e-Gazette statutory gazette instrument · 21 Oct 2026
8067 GI/2026 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY संचार मंत्रालय (दूरसंचार जिभाग) अजधसूचना नई ददल्ली, 21 अक् तूबर, 2026 सा.का.जन. 905(अ).— दूरसंचा…
Official record
Open source pageरजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99
REGD. No. D. L.-33004/99
[Image omitted. See the official document.]
The Gazette of India
सी.जी.-डी.एल.-अ.-21102026-277323 CG-DL-E-21102026-277323
असाधारण EXTRAORDINARY
भाग II—खण्ड 3—उप-खण्ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i)
प्राधिकार से प्रकाशित PUBLISHED BY AUTHORITY
सं. 834] नई दिल्ली, बुधवार, अक्तूबर 21, 2026/आश्विन 29, 1948 No. 834] NEW DELHI, WEDNESDAY, OCTOBER 21, 2026/ASVINA 29, 1948
संचार मंत्रालय (दूरसंचार विभाग) अधिसूचना नई दिल्ली, 21 अक्तूबर, 2026
सा.का.नि. 905(अ).— दूरसंचार अधिनियम, 2023 (2023 का 44) की धारा 56 की उपधारा (1) के अधीन यथाअपेक्षित दूरसंचार (विनियामक सैंडबॉक्स) नियम, 2024 का प्रारूप भारत के राजपत्र, असाधारण, भाग 2, खंड 3, उपखंड (i) में, अधिसूचना संख्या सा.का.नि. 736(अ), तारीख 27 नवंबर, 2024 के अधीन प्रकाशित किया गया था, जिसमें उन सभी व्यक्तियों से जिनके उनसे प्रभावित होने की संभावना थी, उक्त अधिसूचना वाले राजपत्र की प्रतियां जनसाधारण को उपलब्ध कराने की तारीख से तीस दिवस की अवधि की समाप्ति होने से पूर्व आक्षेप और सुझाव आमंत्रित किए गए थे:
और उक्त राजपत्र की प्रतियां 28 नवंबर, 2024 को जनसाधारण के लिए उपलब्ध करा दी गई थीं:
और उक्त प्रारूप नियमों के संबंध में जनसाधारण से प्राप्त आक्षेपों और सुझावों पर केन्द्रीय सरकार द्वारा सम्यक रूप से विचार किया गया है:
अतः अब, केन्द्रीय सरकार दूरसंचार अधिनियम, 2023 (2023 का 44) की धारा 56 की उपधारा (1) और उपधारा (2) के खंड (म) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, निम्नलिखित नियम बनाती है, अर्थात्:—
1. संक्षिप्त नाम और प्रारंभ—(1) इन नियमों का संक्षिप्त नाम दूरसंचार (विनियामक सैंडबॉक्स) नियम, 2026 है।
(2) ये राजपत्र में उनके प्रकाशन की तारीख को प्रवृत्त होंगे।
2. परिभाषाएँ—(1) इन नियमों में, जब तक कि संदर्भ में अन्यथा अपेक्षित न हो—
(2) इन नियमों में प्रयुक्त शब्द और अभिव्यक्तियाँ जिन्हें यहाँ परिभाषित नहीं किया गया है किन्तु अधिनियम या उसके अधीन बनाए गए नियमों में परिभाषित हैं उनके वही अर्थ होंगे, जो अधिनियम या उक्त नियमों में उन्हें क्रमशः दिए गए हैं।
3. लागू होना—इन नियमों में दूरसंचार में नवाचार और प्रौद्योगिकीय विकास को सुकर बनाने के प्रयोजनों के लिए एक या एक से अधिक विनियामक सैंडबॉक्स के सृजन और उन पर लागू निबंधन और शर्तों का उपबंध है।
4. विनियामक सैंडबॉक्स का सृजन—(1) केन्द्रीय सरकार आदेश द्वारा पोर्टल पर एक विनियामक सैंडबॉक्स सृजित और विनिर्दिष्ट कर सकती है—