IRDAI regulation F. No. IRDAI/Reg/12/226/2026 · 31 Jul 2026
Summary
Check the official recordThe Insurance Regulatory and Development Authority of India amends the 2016 Third Party Administrators (TPA) regulations to align with the Sabka Bima Sabki Raksha (Insurance Laws) Amendment Act, 2025. The update mandates that TPAs with majority foreign shareholding must appoint a resident Indian citizen as Chairperson, CEO, Principal Officer, or Managing Director. It establishes a new renewal process for existing registration certificates and introduces a mandatory annual fee of ₹50,000 plus taxes, payable by January 31 each year. TPAs must now report related party transactions quarterly and publish audited financial statements annually. Failure to pay annual fees or comply with regulatory standards may result in suspension or cancellation of registration. These regulations take effect from July 30, 2026.
What you must do
Key dates
Who is affected
Thresholds
If you do not comply
रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99
REGD. No. D. L.-33004/99
The Gazette of India
सी.जी.-टी.एल.-अ.-30072026-274995 CG-TL-E-30072026-274995
असाधारण EXTRAORDINARY
भाग III—खण्ड 4 PART III—Section 4
प्राधिकार से प्रकाशित PUBLISHED BY AUTHORITY
| सं. 483] No. 483] | नई दिल्ली, बृहस्पतिवार, जुलाई 30, 2026/श्रावण 8, 1948 NEW DELHI, THURSDAY, JULY 30, 2026/SHRAVAN 8, 1948 | |---|---|
भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण
अधिसूचना
हैदराबाद, 30 जुलाई, 2026
भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (तृतीय पक्ष प्रशासक - स्वास्थ्य सेवाएँ) (संशोधन) विनियम, 2026
फा.सं. भा.बी.वि.वि.प्रा./आरईजी/ 12/226/2026.— बीमा अधिनियम, 1938 की धाराओं 42डी और 42ई के साथ पठित धारा 114ए की उप-धारा (2) के खंड (जेडडी) तथा आईआरडीए अधिनियम, 1999 की धारा 26 के साथ पठित धारा 14 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए एवं बीमा सलाहकार समिति के साथ परामर्श करने के उपरांत, प्राधिकरण इसके द्वारा निम्नलिखित विनियम बनाता है, अर्थात् :-
1. संक्षिप्त नाम और प्रारंभः
(i) ये विनियम आईआरडीएआई (तृतीय पक्ष प्रशासक – स्वास्थ्य सेवाएँ) (संशोधन) विनियम, 2026 कहलाएँगे।
(ii) ये सरकारी राजपत्र में इनकी अधिसूचना की तारीख से प्रवृत्त होंगे।
2. उद्देश्य
(i) सबका बीमा सबकी रक्षा (बीमा विधियों का संशोधन) अधिनियम, 2025 के उपबंधों के साथ आईआरडीएआई (तृतीय पक्ष प्रशासक – स्वास्थ्य सेवाएँ) विनियम, 2016 को सुयोजित करना।
(ii) सुसंगति सुनिश्चित करने के लिए परिणामी, स्पष्टीकरणकारी और अन्य आंतरिक लेखा-कार्य और व्यवस्था संबंधी संशोधन करना।
3. समूचे आईआरडीएआई (तृतीय पक्ष प्रशासक – स्वास्थ्य सेवाएँ) विनियम, 2016 (इन विनियमों में इसके बाद “प्रधान विनियम” के रूप में उल्लिखित) में, -
(i) शब्द “भारतीय चिकित्सा परिषद्” के लिए, शब्द “राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग” प्रतिस्थापित किये जाएँगे।
4. विनियम 2 के उप-विनियम (1) के खंड (ख) को निम्नलिखित से प्रतिस्थापित किया जाएगा –
“सलाहकार समिति" से भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1999 की धारा 25 के अधीन गठित बीमा सलाहकार समिति अभिप्रेत है;"
5. विनियम 6क को निम्नलिखित से प्रतिस्थापित किया जाएगा –
प्रत्येक आवेदक और टीपीए, कंपनी अधिनियम, 2013 के अधीन निगमित कंपनी होते हुए तथा अधिकांश विदेशी शेयरधारिता रखते हुए, सुनिश्चित करेगा कि उसके निदेशक बोर्ड का अध्यक्ष अथवा उसका मुख्य कार्यकारी अधिकारी, प्रधान अधिकारी, अथवा प्रबंध निदेशक हर समय एक निवासी भारतीय नागरिक हो।
6. विनियम 7 में, उप-विनियम 6 के बाद निम्नलिखित को प्रतिस्थापित किया जाएगा—
(7) वर्तमान टीपीएएस को पंजीकरण प्रमाणपत्र के नवीकरण की प्रक्रियाः
(i) सबका बीमा सबकी रक्षा (बीमा विधियों का संशोधन) अधिनियम, 2025 के प्रचलित होने से पहले जारी किया गया तीन वर्ष की विधिमान्यता अवधि से युक्त पंजीकरण प्रमाणपत्र धारित करनेवाला तृतीय पक्ष प्रशासक (टीपीए) प्राधिकरण को उसके द्वारा विनिर्दिष्ट किये जानेवाले फार्म और पद्धति में, विनियम 9 के अंतर्गत विनिर्दिष्ट वार्षिक शुल्क का भुगतान करने के बाद वर्तमान पंजीकरण प्रमाणपत्र की समाप्ति से पहले नब्बे (90) दिन के अंदर, अधिनियम की धारा 42डी की उप-धारा 4 के अनुसार पंजीकरण के नवीकरण हेतु तथा पंजीकरण प्रमाणपत्र के निर्गम के लिए आवेदन प्रस्तुत कर सकता है।
बशर्ते कि जहाँ टीपीए ऊपर विनिर्दिष्ट अवधि के अंदर ऐसा आवेदन प्रस्तुत नहीं करता, वहाँ वह वर्तमान पंजीकरण प्रमाणपत्र की समाप्ति की तारीख से नब्बे (90) दिन के अंदर ऐसे विलंब के लिए कारणों सहित, अधिनियम की धारा 42डी की उप-धारा 4 के परंतुक के अधीन प्रयोज्य वार्षिक शुल्क और सात सौ पचास रुपये के अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करते हुए आवेदन प्रस्तुत कर सकता है।
यह भी शर्त होगी कि जहाँ आवेदन वर्तमान पंजीकरण प्रमाणपत्र की समाप्ति की तारीख से नब्बे (90) दिन के अंदर प्रस्तुत नहीं किया जाता, वहाँ टीपीए से अपेक्षित होगा कि वह विनियम 7 के अनुसार पंजीकरण के लिए नये सिरे से आवेदन प्रस्तुत करे।