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The Mines and Minerals Adjudication of Penalties Rules, 2026

5862 GI/2026 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY खान मंत्रालय अजधसूचना नई दिल्ली, 30 िुलाई, 2026 सा.का.जन. 682(अ).— केंद्रीय सरकार, खान और खजनि (…

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30 Jul 2026
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5862 GI/2026 (1) रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99

xxxGIDHxxx xxxGIDExxx असाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—उप-खण् ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार से प्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY

खान मंत्रालय अजधसूचना नई दिल्ली, 30 िुलाई, 2026 सा.का.जन. 682(अ).— केंद्रीय सरकार, खान और खजनि (जिकास और जिजनयमन) अजधजनयम, 1957 (1957 का 67) की धारा 25घ की उपधारा 2 के खंड (क) और खंड (ख) द्वारा प्रित्त िजियों का प्रयोग करते हुए, जनम्नजलजखत जनयम बनाती है, अर्ाात्:—

  1. संजिप्त नाम और प्रारंभ.- (1) इन जनयमों का संजिप्त नाम खान और खजनि िाजस्ट्त का न्यायजनणायन जनयम, 2026 है। (2) ये जनयम 1 अगस्ट्त, 2026 को प्रिृत्त होंगे।
  2. पररभाषाएं.- (1) इन जनयमों में, िब तक दक संिभा से अन्यर्ा अपेजित न हो,— (क) ''अजधजनयम'' से खान और खजनि (जिकास और जिजनयमन) अजधजनयम, 1957 (1957 का 67) अजभप्रेत है; (ख) ''न्यायजनणाायक अजधकारी'' से यर्ाजस्ट्र्जत अजधजनयम की धारा 25ख की उपधारा (1) या उपधारा (2) के अधीन जनयुि कोई अजधकारी, अजभप्रेत है; (ग) ''अपीलार्ी'' से ऐसा व्यजि अजभप्रेत है िो न्यायजनणाायक अजधकारी के आिेि से व्यजर्त है और अजधजनयम की धारा 25ग की उपधारा (1) के अधीन अपील प्राजधकारी के समि अपील करता है; (घ) ''अपील प्राजधकारी'' से अजधजनयम की धारा 25ग की उपधारा (1) के अधीन जनयुि अजधकारी अजभप्रेत है; सं. 620] नई दिल्ली, बृहस्ट् पजतिार, िुलाई 30, 2026/श्रािण 8, 1948

No. 620] NEW DELHI, THURSDAY, JULY 30, 2026/SHRAVAN 8, 1948

सी.जी.-डी.एल.-अ.-31072026-275003 CG-DL-E-31072026-275003

2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)]

(ड.) ''प्ररूप'' से इन जनयमों से संलग्न प्ररूप अजभप्रेत है; (च) ''िांच'' से अजधजनयम की धारा 25ख की उपधारा (1) और उपधारा (2) में जनर्िाष्ट िांच अजभप्रेत है; और (छ) "अनुसूची" से इन जनयमों से संलग्न अनुसूची अजभप्रेत है। (2) उन िब्िों और पिों के, िो इन जनयमों में प्रयुि हैं और पररभाजषत नहीं है, दकन्तु अजधजनयम मे पररभाजषत है, िही अर्ा होंगे, िो उनके अजधजनयम में हैं। 3. जिकायत.— यर्ाजस्ट्र्जत, केंद्रीय सरकार या राज्य सरकार द्वारा प्राजधकृत रािपजत्रत अजधकारी, अजधजनयम की धारा 25क के अधीन दकसी भी उल्लंघन के संबंध में न्यायजनणाायक अजधकारी को प्ररूप 1 में, इलेक्ट्रॉजनक रूप में या स्ट्पीड पोस्ट्ट रजिस्ट्रीकरण और पररिान के प्रमाण के सार् या व्यजिगत रूप से, ऐसे उल्लंघन की तारीख से तीन िषा की अिजध के भीतर जिकायत फाइल कर सकेगा। स्ट्पष्टीकरण.— इस जनयम के प्रयोिनों क जलए, जनयम 4 के उपजनयम (11) के खंड (ख) और जनयम 11 में, "इलेक्ट्रॉजनक रूप" का िही अर्ा होगा िो सूचना प्रौद्योजगकी अजधजनयम, 2000 (2000 का 21) की धारा 2 के उपजनयम (1) के खंड (ि) में दिया गया है। 4. िांच करना.- (1) जनयम (3) के अधीन दकसी उल्लंघन की कोई जिकायत प्राप्त होने पर, न्यायजनणाायक अजधकारी, उस व्यजि को प्ररूप 2 में सूचना िारी कर, ऐसी अिजध के भीतर िो सूचना में जिजनर्िाष्ट की िाए (िो सूचना की तामील की तारीख से पंद्रह दिन से कम नहीं होगी) कारण बताने की अपेिा की िाएगी दक क्ट्यों न उसके जिरुद्ध िांच की िाए। (2) उपजनयम (1) के अधीन प्रत्येक सूचना में उसके द्वारा अजभकजर्त उल्लंघन की प्रकृजत को उपिर्िात दकया िाएगा। (3) ऐसे व्यजि द्वारा प्रस्ट्तुत उत्तर की प्राजप्त पर, न्यायजनणाायक अजधकारी की यह राय है दक िांच होनी चाजहए, तो िह उस व्यजि को, जिसके जिरूद्ध कायािाही की गयी है और ऐसे दकसी अन्य व्यजियों को िो आिश्यक हो, जिन्हें व्यजिगत रूप से या उसके द्वारा सम्यक रूप से प्राजधकृत प्रजतजनजध के माध्यम से, सूचना में जनयत की गई तारीख को उपजस्ट्र्त होने की अपेिा है, प्ररूप 3 में सूचना िारी करेगा परंतु िीजडयो कॉन्रेंस के माध्यम से उपजस्ट्र्जत अनुज्ञात्र की िाएगी। (4) सुनिाई के जलए जनयत तारीख को न्यायजनणाायक अजधकारी उस व्यजि को, जिसके जिरुद्ध कायािाही की िा रही है या उसके प्राजधकृत प्रजतजनजध को, उसके द्वारा अजभकजर्त उल्लंघन तर्ा अजधजनयम के उस उपबंध के बारे में बताएगा, जिसके संबंध में उल्लंघन दकया िाना कजर्त है। (5) न्यायजनणाायक अजधकारी ऐसे व्यजि तर्ा अन्य आिश्यक व्यजियों को ऐसे िस्ट्तािेि या साक्ष्य प्रस्ट्तुत करने का अिसर िेगा, जिन्हें िह िांच के जलए सुसंगत समझे और यदि आिश्यक हो, तो सुनिाई दकसी आगे की तारीख तक स्ट्र्जगत की िा सकेगी (प्रर्म तारीख से पन्द्रह दिन के भीतर और अजधकतम तीन तारीखों तक) और ऐसा साक्ष्य लेते समय न्यायजनणाायक अजधकारी भारतीय साक्ष्य अजधजनयम, 2023 (2023 का 47) के उपबंधों का पालन करने के जलए बाध्य नहीं होगा। (6) कोई व्यजि जनयत तारीख पर और संबंजधत व्यजि को सुनिाई का युजियुि अिसर िेने के पश्चात यदि कोई व्यजि न्यायजनणाायक अजधकारी के समि उपजस्ट्र्त होने में असफल रहता है, उपेिा करता है या उपजस्ट्र्त होने से इनकार करता है, तो िह ऐसा करने के जलए कारणों को अजभजलजखत करके ऐसे व्यजि की अनुपजस्ट्र्जत में िांच की कायािाही कर सकेगा। (7) यदि न्यायजनणाायक अजधकारी के समि प्रस्ट्तुत साक्ष्य पर जिचार करने पर, उसका यह समाधान हो िाता है दक व्यजि ने उल्लंघन दकया है या असफल हुआ है, तो िह जनयम 6 में जिजनर्िाष्ट कारकों को ध्यान में रखते हुए जलजखत में आिेि द्वारा, जसजिल िाजस्ट्त िो अनुसूची में जिजनर्िाष्ट है, अजधरोजपत करेगा। (8) उपजनयम (7) के अधीन दकए गए प्रत्येक आिेि में अजधजनयम के उपबंधों, तजद्धन बनाए गए जनयम या खजनि ररयायत के जनबंधन तर्ा ितें जिजनर्िाष्ट दकए िाएंगे जिनके संबंध में उल्लंघन दकया गया है और उसमें िाजस्ट्त अजधरोजपत करने के कारणों को जिजनर्िाष्ट दकया िाएगा। (9) इस जनयम के अधीन दकये गये आिेि की एक प्रजत तर्ा कायािाही की अन्य सभी प्रजतयां जिकायतकताा तर्ा व्यजि को जनिःिुल्क िी िायेंगी, जिसके जिरूद्ध िांच की गयी र्ी। (10) न्यायजनणाायक अजधकारी, उस व्यजि जिसके जिरुद्ध िांच की गई र्ी, को सूचना िारी करने की तारीख से छह मास के भीतर कायािाही पूरी करेगा।

[भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का रािपत्र : असाधारण 3

(11) इन जनयमों के अधीन िारी सूचना या आिेि जनम्नजलजखत में से दकसी एक रीजत से उस व्यजि को िी िाएगी, जिसके जिरुद्ध िांच की िा रही है, अर्ाात:— (क) उस व्यजि या उसके प्राजधकृत प्रजतजनजध को पररित्त या जनजिदित्त करना; या (ख) इसे इलेक्ट्रॉजनक रूप में या स्ट्पीड पोस्ट्ट रजिस्ट्रीकरण और पररिान के प्रमाण के सार् या व्यजिगत रूप से उसके जनिास स्ट्र्ान या उसके अंजतम ज्ञात जनिास स्ट्र्ान के पते पर भेिकर या उस स्ट्र्ान पर िहां िह व्यिसाय करता र्ा या व्यजिगत रूप से काया करता र्ा या अजभलाभ के जलए अंजतम काया दकया र्ा; या (ग) यदि इसे खंड (क) या खंड (ख) के अधीन जिजनर्िाष्ट दकसी भी रीजत से सूचना तामील नहीं की िा सकती है तो उस पररसर के बाहरी द्वार या दकसी अन्य सहििृश्य भाग पर उसे जचपकाया िाएगा िहां िह व्यजि रहता है या अंजतम बार जनिास करता र्ा या व्यिसाय करता र्ा या व्यजिगत रूप से काया करता र्ा या अजभलाभ के जलए काया दकया र्ा। 5. िाजस्ट्त की रकम अिधारण के िौरान जिचार दकए िाने िाले कारक.— न्यायजनणाायक अजधकारी, िाजस्ट्त की रकम का न्यायजनणाायक करते समय, जनम्नजलजखत सभी या इनमें से दकसी कारकों को सम्यक रूप से ध्यान रखेगा, अर्ाात्: (क) खजनि ररयायत के जनयमों या जनबंधनों और ितों के अधीन उपबंजधत मानक से जिचलन या उल्लंघन की मात्रा; (ख) उल्लंघन से प्राप्त अनुजचत अजभलाभ या लाभ और इसकी रकम, िहां भी मापा िा सके; (ग) उल्लंघन की पुनरािती प्रकृजत या आिृजत्त; (घ) उल्लंघन की अिजध; (ड.) जिस व्यजि के जिरुद्ध कायािाही की गई है उसका जपछला अनुपालन ररकॉडा; (च) क्ट्या उल्लंघन प्रदियात्मक, तकनीकी या मूलभूत है; (छ) क्ट्या उल्लंघन को तुरंत ठीक कर दिया गया र्ा; (ि) क्ट्या उल्लंघन से कोई पयाािरणीय नुकसान, सुरिा िोजखम, लोक हाजन या सरकार को जित्तीय हाजन हो सकती है; (झ) सरकारी पोटालों के डाउनटाइम या तकनीकी असफलता के कारण िेरी की िमा; या (ञ) कोई अन्य सुसंगत कारण। 6. संजिप्त जनपटान.- (1) जनयम 4 में दकसी बात के होते हुए, अजधजनयम की धारा 25क के अधीन दकसी उल्लंघन के संबंध में दकसी व्यजि के जिरुद्ध कोई भी िांच प्रारंभ या िारी नहीं रखी िाएगी, यदि ऐसा व्यजि अनुसूची में जिजनर्िाष्ट न्यूनतम रकम का भुगतान करता है और खजनि ररयायत के जनयमों या जनबंधनों और ितों के उल्लंघन को, या तो जनयम 4 के अधीन प्रारंभ से पहले या िांच के दकसी भी चरण के िौरान सुधार लेता है: परंतु यदि व्यजि पांच िषा की अिजध के भीतर तीन बार से अजधक खजनि ररयायत के उसी जनयम या जनबंधनों और ितों का उल्लंघन करता है तो इस जनयम के उपबंध लागू नहीं होंगे। स्ट्पष्टीकरण- इस उपजनयम के प्रयोिन के जलए, "अनुसूची में जिजनर्िाष्ट न्यूनतम रकम" से जनम्नजलजखत अजभप्रेत होगा, - (क) खजनि ररयायत के जनयमों या जनबंधनों और ितों के उल्लंघन की ििा में िो ररपोटा या सूचना प्रस्ट्तुत करने की समयािजध जिजनर्िाष्ट करते हैं, ऐसे उल्लंघन की जनरंतरता तक अनुसूची में प्रत्येक दिन के जलए जिजनर्िाष्ट रकम के योग के बराबर। (ख) अन्य उल्लंघन की ििा में, अनुसूची में जिजनर्िाष्ट रकम की सीमा में जिजनर्िाष्ट न्यूनतम रकम। (2) उपजनयम (1) के प्रयोिन के जलए, जिस व्यजि ने उल्लंघन दकया है, िह जिजनर्िाष्ट िपर्-पत्र के प्ररूप में न्यायजनणाायक अजधकारी के समि आिेिन फाइल करेगा:— (क) उल्लंघन के ब्यौरे जिसके जलए आिेिन फाइल दकया िा रहा है, उल्लंघन के संबंध में प्राप्त सूचना के सार्, यदि कोई हो, (ख) उल्लंघन के पश्चातिती सुधार के ब्यौरे उसके समर्ान में िस्ट्तािेज़ की एक प्रजत के सार्; और (ग) उपजनयम (1) के अधीन रकम िमा करने का िचन-पत्र।

4 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)]

(3) न्यायजनणाायक अजधकारी उपजनयम (2) के अधीन आिेिन प्राप्त होने के पन्द्रह दिन के भीतर, आिेिक को उपजनयम (1) के अधीन रकम िमा करने के जलए सूजचत करेगा। (4) आिेिक उपजनयम (3) के अधीन सूचना के पंद्रह दिन के भीतर रकम िमा कराएगा और रकम िमा होने के सत्यापन पर न्यायजनणाायक अजधकारी सात दिन के भीतर समापन आिेि िारी करेगा और उि उल्लंघन के संबंध में दकसी व्यजि के जिरुद्ध कोई िांच िुरू नहीं की िाएगी या िारी नहीं रखी िाएगी। 7. जिकायत का अंतरण .— (1) यदि न्यायजनणाायक अजधकारी का यह जिचार है या ऐसा प्रतीत होता है दक जिकायत ग्रहण करना उसके अजधकार में नहीं है, तो िह ऐसे कारणों को जलजखत मे अजभजलजखत करके और जिकायतकताा को सूचना िेकर, ऐसी जिकायत की प्राजप्त की तारीख से पंद्रह दिन के भीतर मामले को संबंजधत न्यायजनणाायक अजधकारी को अंतररत कर िेगा। (2) न्यायजनणाायक अजधकारी जिसे ऐसा मामला अंतररत दकया गया है, िांच उसी चरण से आगे बढाएगा जिस चरण पर मामला उसे अंतररत दकया गया है। 8. अपील.- (1) कोई व्यजि िो न्यायजनणाायक अजधकारी द्वारा पाररत आिेि से व्यजर्त है तो िह प्ररूप 4 में उस आिेि की प्राजप्त की तारीख से तीस दिन की अिजध के भीतर, जिसके जिरूद्ध अपील फाइल की गई है, अपील प्राजधकारी को अपील फाइल कर सकेगा। (2) िब तक अपीलार्ी न्यायजनणाायक अजधकारी द्वारा अजधरोजपत िाजस्ट्त की रकम का िस प्रजतित अपील प्राजधकारी के पास िमा नहीं कर िेता हो तब तक अपील ग्रहण नहीं की िाएगी। (3) अपील के सार् न्यायजनणाायक अजधकारी के आिेि की प्रजत संलग्न होगी तर्ा उन तथ्यों का जििरण प्रिान दकया िाएगा, जिसके जिरूद्ध अपील की गई है, अपील का आधार तर्ा अजधजनयम की सुसंगत धारा का उल्लेख होगा। (4) अपीलार्ी द्वारा स्ट्ियं या जलजखत रूप में सम्यक रूप से प्राजकृत उसके प्रजतजनजध द्वारा या स्ट्पीड पोस्ट्ट रजिस्ट्रीकरण और पररिान के प्रमाण के सार् या इलेक्ट्रॉजनक माध्यम से फाइल की िा सकेगी। (5) भेिी गई अपील, अपील प्राजधकारी के समि प्राप्त होने िाले दिन को फाइल समझी िाएगी। (6) यदि िांच करने पर अपील आिेि में सही पाई िाती है, तो उसे स्ट्िीकार कर जलया िाएगा और यदि अपील त्रुरटपूणा पाई िाती है, तो अपील प्राजधकारी त्रुरट के बारे में अपीलार्ी को सूजचत करेगा और उसे पंद्रह दिन के भीतर त्रुरट को ठीक करने की अनुज्ञा िेगा और यदि अपीलार्ी इस समयािजध के भीतर ऐसे त्रुरट को िूर करने में असफल रहता है, तो अपील प्राजधकारी आिेि द्वारा और जलजखत में अजभजलजखत कारणों से ऐसी अपील को रजिस्ट्टर करने से इंकार कर सकता है और अपीलार्ी को सात दिन की अिजध के भीतर ऐसी अस्ट्िीकृजत से सूजचत करा सकता है। (7) अपील स्ट्िीकार होने पर, अपील प्राजधकारी प्रजतिािी को अपील की एक प्रजत सूचना के सार् भेिेगा जिसमें उससे अपेिा की िाएगी दक िह अपील प्राजधकारी द्वारा जनयत अिजध के भीतर, अपील पर अपना उत्तर तीस दिन से अनजधक की अिजध के भीतर फाइल करे। (8) सूचना व्यजिगत रूप से या स्ट्पीड पोस्ट्ट रजिस्ट्रीकरण और पररिान के प्रमाण के सार् या इलेक्ट्रॉजनक माध्यम से दिया िा सकता है। (9) अपील प्राजधकारी न्यायजनणाायक अजधकारी की कायािाही से संबंजधत अजभलेख मंगिा सकेगा। (10) अपील प्राजधकारी, अपील के पिकारों को सुनिाई का अिसर िेने के पश्चात्, एक तकासंगत आिेि पाररत करेगा। (11) अपील प्राजधकारी अपील की तारीख से साठ दिन के भीतर अपील का जनपटान करेगा। (12) िाजस्ट्त में कमी करने या उसे अपास्ट्त करने की ििा में उपजनयम (2) के अधीन िमा की गई अजतररि रकम अपील प्राजधकारी के आिेि के साठ दिन के भीतर िापस कर िी िाएगी। 9. समयािजध बढाना.— न्यायजनणाायक अजधकारी या अपील प्राजधकारी, जलजखत में अजभजलजखत दकए गए कारणों के जलए, िहां कारािाई करने में जिलंब या असफलता के जलए युजियुि कारण है या सरकारी पोटालों के डाउनटाइम या तकनीकी असफलता का साक्ष्य है, जिकायत, अपील या अन्य संबंजधत िस्ट्तािेि फाइल करने के जलए इन जनयमों में जिजनर्िाष्ट दकसी अिजध को अजधकतम नब्बे दिन के अध्यधीन ऐसी अिजध तक बढा सकता है, जिसे िह युजियुि समझे। 10. आिेि और िाजस्ट्तयों का िमा करना.— (1) इन जनयमों के अधीन प्रत्येक आिेि पर तारीख अंदकत होगी, हस्ट्तािररत होगा तर्ा सभी पिकारों को सूजचत दकया िाएगा।

[भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का रािपत्र : असाधारण 5

(2) इन जनयमों के अधीन िाजस्ट्त के रूप में िसूल की गई सभी राजि, यर्ाजस्ट्र्जत, भारत की संजचत जनजध या राज्य की संजचत जनजध में िमा की िाएगी। 11. ऑनलाइन इलेक्ट्रॉजनक सुजिधा.— केन्द्रीय सरकार और राज्य सरकार इन जनयमों के प्रयोिनों और अनुपालन को इलेक्ट्रॉजनक रूप के माध्यम से पूरा करेंगी, जिसके अंतगात जनम्नजलजखत भी हैं, अर्ाात:— (क) सूचना और अन्य संचार िारी करना; (ख) जिकायत, आिेिन, उत्तर, अपील और ऐसे अन्य िस्ट्तािेि का प्रस्ट्तुतीकरण या फाइल करना; (ग) न्यायजनणाायक अजधकारी और अपील प्राजधकारी द्वारा िचुाअल सुनिाई का संचालन; (घ) न्यायजनणाायक अजधकारी और अपील प्राजधकारी के समि मामलों की जस्ट्र्जत का प्रिर्िात करना; (ड.) न्यायजनणाायक अजधकारी और अपीलीय प्राजधकरण के आिेिों को अपलोड करना; और (च) िाजस्ट्त और अन्य रकम का भुगतान करना। अनुसूची (जनयम 4(7) िेखें) जसजिल िाजस्ट्त की रकम भाग-क. खजनि के खनन पट्टाधारक के संबंध में जसजिल िाजस्ट्त की रकम ि.सं. खनन पट्टे का िेत्र उल्लंघन की प्रकृजत जसजिल िाजस्ट्त की रकम (1) (2) (3) (4) 1 5 हेक्ट्टेयर तक का पट्टा िेत्र। (i) खजनि ररयायत के जनयम या जनबंधन और ितें िो ररपोटा या सूचना प्रस्ट् तुत करने की समयािजध जिजनर्िाष्ट करते हैं और खजनि संरिण और जिकास जनयम, 2017 के जनयम 19 के उल्लंघन के जलए हैं। (ii) अन्य उल्लंघन के जलए िो खंड (i) के अधीन नहीं आते हैं। (i) उल्लंघन के प्रत्येक दिन के जलए ₹500/-, अजधकतम ₹25,000/- तक।

(ii) कम से कम ₹2,000 प्रजत हेक्ट्टेयर िो ₹10,000 प्रजत हेक्ट्टेयर तक बढ सकती है। 2 5 हेक्ट्टेयर से अजधक और 50 हेक्ट्टेयर तक का पट्टा िेत्र। (i) खजनि ररयायत के जनयम या जनबंधन और ितें िो ररपोटा या सूचना प्रस्ट् तुत करने की समयािजध जिजनर्िाष्ट करते हैं और खजनि संरिण और जिकास जनयम, 2017 के जनयम 19 के उल्लंघन के जलए हैं। (ii) अन्य उल्लंघन के जलए िो खंड (i) के अधीन नहीं आते हैं। (i) उल्लंघन के प्रत्येक दिन के जलए ₹1,000/-, अजधकतम ₹1,00,000/- तक।

(ii) कम से कम ₹3,000 प्रजत हेक्ट्टेयर िो ₹15,000 प्रजत हेक्ट्टेयर तक बढ सकती है। 3 50 हेक्ट्टेयर से अजधक और 150 हेक्ट्टेयर तक का पट्टा िेत्र। (i) खजनि ररयायत के जनयम या जनबंधन और ितें िो ररपोटा या सूचना प्रस्ट् तुत करने की समयािजध जिजनर्िाष्ट करते हैं और खजनि संरिण और जिकास जनयम, 2017 के जनयम 19 के उल्लंघन के जलए हैं। (ii) अन्य उल्लंघन के जलए िो खंड (i) के अधीन नहीं आते हैं। (i) उल्लंघन के प्रत्येक दिन के जलए ₹2,000/-, अजधकतम ₹2,00,000/- तक।

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