रजिस्ट्री सं० डी० एल–33004/99
REGD. NO. D. L.-33004/99
भारत का राजपत्र
The Gazette of India
असाधारण
EXTRAORDINARY
भाग III—खण्ड 4
PART III—Section 4
प्राधिकार से प्रकाशित
PUBLISHED BY AUTHORITY
सं. 256]
नई दिल्ली, बुधवार, जून 15, 2016/ज्येष्ठ 25, 1938
No. 256]
NEW DELHI, WEDNESDAY, JUNE 15, 2016/JYAISTHA 25, 1938
भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण
अधिसूचना
हैदराबाद, 13 जून, 2016
भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण
(ई-बीमा पॉलिसियों का निर्गम) विनियम, 2016
फा. सं. भा.बी.वि.वि.प्रा./विनियम/16/128/2016.—"बीमा अधिनियम, 1938" (1938 का 4) की धारा 114ए की उप-धारा 2 के खंड (जी बी) तथा बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1999 (1999 का 41) की धारा 26 की उपधारा (1) के साथ पठित बीमा अधिनियम, 1938 (1938 का 4) की धारा 14 (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण, बीमा सलाहकार समिति के साथ परामर्श करने के बाद, इलेक्ट्रॉिनक पॉलिसी के निर्गम और बीमा पॉलिसियों के इलेक्ट्रॉनिक प्रस्ताव फार्म की प्रस्तुति के लिए इसके द्वारा निम्नलिखित विनियम बनाता हैः
अध्याय I
प्रारंभिक
1. संक्षिप्त नाम और प्रारंभ
- (i) ये विनियम भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (ई-बीमा पॉलिसियों का निर्गम) विनियम, 2016 के नाम से जाने जाएँगे।
- (ii) ये विनियम 1 अक्तूबर 2016 से प्रवृत्त होंगे।
2. परिभाषाएँ
इन विनियमों में, जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो, -
- (i) "अधिनियम" से समय-समय पर यथासंशोधित बीमा अधिनियम, 1938 (1938 का 4) अभिप्रेत है;
- (ii) "प्राधिकरण" से बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1999 (1999 का 41) की धारा 3 के उपबंधों के अधीन स्थापित भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण अभिप्रेत है;
- (iii) "ई-बीमा खाता" अथवा "ईआईए" किसी बीमा रिपोज़िटरी के पास किसी व्यक्ति के द्वारा खोला गया इलेक्ट्रॉनिक खाता है जिसमें पॉलिसीधारक की बीमा पॉलिसियों के संविभाग इलेक्ट्रॉनिक रूप में धारित किये जाते हैं।
- (iv) "ई-हस्ताक्षर अथवा इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर" का अर्थ वही होगा जैसा कि समय-समय पर यथासंशोधित आईटी (सूचना प्रौद्योगिकी) अधिनियम, 2000 में विनिर्दिष्ट है।
- (v) "डिजिटल हस्ताक्षर" का अर्थ वही होगा जैसा कि समय-समय पर यथासंशोधित आईटी अधिनियम, 2000 में विनिर्दिष्ट है।
- (vi) "ई-प्रस्ताव" अथवा "इलेक्ट्रॉनिक प्रस्ताव" से संभावित ग्राहक द्वारा बीमा पॉलिसी के लिए अपने इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर के साथ इलेक्ट्रॉनिक रूप में दाखिल किया गया प्रस्ताव फार्म अभिप्रेत है।
- (vii) "ई-बीमा पॉलिसी" अथवा "इलेक्ट्रॉनिक बीमा पॉलिसी" से वह पॉलिसी दस्तावेज अभिप्रेत होगा जो बीमाकर्ता द्वारा जारी की गई बीमा संविदा का साक्ष्य है तथा कानून द्वारा निर्धारित लागू उपबंध के अनुसार डिजिटल रूप में हस्ताक्षरित है और इलेक्ट्रॉनिक रूप में बीमाकर्ता द्वारा पॉलिसीधारक को सीधे अथवा पंजीकृत बीमा रिपोज़िटरी के प्लेटफॉर्म के माध्यम से जारी किया गया है।
- (viii) इन विनियमों में प्रयुक्त और अपरिभाषित, परंतु बीमा अधिनियम, 1938 (1938 का 4) अथवा बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1999(1999 का 41) अथवा उनके अधीन बनाये गये नियमों अथवा विनियमों में परिभाषित शब्द और अभिव्यक्तियों के अर्थ वही होंगे जो उन अधिनियमों, नियमों अथवा विनियमों में क्रमशः उनके लिए निर्धारित किये गये हैं।
अध्याय II
ई-प्रस्ताव फार्म तथा ई-बीमा पॉलिसी का निर्गम
3. ई-प्रस्ताव फार्म
- (i) इलेक्ट्रॉनिक विधि के माध्यम से बीमा व्यवसाय की अपेक्षा करनेवाला प्रत्येक बीमाकर्ता प्राधिकरण द्वारा अनुमोदित भौतिक प्रस्ताव फार्म के समान ही एक ई-प्रस्ताव फार्म निर्मित करेगा। इस प्रकार के फार्म को ऐसा होना चाहिए कि इससे इलेक्ट्रॉनिक रूप में सूचना ग्रहण किया जा सके जिससे सरलतापूर्वक संसाधन (प्रॉसेसिंग) और सर्विसिंग संभव हो सके।
- (ii) ई-प्रस्ताव फार्म में इलेक्ट्रॉनिक बीमा खाता (ईआईए) संख्या को ग्रहण करने के लिए भी व्यवस्था होगी जिसे संभावित ग्राहक द्वारा जहाँ भी उपलब्ध हो वहाँ भरा जाएगा।
- (iii) इस प्रकार का प्रत्येक बीमाकर्ता ऊपर (i) और (ii) पर उल्लिखित रूप में ई-प्रस्ताव फार्म का भौतिक पाठ भी उपलब्ध करायेगा। जहाँ सूचना भौतिक रूप में प्राप्त की गई हो, वहाँ बीमाकर्ता संभावित ग्राहक द्वारा प्रस्तुत की गई सूचना को इलेक्ट्रॉनिक पाठ के रूप में परिवर्तित करने के लिए आवश्यक व्यवस्था करेगा।
- (iv) यदि संभावित ग्राहक के पास ईआईए संख्या नहीं है, तो जहाँ भी इलेक्ट्रॉनिक बीमा पॉलिसी को बीमा रिपोज़िटरी प्रणाली के माध्यम से जारी करना प्रस्तावित हो वहाँ बीमाकर्ता ईआईए संख्या के निर्माण में सहायता प्रदान करेगा।
- (v) जब संभावित ग्राहक ई-प्रस्ताव फार्म में विवरण प्रस्तुत करता है, तब उसमें उसके इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर होंगे।
4. इलेक्ट्रॉनिक बीमा पॉलिसियों का निर्गमः
- (i) प्रत्येक बीमाकर्ता वे इलेक्ट्रॉनिक बीमा पॉलिसियाँ जारी करेगा जो बीमित राशि अथवा प्रीमियम के अनुसार अनुसूची I में दिये गये मानदंड को पूरा करती हैं।
- (ii) इलेक्ट्रॉनिक बीमा पॉलिसियाँ बीमाकर्ताओं द्वारा पॉलिसीधारक को सीधे अथवा पंजीकृत बीमा रिपोज़िटरीज़ के माध्यम से जारी की जा सकती हैं।
- (iii) बीमाकर्ता द्वारा पॉलिसीधारक को सीधे इलेक्ट्रॉनिक रूप में जारी की गई सभी पॉलिसियाँ भौतिक रूप में भी जारी की जाएँगी। ऐसे सभी मामलों में प्रस्ताव फार्म आदि की प्रतियाँ भी भौतिक रूप में भेजी जाएँगी:
बशर्ते कि प्राधिकरण इस बात से संतुष्ट होने पर कि ऐसा करना पॉलिसीधारक के हित में है और बीमा उद्योग की सुव्यवस्थित वृद्धि के लिए आवश्यक है, भौतिक रूप में ऐसे निर्गम से छूट प्रदान कर सकता है:
परंतु आगे यह भी शर्त होगी कि ऐसी छूट के संबंध में शर्तें निर्धारित की जा सकती हैं जिन्हें बीमाकर्ता द्वारा पूरा किया जाएगा:
- (iv) जब इलेक्ट्रॉनिक बीमा पॉलिसियाँ पंजीकृत बीमा रिपोज़िटरीज़ के प्लेटफॉर्म के माध्यम से जारी की जाती हैं, तब इलेक्ट्रॉनिक बीमा पॉलिसियों का भौतिक पाठ जारी करने की आवश्यकता नहीं होगी। इसी प्रकार, इलेक्ट्रॉनिक बीमा पॉलिसियों के साथ बीमाकृत व्यक्ति को प्रस्ताव फार्म आदि की प्रतियाँ भी इलेक्ट्रॉनिक रूप में भेजी जा सकती हैं।
- (v) ऊपर (iii) पर निर्धारित रूप में प्राधिकरण से जिन इलेक्ट्रॉनिक बीमा पॉलिसियों को छूट प्राप्त नहीं है, यदि वे केवल इलेक्ट्रॉनिक रूप में जारी की जाती हैं तो केवल पंजीकृत बीमा रिपोज़िटरीज़ के माध्यम से ही जारी की जाएँगी।
- (vi) इलेक्ट्रॉनिक बीमा पॉलिसियों को अनुपालनकर्ता केवल तभी माना जाएगा जब वे कानून द्वारा निर्धारित लागू उपबंध के अनुसार डिजिटल हस्ताक्षर के साथ जारी की जाती हैं।
- (vii) ऊपर (iii) में उल्लिखित इलेक्ट्रॉनिक बीमा पॉलिसी का भौतिक रूप इलेक्ट्रॉनिक रूप की प्रतिकृति होगा।
- (viii) इलेक्ट्रॉनिक बीमा पॉलिसियों के निर्गम के लिए परिचालनगत ढाँचा बीमा रिपोज़िटरीज़ और इस उद्देश्य से जारी की जानेवाली बीमा पॉलिसियों के इलेक्ट्रॉनिक निर्गम के संबंध में दिशानिर्देशों के अंतर्गत प्राधिकरण द्वारा विनिर्दिष्ट रूप में होगा।
- (ix) अनुसूची-I में निर्धारित शर्तों के दायरे से बाहर स्थित इलेक्ट्रॉनिक बीमा पॉलिसियों के निर्गम के लिए, ऊपर (viii) में उल्लिखित दिशानिर्देश भी लागू होंगे।
5. विविध
- i. इलेक्ट्रॉनिक बीमा पॉलिसियों पर छूट – बीमाकर्ता ऐसी इलेक्ट्रॉनिक बीमा पॉलिसियों के लिए जिन्हें भौतिक रूप में जारी करने से छूट प्राप्त है, पॉलिसीधारक को प्रीमियम दर में छूट (डिस्काउंट) का प्रस्ताव कर सकता है। ऐसी छूट उत्पाद अनुमोदन के अंतर्गत दाखिल की गई छूट की दर अथवा फाइल एण्ड यूज़ दिशानिर्देशों अथवा प्राधिकरण द्वारा विनिर्दिष्ट रूप में होगी।
- ii. वर्तमान पॉलिसियाँ – पॉलिसीधारक जो इलेक्ट्रॉनिक बीमा पॉलिसी की सुविधा का उपयोग करना चाहते हैं, बीमाकर्ता के पास अपने विकल्प को पंजीकृत करवा सकते हैं।
- iii. आपदा प्रवण और अन्य असुरक्षित क्षेत्रों में ई-बीमा पॉलिसियों का अधिदेशात्मक निर्गम – प्रत्येक बीमाकर्ता प्राधिकरण द्वारा विनिर्दिष्ट रूप में आपदा प्रवण और असुरक्षित क्षेत्रों में इलेक्ट्रॉनिक बीमा पॉलिसियाँ अधिदेशात्मक तौर पर जारी करेगा।