयम, 2025 (2025 का 24) अजभप्रेत है; ख. "अध्यि" से कल्याण बोडग का अध्यि अजभप्रेत है ग. "प्ररुप" से इन जनयमों से संलग्न कोई प्ररुप अजभप्रेत है; घ. "गैर-आजधकाररक सिस्ट्य" से कल्याण बोडग का कोई ऐसा सिस्ट्य अजभप्रेत है िो आजधकाररक सिस्ट्य नहीं है; ङ. "आजधकाररक-सिस्ट्य" से बोडग का कोई ऐसा सिस्ट्य है िो केन्द्रीय सरकार द्वारा पिेन या अन्द्यथा नामजनर्िगष्ट एक सेवारत सरकारी अजधकारी है, या एक व्यजि जिसकी सिस्ट्यता सीधे केन्द्रीय सरकार, राज्य सरकार या एक कानुनी प्राजधकरण के अधीन दकसी पि पर धारण करने से उत्पन्न होती है; च. "उजचत अजधकारी" से जिपपंग मास्ट्टर या ऐसा अन्द्य अजधकारी अजभप्रेत है जिसे केन्द्रीय सरकार द्वारा जनयुि दकया िा सकेगा; छ. "नाजवक कल्याण जनजध सोसाइटी" से सोसाइटी रजिस्ट्रीकरण अजधजनयम, 1860 (1860 का 21) के अधीन ऐसी रजिस्ट्रीकृत एक सोसाइटी अजभप्रेत है; ि. "सजचव" से कल्याण बोडग के सजचव अजभप्रेत है; झ. "कल्याण बोडग" से अजधजनयम की धारा 5 की उपधारा (1) के अधीन गरित नाजवक कल्याण बोडग अजभप्रेत है (2) इन जनयमों में प्रयुि अपररभाजषत िब्ि और अजभव्यजियों का िो अजधजनयम में पररभाजषत की गई हैं, का वही अथग होगा िो अजधजनयम में दिया गया है। अध्याय 2 - नाजवक कल्याण बोडग 3. कल्याण बोडग का गिन (1) केन्द्रीय सरकार, अजधसूचना द्वारा, एक समय पर िो वषग की अवजध के जलए नाजवक कल्याण बोडग का गिन करेगी: परन्द्तु, िहां ऐसा बोडग उसके गिन की तारीख से िो वषग की समाजप्त पर केन्द्रीय सरकार द्वारा गरित नहीं दकया िाता है, वहां वह बोडग अजधकतम छह माह की अवजध के अधीन, अगला बोडग गरित होने तक कायग करेगा। (2) कल्याण बोडग अजधजनयम की धारा 5 की उप-धारा (1) के अधीन जवजनर्िगष्ट सलाहकार कायों को समुरी श्रम अजभसमय, 2006 के जवजनयम 4.4 और मानक क 4.4 को ध्यान में रखते हुए करेगा। 4. कल्याण बोडग की संरचना- कल्याण बोडग में जनम्नजलजखत सिस्ट्य होंगे, अथागत्: (1) सजचव, भारत सरकार , पत्तन, पोत पररवहन और िलमागग मंत्रालय, - पिेन अध्यि; (2) महाजनिेिक , समुरी प्रिासन - उपाध्यि, पिेन;
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(3) केन्द्रीय सरकार के चार प्रजतजनजध, िो भारत सरकार के उप सजचव के पि से जनम्न पि के नहीं होंगे, जिन्द्हें केन्द्रीय सरकार द्वारा नामजनर्िगष्ट दकया िाएगा; (4) केन्द्रीय सरकार द्वारा नामजनर्िगष्ट राज्यों और संघ राज्य िेत्रों से िस सरकारी प्रजतजनजध; (5) प्रमुख पत्तनों से चार प्रजतजनजध िो केन्द्रीय सरकार द्वारा नामजनर्िगष्ट दकए िाएंगे; (6) चार िलयान के स्ट्वामीके प्रजतजनजध, जिन्द्हें केन्द्रीय सरकार द्वारा मान्द्यता प्राप्त िलयान के स्ट्वामी के संघों के परामिग के पश्चात नामजनर्िगष्ट दकया िाएगा; (7) नाजवकों के छह प्रजतजनजध, िो नाजवकों के मान्द्यता प्राप्त संघ के परामिग के पश्चात केन्द्रीय सरकार द्वारा नामजनर्िगष्ट दकया िाएंगे (8) नाजवकों के कल्याण में रुजच रखने वाले समािों का प्रजतजनजधत्व करने वाले चार सिस्ट्य िो केन्द्रीय सरकार द्वारा जनयुि दकया िाएंगे (9) उप महाजनिेिक, नाजवक कल्याण प्रभारी समुरी प्रिासन - सिस्ट्य-सजचव, पिेन। 5. पिावजध- कल्याण बोडग का प्रत्येक सिस्ट्य कल्याण बोडग का गिन करने वाली अजधसूचना के प्रकािन की तारीख से िो वषग की अवजध के जलए पि धारण करेगा, िब तक दक वे त्यागपत्र न िें, या जनयम 8 के अनुसार पि से पहले हटा दिए िाए। 6. आकजस्ट्मक ररजियां- (1) सिस्ट्य के कायागलय में आकजस्ट्मक ररजि को केन्द्रीय सरकार द्वारा नामजनिेिन द्वारा भरा िाएगा। (2) दकसी आकजस्ट्मक ररजि को भरने के जलए नामजनर्िगष्ट सिस्ट्य उस सिस्ट्य के िेष पिावजध के जलए पि धारण करेगा, जिसके स्ट्थान पर उसे नामजनर्िगष्ट दकया गया है। 7. त्यागपत्र-(1) कोई सिस्ट्य अध्यि को जलजखत में सूजचत करके पि से त्यागपत्र िे सकता है। (2) अध्यि द्वारा स्ट्वीकार दकए िाने तक त्यागपत्र का प्रभाव नहीं होगा। 8. सिस्ट्यों को हटाना- (1) केन्द्रीय सरकार कल्याण बोडग के दकसी सिस्ट्य को हटा सकती है, यदि वह, - क. अध्यि की पूवग अनुमजत के जबना बारह माह से अजधक समय तक लगातार भारत से बाहर है; ख. अध्यि की अनुमजत के जबना लगातार तीन बैिकों से अनुपजस्ट्थत है; ग. दिवाजलया घोजषत दकया गया है; घ. नैजतक पत्तन से िुडे अपराध का िोषी िहराया गया है; ङ. उस श्रेणी या जहत का प्रजतजनजधत्व करना बंि कर िेता है, जिसकी ओर से उसे जनयुि दकया गया था; या (2) केन्द्रीय सरकार दकसी सिस्ट्य को, जलजखत में कारण ििग करने और ऐसे सिस्ट्य को सुनवाई का अवसर प्रिान करने के पश्चात, हटा सकती है, यदि वह ऐसे व्यजि को सिस्ट्य के रूप में रखना अवांछनीय समझती हो। 9. प्रजतजनजधत्व का जनलंबन- (1) िहां, िांच के पश्चात, केन्द्रीय सरकार की राय है दक कल्याण बोडग में प्रजतजनजधत्व करने वाले दकसी जनकाय, संघ या संगिन ने नाजवकों के जहतों के जलए प्रजतकूल रीजत से कायग दकया है, तो वह आिेि द्वारा और लेखाबद्ध कारणों के जलए, ऐसे जनकाय, संघ या संगिन को कल्याण बोडग में प्रजतजनजधत्व करने के अजधकार को आिेि में जवजनर्िगष्ट अवजध के जलए जनलंजबत कर सकेगा। (2) ऐसे जनलंबन पर, उस जनकाय, संघ या संघ द्वारा नामजनर्िगष्ट सिस्ट्य जनलंबन की अवजध के जलए पि धारण करना बंि कर िेगा।
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(3) उप-जनयम (2) के अधीन उत्पन्न ररजि को जनयम 6 के अधीन आकजस्ट्मक ररजि नहीं माना िाएगा, और उप-जनयम (1) के अधीन जवजनर्िगष्ट जनलंबन की अवजध के जलए ही भरी िाएगी। 10. सिस्ट्यों का रजिस्ट्टर- सिस्ट्यों का एक रजिस्ट्टर कल्याण बोडग के सजचवालय द्वारा रखा िाएगा और जिसमें प्रत्येक सिस्ट्य के संबंध में जनम्नजलजखत जवजिजष्टयां अंतर्वगष्ट होंगी, अथागत्: (1) नाम और पता; (2) जिस िमता में वे बोडग में सेवारत हैं और िहां लागू हो, वे दकन जहतों का प्रजतजनजधत्व करते हैं; (3) जनयुजि की तारीख और पिावजध; (4) कायागलय बंि करने की तारीख और कारण; और (5) खंड (1) और (2) में संिर्भगत जवजिजष्टयां में कोई भी पररवतगन। 11. कल्याण बोडग के सजचव- (1) नाजवक कल्याण के प्रभारी समुरी प्रिासन के उप महाजनिेिक, जनयम 4 के उप-जनयम (1) में संिर्भगत पिेन सिस्ट्य, कल्याण बोडग के सिस्ट्य सजचव के रूप में भी कायग भार संभालेंगे। (2) सिस्ट्य सजचव के कतगव्यों में जनम्नजलजखत अंतर्वगष्ट होंगे, क. अध्यि के जनिेिों के अधीन बैिकें बुलाना; ख. जमनट बुक और सिस्ट्यों के रजिस्ट्टर को बनाए रखना; ग. कतगव्यों के जनवगहन में अध्यि की सहायता करना; और घ. समय-समय पर कल्याण बोडग द्वारा समनुिेजित अन्द्य कतगव्यों का पालन करना। 12. कल्याण बोडग की बैिकें- (1) कल्याण बोडग साधारणतया हर छह माह में कम से कम एक बार बैिक करेगा, और ऐसी छोटी अवजध में बैिक कर सकेगा िो अध्यि आवश्यक समझे। (2) कल्याण बोडग की असाधारण बैिक तब बुलाई िाएगी िंब कम से कम पांच सिस्ट्य अध्यि को लेखाबद्ध अनुरोध करते हैं जिसमें उस उद्देश्य का उल्लेख दकया िाएगा जिसके जलए ऐसी बैिक की आवश्यकता है। (3) कल्याण बोडग की प्रत्येक बैिक की अध्यिता की िाएगी- क. अध्यि द्वारा; या ख. सभापजत की अनुपजस्ट्थजत में, उपाध्यि द्वारा; या ग. यदि अध्यि और उपाध्यि िोनों अनुपजस्ट्थत हैं, तो उपजस्ट्थत सिस्ट्यों द्वारा आपस में चुने गए सिस्ट्य द्वारा अध्यिता की िाएगी। (4) कल्याण बोडग की बैिकें ऐसी तारीख, समय और स्ट्थान पर आयोजित की िाएंगी िो अध्यि द्वारा तय की िा सकेगी। 13. बैिकों की सूचना-(1) कल्याण बोडग की प्रत्येक बैिक के स्ट्थान, तारीख और समय की सूचना प्रत्येक सिस्ट्य को कम से कम पंरह दिन पहले िी िाएगी: परन्द्तु दक तत्काल मामलों में, अध्यि कम नोरटस अवजध की अनुमजत िे सकेगा। (2) उप-जनयम (1) में उजल्लजखत नोरटस - क. हस्ट्त प्रेषण द्वारा, या
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ख. सिस्ट्य के अंजतम ज्ञात पते पर रजिस्ट्रीकृत डाक द्वारा, या ग. इलेक्ट्रॉजनक माध्यमों से, जिसमें ई-मेल या अध्यि द्वारा अनुमोदित जडजिटल संचार के अन्द्य तरीके सजममजलत हैं द्वारा दिया िा सकेगा। (3) इलेक्ट्रॉजनक माध्यम से ऐसे नोरटस की सेवा पयागप्त मानी िाएगी िहां प्रेषण की पुजष्ट जसस्ट्टम जडलीवरी जस्ट्थजत या प्रेषण के दकसी अन्द्य प्रमाण द्वारा की गई है। 14. कायगसूची- (1) बैिक की सूचना के साथ, बैिक के जलए प्रस्ट्ताजवत व्यवसाय की एक सूची सभी सिस्ट्यों को भेिी िाएगी। (2) सभापजत की अनुमजत के जबना कायगसूची में सजममजलत नहीं दकए गए दकसी भी व्यवसाय का संव्यवहार नहीं दकया िाएगा। 15. गणपूर्तग (कोरम)- (1) कल्याण बोडग की बैिक के जलए गणपूर्तग, सिस्ट्यों की कुल संख्या के एक जतहाई से कम नहीं होगी। (2) यदि कोई गणपूर्तग कोरम उपजस्ट्थत नहीं है, तो बैिक को मूल जतजथ से चौिह दिन के पश्चात की तारीख के जलए स्ट्थजगत कर दिया िाएगा। (3) स्ट्थजगत बैिक में व्यवसाय दकया िा सकेगा चाहे गणपूर्तग कोरम हो या नहीं। 16. बैिकों में प्रदक्या।-(1) कोई सिस्ट्य दकसी प्रस्ट्ताव पर चचाग करना चाहता है, तो वह बैिक से कम से कम सात दिन पहले सिस्ट्य सजचव को जलजखत सूचना िेगा। (2) बैिक के आयोिन को यथाजस्ट्थजत सभापजत, उपाध्यि या पीिासीन सिस्ट्य, जवजनयजमत करेगा। 17. मतिान- (1) जनणगय उपजस्ट्थत और मतिान करने वाले सिस्ट्यों के बहुमत से दकया िाएगा। (2) समान मत होने की जस्ट्थजत में, यथाजस्ट्थजत अध्यि, उपाध्यि या पीिासीन सिस्ट्य, के पास एक जनणागयक मत होगा। (3) सभी मत हाथ उिाकर डाले िाएंगे। 18. बैिकों के कायगवृत्त- (1) बैिकों का कायगवृत्त सिस्ट्य सजचव द्वारा तैयार दकया िाएगा और सभी सिस्ट्यों को पररचाजलत दकया िाएगा। (2) सुझाव दिए गए दकसी भी संिोधन के साथ कायगवृत को अगली बैिक में पुजष्ट के जलए रखा िाएगा। (3) एक बार अध्यि या पीिासीन सिस्ट्य द्वारा पुजष्ट और हस्ट्तािर दकए िाने के पश्चात, कायगवृत्त को कायगवृत्त पुजस्ट्तका में ििग दकया िाएगा, िो कायागलय समय के िौरान जनरीिण के जलए खुला रहेगा। 19. जसफाररिें- आगे की कारगवाई की आवश्यकता वाले जनणगयों को जसफाररिों के रूप में ििग दकया िाएगा और पत्तन, पोत पररवहन और िलमागग मंत्रालय को भेिा िाएगा। 20. बैिकों में भाग लेने वाले गैर-सिस्ट्य-(1) अध्यि कल्याण बोडग के कायों से संबंजधत जविेषज्ञ सलाह या िानकारी प्रिान करने के उद्देश्य से दकसी भी व्यजि को कल्याण बोडग की बैिक में भाग लेने के जलए आमंजत्रत कर सकेगा। (2) उप-जनयम (1) के अधीन आमंजत्रत व्यजियों में केन्द्रीय सरकार, राज्य सरकारों, पोत स्ट्वामी या नाजवक संगिनों, प्रमुख पत्तनों और प्रमुख पत्तनों के जसवाय अन्द्य पत्तनों , नाजवकों के कल्याण में लगे संगिनों, समुरी प्रजििण संस्ट्थानों, या नाजवकों के कल्याण, समुरी श्रम मानकों या संबंजधत मामलों में जवषय-वस्ट्तु जविेषज्ञ सजममजलत हो सकेंगे। (3) एक आमंत्रणकताग को चचाग में भाग लेने का अजधकार होगा, परन्द्तु उसे मत िेने का अजधकार नहीं होगा।
6 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)]
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(घ) नाजवक कल्याण जनजध सोसाइटी को प्रेजषत राजि। (2) उप-जनयम (1) में जवजनर्िगष्ट रूप से बनाए गए खाते केन्द्रीय सरकार के जनिेिों के अनुसार लेखापरीिा के अधीन होंगे। अध्याय 4- पत्तन आधाररत कल्याणकारी सुजवधाएं 31. पत्तन आधाररत कल्याणकारी सुजवधाएं- (1) पत्तन आधाररत कल्याणकारी सुजवधाएं जनम्नजलजखत के अनुसार प्रिान की िाएंगी: (क) समुरी श्रम कन्द्वेंिन, 2006 के जवजनयम 4.4 में जनजहत जसद्धांत; और (ख) समुरी प्रिासन के महाजनिेिक द्वारा िारी पत्तन आधाररत कल्याण से संबंजधत कल्याण संबंधी मागग-ििगक जसद्ांत, िो समय-समय पर संिोजधत दकए िाएंगे। (2) उप-जनयम (1) में उजल्लजखत मागग-ििगक जसद्ांत प्रकृजत में सहायक होंगे और इन जनयमों के अधीन अजधरोजपत िाजयत्वों को कम या कमिोर नहीं करेंगे। (3) पत्तन के आकार, यातायात, टर्मगनल जवन्द्यास और सुरिा संबंधी जवचारों के आधार पर लचीलेपन को नुकसान पहुंचाए जबना, इन जनयमों के अधीन समथगन के जलए पात्र पत्तन -आधाररत कल्याणकारी सेवाओं में सजममजलत हो सकेंगे, - क. इंटरनेट या वाई-फाई एक्ट्सेस सजहत संचार सुजवधाएं; ख. जसम काडग या ररचािग सुजवधाओं सजहत स्ट्थानीय संचार के जलए सहायता ग. छात्रावासों, बोर्डिंग हाउसों या अन्द्य अस्ट्थायी आवास व्यवस्ट्थाओं सजहत आवास सुजवधाओं तक पहुंच, और भोिन और बुजनयािी सुजवधाओं तक पहुंच; घ. सुरिा मंिूरी और पररचालन व्यवहायगता के अधीन, आस-पास के िहरी केंरों तक पररवहन व्यवस्ट्था ङ. मनोरंिक, सांस्ट्कृजतक और सामाजिक सहायता सुजवधाएं; च. मानजसक स्ट्वास्ट््य परामिग और मनोसामाजिक सहायता सेवाएं; छ. जचदकत्सा सहायता, रेफरल सेवाएं और आपातकालीन स्ट्वास्ट््य िेखभाल सुजवधा; ि. स्ट्थानीय जवजध, रीजत-ररवािों और आपातकालीन संपकों पर िानकारी तक पहुंच; और झ. मान्द्यता प्राप्त कल्याण संगिनों, जवजधक सहायता प्रिाताओं और कांसुलर सहायता के संबंध में िानकारी। (4) कल्याण संबंधी िानकारी का प्रसार बहुभाषी सूचनाओं, मानजचत्रों, जडजिटल प्लेटप्ररुप या ऐसे अन्द्य साधनों के माध्यम से दकया िाएगा िो नाजवकों द्वारा प्रभावी पहुंच सुजनजश्चत करने के जलए उपयुि हो। 32. भेिभाव-रजहत और समावेजिता- (1) इन जनयमों के अधीन जनर्िगष्ट पत्तन -आधाररत कल्याणकारी सुजवधाएं राष्ट्रीयता, पलंग, िाजत, धमग, रैंक या िलयान के झंडे के आधार पर भेिभाव के जबना सभी नाजवकों के जलए सुलभ होंगी। (2) मजहला नाजवकों की जवजिष्ट कल्याण, स्ट्वास्ट््य और स्ट्वच्छता आवश्यकताओं को संबोजधत करने के जलए उजचत व्यवस्ट्था की िाएगी, जिसमें माजसक धमग स्ट्वच्छता उत्पािों तक पहुंच और उपयुि जनपटान सुजवधाएं सजममजलत हैं। 33. जनरीिण और िेखरेख- (1) इन जनयमों के अधीन प्रिान की गई पत्तन आधाररत कल्याण सुजवधाओं का नाजवक कल्याण बोडग लेखा परीिा िल द्वारा जनरीिण दकया िाएगा। (2) नाजवक कल्याण बोडग लेखा परीिा िल की संरचना ऐसी होगी िो महाजनिेिक द्वारा जनर्िगष्ट की िा सकेगी।
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(3) उि लेखा परीिा िल आकलन करेगा, (क) जवद्मान कल्याणकारी सुजवधाओं की पयागप्तता और उनका प्रबंधन; (ख) कल्याण कोष का उपयोग और लेखांकन; और (ग) ऐसे अन्द्य मामले िो जवजनर्िगष्ट दकए िा सकेंगे। 34. पत्तन प्राजधकरणों के साथ समन्द्वय- इस अध्याय में सजममजलत नहीं होगा, - (क) पत्तन प्राजधकरणों या राज्य सरकारों की कानुनी िजियों में हस्ट्तिेप करना; या (ख) दकसी पत्तन को जवजनयजमत करने वाले दकसी जविेष जवजध को अजधभावी करना और इन जनयमों के अधीन कल्याणकारी उपायों का कायागन्द्वयन संबंजधत पत्तन प्राजधकरण, राज्य समुरी बोडग या पत्तन प्रबंधन इकाई, यथा लागू , के समन्द्वय में दकया िाएगा। प्ररुप -1 [जनयम 23(5) िेखें] प्ररुप - नाजवक कल्याण फीस की रसीि
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प्ररुप 2 [जनयम 24(4) िेखें] प्ररुप - कल्याण जनजध अंििान के जलए रसीि
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प्ररुप 3 [जनयम 26(4) िेखें] प्ररुप - नाजवक कल्याण फीस की रसीि (सीमा फीस अजधकाररयों द्वारा िारी की िानी है)
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