Notification of rules and forms under the Foreign Assets of Small Taxpayers Disclosure Scheme, 2026
e-Gazette statutory gazette instrument · 14 Aug 2026
6286 GI/2026 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY जित्त मंत्रालय (रािस्ट्ि जिभाग) (केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोडड) अजधसूचना नई दिल्ली, 14 अगस्ट् त, 20…
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- Gazette of India (e-Gazette)
- Type
- statutory gazette instrument
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- 14 Aug 2026
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- gazette
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6286 GI/2026 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99
xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY
जित्त मंत्रालय (रािस्ट्ि जिभाग) (केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोडड) अजधसूचना नई दिल्ली, 14 अगस्ट् त, 2026 आय-कर सा.का.जन. 732(अ).— केंद्रीय सरकार, जित्त अजधजनयम, 2026 (2026 का 4) की धारा 143 द्वारा प्रित्त िजियों का प्रयोग करते हुए, जनम्नजलजखत जनयम बनाती है, अर्ाडत्:—
- संजक्षप्त नाम और प्रारंभ.— (1) इन जनयमों का संजक्षप्त नाम लघु करिाताओं की जििेिी आजस्ट्तयों का प्रकटीकरण स्ट्कीम जनयम, 2026 है । (2) ये 16 अगस्ट्त, 2026 को प्रिृत्त होंगे ।
- पररभाषाएं.– (1) इन जनयमों में, िब तक संिभड से अन्यर्ा अपेजक्षत न हो,– (क) “अजधजनयम” से जित्त अजधजनयम, 2026 (2026 का 4) अजभप्रेत है; सं. 668] नई दिल्ली, िुक्रिार, अगस्ट् त 14, 2026/श्रािण 23, 1948
No. 668] NEW DELHI, FRIDAY, AUGUST 14, 2026/SHRAVAN 23, 1948
सी.जी.-डी.एल.-अ.-15082026-275490 CG-DL-E-15082026-275490
2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)]
(ख) “सूचकांदकत अिडन लागत” का िही अर्ड होगा िो आय-कर अजधजनयम, 1961 (1961 का 43) की धारा 48 में उसका है; (ग) “प्ररूप” से इन जनयमों के सार् संलग्न कोई प्ररूप अजभप्रेत है; (घ) “धारा” से जित्त अजधजनयम, 2026 (2026 का 4) के अध्याय 4 की कोई धारा अजभप्रेत है; और (ङ) “मूल्यांकन दिनांक” से 31 माचड, 2026 अजभप्रेत है । (2) उन िब्िों और पिों के, िो इन जनयमों में प्रयुि हैं और पररभाजषत नहीं है ककंतु या आय-कर अजधजनयम, 1961 (1961 का 43) या आय-कर अजधजनयम, 2025 (2025 का 30) या अघोजषत जििेिी आय और आजस्ट्तयों पर कर अजधरोपण अजधजनयम, 2015 (2015 का 22) में पररभाजषत हैं, िही अर्ड होंगे, िो उनके अजधजनयम में हैं । (3) अजधजनयम और इन जनयमों के प्रयोिनों के जलए, “आय-कर प्राजधकारी” से, यर्ाजस्ट्र्जत, प्रधान आय-कर महाजनिेिक (प्रणाली) या आय-कर महाजनिेिक (प्रणाली) अजभप्रेत होंगे। (4) अजधजनयम और इन जनयमों के प्रयोिनों के जलए, “अंजतम दिनांक” से 31 दिसंबर, 2026 अजभप्रेत है । 3. उजचत बािार मूल्य.– (1) अजधजनयम की धारा 131 की उपधारा (1) के खंड (ट) के प्रयोिनों के जलए, आजस्ट्तयों का उजचत बािार मूल्य जनम्नजलजखत रीजत से अिधाररत दकया िाएगा, अर्ाडत्:– (क) बुजलयन, आभूषण या बहुमूल्य पत्र्र का मूल्य िह होगा िो जनम्नजलजखत में से अजधक हो,– (i) उसकी अिडन लागत; और (ii) िह कीमत, िो बुजलयन, आभूषण या बहुमूल्य पत्र्र मूल्यांकन दिनांक को खुले बािार में जिक्रय दकए िाने पर सामान्यतः प्राप्त कर सकता है, जिसके जलए जनधाडररती ऐसे बुजलयन, आभूषण या बहुमूल्य पत्र्र के मूल्यांकन के प्रयोिन के जलए दकसी जिजनयम या जिजध के अधीन दकसी िेि या भारत से बाहर के जिजनर्िडष्ट राज्यक्षेत्र की सरकार या उसके दकसी अजभकरण द्वारा मान्यता प्राप्त मूल्यांकक से ररपोटड प्राप्त कर सकता है: परंतु िहां उपखंड (ii) के अनुसार मूल्यांकन नहीं दकया िाता है, िहां सूचकांदकत अिडन लागत को उजचत बािार मूल्य माना िाएगा। (ख) पुरातत्त्ि संग्रहों, रेखाजचत्रों, जचत्रों, मूर्तडयों अर्िा दकसी अन्य कलाकृजत (जिसे इसमें इसके पश्चात् “कलात्मक कृजत” कहा गया है) का मूल्यांकन जनम्नजलजखत में से िो अजधक हो, उसके आधार पर दकया िाएगा— (i) उसके अिडन की लागत; और (ii) िह कीमत, िो उि कलात्मक कृजत का मूल्यांकन की दिनांक को खुले बािार में जिक्रय दकए िाने पर सामान्यतः प्राप्त हो सकती है, जिसके जलए जनधाडररती, कलात्मक कृजत के मूल्यांकन के प्रयोिनार्ड दकसी िेि या भारत से बाहर के जिजनर्िडष्ट राज्यक्षेत्र की सरकार अर्िा उसके दकसी अजभकरण द्वारा दकसी जिजनयम या जिजध के अधीन मान्यता-प्राप्त मूल्यांकक से ररपोटड प्राप्त कर सकता है:
परंतु, िहां उपखंड (ii) के अनुसार मूल्यांकन नहीं दकया गया है, िहां अनुक्रजमत अिडन लागत को उजचत बािार मूल्य माना िाएगा । (ग) िेयरों और प्रजतभूजतयों का मूल्यांकन— (i) उत्कजर्त िेयरों और प्रजतभूजतयों का उजचत बािार मूल्य िह होगा िो जनम्नजलजखत में से अजधक हो,— (I) उसकी अिडन लागत; और
[भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का रािपत्र : असाधारण 3
(II) जनम्नजलजखत रीजत से अिधाररत कीमत— (अ) मूल्यांकन की दिनांक को दकसी स्ट्र्ाजपत प्रजतभूजत बािार में ऐसे िेयरों और प्रजतभूजतयों की उत्कजर्त न्यूनतम तर्ा अजधकतम कीमत का औसत; अर्िा (आ) िहां मूल्यांकन की दिनांक को दकसी स्ट्र्ाजपत प्रजतभूजत बािार में ऐसे िेयरों और प्रजतभूजतयों में कोई कारोबार नहीं हुआ हो, िहां उस स्ट्र्ाजपत प्रजतभूजत बािार में ऐसे िेयरों और प्रजतभूजतयों की उस दिनांक को उत्कजर्त न्यूनतम तर्ा अजधकतम कीमत का औसत, िो मूल्यांकन की दिनांक से ठीक पूिड की ऐसी दिनांक हो, जिस दिन ऐसे िेयरों और प्रजतभूजतयों में उि प्रजतभूजत बािार में कारोबार हुआ हो । (ii) अनुत्कजर्त साम्या िेयरों का उजचत बािार मूल्य जनम्नजलजखत में से िो अजधक हो, िह होगा— (I) उसकी अिडन लागत; और (II) मूल्यांकन की दिनांक को ऐसे साम्या िेयरों का मूल्य, िो जनम्नजलजखत रीजत से अिधाररत दकया गया हो— अनुद्धृत साम्या िेयरों का उजचत बािार मूल्य = [(ए+बी-एल)*(पीिी)]/(पीई) िहां— ए = सभी आजस्ट्तयों का बही-मूल्य, जिसमें सराफा/बुजलयन, आभूषण, बहुमूल्य पत्र्र, कलात्मक कृजत, िेयर, प्रजतभूजतयां और अचल संपजत्त सजम्मजलत नहीं हैं, और उसमें से जनम्नजलजखत घटाया िाएगा— (i) समाित्त आय-कर की कोई रकम, यदि कोई हो, उसमें से िािा दकए गए आय-कर प्रजतिाय की रकम, यदि कोई हो, घटाकर; और (ii) आजस्ट्त के रूप में ििाडई गई कोई ऐसी रकम, जिसमें आस्ट्र्जगत व्यय की अप्रमाजणत/अमोटाडइि न की गई रकम भी सजम्मजलत है, िो दकसी आजस्ट्त के मूल्य का प्रजतजनजधत्ि नहीं करती है; बी = सराफा/बुजलयन, आभूषण, बहुमूल्य पत्र्र, कलात्मक कृजत, िेयर, प्रजतभूजतयों और अचल संपजत्त का उजचत बािार मूल्य, िैसा दक इस जनयम में अिधाररत रीजत से उपबंजधत दकया गया है; एल = िेयताओं का बही मूल्य, ककंतु इसमें जनम्नजलजखत रकमें सजम्मजलत नहीं हैं— (i) साम्या िेयरों के संबंध में समाित्त पूंिी; (ii) अजधमान िेयरों और साम्या िेयरों पर लाभांि के संिाय के जलए अलग रखी गई रकम; (iii) आरजक्षत जनजधयां और अजधिेष, चाहे उन्हें दकसी भी नाम से पुकारा िाए, भले ही उसके पररणामस्ट्िरूप प्राप्त अंक नकारात्मक हो, दकन्तु इसमें मूल्यह्रास के जलए अलग रखी गई रकमें सजम्मजलत नहीं होंगी; (iv) कराधान के जलए दकए गए दकसी उपबंध को ििाडने िाली कोई भी रकम, जसिाय उस आय-कर की रकम के, िो संिाय की गई हो, यदि कोई हो, उसमें से िािे दकए गए आय-कर की िापसी की रकम, यदि कोई हो, को घटाने के पश्चात्, उस सीमा तक, जिस सीमा तक ऐसी रकम, लागू जिजध के अनुसार बही लाभ के संिभड में िेय कर से अजधक हो; (v) अजभजनजश्चत िाजयत्िों से जभन्न िाजयत्िों की पूर्तड के जलए दकए गए उपबंधों को ििाडने िाली कोई भी रकम;
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