e-Gazette14 Jul 2026statutory gazette instrumentPrepared by Complied AI

Civil Liability for Oil Pollution Damage Rules 2026

Official title

Publishing the Civil Liability for Oil Pollution Damage Rules 2026 under Merchant Shipping Act 2025

Official record

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What changed

The Central Government introduces the Merchant Shipping (Civil Liability for Oil Pollution Damage) Rules, 2026. These rules mandate that owners of ships carrying oil in bulk maintain insurance or financial security to cover pollution damage liability. Owners must apply to the Mercantile Marine Department for the issuance or renewal of a certificate of insurance. The rules specify application procedures, fees, and requirements for obtaining duplicate certificates if the original is lost or damaged. These rules apply to all Indian ships and foreign ships within Indian ports or coastal waters, excluding warships and non-commercial government vessels. These rules supersede the 2008 regulations.

Who is affected
  • Owners of Indian ships
  • Owners or agents of foreign ships registered in countries not party to the civil liability convention
Required action
  • Maintain insurance or financial security for pollution damage liability
  • Submit application in Form-A for certificate issuance or renewal
  • Report lost or damaged certificates to the Mercantile Marine Department
Key dates
  • Commencement date — 14 Jul 2026
Thresholds
  • Ships carrying more than two thousand tons of oil in bulk
  • Ships carrying up to two thousand tons of oil in bulk
Exceptions
  • Warships, naval auxiliary, or government ships used for non-commercial purposes
Consequences
  • Liability for misuse of lost certificates if reporting requirements are not met

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Source details

Source
Gazette of India (e-Gazette)
Type
statutory gazette instrument
Published by source
14 Jul 2026
Document number
G.S.R. 611(E)
Issuing division
Ministry of Ports, Shipping and Waterways
Effective date
14 Jul 2026
Coverage area
gazette

Document text

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5205 GI/2026 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99

xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY

पत्तन, पोत पररवहन और िलमागग मंत्रालय अजधसूचना नई दिल्ली, 8 िुलाई, 2026

सा.का.जन. 611(अ).— केंद्रीय सरकार, वाजणज्य पोत पररवहन अजधजनयम, 2025 (2025 का 24) की धारा 188 की उपधारा (1) और (2) और धारा 192 की उपधारा (2) के साथ परित धारा 195 की उपधारा (1) और (2) द्वारा प्रित्त िजियों का प्रयोग करते हुए और वाजणज्य पोत पररवहन (तेल प्रिूषण से क्षजत हेतु नागररक िाजयत्व) जनयम, 2008 को उन बातों से जसवाय अजधक्ांत करते हुए, जिन्हें ऐसे अजधक्मण से पूवग दकया गया है या करने का लोप दकया गया है, जनम्नजलजखत जनयम बनाती है, अथागत्: - 1.संजक्षप्त नाम और प्रारंभ- (1) इन जनयमों का संजक्षप्त नाम वाजणज्य पोत पररवहन (तेल प्रिूषण से क्षजत हेतु नागररक िाजयत्व) जनयम, 2026 है। (2) ये रािपत्र में उनके प्रकािन की तारीख को प्रवृत होंगे । 2. लागू होना- िब तक दक अन्यथा जवजनर्िगष्ट न हो, ये जनयम जनम्नजलजखत पर लागू होंगे, - (क) प्रत्येक भारतीय पोत, िहां कहीं भी वह हो; और (ख) प्रत्येक पोत, भारतीय पोत से जभन्न, िब वह भारत में दकसी पत्तन या स्ट्थान पर है, जिसके अंतगगत तटीय िल भी है ककंतु, यह युद्धपोतों, नौसेना सहायक या दकसी राज्य की सरकार के स्ट्वाजमत्व या संचाजलत अन्य पोतों पर लागू नहीं होगा, जिसका उपयोग तत्समय केवल गैर-वाजणजज्यक प्रयोिनों के जलए दकया िाता है। सं. 553] नई दिल्ली, िुक्वार, िुलाई 10, 2026/आषाढ 19, 1948

No. 553] NEW DELHI, FRIDAY, JULY 10, 2026/ASHADHA 19, 1948

सी.जी.-डी.एल.-अ.-15072026-274518 CG-DL-E-15072026-274518

2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)]

  1. पररभाषाएँ - (1) इन जनयमों में, िब तक दक संिभग अन्यथा अपेजक्षत न हो, - (क) "अजधजनयम" से वाजणज्य पोत पररवहन अजधजनयम, 2025 (2025 का 24) अजभप्रेत है; (ख) "नागररक िाजयत्व अजभसमय" का अथग है तेल प्रिूषण से क्षजत पर अंतरागष्ट्रीय नागररक िाजयत्व अजभसमय, 1992, यथा संिोजधत अजभप्रेत है; (ग) "प्ररूप" से इन जनयमों से संलग्न एक प्ररूप अजभप्रेत है; और (घ) "टन भार" से सकल टन भार अजभप्रेत है, जिसकी गणना अजधजनयम के अधीन बनाए गए लागू जनयमों के अनुसार की िाती है।

(2) इन जनयमों में प्रयुि और अपररभाजषत ककंतु अजधजनयम में पररभाजषत, िब्िों और अजभव्यजियों का वही अथग होगा, िो अजधजनयम में क्मिः उनके हैं। 4. अजनवायग बीमा या अन्य जवत्तीय सुरक्षा- (1) प्रत्येक पोत का स्ट्वामी, माल के रूप में िो हिार टन से अजधक तेल भारी मात्रा में ले िाने वाले पोतों के संबंध में अजधजनयम की धारा 181 के अधीन जवजनर्िगष्ट रकम के जलए प्रिूषण क्षजत हेतु अपने िाजयत्व को कवर करने के जलए एक बीमाकताग से बीमा या अन्य जवत्तीय सुरक्षा बनाए रखेगा। (2) माल के रूप में थोक में िो हिार टन तक तेल ले िाने वाले प्रत्येक पोत का स्ट्वामी ऐसे पोत के संबंध में, नागररक िाजयत्व अजभसमय के उपबंधों के अधीन जवजनर्िगष्ट रकम के जलए प्रिूषण क्षजत के जलए अपने िाजयत्व को कवर करने के जलए बीमा या अन्य जवत्तीय सुरक्षा बनाए रखेगा। (3) प्रत्येक पोत, जिस पर उपजनयम (1) या (2) लागू होते हैं, अजधजनयम की धारा 188 के अधीन जवजनर्िगष्ट िाजयत्व की सीमाओं से कम रकम के जलए बीमा का प्रमाण पत्र या अन्य जवत्तीय सुरक्षा बनाए रखेगा। 5. बीमा प्रमाणपत्र या अन्य जवत्तीय सुरक्षा िारी करने या नवीनीकरण के जलए आवेिन- (1) भारतीय पोत का स्ट्वामी, जिसने अजधजनयम की धारा 188 की उपधारा (2) के उपबंधों के अनुसार ऐसे पोत के संबंध में बीमा या अन्य जवत्तीय सुरक्षा बनाए रखी है, बीमा प्रमाणपत्र या अन्य जवत्तीय सुरक्षा िारी करने या नवीनीकरण के जलए संबंद्ध समुद्री वाजणजज्यक जवभाग के प्रधान अजधकारी को, िहां ऐसा पोत रजिस्ट्रीकृत है, प्ररूप-क में आवेिन करेगा। (2) भारतीय पोत से जभन्न दकसी अन्य पोत का स्ट्वामी या अजभकताग िो ऐसे िेि में रजिस्ट्रीकृत है, िहां नागररक िाजयत्व अजभसमय का पक्षकार नहीं है और जिसने ऐसे पोत के संबंध में बीमा या अन्य जवत्तीय सुरक्षा बनाए रखी है, वह बीमा प्रमाण पत्र या अन्य जवत्तीय सुरक्षा िारी करने या नवीनीकरण के जलए प्ररूप - क में महाजनिेिक को आवेिन करेगा, जिसकी िांच महाजनिेिक द्वारा िारी करने के जलए संबद्ध वाजणजज्यक समुद्री जवभाग के प्रधान अजधकारी को भेिे िाने से पहले की िाएगी। (3) उपजनयम (1) और (2) के अधीन प्रत्येक आवेिन में प्ररूप-क में जवजनर्िगष्ट जववरण िाजमल होंगे और ऐसे बीमा या अन्य जवत्तीय सुरक्षा के रखरखाव के संबंध में िस्ट्तावेिी साक्ष्य और जनयम 10 में यथाजवजनर्िगष्ट लागू फीस के संिाय की पुजष्ट करने वाली रसीि भी साथ होगी। 6. बीमा प्रमाणपत्र या अन्य जवत्तीय सुरक्षा िारी करना -(1) जनयम 5 के उप-जनयम (1) या (2) के अधीन आवेिन प्राप्त होने के बाि, संबंद्ध वाजणजज्यक समुद्री जवभाग का प्रधान अजधकारी, संबद्ध पोत के संबंध में बीमा या अन्य जवत्तीय सुरक्षा के रखरखाव के संबंध में समाधन होने पर, प्ररूप-ख में जवजनर्िगष्ट अनुसार बीमा या अन्य जवत्तीय सुरक्षा का प्रमाण पत्र िारी करेगा। (2) िहां प्रधान अजधकारी बीमा या अन्य जवत्तीय सुरक्षा का प्रमाण-पत्र िारी करता है, वहां ऐसे प्रमाण-पत्र में जनम्नजलजखत जवजिजष्टयां, िहां लागू हो, िाजमल दकए िाएंगे, अथागत्: (क) िहां जवत्तीय सेरक्षा की कुल रकम एक से अजधक स्रोतों द्वारा प्रस्ट्तुत की िाती है, वहां प्रत्येक द्वारा उपबंजधत रकम को पृथक रूप से उपिर्िगत दकया िाएगा; (ख) िहां जवत्तीय सुरक्षा कई प्ररूपों में प्रस्ट्तुत की िाती है, ऐसे प्ररूपों को प्रमाण पत्र में जगना िाएगा; और (ग) जवत्तीय सुरक्षा की अवजध, उस अवजध को जवजनर्िगष्ट करेगी जिसके जलए ऐसी बीमा या अन्य जवत्तीय सुरक्षा जवजधमान्य है। 7. अनुजलजप प्रमाणपत्र - (1) िहां जनयम 6 के अधीन िारी प्रमाण पत्र खो गया है, नष्ट हो गया है, चोरी हो गया है, जवकृत हो गया है, जवरूजपत हो गया है या अपिनीय हो गया है, वहां यथाजस्ट्थजत, स्ट्वामी या अजभकताग, जनयम 10 में यथाजवजनर्िगष्ट फीस के संिाय पर एक अनुजलजप प्रमाण पत्र िारी करने के जलए, संबद्ध वाजणजज्यक समुद्री जवभाग के प्रधान अजधकारी को प्ररूप - ग में आवेिन कर सकता है, िहां मूल प्रमाण पत्र िारी दकया गया था ।

[भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का रािपत्र : असाधारण 3

(2) िहां उप-जनयम (1) में यथाजवजनर्िगष्ट खोया हुआ प्रमाण पत्र बाि में स्ट्वामी या उसके अजभकताग द्वारा खोिा या पाया िाता है, तो इसे वाजणजज्यक समुद्री जवभाग के प्रधान अजधकारी को लौटा दिया िाएगा, िहां ऐसा प्रमाण पत्र िारी दकया गया था। (3) इस जनयम के उपबंध इलेक्ट्रॉजनक रूप में िारी दकए गए प्रमाणपत्रों पर लागू नहीं होंगे। 8. अनुजलजप प्रमाणपत्र िारी करने की प्रदक्या - (1) िहां इन जनयमों के अधीन िारी दकया गया प्रमाण पत्र खो िाता है, नष्ट हो गया है, चोरी हो गया है, जवकृत हो गया है, जवरूजपत हो गया है या अपिनीय हो गया है, वहां स्ट्वामी या अजभकताग, यथाजस्ट्थजत, जबना दकसी िेरी के संबद्ध वाजणजज्यक समुद्री जवभाग के प्रधान अजधकारी को जलजखत में इसकी सूचना िेगा। (2) प्रमाणपत्र खो िाने या नष्ट हो िाने या चोरी हो िाने की जस्ट्थजत में, स्ट्वामी या अजभकताग जनकटतम पुजलस स्ट्टेिन में जिकायत या हाजन ररपोटग ििग करेगा और उसकी एक प्रजत संबद्ध वाजणजज्यक समुद्री जवभाग के प्रधान अजधकारी को प्रस्ट्तुत करेगा। (3) यथाजस्ट्थजत, उप-जनयम (1) या (2) के अधीन प्रस्ट्तुत कोई भी ररपोटग, स्ट्पष्ट रूप से पोत का नाम और पोत की जवजिजष्टयां, खोए हुए प्रमाण पत्र का प्रकार, नाम और संख्या, और ऐसी हाजन की पररजस्ट्थजतयों, तारीख और स्ट्थान का कथन करेगी। (4) प्रमाण पत्र के जवरूजपत या अपिनीय होने की जस्ट्थजत में, मूल प्रमाण पत्र संबद्ध वाजणजज्यक समुद्री जवभाग के प्रधान अजधकारी को अभ्यर्पगत दकया िाएगा। (5) उप-जनयमों (1), (2) और (3) के अनुपालन के पश्चात, संबद्ध पोत का स्ट्वामी या अजभकताग जनयम 10 में यथाजवजनर्िगष्ट फीस के साथ एक अनुजलजप प्रमाण पत्र िारी करने के जलए आवेिन कर सकता है, और ऐसे आवेिन के साथ जनम्नजलजखत िस्ट्तावेि होंगे, अथागत्: - (क) उपजनयम (1) और (2) में जवजनर्िगष्ट ररपोटग की एक प्रजत; और (ख) इस प्रभाव का एक वचनपत्र दक मूल प्रमाण पत्र के बाि में पता लगने या बरामि होने की जस्ट्थजत में, उसे संबंजधत वाजणजज्यक समुद्री जवभाग के प्रधान अजधकारी को अभ्यर्पगत दकया िाएगा। (6) िहां संबद्ध पोत का स्ट्वामी या अजभकताग उपजनयम (1) या (2) के अधीन ररपोटग प्रस्ट्तुत करने में असफल रहता है, यथाजस्ट्थजत, ऐसा स्ट्वामी या अजभकताग गुम हुए प्रमाण पत्र के दकसी भी िुरुपयोग, कपटपूणग प्रजतजनजधत्व या अनुजचत उपयोग के जलए िायी रहेगा। (7) इन जनयमों के अधीन िारी दकए गए अनुजलजप प्रमाण पत्र में मूल प्रमाण पत्र के समान जवजधक िजि और जवजधमान्यता होगी और इसमें एक अनुमोदित कथन होगा- " अनुजलजप - मूल के गुम हो िाने के बिले िारी दकया गया"। 9. जविेिी जनणगयों के प्रवतगन की प्रदक्या - अजधजनयम की धारा 192 की उपधारा (1) के अधीन मान्यता प्राप्त कोई भी जनणगय, जसजवल प्रदक्या संजहता, 1908 और नावजधकरण (समुद्री िावा की अजधकाररता और जनपटारा) अजधजनयम, 2017 के उपबंधों के अनुसार भारत में लागू होगा। 10. फीस- (1) जनयम 5 के अधीन बीमा या अन्य जवत्तीय सुरक्षा के प्रमाण पत्र िारी करने के जलए प्रत्येक आवेिन के साथ धारा 188 की उपधारा (2) के उपबंधों के अनुसार िस हिार रुपये की फीस भी साथ होगी। (2) जनयम 5 के अधीन बीमा प्रमाणपत्र या अन्य जवत्तीय सुरक्षा के नवीकरण के जलए प्रत्येक आवेिन के साथ धारा 188 की उपधारा (2) के उपबंधों के अनुसार िस हिार रुपये की फीस भी साथ होगी। (3) जनयम 7 के अधीन अनुजलजप प्रमाण पत्र के जलए प्रत्येक आवेिन, िो हिार रुपये की फीस का संिाय करने पर, स्ट्वामी या अजभकताग को िारी दकया िाएगा। (4) इस जनयम में उजल्लजखत फीस में केंद्रीय सरकार द्वारा अजधसूजचत रकम से पुनरीजक्षत दकया िा सकता है। 11. खाते की इकाइयाँ- (1) नागररक िाजयत्व अजभसमय में जनर्िगष्ट खाते की इकाइयाँ, अंतरागष्ट्रीय मुद्रा जनजध द्वारा पररभाजषत जविेष आहरण अजधकार हैं। (2) अजधजनयम की धारा 182 के अधीन जनजध के गिन की तारीख को भारतीय ररिवग बैंक द्वारा अवधाररत अनुसार जविेष आहरण अजधकार में लेखा इकाइयों को भारतीय रुपये में आजधकाररक मूल्य में रूपए के अनुसार पररवर्तगत दकया िाएगा।

4 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)]

..

प्ररूप - क

(जनयम 5 िेजखए)

वाजणज्य पोत पररवहन अजधजनयम, 2025 की धारा 188 के अधीन बनाए गए बीमा या अन्य जवत्तीय सुरक्षा के प्रमाण पत्र के जलए आवेिन का प्ररूप:

  1. पोत का नाम:

  2. जवजिष्ट संख्या या अक्षर:

  3. रजिस्ट्री का पत्तन:

  4. स्ट्वामी या अजभकताग का नाम और पता:

  5. (i) सकल टन भार:

(ii) िुद्ध टन भार:

(रजिस्ट्रीकरण प्रमाणपत्र की एक प्रजतजलजप संलग्न करें)

  1. (क) अनुरजक्षत बीमा या अन्य जवत्तीय सुरक्षा की जवजिजष्टयां: (बीमा या अन्य जवत्तीय सुरक्षा के रखरखाव को दिखाने के जलए िस्ट्तावेिी साक्ष्य संलग्न करें)

(ख) जवजधमान्यता की अवजध:

(जवजधमान्यता की अवजध दिखाने के जलए िस्ट्तावेिी साक्ष्य संलग्न करें)

  1. संित्त फीस (रुपये में):

(फीस के सफल संिाय को दिखाने के जलए िस्ट्तावेिी साक्ष्य संलग्न करें)

मैं एतद्द्वारा सत्यजनष्ठापूवगक घोषणा करता हँ दक इस प्ररूप में िी गई जवजिजष्टयां मेरी िानकारी और जवश्वास के अनुसार सत्य और सही हैं। मैं आपसे अनुरोध करता हं दक आप तिनुसार बीमा प्रमाणपत्र या अन्य जवत्तीय सुरक्षा िारी करें।

मुझे स्ट्वामी द्वारा यह आवेिन करने के जलए प्राजधकृत दकया गया है (दकसी अजभकताग की ििा में)।

स्ट्थान:

तारीख:

आवेिक के हस्ट्ताक्षर

नाम

● यदि लागू नहीं है तो काट िें। ● कोई भी जवद्यमान या अवसजनत प्रमाण पत्र संलग्न दकया िाएगा

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