e-Gazette statutory gazette instrument G.S.R. 610(E) · 15 Jul 2026
Official title
Publishing the Civil Liability for Bunker Oil Pollution Damage Rules 2026 under Merchant Shipping Act 2025
Official record
Open source pageSummary
Check the official recordThe Central Government establishes the Merchant Shipping (Civil Liability for Bunker Oil Pollution Damage) Rules, 2026. These rules apply to all Indian ships and foreign ships at Indian ports or coastal waters, excluding non-commercial state-owned vessels. Ship owners must maintain compulsory insurance or financial security for pollution damage. Owners must apply to the Mercantile Marine Department for a certificate of insurance or financial security using Form-A. The rules specify procedures for issuing certificates, handling lost or damaged certificates, and recognizing foreign judgments. Applicants must pay prescribed fees for issuance, renewal, or duplicate certificates. These rules come into force on the date of their publication in the Official Gazette.
What you must do
5204 GI/2026 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99
xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY
पत्तन, पोत पररवहन और िलमागग मंत्रालय अजधसूचना नई दिल्ली, 10 िुलाई, 2026
सा.का.जन. 610(अ).— केन्द्रीय सरकार, वाजणज्य पोत पररवहन अजधजनयम, 2025 (2025 का 24) की धारा 205 की उपधारा (2), धारा 206 की उपधारा (1) और धारा 209 की उपधारा (2) के साथ परित धारा 210 की उपधारा (1) और उपधारा (2) द्वारा प्रित्त िजियों का प्रयोग करते हुए, जनम्नजलजखत जनयम बनाती है, अथागत्:—
No. 552] NEW DELHI, FRIDAY, JULY 10, 2026/ASHADHA 19, 1948
सी.जी.-डी.एल.-अ.-15072026-274517 CG-DL-E-15072026-274517
2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)]
(ख) प्रत्येक ऐसे पोत पर, िो भारतीय पोत नहीं है, िब वह भारत के दकसी पत्तन या स्ट्थान पर, जिसमें तटीय िलिेत्र भी सजम्मजलत हैं, जस्ट्थत हो, ये जनयम युद्धपोतों, नौसैजनक सहायक पोतों अथवा दकसी राज्य सरकार के स्ट्वाजमत्व या संचालनाधीन अन्द्य पोतों पर लागू नहीं होंगे, िो उस समय केवल गैर-वाजणजज्यक प्रयोिनों के जलए प्रयुि हो रहे हों। 3. पररभाषाएं.—(1) इन जनयमों में, िब तक दक संिभग से अन्द्यथा अपेजित न हो,— (क) “अजधजनयम” से वाजणज्य पोत पररवहन अजधजनयम, 2025 (2025 का 24) अजभप्रेत है; (ख) “बंकर अजभसमय” से यथासंिोजधत,बंकर तेल प्रिूषण िजत हेतु जसजवल िाजयत्व संबंधी अंतरागष्ट्रीय अजभसमय, 2001 अजभप्रेत है; (ग) “प्ररूप” से इन जनयमों से संलग्न प्ररूप अजभप्रेत है, और (घ) “टन भार” से अजधजनयम के अधीन बनाए गए लागू जनयमों के अनुसार पररकजलत सकल टन भार अजभप्रेत है। (2) उन िब्िों और पिों के, िो इन जनयमों में प्रयुि हुए हैं और पररभाजषत नहीं हैं, ककंतु अजधजनयम में पररभाजषत हैं, वही अथग होंगे िो उस अजधजनयम में क्रमिः उनके हैं । 4. पोत स्ट्वामी के िाजयत्व की सीमा.—(1) पोत स्ट्वामी और बीमा या अन्द्य जवत्तीय प्रजतभूजत उपलब्ध कराने वाला व्यजि, इन जनयमों के अधीन एक या अजधक घटनाओं के संबंध में अपने िाजयत्व को वाजणज्य पोत पररवहन (समुरी िावों हेतु िाजयत्व की सीमा) जनयम, 2026 के अनुसार सीजमत करने के अजधकारी होंगे। (2) िहां पोत स्ट्वामी अजधजनयम की धारा 200 के उपबंधों के अनुसार अपने िाजयत्व को सीजमत करने का अजधकारी नहीं है, वहां बीमाकताग या अन्द्य जवत्तीय प्रजतभूजत उपलब्ध कराने वाला व्यजि, वाजणज्य पोत पररवहन (समुरी िावों हेतु िाजयत्व की सीमा) जनयम, 2026 के जनयम 4 में जवजनर्िगष्ट िाजयत्व सीमा का लाभ प्राप्त कर सकेगा। 5. अजनवायग बीमा अथवा अन्द्य जवत्तीय प्रजतभूजत का अनुरिण.—प्रत्येक भारतीय पोत का स्ट्वामी, उसके आकार की परवाह दकए जबना, और एक हिार टन से अजधक सकल टन भार वाले ऐसे पोत का स्ट्वामी या अजभकताग, िो भारतीय पोत नहीं है, इन जनयमों के अधीन प्रिूषण िजत के जलए अपने िाजयत्व के प्रयोिन के जलए, वाजणज्य पोत पररवहन (समुरी िावों हेतु िाजयत्व की सीमा) जनयम, 2026 के जनयम 4 में जवजनर्िगष्ट सीमाओं के अधीन, अजनवायग बीमा संरिण अथवा अन्द्य जवत्तीय प्रजतभूजत बनाए रखेगा। 6. बीमा अथवा अन्द्य जवत्तीय प्रजतभूजत प्रमाण-पत्र के जनगगमन या रजिस्ट्रीकरण हेतु आवेिन.—(1) भारतीय पोत का वह स्ट्वामी, जिसने जनयम 5 के अधीन ऐसे पोत के संबंध में बीमा अथवा अन्द्य जवत्तीय प्रजतभूजत बनाए रखी है, बीमा अथवा अन्द्य जवत्तीय प्रजतभूजत प्रमाण-पत्र के जनगगमन या रजिस्ट्रीकरण हेतु, उस संबंजधत समुदर वाजणज्य जवभाग के प्रधान अजधकारी को, िहां ऐसा पोत रजिस्ट्रीकृत है, प्ररूप–कमें आवेिन करेगा। (2) ऐसे दकसी पोत का स्ट्वामी या अजभकताग, िो भारतीय पोत नहीं है और िो ऐसे िेि में रजिस्ट्रीकृत है िो बंकर अजभसमय का पिकार नहीं है, और जिसने ऐसे पोत के संबंध में बीमा अथवा अन्द्य जवत्तीय प्रजतभूजत बनाए रखी है, बीमा अथवा अन्द्य जवत्तीय प्रजतभूजत प्रमाण-पत्र के जनगगमन या रजिस्ट्रीकरण हेतु महाजनिेिक को प्ररूप-कमें आवेिन करेगा, जिसका परीिण महाजनिेिक द्वारा संबंजधत समुदर वाजणज्य जवभाग के प्रधान अजधकारी को जनगगमन हेतु अग्रेजषत दकए िाने से पूवग दकया िाएगा।
[भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का रािपत्र : असाधारण 3
(3) उपजनयम (1) और उपजनयम (2) के अधीन प्रत्येक आवेिन में ऐसे जववरण सजम्मजलत होंगे, िो प्ररूप-कमें जवजनर्िगष्ट दकए िाएं, और उसके साथ ऐसे बीमा अथवा अन्द्य जवत्तीय प्रजतभूजत के अनुरिण संबंधी िस्ट्तावेिी साक्ष्य और जनयम 11 में जवजनर्िगष्ट लागू फीस के भुगतान की पुजष्ट करने वाली रसीि संलग्न होगी। 7. बीमा या अन्द्य जवत्तीय प्रजतभूजत प्रमाण-पत्र का िारी दकया िाना.—(1) जनयम 6 के उपजनयम (1) और उपजनयम (2) के अधीन आवेिन प्राप्त होने पर, संबंजधत समुदर वाजणज्य जवभाग का प्रधान अजधकारी, संबंजधत पोत के संबंध में बीमा या अन्द्य जवत्तीय प्रजतभूजत के अनुरिण के संबंध में संतुष्ट होने पर, प्ररूप-खमें जवजनर्िगष्ट बीमा या अन्द्य जवत्तीय प्रजतभूजत का प्रमाण- पत्र िारी करेगा। (2) िहां प्रधान अजधकारी बीमा या अन्द्य जवत्तीय प्रजतभूजत का प्रमाण-पत्र िारी करता है, वहां ऐसे प्रमाण-पत्र में, िहां लागू हो, जनम्नजलजखत जववरण सजम्मजलत दकए िाएंगे, अथागत्:— (क) िहां जवत्तीय प्रजतभूजत की कुल रकम एक से अजधक स्रोतों द्वारा उपलब्ध कराई गई हो, वहां प्रत्येक स्रोत द्वारा उपलब्ध कराई गई रकम पृथक रूप से ििागई िाएगी; (ख) िहां जवत्तीय प्रजतभूजत अनेक प्ररूपों में उपलब्ध कराई गई हो, वहां उन प्ररूपों का प्रमाण-पत्र में दकया िाएगा; और (ग) जवत्तीय प्रजतभूजत की अवजध, जिसमें वह अवजध जवजनर्िगष्ट होगी जिसके जलए ऐसा बीमा या अन्द्य जवत्तीय प्रजतभूजत जवजधमान्द्य है। 8. प्रमाण-पत्र की िूसरी प्रजत.—(1) िहां जनयम 7 के अधीन िारी प्रमाण-पत्र खो िाता है, नष्ट हो िाता है, चोरी हो िाता है, िजतग्रस्ट्त हो िाता है, जवकृत हो िाता है अथवा अपिनीय हो िाता है, वहां स्ट्वामी या अजभकताग, यथाजस्ट्थजत, उस समुदर वाजणज्य जवभाग के प्रधान अजधकारी को, िहां मूल प्रमाण-पत्र िारी दकया गया था, जनयम 11 में जवजनर्िगष्ट फीस के भुगतान पर, प्रमाण-पत्र की िूसरी प्रजत िारी करने हेतु प्ररूप-गमें आवेिन कर सकेगा। (2) िहां उपजनयम (1) में जवजनर्िगष्ट खोया हुआ प्रमाण-पत्र बाि में स्ट्वामी या उसके अजभकताग द्वारा खोि जलया िाता है या प्राप्त हो िाता है, वहां उसे उस समुदर वाजणज्य जवभाग के प्रधान अजधकारी को लौटाया िाएगा िहां ऐसा प्रमाण-पत्र िारी दकया गया था। (3) इस जनयम के उपबंध इलेक्ट्रॉजनक रूप में िारी दकए गए प्रमाण-पत्रों पर लागू नहीं होंगे। 9. प्रमाण-पत्र की िूसरी प्रजत िारी करने की प्रदक्रया.—(1) िहां इन जनयमों के अधीन िारी प्रमाण-पत्र खो िाता है, नष्ट हो िाता है, चोरी हो िाता है, िजतग्रस्ट्त हो िाता है, जवकृत हो िाता है अथवा अपिनीय हो िाता है, वहां स्ट्वामी या अजभकताग, यथाजस्ट्थजत, जबना जवलंब के इसकी जलजखत सूचना संबंजधत समुदर वाजणज्य जवभाग के प्रधान अजधकारी को िेगा। (2) प्रमाण-पत्र के खो िाने, नष्ट हो िाने या चोरी हो िाने की जस्ट्थजत में, स्ट्वामी या अजभकताग जनकटतम पुजलस थाने में जिकायत या गुमिुिगी ररपोटग ििग कराएगा और उसकी प्रजत संबंजधत समुदर वाजणज्य जवभाग के प्रधान अजधकारी को प्रस्ट्तुत करेगा। (3) यथाजस्ट्थजत, उपजनयम (1) या उपजनयम (2) के अधीन प्रस्ट्तुत की गई दकसी भी ररपोटग में, अन्द्य बातों के साथ-साथ, पोत का नाम और जववरण, खोए हुए प्रमाण-पत्र का प्रकार, नाम और संख्या तथा ऐसे नुकसान की पररजस्ट्थजतयां, तारीख और स्ट्थान स्ट्पष्ट रूप से उजल्लजखत होंगे। (4) प्रमाण-पत्र के जवकृत, िजतग्रस्ट्त या अपिनीय हो िाने की जस्ट्थजत में, मूल प्रमाण-पत्र संबंजधत समुदर वाजणज्य जवभाग के प्रधान अजधकारी को सौपा िाएगा।
4 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)]
(5) उपजनयम (1), उपजनयम(2) और उपजनयम(3) के अनुपालन के पश्चात्, संबंजधत पोत का स्ट्वामी या अजभकताग जनयम 11 के अधीन जवजनर्िगष्ट फीस सजहत प्रमाण-पत्र की िूसरी प्रजत िारी करने हेतु आवेिन कर सकेगा और ऐसे आवेिन के साथ जनम्नजलजखत िस्ट्तावेि संलग्न दकए िाएंगे, अथागत्:— (क) उपजनयम (1) और उपजनयम (2) में जवजनर्िगष्ट ररपोटग की प्रजत; और (ख) इस आिय का वचनबद्ध दक यदि मूल प्रमाण-पत्र बाि में खोि जलया िाता है या पुनः प्राप्त हो िाता है, तो उसे तत्काल संबंजधत समुदर वाजणज्य जवभाग के प्रधान अजधकारी को सौप दिया िाएगा। (6) िहां संबंजधत पोत का स्ट्वामी या अजभकताग, यथाजस्ट्थजत,उपजनयम (1) या उपजनयम (2)के अधीन ररपोटग प्रस्ट्तुत करने में असफल रहता है, वहां ऐसा स्ट्वामी या अजभकताग खोए हुए प्रमाण-पत्र के दकसी िुरुपयोग, कपटपूणग प्रस्ट्तुतीकरण या अनुजचत उपयोग के जलए उत्तरिायी रहेगा। (7) इन जनयमों के अधीन िारी प्रमाण-पत्र की िूसरी प्रजत को मूल प्रमाण-पत्र के समान जवजधक बल और जवजधमान्द्यता प्राप्त होगी और उस पर “िूसरी प्रजत - मूल खो िाने के स्ट्थान पर िारी” का पृष्ांकन अंदकत होगा। 10. जविेिी जनणगयों की मान्द्यता की प्रदक्रया.—अजधजनयम की धारा 209 की उपधारा (1) के अधीन मान्द्यता प्राप्त कोई जनणगय, जसजवल प्रदक्रया संजहता, 1908 और नावजधकरण (समुरी िावा की अजधकाररता और जनपटारा) अजधजनयम, 2017 के उपबंधों के अनुसार भारत में प्रवतगनीय होगा। 11. फीस.—(1) जनयम 4 के अधीन बीमा या अन्द्य जवत्तीय प्रजतभूजत का प्रमाण-पत्र िारी करने हेतु प्रत्येक आवेिन के साथ, धारा 206 के उपबंधों के अनुसार, िस हिार रुपये की फीस संलग्न होगी। (2) जनयम 6 के अधीन बीमा या अन्द्य जवत्तीय प्रजतभूजत के प्रमाण-पत्र के रजिस्ट्रीकरण हेतु प्रत्येक आवेिन के साथ, धारा 206 के उपबंधों के अनुसार, िस हिार रुपये की फीस संलग्न होगी। (3) जनयम 9 के अधीन प्रमाण-पत्र की िूसरी प्रजत, यथाजस्ट्थजत, स्ट्वामी या उसकी ओर से प्राजधकृत अजभकताग को िो हिार रुपये की फीस के भुगतान पर िारी की िाएगी। (4) इस जनयम में जनर्िगष्ट फीसों का पुनरीिण केंरीय सरकार द्वारा, अजधसूजचत की िाने वाली रकम के अनुसार, दकया िा सकेगा।
[भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का रािपत्र : असाधारण 5
... प्ररूप - क (जनयम 6 िेखें)
वाजणज्य पोत पररवहन अजधजनयम, 2025 की धारा 204 के अधीन बीमा प्रमाणपत्र या अन्द्य जवत्तीय प्रजतभूजत िारी करने या नवीकरण करने के जलए आवेिन का प्ररूप
:
:
:
:
: (ii) िुद्ध टन भार
: (रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र की फोटोप्रजत संलग्न करें) :
(ख) जवजधमान्द्यता अवजध
: (जवजधमान्द्यता की अवजधििागने वालािस्ट्तावेिी सबूत स्ट्लग्न करें)
: (फीस का सफलतापूवगक भूगतानििागने वालािस्ट्तावेिी सबूत स्ट्लग्न करें)
मैं सत्यजनष्ा से घोषणा करता/करती हं दक इस प्ररूप में िी गई िानकारी मेरी िानकारी और जवश्वास के अनुसार सत्य और िीक है। मैं आपसे अनुरोध करता/करती हं दक आप उसी के अनुसार बीमा या अन्द्य जवत्तीय प्रजतभूजत का प्रमाणपत्र िारी करें।
मुझे स्ट्वामी ने यह आवेिन करने के जलए प्राजधकृत दकया है (अजभकताग के मामले में)।
स्ट्थान: .....................
तारीख: ……………..
आवेिक के हस्ट्तािर
(नाम:)
● अगर लागू न हो तो काट िें। ● कोई भी जवद्यमान या समाप्त हो चुका प्रमाणपत्र संलग्न करना होगा।
Key dates
Who is affected
Thresholds
Exceptions
If you do not comply