e-Gazette statutory gazette instrument G.S.R. 507(E) · 01 Jul 2026
Official title
Pre publication of Inland Vessel (Special Category Vessel) Rules 2026
Official record
Open source pageSummary
Check the official recordThe Ministry of Ports, Shipping and Waterways has published the draft Inland Vessels (Special Category Vessels—Classification and Standards) Rules, 2026. These rules classify mechanically propelled inland vessels into four categories: alternative fuel and propulsion vessels, advanced technology vessels, vessels constructed from non-metallic and composite materials, and recreational and tourism vessels. The rules establish design, construction, survey, and certification standards, including specific requirements for crew training, manning, and safety equipment. Owners must ensure compliance with these standards and obtain a Certificate of Survey. Existing vessels must comply with these rules upon conversion, modification, or replacement. The public may submit objections or suggestions to the Director (IWT) within thirty days from the date the notification is made available to the public.
What you must do
4614 GI/2026 (1)
रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99
xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY पत् तन, पोत पररवहन और िलमागग मंत्रालय अजधसूचना नई दिल्ली, 22 िून, 2026 सा.का.जन. 507(अ).— अंतिेिीय िलयान (जविेष श्रेणी के िलयान—वगीकरण और मानक) जनयम, 2026 का मसौिा, जिसे केंद्र सरकार, अंतिेिीय िलयान अजधजनयम, 2021 (2021 का 24) की धारा 42 की उप-धारा (1) और (2) तथा धारा 98 की उप-धारा (1) के खंड (क ) द्वारा प्रित्त िजियों का प्रयोग करते हुए—जिसे धारा 106 की उप-धारा (2) के खंड (zh) के साथ पढा िाए—बनाने का प्रस्ट्ताव करती है, उसे उि अजधजनयम की धारा 106 की उप-धारा (1) द्वारा अपेजित रूप में, उन सभी व्यजियों की िानकारी के जलए, जिन पर इसका प्रभाव पड़ने की संभावना है, एतद्द्वारा प्रकाजित दकया िाता है; और एतद्द्वारा यह सूचना िी िाती है दक उि मसौिा जनयमों पर, उस तारीख के तीस दिन की समाजि के पश्चात् जवचार दकया िाएगा, जिस तारीख को इस अजसूचना की प्रजतयां, िैसा दक रािपत्र में प्रकाजित हैं, िनता को उपलब्ध कराई िाएंगी; इन मसौिा जनयमों के संबंध में, यदि कोई आपजत्त या सुझाव हों, तो उन्हें जनिेिक (आईडब्ल्यूटी), पत्तन, पोत पररवहन और िलमागग मंत्रालय, कमरा संख्या 422, पररवहन भवन, 1-संसि मागग, नई दिल्ली-110001 को, अथवा ईमेल द्वारा diriwt1- psw@gov.in, psw-usiwt2@gov.in, soiwt1-psw@gov.in और iwt-team@gov.in पर, ऊपर जनर्िगष्ट अवजध के भीतर भेिा िा सकता है; उि मसौिा जनयमों के संबंध में दकसी भी व्यजि से, जनर्िगष्ट अवजध के भीतर प्राि होने वाली आपजत्तयों या सुझावों पर केंद्र सरकार द्वारा जवचार दकया िाएगा।
सं. 456] नई दिल्ली, सोमवार, िून 22, 2026/आषाढ 1, 1948
No. 456] NEW DELHI, MONDAY, JUNE 22, 2026/ASHADHA 1, 1948
सी.जी.-डी.एल.-अ.-01072026-273964 CG-DL-E-01072026-273964
2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] मसौिा जनयम
[भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का रािपत्र : असाधारण 3 (2) इन जनयमों में प्रयुि वे िब्ि एवं अजभव्यजियााँ, िो इनमें पररभाजषत नहीं हैं ककंतु अजधजनयम में पररभाजषत हैं, उनके वही अथग होंगे िो अजधजनयम में क्रमिः उन्हें प्रिान दकए गए हैं।
अध्याय – I प्रारंजभक
4 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] परंतु यह दक ऐसा िलयान, िो बैटरी चाजलत हो, जिसकी कुल प्रणोिन िजि 100 दकलोवाट से कम हो अथवा जिसकी लंबाई 10 मीटर से कम हो तथा िो ज़ोन 2 अथवा ज़ोन 3 में संचाजलत हो, यदि िलयान का माजलक ऐसा जवकल्प चुनता है, तो उसका जडिाइन, जनमागण एवं अनुरिण नाजमत प्राजधकारी के सवेिण के अधीन दकया िा सकेगा। (2) जनयम 4 के खंड (ग) एवं (घ) में जनर्िगष्ट जविेष श्रेणी िलयानों का जडिाइन, जनमागण एवं अनुरिण, उनके पररचालन िेत्र के अनुसार, अंतिेिीय िलयान (जडिाइन एवं जनमागण) जनयम, 2024 के जनयम 4 में जवजनर्िगष्ट ऐसे प्राजधकाररयों के सवेिण के अधीन दकया िाएगा, िो उन िलयानों पर लागू हों। (3) इन जनयमों में दकसी बात के होते हुए भी, अजधजनयम की धारा 4 में जवजनर्िगष्ट ज़ोन 1 में संचाजलत सभी जविेष श्रेणी िलयानों का जडिाइन, जनमागण एवं अनुरिण दकसी वगीकरण संस्ट्था के सवेिण के अधीन दकया िाएगा। (4) वगीकरण संस्ट्था द्वारा दकया गया सवेिण, अजधजनयम की धारा 10 के अंतगगत जनयुि सवेिक द्वारा दकए गए सवेिण अथवा अजधजनयम की धारा 12 की उपधारा (4) के अंतगगत राज्य सरकार द्वारा प्रत्यायोजित दकसी व्यजि या संगठन द्वारा दकए गए सवेिण के अजतररि होगा। (5) दकसी जविेष श्रेणी िलयान का सवेिण प्रमाणपत्र इन जनयमों से संलग्न फॉमग डी में िारी दकया िाएगा तथा अंतिेिीय िलयान (सवेिण एवं प्रमाणन) जनयम, 2022 का फॉमग संख्या 5 ऐसे िलयान पर लागू नहीं होगा। 6. मनोरंिन िलयान अथवा नहर क्रूज़ नौका के माजलक के िाजयत्व –मनोरंिन िलयान अथवा नहर क्रूज़ नौका का माजलक – (क) यह सुजनजश्चत करेगा दक मनोरंिन िलयानों एवं नहर क्रूज़ नौकाओं पर इन जनयमों में जवजनर्िगष्ट न्यूनतम संख्या में चालक िल जनयुि हो; (ख) मनोरंिन िलयानों एवं नहर क्रूज़ नौकाओं के संचालन एवं अनुरिण हेतु केवल ऐसे योग्य एवं सिम चालक िल के सिस्ट्यों को जनयुि करेगा, जिनके पास नाजमत प्राजधकारी द्वारा िारी वैध लाइसेंस हो; (ग) इन जनयमों के अनुसार मनोरंिन िलयानों एवं नहर क्रूज़ नौकाओं हेतु चालक िल के प्रजििण एवं प्रमाणन संबंधी आवश्यकताओं का अनुपालन करेगा; (घ) अजधजनयम तथा उसके अधीन बनाए गए लागू जनयमों के प्रावधानों का अनुपालन करेगा; (ङ) िलयान को फॉमग डी में नाजमत प्राजधकारी द्वारा जवजनर्िगष्ट िेत्र के भीतर ही संचाजलत करेगा; (च) यह सुजनजश्चत करेगा दक मनोरंिन िलयान तट की िृश्य सीमा के भीतर ही संचाजलत हों तथा संचालन के िौरान हर समय स्ट्पष्ट रूप से दिखाई िेते रहें; (छ) यह सुजनजश्चत करेगा दक नहर क्रूज़ नौका का संचालन, िब तक नाजमत प्राजधकारी द्वारा स्ट्पष्ट रूप से अनुमजत न िी गई हो, केवल दिन के समय, अनुकूल मौसम तथा सुरजित पररजस्ट्थजतयों में ही सीजमत रहेगा, जिसमें पवन वेग, असामजयक वषाग तथा अंतिेिीय िल तरंगों िैसे कारकों को ध्यान में रखा िाएगा। स्ट्पष्टीकरण. – इस खंड के प्रयोिनों हेतु “अनुकूल मौसम” से अजभप्राय ऐसी अवजध से है, जिसमें पवन एवं िल की पररजस्ट्थजतयााँ अनुकूल हों, िैसा दक महाजनिेिक नौवहन अथवा केंद्र सरकार या राज्य सरकार द्वारा अजधकृत अन्य प्राजधकारी द्वारा जवजनर्िगष्ट दकया िाए। 7. जविेष श्रेणी िलयानों हेतु प्रजििण आवश्यकताएाँ- भारतीय अंतिेिीय िलमागग प्राजधकरण (क) जविेष श्रेणी िलयानों के संचालन हेतु चालक िल की जवजभन्न श्रेजणयों के जलए प्रजििण आवश्यकताओं तथा लागू पाठ्यक्रमों, जिनमें पाठ्यक्रम संरचना एवं पाठ्यक्रम-सामग्री सजममजलत हैं, की समीिा करेगा तथा समय-समय पर ऐसी आवश्यकताओं में संिोधन करेगा; तथा (ख) ऐसे प्रजििण के कायागन्वयन, मानकीकरण एवं संचालन के प्रयोिन हेतु दििा-जनिेि, जिनमें अजधसूचनाएाँ एवं पररपत्र सजममजलत हैं, िारी करेगा, जिनमें पाठ्यक्रम की जवषय-वस्ट्तु, अवजध, मूल्यांकन एवं प्रमाणन भी सजममजलत होगा।
अध्याय – 2 वैकजल्पक ईंधन एवं प्रणोिन िलयानों के जडिाइन, जनमागण एवं चालक िल के मानिंड एवं मानक 8. अध्याय 2 का अनुप्रयोग- इस अध्याय के प्रावधान जनयम 4 के उप-जनयम (1) के खंड (क) में जनर्िगष्ट वैकजल्पक ईंधन एवं प्रणोिन िलयानों पर लागू होंगे।
[भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का रािपत्र : असाधारण 5 9. जडिाइन एवं जनमागण के मानक -(1) वैकजल्पक ईंधन एवं प्रणोिन िलयानों के जडिाइन एवं जनमागण के मानक अंतिेिीय िलयान (जडिाइन एवं जनमागण) जनयम, 2024 तथा अन्य लागू जनयमों के प्रावधानों के अधीन होंगें: परंतु यह दक ऐसे िलयानों के इंिन एवं उनकी वैकजल्पक ईंधन आपूर्तग प्रणाली अथवा बैटररयों एवं बैटरी प्रबंधन प्रणाली सजहत मोटर, प्रणोिन प्रणाली तथा अन्य संबंजधत घटक, िो अंतिेिीय िलयान (जडिाइन एवं जनमागण) जनयम, 2024 एवं अन्य लागू जनयमों के अंतगगत सजममजलत नहीं हैं, उनका जडिाइन एवं जनमागण दकसी वगीकरण संस्ट्था द्वारा जवजनर्िगष्ट मानकों के अनुसार दकया िाएगा। परंतु यह भी दक बैटरी चाजलत ऐसे िलयानों के घटक, जिनकी कुल प्रणोिन िजि 100 दकलोवाट से कम हो अथवा जिनकी लंबाई 10 मीटर से कम हो तथा िो ज़ोन 2 अथवा ज़ोन 3 में संचाजलत हों, उनका जडिाइन एवं जनमागण जनम्नजलजखत द्वारा जवजनर्िगष्ट मानकों के अनुसार दकया िाएगा – (क) भारतीय मानक ब्यूरो; अथवा (ख) अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संगठन; या (ग) कोई वगीकरण संस्ट्था (2) उप-जनयम (1) में जनर्िगष्ट िलयान का माजलक , जडिाइन एवं जनमागण मानकों के संबंध में घोषणा, फामग- ग में, नाजमत प्राजधकारी को प्रस्ट्तुत करेगा। 10. अनुपालन की सीमा - (1) जनयम 4 के उप-जनयम (1) के खंड (क) में जनर्िगष्ट प्रत्येक वैकजल्पक ईंधन एवं प्रणोिन िलयान का जनमागण, उपकरणों से सुसज्जन, अनुरिण तथा संचालन इन जनयमों के प्रावधानों के पूणग अनुपालन में दकया िाएगा। (2) जनयम 5 के अंतगगत दकसी भी वैकजल्पक ईंधन एवं प्रणोिन िलयान के संबंध में सवेिण प्रमाणपत्र तब तक िारी नहीं दकया िाएगा, िब तक दक ऐसा िलयान इन जनयमों में जवजनर्िगष्ट जडिाइन, जनमागण, उपकरण एवं सुरिा मानकों के पूणग अनुपालन में न हो। (3) इन जनयमों के प्रारंभ से पूवग संचाजलत प्रत्येक जवद्यमान वैकजल्पक ईंधन एवं प्रणोिन िलयान, ऐसे िलयानों पर लागू जडिाइन एवं जनमागण संबंधी आवश्यकताओं का अनुपालन करता रहेगा: परंतु यह दक िब भी ऐसा िलयान अपने प्रणोिन तंत्र, ईंधन तंत्र अथवा मुख्य इंिनों में पररवतगन, संिोधन अथवा प्रजतस्ट्थापन करेगा तथा वैकजल्पक ईंधन का उपयोग प्रारंभ करेगा, तब ऐसे पररवतगन, संिोधन अथवा प्रजतस्ट्थापन पर इन जनयमों के प्रावधान लागू होंगे। 11. चालक िल– (1) जनयम 4 के उप-जनयम (1) के खंड (क) में जनर्िगष्ट प्रत्येक वैकजल्पक ईंधन एवं प्रणोिन िलयान, अंतिेिीय िलयान (चालक िल) जनयम, 2026 में जवजनर्िगष्ट न्यूनतम चालक िल आवश्यकताओं का अनुपालन करेगा। (2) कोई व्यजि दकसी वैकजल्पक ईंधन एवं प्रणोिन िलयान पर मास्ट्टर, इंिन चालक अथवा अंतिेिीय अजभयंता के रूप में कायग नहीं करेगा, िब तक दक – (क) उसने भारतीय अंतिेिीय िलमागग प्राजधकरण द्वारा जवजनर्िगष्ट प्रजििण सफलतापूवगक पूणग न दकया हो; तथा (ख) उसके सिमयता प्रमाणपत्र पर उस िलयान की श्रेणी के जलए, जिस पर उसे जनयुि दकया गया है, नाजमत प्राजधकारी द्वारा अपेजित अनुमोिन अंदकत न हो। अध्याय – 3 उन्नत प्रौद्योजगकी िलयानों के जडिाइन, जनमागण एवं चालक िल के मानिंड एवं मानक 12. अध्याय 3 का अनुप्रयोग. –इस अध्याय के प्रावधान जनयम 4 के उप-जनयम (1) के खंड (ख) में जनर्िगष्ट उन्नत प्रौद्योजगकी िलयानों पर लागू होंगे। 13. उन्नत प्रौद्योजगकी िलयानों के जडिाइन एवं जनमागण के मानक – (1) उन्नत प्रौद्योजगकी िलयानों के जडिाइन एवं जनमागण के मानक अंतिेिीय िलयान (जडिाइन एवं जनमागण) जनयम, 2024 तथा अन्य लागू जनयमों के प्रावधानों द्वारा जनयंजत्रत होंगे। (2) ऐसे िलयानों के स्ट्वचालन संबंधी घटक अथवा अन्य घटक, िो उप-जनयम (1) के अंतगगत सजममजलत नहीं हैं, उनका जडिाइन एवं जनमागण जनम्नजलजखत द्वारा जवजनर्िगष्ट मानकों के अनुसार दकया िाएगा – (क) भारतीय मानक ब्यूरो; अथवा (ख) अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संगठन; अथवा
6 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] (ग) कोई वगीकरण संस्ट्था। (3) िलयान का माजलक जडिाइन एवं जनमागण मानकों संबंधी घोषणा फामग-ग में नाजमत प्राजधकारी को प्रस्ट्तुत करेगा। 14. उन्नत प्रौद्योजगकी िलयानों के अनुपालन की सीमा – (1) इन जनयमों के प्रारंभ से पूवग संचाजलत प्रत्येक जवद्यमान उन्नत प्रौद्योजगकी िलयान, ऐसे िलयानों पर लागू आवश्यकताओं का अनुपालन करता रहेगा: परंतु यह दक िब भी ऐसा िलयान अपने नौवहन तंत्र, प्रणोिन तंत्र, जनयंत्रण संरचना अथवा स्ट्वचाजलत घटकों में पररवतगन, संिोधन अथवा प्रजतस्ट्थापन करेगा, तब ऐसे पररवतगन, संिोधन अथवा प्रजतस्ट्थापन पर इन जनयमों के प्रावधान लागू होंगे। परंतु यह भी दक ऐसे िलयानों के चालक िल संबंधी आवश्यकताओं की समीिा एवं संिोधन जनयम 15 के अनुसार नाजमत प्राजधकारी द्वारा दकया िा सकेगा। (2) अंतिेिीय िलयान (जडिाइन एवं जनमागण) जनयम, 2024 की अनुसूची में जवजनर्िगष्ट संचार एवं जवफलता – सुरजित (फेल- सेफ) तंत्र, जनयम 4 के उप-जनयम (1) के खंड (ख) में जनर्िगष्ट स्ट्वचाजलत एवं अधग-स्ट्वचाजलत िलयानों पर लागू होंगे। (3) प्रत्येक उन्नत प्रौद्योजगकी िलयान का जडिाइन, जनमागण, उपकरणों से सुसज्जन, अनुरिण एवं संचालन इन जनयमों के पूणग अनुपालन में दकया िाएगा। (4) जनयम 5 के अंतगगत दकसी भी उन्नत प्रौद्योजगकी िलयान को सवेिण प्रमाणपत्र तब तक िारी नहीं दकया िाएगा, िब तक दक ऐसा िलयान इन जनयमों में जवजनर्िगष्ट लागू जडिाइन, जनमागण, स्ट्वचालन, नौवहन, सुरिा एवं जनयंत्रण मानकों के पूणग अनुपालन में न हो। 15. उन्नत प्रौद्योजगकी िलयानों का चालक िल. – (1) प्रत्येक उन्नत प्रौद्योजगकी िलयान, अंतिेिीय िलयान (चालक िल) जनयम, 2026 में जवजनर्िगष्ट न्यूनतम चालक िल आवश्यकताओं का अनुपालन करेगा। (2) उन्नत प्रौद्योजगकी िलयानों के चालक िल संबंधी आवश्यकताओं का जनधागरण नाजमत प्राजधकारी द्वारा िोजखम-आधाररत मूल्यांकन के आधार पर जनम्नजलजखत कारकों को ध्यान में रखते हुए दकया िाएगा, अथागत् – (क) स्ट्वचालन का स्ट्तर; (ख) पररचालन िेत्र; (ग) संचालन का प्रकार (मालवाहक, यात्री, सवेिण अथवा जनगरानी); (घ) यात्रा की अवजध; तथा (ङ) बैकअप प्रणाजलयों की उपलब्धता एवं पयागिता; परंतु यह दक नाजमत प्राजधकारी, मास्ट्टर को छोड़कर, ऐसे िलयानों के चालक िल की संख्या में कमी कर सकता है, बिते दक इससे चालक िल, याजत्रयों (यदि कोई हों) तथा अंतिेिीय िल में संचाजलत अन्य िलयानों की सुरिा से समझौता न हो, और ऐसी छूट िलयान के सवेिण प्रमाणपत्र में अजभजलजखत की िाएगी। (3) स्ट्वचाजलत िलयानों को, नाजमत प्राजधकारी की स्ट्वीकृजत के अनुसार, िूरस्ट्थ जनगरानी एवं तटीय सहायता के अधीन, जबना िलयान पर चालक िल के संचालन की अनुमजत िी िा सकेगी, बिते दक चालक िल, याजत्रयों (यदि कोई हों) तथा अंतिेिीय िल में संचाजलत अन्य िलयानों की सुरिा से समझौता न हो। परंतु यह दक िहााँ चालक िल िलयान पर भौजतक रूप से उपजस्ट्थत न हो, वहााँ ऐसे िलयान एवं नाजमत जनयंत्रण केंद्र के मध्य सतत संचार प्रणाली तथा वास्ट्तजवक समय जनगरानी अवसंरचना बनाए रखना अजनवायग होगा, जिसका जनरीिण एवं प्रमाणन इन जनयमों के अंतगगत लागू प्राजधकाररयों द्वारा दकया गया हो। स्ट्पष्टीकरण. – इस उप-जनयम के प्रयोिनों हेतु “नाजमत जनयंत्रण केंद्र” से अजभप्राय ऐसे नाजमत तटीय सुजवधा केंद्र से है, िो स्ट्वचाजलत अथवा अधग-स्ट्वचाजलत िलयानों की वास्ट्तजवक समय जनगरानी एवं जनयंत्रण के जलए उत्तरिायी हो। (4) कोई व्यजि उन्नत प्रौद्योजगकी िलयान पर मास्ट्टर, इंिन चालक अथवा अंतिेिीय अजभयंता के रूप में कायग नहीं करेगा, िब तक दक – (क) उसने भारतीय अंतिेिीय िलमागग प्राजधकरण द्वारा जवजनर्िगष्ट प्रजििण सफलतापूवगक पूणग न दकया हो; तथा (ख) उसके सिमयता प्रमाणपत्र पर उस िलयान की श्रेणी के जलए, जिस पर उसे जनयुि दकया गया है, नाजमत प्राजधकारी द्वारा अपेजित अनुमोिन अंदकत न हो।
[भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का रािपत्र : असाधारण 7
अध्याय – 4 अधाजत्वक एवं जमजश्रत सामग्री से जनर्मगत िलयानों के जडिाइन, जनमागण एवं चालक िल के मानिंड एवं मानक 16. अध्याय 4 का अनुप्रयोग. – (1) इस अध्याय के प्रावधान जनयम 4 के उप-जनयम (1) के खंड (ग) में जवजनर्िगष्ट अधाजत्वक एवं जमजश्रत सामग्री से जनर्मगत िलयानों पर लागू होंगे। 17. जडिाइन एवं जनमागण के मानक. – (1) अधाजत्वक एवं जमजश्रत सामग्री से जनर्मगत नए िलयानों के जडिाइन एवं जनमागण के मानक अंतिेिीय िलयान (जडिाइन एवं जनमागण) जनयम, 2024 तथा अन्य लागू जनयमों के प्रासंजगक प्रावधानों द्वारा जनयंजत्रत होंगे: परंतु यह दक सामग्री एवं संरचनात्मक जडिाइन के जलए नाजमत प्राजधकारी जनम्नजलजखत मानकों पर भी जवचार कर सकेगा, अथागत् – (क) भारतीय मानक ब्यूरो; अथवा (ख) अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संगठन; अथवा (ग) कोई वगीकरण संस्ट्था (2) अंतिेिीय िलयान (जडिाइन एवं जनमागण) जनयम, 2024 के प्रासंजगक प्रावधान अधाजत्वक एवं जमजश्रत सामग्री से जनर्मगत िलयानों पर लागू होंगे, ऐसे अनुकूलनों, जवजधयों, सामजग्रयों अथवा व्यवस्ट्थाओं के अधीन, जिन्हें नाजमत प्राजधकारी युजिसंगत समझे। परंतु यह दक नाजमत प्राजधकारी, भारतीय मानक ब्यूरो, अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संगठन अथवा दकसी वगीकरण संस्ट्था द्वारा िारी वैकजल्पक मानकों के अनुपालन की अनुमजत िेते समय, जलजखत रूप में कारण अजभजलजखत करेगा, यदि वह संतुष्ट हो दक ऐसे मानक जवजनर्िगष्ट आवश्यकताओं के संबंध में समान अथवा उच्चतर सुरिा स्ट्तर प्रिान करते हैं। परंतु यह भी दक कोई ऐसा अनुकूलन, संिोधन अथवा छूट की अनुमजत नहीं होगी, जिससे संरचनात्मक अखंडता, िलरोधक अखंडता, जस्ट्थरता, फ्रीबोडग, अजग्न सुरिा, मिीनरी सुरिा एवं आवश्यक सुरिा प्रणाजलयों संबंधी आवश्यकताओं में कमी आती हो। (3) माजलक, अपनाए गए जडिाइन एवं जनमागण मानकों के संबंध में घोषणा फॉमग- ग में नाजमत प्राजधकारी को प्रस्ट्तुत करेगा। 18. अनुपालन की सीमा. –(1) इन जनयमों के प्रारंभ से पूवग संचाजलत प्रत्येक अधाजत्वक एवं जमजश्रत सामग्री से जनर्मगत जवद्यमान िलयान, ऐसे िलयानों पर लागू आवश्यकताओं का अनुपालन करता रहेगा: परंतु यह दक िहााँ ऐसा िलयान अपने पतवार, डेक अथवा सुपर-स्ट्रक्चर में पररवतगन, संिोधन अथवा प्रजतस्ट्थापन करता है, वहााँ ऐसे पररवतगन, संिोधन अथवा प्रजतस्ट्थापन पर इन जनयमों के प्रावधान लागू होंगे। (2) अधाजत्वक एवं जमजश्रत सामग्री से जनर्मगत प्रत्येक िलयान का जडिाइन, जनमागण, उपकरणों से सुसज्जन, अनुरिण एवं संचालन इन जनयमों के प्रावधानों के अनुपालन में दकया िाएगा। (3) जनयम 5 के अंतगगत दकसी भी अधाजत्वक एवं जमजश्रत सामग्री से जनर्मगत िलयान को सवेिण प्रमाणपत्र तब तक िारी नहीं दकया िाएगा, िब तक दक ऐसा िलयान इन जनयमों में जवजनर्िगष्ट लागू जडिाइन एवं जनमागण मानकों के अनुपालन में न हो। 19. चालक िल – (1) अधाजत्वक एवं जमजश्रत सामग्री से जनर्मगत प्रत्येक िलयान, अंतिेिीय िलयान (चालक िल) जनयम, 2026 में जवजनर्िगष्ट न्यूनतम चालक िल आवश्यकताओं का अनुपालन करेगा। (2) कोई व्यजि उन्नत प्रौद्योजगकी िलयानों पर मास्ट्टर, इंिन चालक अथवा अंतिेिीय अजभयंता के रूप में कायग नहीं करेगा, िब तक दक – (क) उसने भारतीय अंतिेिीय िलमागग प्राजधकरण द्वारा जवजनर्िगष्ट प्रजििण सफलतापूवगक पूणग न दकया हो; तथा (ख) उसके सिमयता प्रमाणपत्र पर उस िलयान की श्रेणी के जलए, जिस पर उसे जनयुि दकया गया है, नाजमत प्राजधकारी द्वारा अपेजित अनुमोिन अंदकत न हो। अध्याय – 5 मनोरंिन िलयानों के जडिाइन एवं जनमागण के मानिंड एवं मानक
8 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)]
[भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का रािपत्र : असाधारण 9 (ख) िलयान पर पयागि वैकजल्पक सुरिा व्यवस्ट्थाएाँ, जिनमें पोटेबल अजग्निामक यंत्र एवं व्यजिगत उत्प्लावन उपकरण सजममजलत हों, उपलब्ध कराई गई हों। (4) उप-जनयम (3) के प्रावधानों पर प्रजतकूल प्रभाव डाले जबना, ऐसे सभी िलयानों पर जनम्नजलजखत न्यूनतम सुरिा उपकरण उपलब्ध कराए िाएाँगे, अथागत् – (क) प्रत्येक व्यजि, जिसमें जििु एवं बालक भी सजममजलत हैं, के जलए टाइप III अथवा टाइप V व्यजिगत उत्प्लावन उपकरण, िो उप-जनयम (1) में जनर्िगष्ट मानकों के अनुरूप हों; (ख) पूणगतः सुसजज्जत, सुलभ एवं िलरोधक प्राथजमक उपचार दकट, जिसे स्ट्पष्ट एवं आसानी से पहचान योग्य स्ट्थान पर रखा िाएगा; (ग) सीटी, ध्वजन संकेत उपकरण (हॉनग) तथा अनुमोदित िृश्य संकट संकेत (िैसे फ्लेयसग) को स्ट्पष्ट एवं आसानी से पहचान योग्य स्ट्थान पर रखा िाएगा; (घ) अंतिेिीय िलयान (सुरजित नौवहन, संचार एवं संकेत) जनयम, 2022 में जवजनर्िगष्ट नौवहन प्रकाि उपलब्ध होंगे; (ङ) िलयान की श्रेणी, लंबाई एवं इंिन िजि के अनुसार सुरिा उपकरण जनम्नजलजखत सारणी के अनुसार होंगे, अथागत् – ताजलका क्र.सं. जहाज़ का प्रकार लंबाई इंजन शक्ति न्यूनतम उपकरण सुरक्षा (1) (2) (3) (4) (5) (6) 1 भ्रमण
ना व (टिलर/ररमोि ओबीएम) < 3.5 मीटर ओबीएम < 30 एच पी
2 टकग्रा डीसीपी अग्निशामक यंत्र (1) 2 भ्रमण
ना व (टिलर/ररमोि ओबीएम /इनबोडड) < 6 मीटर टिलर ओबीएम < 40 एचपी ररमोि ओबीएम /इनबोडड
< 75 एच पी
4 टकग्रा डीसीपी अग्निशामक यंत्र (1) 3 भ्रमण नाव (ररमोि ओबीएम /इनबोडड) 6 – 10 मीटर टिलर ओबीएम < 40 एचपी ररमोि ओबीएम /इनबोडड
< 90 एच पी
4 टकग्रा डीसीपी अग्निशामक यंत्र (1) 4 स्पीड बोि (ररमोि ओबीएम /इनबोडड) < 6 मीटर < 50 एच पी
4 टकग्रा डीसीपी अग्निशामक यंत्र (1)
10 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] 5 स्पीड बोि (ररमोि ओबीएम /इनबोडड) 6 – 10 मीटर
50 एच पी
अटिशामक यंत्र (1) 6 टनजी नौका (जैि स्की) < 3.5 मीटर 90– 310
एच पी इनबोडड जेि इंजन
अटिशामक यंत्र (1) 7. पैरासेटलंग नाव (चरखी प्रक्षेपण) (इनबोडड इंजन) ≤ 10 मीटरभीतर 150-350 एचपी -बचाव नली (2)
इन बोडड 90 – 150 एचपी -बचाव नली (2)
4 ग्नकग्रा
र्ीसीपी अग्निशामक यंत्र (1) -हेर् इमोब्लाइजर और बेल्ट सग्नहत स्पाइन बोर्ड (1) -पॉकेट मास्क सग्नहत 9 ग्नकग्रा(1)ऑक्सीजन ग्नसलेंर्र
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