e-Gazette statutory gazette instrument G.S.R. 746(E) · 20 Aug 2026
Official title
Notification to Pre publish the draft Rules of Textiles committee Adjudication of Penalties and Appeal Rules 2026
Official record
Open source pageSummary
Check the official recordThe Ministry of Textiles proposes the Textiles Committee (Adjudication of Penalties and Appeal) Rules, 2026, to establish procedures for inquiries and appeals under the Textiles Committee Act, 1963. The rules define the appointment of an Adjudicating Officer and an Appellate Authority, the process for issuing show cause notices, conducting hearings, and imposing penalties. Affected persons may submit written objections or suggestions to the Secretary, Textiles Committee, within thirty days from the date the notification is made available to the public. The Adjudicating Officer must complete inquiries and pass orders within 180 days of receiving a reply or the expiry of the reply period. The rules also outline the procedure for filing appeals against adjudication orders and the recovery of unpaid penalties as land revenue.
What you must do
Key dates
Who is affected
Thresholds
If you do not comply
रजिस्ट्री सं. डी.एल.- 33004/99
REGD. No. D. L.-33004/99
The Gazette of India
सी.जी.-डी.एल.-अ.-20082026-275631 CG-DL-E-20082026-275631
असाधारण EXTRAORDINARY
भाग II—खण्ड 3—उप-खण्ड (i) PART II—Section 3—Sub-section (i)
प्राधिकार से प्रकाशित PUBLISHED BY AUTHORITY
| सं. 680] | नई दिल्ली, बुधवार, अगस्त 19, 2026/श्रावण 28, 1948 |
|---|---|
| No. 680] | NEW DELHI, WEDNESDAY, AUGUST 19, 2026/SHRAVAN 28, 1948 |
वस्त्र मंत्रालय
अधिसूचना
नई दिल्ली, 18 अगस्त, 2026
सा.का.नि. 746(अ).— केन्द्रीय सरकार, वस्त्र समिति अधिनियम, 1963 (1963का 41) की धारा 17क की उपधाराओं (1) एवं (2) के साथ पठित धारा 22 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, वस्त्र समिति (दंड और अपील का न्यायनिर्णयन) नियम, 2026 बनाने का जो मसौदा प्रस्तावित करती है, उसे उक्त अधिनियम की धारा 22 के अधीन यथापेक्षित, इससे प्रभावित होने की संभावना रखने वाले सभी व्यक्तियों की जानकारी के लिए प्रकाशित किया जाता है; तथा यह सूचना दी जाती है कि उक्त मसौदा नियमों पर इस अधिसूचना के राजपत्र में प्रकाशित होने की तिथि से तीस दिन की अवधि की समाप्ति के पश्चात, जिस दिन इसकी प्रतियां जनता के लिए को उपलब्ध करा दी जाएंगी, विचार किया जाएगा।
उक्त तीस दिन की अवधि के भीतर, यदि किसी व्यक्ति को इस मसौदा नियमों के संबंध में कोई आक्षेप अथवा सुझाव हो, तो वह उन्हें सचिव, वस्त्र समिति (वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार), प्रभादेवी चौक, पी. बालू रोड, प्रभादेवी, मुम्बई–400025 को प्रेषित कर सकता है। उक्त अवधि की समाप्ति से पूर्व किसी व्यक्ति से प्राप्त आक्षेपों तथा सुझावों पर केन्द्रीय सरकार द्वारा विचार किया जाएगा।
6414 GI/2026
(1)
अध्याय I
प्रारंभिक
1. संक्षिप्त नाम और प्रारम्भ—
(1) इन नियमों को वस्त्र समिति (दंड और अपील का निर्णय) नियम, 2026 कहा जा सकता है।
(2) ये आधिकारिक राजपत्र में उनके अंतिम प्रकाशन की तारीख से प्रवृत्त होंगे।
2.परिभाषाएं—
(1) इन नियमों में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,—
(क) "अधिनियम" से वस्त्र समिति अधिनियम, 1963 अभिप्रेत है;
(ख) “न्यायनिर्णयन अधिकारी” से वे अधिकारी अभिप्रेत है जिसे अधिनियम की धारा 17क की उप-धारा (1) के तहत केंद्र सरकार द्वारा जाँच करने और अधिनियम के तहत दण्ड लगाने के उद्देश्य से नियुक्त किया गया है;
(ग) “अपीलीय प्राधिकारी" से वे अधिकारी अभिप्रेत है जिसे अधिनियम की धारा 17क की उपधारा (2)के अधीन न्यायनिर्णयन अधिकारी के आदेशों के विरुद्ध अपीलों की सुनवाई के लिए केन्द्रीय सरकार द्वारा नियुक्त किया गयाहै;
(घ) “समिति” से अधिनियम की धारा 3 के अधीन गठित वस्त्र समिति अभिप्रेत है;
(ङ) “संबंधित व्यक्ति” से वे व्यक्ति अभिप्रेत है जिसके विरुद्ध अधिनियम की धारा 17क के अधीन जाँच प्रारंभ की गई है;
(च) “प्राधिकृत प्रतिनिधि" से वे व्यक्ति अभिप्रेत है जिसे संबंधित व्यक्ति द्वारान्यायनिर्णयन अधिकारी या अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष उसका प्रतिनिधित्व करने के लिए लिखित रूप में प्राधिकृत किया गया है;
(छ) “दण्ड” से आशय अधिनियम की धारा 17क के अंतर्गत विनिर्दिष्ट दण्ड से है।
(ज) “अपील” से अधिनियम की धारा 17क की उपधारा (2) के अधीन प्रस्तुत की गई अपील अभिप्रेत है;
(झ) "अपीलकर्ता" से वे व्यक्ति अभिप्रेत है जो अधिनियम की धारा 17क की उपधारा (2) के अधीन अपील प्रस्तुत करता है।
(2) इन नियमों में प्रयुक्त ऐसे शब्दों और अभिव्यक्तियों, जो इसमें परिभाषित नहीं हैं, के वही अर्थ होंगे जो अधिनियम में उनके लिए क्रमशः दिए गए हैं।
अध्याय II
न्यायनिर्णयन अधिकारी की नियुक्ति
3.न्यायनिर्णायक अधिकारी की नियुक्ति:- केंद्र सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, भारत सरकार में निदेशक के पद से नीचे के स्तर का न होने वाले किसी अधिकारी अथवा समकक्ष पद के किसी अधिकारी को अधिनियम की धारा 17क की उपधारा (1) के प्रयोजनों के लिए न्यायनिर्णायकअधिकारी के रूप में नियुक्त करेगी।
4. न्यायनिर्णयन अधिकारी की शक्तियाँ
(1) अधिनियम की धारा 17क के अधीन जाँच करने के प्रयोजन से, निर्णयन अधिकारी :-
(क) किसी व्यक्ति की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए नोटिस जारी करना;